00:01अमेरिकी राष्टपती डोनाल ट्रम्प इस समय चीन में है
00:04डोनाल ट्रम्प ने अपनी स्पीच की शुरुआ थी शी जिन पिंग को महान नेता बताते हुए की
00:10चीनी राष्टपती ने भी ट्रम्प से दोस्ती के कई कसी डेगड़े
00:15और दोनों देशों में सहयोग बढ़ाने पर जोड़ दिया
00:18लेकिन अभी ये तारीव वाला मॉडल चली रहा था कि बीच में आ गया ताइवान वाला मुद्दा
00:24और फिर क्या था चीन ने ट्रम्प के सामने एक लक्षमन रेखा खिंज दी और सक्ट चिताबनी भी दी
00:30जिन पिंग ने साफ कहा अगर ताइवान मामले को ठीक से नहीं संभाला गया तो चीन और अमेरिका के बीच
00:36संगर्स तक की नौबता सकती है
00:38बीजिंग के Great Hall of the People में अमेरिका और चीन के बीच हुई ये एहम बैठक में दोस्ती और
00:45तनाव दोनों की जलक देखने को मिली
00:47चीनी राष्टपती शी जिन पिंग ने अमेरिकी राष्टपती डोनाल्ड टरम्प के साथ बाचीत की शुरुआत सहयोग और साजेदारी के बातों
00:54से की
00:55लेकिन ताइवान का मुद्दा आते ही उनका रुक बेहत सक्त हो गया
00:59चीनी सरकारी मीडिया शिनुहा के मताबिक जिन पिंग ने टरम्प से कहा कि ताइवान का मुद्दा चीन अमेरिका रिष्टों का
01:07सबसे एहम और संवेदंशील सवाल है
01:10उन्होंने साफ साफ कहा अगर इस मुद्दे को सही तरीके से नहीं संभाला गया तो दोनों देशों के रिष्टे इस
01:16तिर नहीं रहेंगे
01:17लेकिन अगर इसे गलत तरीके से हैंडल किया गया तो दोनों देशों के बीच टकराफ या संघर्ष भी हो सकता
01:24है
01:25इसके साथ ही जिन्पिंग ने ट्रम्प को पढ़ाया ग्लोबल लीडर्शिप का भी पाड़ बोले हम दुश्मन नहीं पार्टनर बनें
01:32जिन्पिंग ने ये भी कहा कि ताइवान की आजादी और ताइवान स्ट्रेट में शांती दोनों एक साथ नहीं चल सकते
01:37ताइवान को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से खीस्तान चल रही है ताइची चीन और ताइवान को अपना
01:44हिस्सा मानता है
01:45जबकि ताइवान खुद को एक लोगतांतर एक स्वतंतर व्यवस्ता के रुपतार पर देखता है
01:49पिछले कुछ वर्षों से चीन ने ताइवान के आसपास से नगतविदियां बढ़ा दिया है
01:54और जरूरत पढ़ने पर बल प्रयोग करने से भी पीछे नहीं हटने के संकेत दिया है
01:58अमेरिका भी उसमें बीच में बैठ चुका है और ताइवान को हतियार और राजनीतिक समर्तन देता रहा है
02:05जिस पर चीन लगतार नाराज़गी जताता आया है
02:08हाला कि सक्च चताबनी देने से पहले जिन पिंग ने दोनों देशों के रिष्टों को बेहतर बनाने की भी बात
02:15की
02:15उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका को परतिदवन्दी नहीं बलकि साज़ेदार बनना चाहिए
02:20और दुनिया में सिर्टा लाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए
02:23बैठक के दोरान ट्रेड और टेरिफ का मुद्दा भी प्रमुख रहा
02:27जिन पिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका के आर्थिक रिष्टे विन-विन यानी दोनों के फायदेवादे हैं
02:34उन्होंने दोहराया कि ट्रेड वार में कभी किसी की जीत नहीं होती लेकिन जिस तरह से चीन अमेरिकी राष्टपती ट्रम
02:41को धमका रहे हैं
02:42उससे ये सवाल जरूर खड़ा हो गया है कि जब दोर शक्तिया मिल रही हैं तो बलवान कौन है
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