00:0014 August 2005, Greece के आसमान में एक यात्री विमान एयर ट्रैफिक कंट्रोल को कोई जवाब नहीं दे रहा था।
00:07स्थिती की जाच करने के लिए ग्रीक वायुसेना के दो F-16 फाइटर जेट्स भेजे गए।
00:12फाइटर पाइलट जब उस बोईंग के ठीक बगल में उड़ते हुए कॉक्पिट की खिड़की से अंदर जहाकते हैं तो उनकी
00:17रीड की हड़ी में सिहरन दोड़ जाती है।
00:20कैप्टन की सीट पूरी तरह खाली थी को पाइलट कंट्रोल पैनल के उपर बेहोश पड़े थे और पैसेंजर केबिन में
00:26कतारों में बैठे लोग बिलकुल बेजान थे।
00:50कॉक्पिट के अंदर वह रहस्यमई शखस कौन था जो आखिरी पल में विमान का कंट्रोल लेने की कोशिश कर रहा
00:56था।
00:57हम जानेंगे इवियेशन इतिहास की सबसे खौफनाक और रहस्यमई घटनाओं में से एक।
01:03हेलियोस एयरवेज फ्लाइट 522 की कहानी 14 अगस्त 2005 की एक खुशनुमा सुभा साइप्रस का लारनाका इंटरनेशनल एयरपोर्ट यात्रियों की
01:12चहल पहल से भरा हुआ था।
01:14हेलियोस एयरवेज की फ्लाइट 522 जो की एक बोईंग 737-300 विमान था।
01:21ग्रीस के एथेंस होते हुए चेक रिपब्लिक के प्राग जाने के लिए उडान भरने को तयार थी।
01:26इस विमान में कुल 121 लोग सवार थे जिनमें 115 यात्री और 6 क्रू मेंबर्स शामिल थे।
01:33यात्रियों में ज्यादातर साइप्रस के आम परिवार थे जो छुट्टियां मनाने जा रहे थे और कई बच्चे भी थे जिनकी
01:39आँखों में नई जगह जाने की चमक थी।
01:42कॉक्पिट की कमान 69 वर्षिय बेहद अनुभवी जर्मन कैप्टन हंस जुरगेन मर्टन के हाथों में थी और उनके साथ को
01:49पाइलट के रूप में 51 वर्षिय साइप्रियेट फर्स्ट आफिसर पामपोस चारलामबॉस थे।
01:54इन दोनों के पास विमान उड़ाने का हजारों घंटों का तजुर्बा था, मौसम बिलकुल साफ था, आसमान में बादलों या
02:02टर्बुलेंस का कोई नामो निशान नहीं था और ग्राउंड क्रू ने नियम के अनुसार विमान में सफर के लिए जरूरी
02:09इंधन भी भर दिय
02:10था, सुबह 9 बज कर 7 मिनट पर फ्लाइट 522 ने लारनाका से सफलता पूरवक टेकोन आफ किया और नीले
02:17आसमान की गहराईयों में खो गई, यात्री अपनी सीट बेल्ट बांधे, अपनी मंजिल के सपने देख रहे थे, लेकिन किसी
02:24ने सपने में भी नहीं सोचा था कि यह
02:26विमान अब कभी किसी रनवे पर सुरक्षित नहीं उतरेगा, टेकोन आफ के बाद जब विमान धीरे धीरे उंचाई की ओर
02:32बढ़ने लगा, तो कॉक्पिट के अंदर एक खामोश और अद्रिश्य खत्रे ने जन्म लिया, जो पाइलेट्स की नजरों से पूरी
02:39तरह बच न
02:56पर कर दिया था, और काम खत्म होने के बाद उसे वापस आटो मोड पर करना भूल गए, कैप्टन मर्टन
03:03ने भी टेकोन आफ से पहले चेकलिस्ट मिलाते समय इस जानलेवा गलती पर ध्यान नहीं दिया, जैसे ही विमान ने
03:0910,000 फीट की उंचाई पार की, बाहर की हवा में �
03:12ओक सीजन की मात्रा कम होने लगी, लेकिन स्विच मैनुवल होने के कारण, विमान के अंदर कृत्रिम रूप से हवा
03:19का दबाव नहीं बन पा रहा था, 12,040 फीट की उंचाई पर पहुँचते ही, कॉक्पिट में पहला अलार्म बज
03:25उठा, यह कैबिन अल्टिटूड वानि
03:41की आवाज बिलकुल एक जैसी थी, इस वजह से पाइलट्स कन्फ्यूज हो गए, और वो यह समझ ही नहीं पाए,
03:47कि असल में उनके शरीर में उंक्सीजन की कमी शुरू हो चुकी है, कॉक्पिट के अंदर अब भारी कन्फ्यूजन का
03:53माहौल था, अलार्म लगातार बज रह
