00:00मोधीजी को कोस कोस के
00:02बैसे ही वो
00:04ऐसी हालत में आ गये के
00:06कपड़े उतारने के जरुवत ही नहीं थी
00:07यह आई काई को भाहता काई अप माणे है
00:12देश की पृतिश्टा को ठेस
00:14पहुचाना है
00:15आप बताई ही जब पूरी दुनिया इकटी हो
00:17। । । ।
00:47देस की प्रतिस्टा को आप ढूमिल करने का काम कर रहें, देसकी छबी को चोट पहुचाने का काम कर रहें।
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