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  • 2 days ago
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Animals
Transcript
00:11RATKA AAKHRI BAYER
00:30गाउं के पासवाले जंगल में एक तांत्रिक बाबा आये है
00:34कौन बाबा?
00:36लोग कह रहे हैं जो भी अपनी परेशानी लेकर जाता है उसे उपाय मिल जाता है
00:43रामलाल का बेटा उसकी बीवी को साप ने काट लिया था
00:47बाबा ने मंत्र पढ़ा, जड़ी दी, तीन दिन में उठकर खाना बनाने लगी
00:53जूट, साप का जहर अपने आप उतर गया होगा
00:58फिर शामू की गाय, जो दूद देना बंध हो गई थी
01:03बाबा ने उसकी पूच पर लाल धागा बांधा, सुबह दूद की नदियां बह रही थी
01:09तेरे कान कैसे भी भढ़ जाते हैं?
01:12मैंने खुद देखा, मैं गई थी
01:14कब?
01:16कल दुपहर, जब आप खेत पर थे
01:20बाबा ने कहा, तेरे पती की किस्मत का दर्वाजा बंध है
01:24एक रात, एक मंत्र, एक कीमत
01:29और दर्वाजा खुल जाएगा
01:33बाहर हवा थम गई, सन्ना टचा गया
01:37क्या कीमत?
01:39एक रात, जंगल में, अकेले
01:43मुझे इन बाबाओं पर भरोसा नहीं
01:46महनत ही असली पूजा है
01:49ऐसा कहकर विजय वहां से उठ जाता है
01:52और घर के बाहर आता है
01:55रात की ठंडी हवा उसके चहरे से टकराती है
01:59वो कुछ देर चुपचाप अपने खेतों को देखता है
02:01सूखी मिट्टी, मुर्जाई फसले
02:05और दूर कहीं सन्नाटा पसरा हुआ
02:07हम, आखिर कहां गलती होगे मेरी
02:11पूरी महनत और शिद्दत से सब कुछ किया
02:14फिर भी सब बिगड़ गया
02:15क्या सच में मुझे उस बाबा के पास जाना चाहिए
02:20नहीं, ये सबंद विश्वास होता है
02:24छोड़ो, देखते हैं आगे क्या होता है
02:30अगली सुभा, विजयक हाट पर गहरी नींद में सोया होता है
02:39तेज आवाज सुनकर विजयक घबरा कर उठ गैटता है
02:42वो जल्दी से दर्वाजे के पास जाता है और उसे खोलता है
02:49गाउं का सहुकार खड़ा होता है
02:51क्या हाले विजय, एक महिना हो गया
02:53ना पैसा लोटा, ना खबर दी
02:56तुम घरीब लोग कमाल करते हो
02:58जब लेने आते हो तो गिर गिर आते हो
03:01और जब लोटाने की बारी आती है तो गायब
03:04माफ करो सहुकार, मैं आपका पैसा लोटाऊंगा
03:08बस थोड़ा समय और चाहिए
03:10देखिए, ये मेरी हालत है
03:13जितना भी कर्ज लिया था, सब इसी जमीन में लगा दिया
03:17पर फसल सूख गई
03:20कितना समय दू मैं तुझे
03:21हर दिन तेरा ब्यास तेरे मूल से भी जादा हो रहा है
03:25अब मेरे पास एक ही रास्ता बचा है
03:28तेरी जमीन अपने नाम करवालू
03:30नहीं सहुकार, ऐसा मत कीजिए
03:33बस एक हफता और दे दीजिए
03:35मैं कुछ न कुछ जरूर कर लूँगा
03:38भगवान की कसम एक हफता
03:42कमला पीछे से निकली
03:43कापते हाथों से उसने सहुकार को नमस्ते की
03:48उसकी आखों में डर और विंटी थी
03:51उसने धीरे से हाथ चोड़ लिये
03:53कुछ नहीं बोली
03:54बस आखों से दया मांग ली
03:57सहुकार ने उसकी ओर देखा
03:59हम
04:00तुम्हारी बीवी की शकल देखकर आज
04:03छोड़ देता हूँ
04:04वरना अब तक तेरा घर भी गिरवी हो गया होता
04:07याद रखो विजय
04:09सिर्फ एक हफता
04:10उसके बाद एक घंटा भी
04:13जादा नहीं दूँगा
04:14शुक्रिया
04:16साहुकार
04:17शुक्रिया
04:19साहुकार के जाते ही
04:20जोपडी में फिर वही सन्नाटा लोट आया
04:23कमला दर्वाजे के पास खड़ी थी
04:26उसकी आँखों में आसू चमक रहे थे
04:28विजय धीरे धीरे अंदर गया
04:31खाट पर बैट गया
04:33सिर्जुकाए
04:34अब भी चुप रहोगे
04:36क्या बूलू मैं
04:37जो होना था हो गया
04:39नहीं
04:40अब और चुप नहीं बैठूंगी मैं
04:42आज रात ही चलेंगे उस बाबा के पास