03:55था, लेकिन पाइलट्स को लग रहा था, कि सिस्टम में कोई टेक्निकल गड़बड़ी है, या एर कंडीशनिंग फैन में कोई
04:01समस्या आ गई है, 18,000 फीट की उंचाई पर पहुचने के बाद, विमान की मास्टर कॉशन लाइट, जलूठी और
04:08कूलिंग एक्विप्मेंट �
04:09दिखाई देने लगी, क्योंकि हवा की कमी के कारण विमान के अंदर की मशीने गर्म होने लगी थी, कैप्टन मर्टन
04:15ने साइप्रस के ATC और हेलियोस एयरवेज के ओपरेशन सेंटर से रेडियो पर संपर्क किया, लेकिन वे बार बार एयर
04:22कंडीशनिंग और कूलिंग फैन
04:24की समस्या के बारे में ही बात कर रहे थे, प्रेशराइजेशन की बात एक बार भी उनके दिमाग में नहीं
04:29आई, तब तक हाइपॉक्सिया, यानि ऑक्जीजन की कमी नाम का वो खामोश कातिल उनके दिमाग पर अपना कबजा जमाना शुरू
04:37कर चुका था, इस स्थिती में �
04:39की सोचने समझने की शक्ती खत्म हो जाती है, आँखों के सामने धुंधला पंचा जाता है, और शरीर धीरे-धीरे
04:46सुन पढ़ने लगता है, हाइपॉक्सिया के असर से कैप्टन मर्टन का दिमाग ठीक से काम नहीं कर रहा था, वे
04:52अपनी सीट से उठकर पीछे लगे सर्कि
05:09पैनल के उपर सिर रख कर एक गहरी बेहोशी में डूब गए, और अब वो विशाल विमान पूरी तरह से
05:15अकेला बिना किसी इनसानी कंट्रोल के ऑंटो पाइलट मोड पर 34,000 फीट की उंचाई की और बढ़ता जा रहा
05:22था, विमान के पिछले हिस्से में बैठे यात्रियों
05:25को अभी तक यहां अंदाजा भी नहीं था कि कॉक्पिट के अंदर कितने खौफनाक हालात पैदा हो चुके हैं, लेकिन
05:32जैसे ही विमान 14,000 फीट के पार पहुँचा, इमर्जेंसी सिस्टम अपने आप चालू हो गया, यात्रियों के सिर के
05:39उपर लगे पैनल खुल गए, औ
05:41और पीले रंग के ऑक्सीजन मास्क नीचे लटक गए, केबिन में मास्क पहनने की ऑटोमैटिक घोशना होने लगी, यात्री घबरा
05:49गए, लेकिन उन्होंने नियमों का पालन करते हुए, खुद भी मास्क पहन लिए और बच्चों को भी पहना दिये, लेकिन
05:55ये ऑक्सीजन
05:56मास्क कोई स्थाई समाधान नहीं थे, क्योंकि विमान के ऑक्सीजन जनरेटर केवल 12 से 15 मिनट तक ही ऑक्सीजन दे
06:03सकते हैं, आम तोर पर इतना समय, पाइलट्स के लिए विमान को सुरक्षित उंचाई तक नीचे लाने के लिए काफी
06:09होता है, लेकिन कॉक्पिट में पा�
06:16हाथों से मास्क निकाल कर पहनना पड़ता है, जो वे हाइपॉक्सिया के कारण नहीं कर पाई थे, 15 मिनट बीतने
06:22के बाद जब यात्रियों की ऑक्सीजन सप्लाई खत्म हो गई, तो पूरे केबिन का माहौल एक अजीब सी खामोशी में
06:29बदल गया, किसी ने दर्द से चीख
06:31पुकार नहीं मचाई या दम घुटने से तडपा नहीं, हाइपॉक्सिया के कारण 121 लोग बेहत खामोशी और शान्ती के साथ
06:39एक ऐसी गहरी नींद में सो गए, जिससे वो फिर कभी नहीं उठने वाले थे, सुबह 9 बज कर 23
06:45मिनट पर हेलियोस फ्लाइट 522 अपनी तय की �
06:48गई 34,000 फीट की उचाई पर पहुँच गई, और उंटो पाइलट सिस्टम में सेट किये गए रूट के अनुसार,
06:54ग्रीस के एथेंस की ओर बड़ी शान्ती से उड़ती रही, निकोसिया और एथेंस के एयर ट्राफिक कंट्रोल रूम से लगातार
07:01रेडियो मैसेज भेजे �
07:03जा रहे थे, हेलियोस 522, क्या आप सुन पा रहे हैं? क्रिपया जवाब दें, लेकिन दूसरी तरफ से सिर्फ एक
07:10डरावना सन्नाटा ही सुनाई दे रहा था, रडार पर साफ दिख रहा था कि विमान बिल्कुल सही रास्ते और सही
