00:00ताइवान चीन का हिस्सा है या फिर एक आज़ाद देश और इस छोटे से द्वीप पर क्यों आमने सामने हैं
00:07दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकते हैं अमेरिका और चीन
00:11अमेरिकी राष्टपती डोनाल ट्रम को चीन के राष्टपती शी जिन पिंग ने साफ चतावने दिये अगर अमेरिका ने ताइवान के
00:20मामले में दखल बढ़ाया तो दोनों दीशों के बीच टकराव की स्थिती बन सकती है
00:26यही से सवाल उठता है कि आखिर ताइवान है क्या और क्या है ये विवाद ताइवान एक ऐसा द्वीप है
00:32जो अपनी अलग सरकार चलाता है उनका अपना राष्टपती है अपनी संसद है अपनी सेना है अपनी करिंसी है और
00:41अलग से पासपोर्टी है यानि तक्नीकी तोर �
00:44पर देखे तो ताइवान एक सोतंतर देश की तरह काम करता है लेकिन चीन इसे अपना हिस्सा मानता है चीन
00:51का दावा है कि ताइवान उसका विन हिस्सा है और एक दिन उसका पुनर एकी करण्ट जरूर होगा है अगर
00:58जरूरत पड़ी तो चीन सेन अताकत का इस्तिमाल भी कर सक
01:02दूसरी तरफ ताइवान करता है कि वह पहले से भी एक संप्रभू विवस्ता है और बीजिंग का उस पर कोई
01:09अधिकार नहीं अब सवाल आता है कि फिर दुनिया ताइवान को देश क्यों नहीं मानती जादर तर देश चीन से
01:17रिष्टे खराब नहीं करना चाहते हैं इसलिए
01:19वे आधिकारिक तोर पर One China Policy मानते हैं यानि चीन को ही असली चीन मानते हैं अमेरिका भी यह
01:26निती मानता है लेकिन कहानी में ट्विस्ट यह है कि अमेरिका ताइवान को हतियार भी देता है और उसके सुरक्षा
01:34में मदद भी करता है यानि अमेरिका कहता कुछ और है और करता
01:49सबसे बड़ी सेमी कंड़क्टर चिप निर्माता अत्रस्ताओं में से एक है।
01:53दुनिया के मुबाइल, लैपटॉप, कारें और एडवांस टेकनलोजी काफी हद तक ताइवान की चिप्स पर निर्भर हैं।
02:00अगर यहां युद्ध हुआ, तो पूरी दुनिया की सप्लाई चेन हिल जाएगी।
02:04जैपान, अमेरिका और पश्मी देश इसी वज़े से ताइवान को लेकर पेहस सतर्क रहते हैं।
02:10वहीं चीन इसे संप्रभूता का सवाल मानता है।
02:13फिलहाल ताइवान की जादतर जनता मौजूदा इस्थिती चाती है, न चीन में विले और न अपचारिक आजादी का एलान।
02:21लेकिन जैसे जैसे चीन और अमेरिका के रिष्टे तनावपुर्ण हो रहे हैं, ताइवान दुनिया का सबसे समवेधन शेरी फ्लैस पॉइंट
02:29बनता जा रहा है।
02:30अब देखना ये है कि क्या कूटनी तिक इस विवाद को समवाल पाएगी या फिर यही चोटा सा दुवीब दुनिया
02:36की दो माजशक्तियों को आमने सामने ला देगा।
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