00:21ग्लोबल पॉलिटिक्स के उस नए सेंटर की जहां इस वक्त दुनिया के कई बड़े नेता और ताकतवर नेता कतार लगा
00:29कर खड़े
00:30डॉनल्ड ट्रम बीजिंग पहुँच चुके हैं वही डॉनल्ड ट्रम जो चीन को दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेड चीट तक कह
00:35चुके हैं चीन के खिलाफ ट्रेड वार छेड़ चुके हैं
00:38मगर आज खुद ट्रम चीन के राश्पती शी जिन पिंग से बात करने के लिए ना केवल बीजिंग में हैं
00:44बलकि अपने साथ एक लंबा चोड़ा प्रतिनेदी मंडल भी लेकर पहुँचे हैं
00:48अब आप इसे चीन की चतुर कुटीती कहिए या बढ़ते रुद्बे का असर
00:52मगर खबर है कि ट्रम के निकलते ही रूस के राश्पती व्लादे मेर पुतिन भी चीन पहुँचने वाले हैं
00:58अमेरिका और रूस के राश्पतियों का एक ही महीने में बैक टू बैक बीजिंग का या दौरा आखिर क्या बता
01:04रहा है
01:04उट्टीती में करेंगे इसी बात का विशलेशन और करेंगे इस मुद्दे पर चर्चा कि आखिर चीन ऐसा क्या कर रहा
01:11है
01:11और वहाँ ऐसा क्या पक रहा है कि पूरी दुनिया के नेताओं का रास्ता अब बीजिंग पहुँच रहा है
01:16चीन में कोई बहुपक्षी बैठक नहीं हो रही नहीं कोई समिट मीटिंग है और नहीं किसी अंतराश्टी संगठन का कोई
01:23जमावडा
01:24बल्कि तमाम बड़े नेताओं वहाँ वन टुवन विपक्षी मुलाकातों के लिए पहुँच रहे हैं
01:29जाहिर है टरम्प वहाँ डंपलिंग्स खाने नहीं बल्कि एक बड़ी डील हासिल करने के लिए गए हर्थ विवस्था के दोनों
01:35बाहुबली बीटे काफी समय से
01:38टरिफ से लेकर पाबंदियों के दाव एक दूसरे के खिल रहे थे
01:41लेकिन साफ है कि अब बाजार और कारोबार इस ट्रेड वार से ठक चुके हैं
01:46खुद को बड़ा डील मेकर कहने वाले ट्रम्प ने भी तमाम दाव चलने के बाद सीधे शीजिन पिंक के साथ
01:52मेज पर बैट कर सौदा पटाने का ही विकल्प चना है
01:55जाहिर है बीजिंग में होने वाली इस बैठक पर भारत समेथ दुनिया के कई नेताओं और देशों की नजरें लगी
02:01होई होगी
02:02अमेरिका और चीन के बीच होने वाले कारोबारी डील का असर जहां भारत की व्यापार रणनीती पर पड़ेगा
02:08तो वहीं अमेरिका चीन के बीच होने वाले समझोते उटनीती की बिसाथ पर कई समीकरण बदल सकते हैं
02:15बहराल व्यापार उयुद्धो या इरान के साथ चल रहा संख़त
02:19ये जाहिर है कि राशपती डानल्ड टरंप अब दोनों ही मोर्चों पर उलजी रणनीती से बाहर निकलना चाहते है
02:25जानकारों का मानना है कि इसका रास्ता बीचिंग की बेख़त से निकल सकता है
02:29क्योंकि इरान की सत्ता पर चीन का अच्छा खासा प्रभाव है और उसकी आर्थिक पैड़ भी इरान में बहुत मजबूत
02:35है
02:36खेर ये तो हुई बात टरंप के दोरे की
02:39मगर रूस के राशपती व्लादमित पुतन का चीन का दोरा अलग नजरिये से माइने रखता है
02:442022 में युकरेन के युद्ध की शरुवायत के बाद जब रूस आर्थिक रूप से अलक थलक पड़ रहा था
02:50तब चीन में ना केवल उसका साथ दिया बलकि उस रिश्टे को और मजबूत भी बनाया
02:55जाहिर है ट्रम्प की तरहां पुतन कोई नई ट्रेड डील करने के लिए चीन नहीं पहुंच रहे हैं