07:16उंचाई पर उड़ रहा है, लेकिन पा�
07:30बादलों के उपर उड़ता रहा, अंदर लाइटें जल रही थी, इंजन ठीक से काम कर रहे थे, लेकिन 121 सवारों
07:38में से अब कोई भी होश में नहीं था, यह सचमुच आसमान का सीना चीरते हुए उड़ने वाले एक विशाल
07:44गोस्ट प्लेन में बदल चुका था, ग्रीक �
07:46अधिकारियों ने स्थिती को संभालते हुए इमर्जेंसी घोशित कर दी, और इस अज्यात खत्रे से निपटने के लिए ग्रीक वायू
07:53सेना के दो F-16 फाइटर जेट्स को तुरंत आदेश दिया गया, कि वे बीच आसमान में जाकर उस बोईंग
07:59737 की असल स्थिती का पता �
08:02सुबह 10 बज कर 40 मिनट पर फ्लाइट 522 एथेंस के आसमान में पहुंची, लेकिन कॉक्पिट में पाइलट्स के बेहोश
08:09होने के कारण कम्प्यूटर को विमान नीचे उतारने का कोई कमांड नहीं मिला, ओंटो पाइलट सिस्टम ने अपने तरीके से
08:16काम किया, और एथेंस
08:17एरपोर्ट के उपर के VOR नाम के नेविगेशन पॉइंट पर विमान को एक होल्डिंग पैटर्न में यानि गोल-गोल घुमाना
08:25शुरू कर दिया, ठीक इसी वक्त ग्रीक वायुसेना के दो फाइटर जेट्स भयानक स्पीड से बादलों को चीरते हुए हेलियोस
08:32फ्लाइट
08:32के ठीक बगल में आ पहुँचे, फाइटर पाइलेट्स ने बेहद सावधानी से बोईंग विमान के एकदम करीब उडान भरी और
08:39अंदर का नजारा देखने की कोशिश की, जब उन्होंने यात्रियों की खिडकी से अंदर जांका, तो उनके शरीर का खून
08:45जम गया, उन्हो
08:57कि को पाइलेट्स चार लाम बॉस कंट्रोल वहील के उपर ओंधे मुह पड़े हैं, और कैप्टन की सीट पूरी तरह
09:03खाली है, पूरे विमान में जिंदगी का कोई नामो निशान नहीं था, यह सिर्फ एक उड़ता हुआ ताबूत था, जो
09:09आसमान में गोल-गोल चक्कर का
09:26अतंकी नहीं था, बलकि हेलियोस एयर्वेज का 25 वर्षियर फ्लाइट अटेंडेंट एंड्रियास प्रोध्रोमो था, एंड्रियास ने अपनी जान बचाने के
09:34लिए विमान की पोर्टेबल ओंक्सीजन बोतलों का इस्तेमाल किया था, और इसी वजह से वह अब तक होश में
09:40था, एंड्रियास सिर्फ एक केबिन क्रू नहीं था, उसके पास एक कमर्शियल पाइलट लाइसेंस भी था, हालां कि बोईंग 737
09:47जैसे इतने बड़े एरलाइनर को उड़ाने की ट्रेनिंग या काबिलियत उसके पास नहीं थी, फिर भी आखिरी उम्मीद के तौर
09:54पर उसन
10:09अपने सीमित ग्यान और खत्म होती ऑक्सीजन के सहारे, उस मौत के सननाटे में खड़ा होकर 120 लोगों की जान
10:16बचाने की एक नामुम्किन जंग में कूद पड़ा, यह एवियेशन इतिहास के सबसे दर्दनाक और भावुक पलों में से एक
10:23था, जब एंड्रियास प्रोद्
10:38सुबह 11 बज कर 50 मिनट पर इंधन खत्म होने की वजह से विमान का बाया इंजन अचानक बंध हो
10:45गया, इंजन फ्लेम आउट होने के कारण वह विशाल विमान अचानक बाई तरफ बुरी तरह जुग गया और तेजी से
10:52नीचे गिरने लगा, फाइटर पाइलेट्स ने दे�
11:07जाना था, हाइपॉक्सिया के कारण एंड्रियास का अपना शरीर भी अब जवाब दे रहा था, उसकी आँखों के सामने अंधेरा
11:14च्छाने लगा था, लेकिन उसने हार नहीं मानी, वह अपनी आखिरी सांस तक उस बोईंग 737 को ग्लाइड कराते हुए,
11:22समुद्र या पहा
11:37आखिरी पलों का इंतजार बाकी था, बाया इंजन बंद होने के ठीक 10 मिनट बाद, दोपहर 12 बजे, विमान का
11:45दाया और आखिरी इंजन भी इंधन खत्म होने से हमेशा के लिए शान्थ हो गया, और इसी के साथ यह