04:44चाहे तुम्हें पसंद हो या नहीं
04:47कमला फिर वही बात
04:48मैंने कहा न
04:49मुझे इन छूटे बाबाओं पर भरोसा नहीं
04:52भरोसा नहीं या डर है
04:55क्या
04:55हाँ डर
04:57डर की अगर बाबा ने सच कह दिया
05:00कि तुम्हारी किस्मत तुमसे खुद रूट चुकी है
05:03डर की अगर मैं सही निकली
05:05तो तुम्हारा सारा अभिमान मिट्टी में मिल जाएगा
05:09दोनों एक दुम से शांत हो गए
05:11ठीके चलो
05:12ये भी करके देखते हैं
05:14आखिर विजय ने कमला की बात मान ही ली
05:17रात होते ही
05:18दोनों
05:19कमला और विजय गर से निकल पड़े
05:21जंगल की और
05:23दिन में जो जंगल इतना खूबसूरत और शांत दिखता था
05:26वही अब रात के अंधेरे में
05:28एक एक कदम पर डरावना लग रहा था
05:31कमला विजय के पीछे पीछे चल रही थी
05:34उसकी सांसे तेज हो रही थी
05:36पर कदम रुक नहीं रहे थे
05:38कुछ देर चलने के बाद
05:39उन्हें दूर कहीं एक जलती हुई मशाल की रोशनी दिखाई दी
05:42वो दोनों धीरे-धीरे उसकी और बढ़ने लगे
05:45जैसे-जैसे वो पास पहुँचे
05:47उन्होंने देखा एक बाबा बड़े पेड के नीचे बैठे थे
05:51आँखे बंद
05:52होटों पर कोई रहसे मही मंत्र चल रहा था
05:55विजय और कमला दोनों उनके सामने जाकर रुख गए
05:58आगे तुम लोग
06:00मुझे पता है तेरी बीवी पहले ही सब कुछ बता चुकी है
06:04तेरे खेत, तेरी म्यानत, तेरी हार
06:08सब देखा है मैंने, सब जाना है
06:10तो आप जानते हैं कि जानता हूँ सब
06:13लेकिन अब डरने की जरूरत नहीं है
06:17सब कुछ बदलेगा, बहुत जल्द
06:20बस करना वही जो मैं कहूंगा
06:24बिना सवाल, बिना शक्त
06:27अकेले आना, किसी को साथ मतलाना
06:32यहां तक की इसे भी नहीं
06:35यह पूजा अकेले करने होगी
06:37वरना सब विर्थ हो जाएगा
06:39अकेले, पर सवाल मत कर
06:44जो करना है, अकेले करना है
06:47तेरी किसमत तुझ से नाराज है
06:49और उस तक पहुँचने का रास्ता
06:52सिर्फ तुझे ही तै करना होगा
06:54अब जाओ, और चैन से सो जाओ
06:59कल की रात, तेरी जिंदगी की सबसे लंबी रात होगी
07:03अगले दिन विजय फिर से उस बाबा के पास आया
07:07लेकिन इस पार अकेला
07:09उसके मन में अभी बाबा के प्रती संकोच था
07:12पर जैसा कहते हैं, डूबते को तिनके का सहारा
07:17विजय धीरे धीरे उनके सामने पहुँचा
07:19और चुप चाप जमीन पर बैठ गया
07:22कुछ पल तक बस सन्नाटा रहा
07:25हवा में अगरबत्ती की हलकी महक थी
07:28और पेड की शाखाएं रह रहकर सरसराती थी
07:32पता था, आएगा तू, तेरे मन में अब भी डर है
07:35पर अब वापस जाने का रास्ता नहीं बचा विजये
07:38मुझे बताएए क्या करना होगा, कैसी साधना है ये
07:42ये साधना साधारण नहीं है, ये मोहिनी साधना है
07:47मोहिनी साधना? वो क्या है बाबा?
07:49क्या किसी स्त्रे की पूजा करनी है? या कोई देवी की?
07:54ये उस शक्ति की साधना है जो रूप भी है मोह भी और विनाश भी जो तेरे किस्मत को बदल
08:02सकती है पर कीमत मांगती है तुने मेहनत की पर नसीब ने साथ नहीं दिया अब नसीब को मजबूर करने
08:11का समय है रात भर यही जब करना होगा मैं तुझे मंत्र दूँगा
08:15सुभा की पहली किरन से पहले तक ये साधना पूरी करनी होगी सुभा तेरे जीवन की दिशा अलग होगी एक
08:24गलती और तेरी जान ही नहीं तेरे अपने भी खत्म हो जाएंगे क्या तु तैयार है इस राह के लिए
08:31हाँ अब मंत्र सुन और याद रख ओम नमकस्तान मोहिन्य आ
08:38आशिर्वधाय नमा नियुक विजह ने धीरे धीरे कापती आवाज में मंत्र दोराया को अभी अभी वा
09:25I can help you, Vijay.
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