03:00बलकि उर्जा और रख्षा की साज़दारी को और पुखता करने के लिए जा रहा है
03:04गोर करने वाली बात ये है कि अमेरिका और रूस दोनों को इस वक्त चीन की जरूरत है
03:10अमेरिका को चीन का बाजार और फिर ग्लोबल सप्लाई चेन चाहिए
03:13तो रूस को प्रतिबंधों के बीच जिन्दा रहने के लिए चीन के आर्थिक सपोर्ट की दरकार है
03:19चीन इस वक्त कमरे का वो एकलोता वर्किंग सॉकेट है जिसमें अमेरिका और रूस दोनों अपनी कूटनी तिका प्लग लगाना
03:27चाहते हैं
03:28ये चीन की कमजोरी नहीं उसकी सबसे बड़ी कूटनी तिक ताकत या यू कहिए उसका कूटनी तिक लिवरेज बन चुका
03:35है
03:35मामला सिर्फ अमेरिका या रूस का ही नहीं है बलकि यूरप भी इसी कतार में नजर आ रहा है
03:40सालों तक चीन को मानवादिकारों और यूकरेन पर उब्देश देने वाले यूरपी देशों के नेता
03:45अब युद्ध और महंगाई का संकट गहराता देख चीन की तरफ नजर उठा रहे हैं
03:51और ऐसे में अब उनके सुर्भी बदल गए है
03:53पिछले एक साल में फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटन और इट्ली समेथ पूरे यूरप के कई प्रमुख नेता बीजिंग का चक्कर काट
04:01चुके है
04:01यूरप ने यूकरेन युद्ध के बाद अपनी सप्लाई चेन और उर्जा सप्लाई में कई जटके खाए है
04:07वहीं अमेरिका से फिलहाल मिल रही बेरुखी के बीच चीन की आर्थिक सहायता या उसका सपोर्ट ही फिलहाल यूरप के
04:14लिए उबरने का सबसे मजबूत सहरा नजर आ रहा है
04:17यूरप ये देश चीन को भले ही एक सांस में पार्टनर, कॉम्पेटिटर और सिस्टेमेटिक राइवल कहते आए रहे हों
04:24मगर फिलहाल अभी बाजार की जरूरतें और आर्थिक प्रात्मिक ताइं पूटनीतिक भाशा के शब्दों का सुर और ताल ताय कर
04:31रही है
04:32वैसे भी यूरप जिस ग्रीन टेक्नालोजी में महारत की बात कर रहा है उसकी रेर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स वाली
04:39चाबी फिलहाल चीन के ही हाथ नहीं
04:41अमेरिका ने चीन पर बढ़ती अपनी आर्थिक में भरता को कम करने के लिए डीकपलिंग जैसे कई नारे दी
05:02करता है कि शी जिन पिंग को किसी के पीछे भागने की जरूरत नहीं बलकि दुनिया खुद उनके दरवाजे पर
05:08पहुंच रही है
05:09चीनी विशलेशक इसे Open and Inclusive Diplomacy यानि खुली और समावेशी कूटनीती कह रहे है
05:15और आलोचक इसे चीन की सोची समझी चार लेकिन नतीजा बिलकुत साफ है
05:21दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली नेता जब एक के बाद एक चीन की राजधानी में लैंड कर रहे हों तो
05:27ये कोई इत्तफाक नहीं है
05:28इस बात का सबूत है कि वैश्विक कूटनीती का Center of Gravity अब शिप्ट हो रहा है और चीन का
05:34रोल बढ़ रहा है
05:35ऐसे में भारत को भी सोचना होगा कि अपने एक बड़े पड़ोसी के इस वक्त बढ़ते हुए कद और उसके
05:41रुद्वे के बीच अपने हेतों को साधने के लिए कूटनीती के आखिर कौन से कार्ड चले जाएं
05:47कूटनीते में आज के वल इतना ही बाकी देश दुनिया की हर बड़ी ख़बर के लिए आप देखते रहिए आज
05:52तर
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