11:50विशाल यात्री विमान बिना इंजन के एक भारी भरकम
11:54लोहे के ग्लाइडर में तब्दील हो गया, हाइड्रॉलिक सिस्टम और इलेक्ट्रिकल पावर ने काम करना बंद कर दिया, विमान बेहत
12:01खौफनाक स्पीड से ग्रीस के ग्राम मातिको नाम के पहाड़ी इलाके की तरफ सीधे नीचे गिरने लगा, एंड्रियास प्रोद्र
12:21कर चार मिनट पर हेलियोस फ्लाइट 522 एक जोरदार धमाके के साथ ग्रमाठिको के एक पहाड से टकरा गई, पलक
12:28जपकते ही एक भयंकर विस्फोट हुआ, और विमान के पर खच्चे पहाड की धलान पर दूर दूर तक बिखर गए,
12:35चारों तरफ आग का एक विशाल बवं
12:49और क्रू मेंबर्स की मौत हो गई, हादसे का मंजर इतना खौफनाक था कि विमान का धांचा लगभग पूरी तरह
12:57से जल कर राख हो चुका था, आग बुझाने के बाद बचाव कर्मी केवल जले हुए मलबे और यात्रियों के
13:03शव ही निकाल पाए, यह दिल दहला देने व
13:19और वायू सेना के रडार डेटा ने यह साफ कर दिया कि विमान में कोई बम धमाका या आतंग की
13:24हमला नहीं हुआ था, बलकि यह एक बेहत खामोश और दर्दनाक मौत का सफर था, जब इथेंस और साइप्रस के
13:31एरपोर्ट्स पर यात्रियों के परिवार वालों की चीख प
13:45खबरों की हेडलाइन बन गया, हादसे की सचाई का पता लगाने के लिए जाच टीम ने पहाड के मलबे के
13:51बीच विमान के ब्लैक बॉक्स की तलाश शुरू कर दी, हादसे के तुरंत बाद ग्रीस के A.A.I.A
13:58.S.B. ने जाच की जिम्मेदारी संभाली और मलबे से बेहत खर
14:14प्रेलट कन्फ्यूजन में एक दूसरे से अजीब और गरीब और बेतु की बातें कर रहे थे, ओंडियो के एकदम आखिरी
14:21हिस्से में एंड्रियास प्रोद्रोमों की हाफती हुई और तूटती हुई आवाज सुनाई देती है, वह बेहत धीमी आवाज में रेडियो
14:28पर मे
14:42की मुहर लग गई कि विमान का प्रेशराइजेशन सिस्टम मैनुवल मोड पर छूट गया था और ऑक्सीजन की कमी के
14:48कारण ही कॉक्पिट क्रू और यात्री बेहोश हुए थे, जांच करताओं ने ग्राउंड इंजीनियर की उस एक छोटी सी गलती
14:55और पाइलट्स द्वार
15:10और मशीन के कनफ्यूज करने वाले डिजाइन के कारण 121 लोगों को अपनी जान गमवानी पड़ी, जांच में बोईंग कमपनी
15:18के अलार्म सिस्टम के डिजाइन में भी खामी पाई गई, क्योंकि टेक ओफ अलार्म और प्रेशराइजेशन अलार्म की आवाज एक
15:25जैसी हो
15:25करने के कारण पाईलेट्स धोखा खा गए थे, इसके बाद बोईंग को मजबूर होकर अपने सिस्टम को अपडेट करना पड़ा,
15:32इस घटना के बाद हेलियोस एयरवेज गंभीर कानूनी और आर्थिक संकट में फंस गया, ग्रीक अदालत में कमपनी के डायरेक्टर्स
15:39और
15:40चीफ पाईलेट के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकद्मा दर्ज किया गया, और एक साल के अंदर ही कमपनी हमेशा
15:47के लिए बंध हो गई, पूरी दुनिया में इवियेशन के नियमों में बड़े बदलाव किये गए, केबिन प्रेशराइजेशन चेकलिस्ट को
15:53और भी स
15:54बना दिया गया, ताकि भविश्य में कोई और विमान इस तरह आसमान में उड़ते हुए, खामोश मौत के जाल में
16:00न फंसे, हेलियोस फ्लाइट 522 की यह दर्दनाग घटना आज भी हमें याद दिलाती है कि आसमान में उड़ान भरते
16:07समय एक छोटी सी गलती की कीमत कितनी �
16:10भयानक हो सकती है और उस मौत के सननाटे में एंड्रियास प्रोद्रोमो की वो आखिरी जद्दो जहद इविएशन इतिहास में
16:17हमेशा एक ट्रैजिक हीरो की कहानी के रूप में याद की जाएगी
Comments