00:00हंता वाइरस पुरुशों के स्पर्म में 6 साल तक जिंदा रह सकता है।
00:03रिकवरी के बाद भी बीमारी का खत्रा हंता वाइरस को लेकर आई इस नई रिसर्च ने दुनिया भर के वैग्यानिकों
00:08की चिंता बढ़ा दी है।
00:09स्विट्जरलैंड की स्टडी में दावा किया गया है कि यह खतरनाक वाइरस पुरुशों के स्पर्म में करीब 6 साल तक
00:14जिंदा रह सकता है।
00:15रिपोर्ट के मुताबिक संक्रमित व्यक्ति के खून और शरीर के दूसरे हिस्सों से वाइरस खत्म हो सकता है।
00:20लेकिन टेस्टिस में यह लंबे समय तक छिपा रह सकता है।
00:22वैग्यानिकों का कहना है कि पुरुशों के अंड कोश वाइरस के लिए सुरक्षित जगह बन जाते हैं जहां इम्यून सिस्टम
00:27आसानी से नहीं पहुँच पाता।
00:28इसी वजह से यौन संबंध के जरीए संक्रमण फैलने का खत्रा भी बना रहता है।
00:32हाल ही में क्रूज शिप पर हंता वाइरस संक्रमण के मामलों के बाद विश्व स्वास्थे संगठन भी अलर्ट मोड में
00:37है।
00:37हालां कि एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सतरक रहना बेहद जरूरी है क्योंकि
00:42यह वाइरस फेपडों और किड्नी पर गंभीर असर डाल सकता है।
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