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PM मोदी की 'बचत अपील' को लोगों ने किया नजरअंदाज तो क्या होगा? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

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00:00नमस्कार मैं हूँ अंजराम कश्यप और ब्लाक इंड वाइट में आपका बहुत बहुत स्वागत है आज सबसे पहले हम आपको
00:05कहेंगे कि चैन से सोना है तो तेल बचाओ और तेल बचेगा तभी सोने पर सुहागा होगा
00:11दो दिन से पूरे देश में प्रधानमत्री मोदी की अपील की चर्चा है जिसमें उन्होंने एक साल तक सोना ना
00:17खरीदने तेल की बचट करने के लिए लोगों से सुझाओ दिया है
00:21प्रदानमंतिय मोधी की अपील पर विपक्ष पूछ रहा है कि सरकार हमारी जेब, हमारा पसंद, सब पर पहरा लगाने जैसा
00:29कैसे फैसला ले सकती है
00:30विरोध करने वालों को हम 1997 के दक्षण कोरिया की वो तस्वीरे दिखाएंगे जिन्हें देखकर शायद उन्हें राश्टवाद की नई
00:38परिभाशा समझाए
00:39जब एक देश को बचाने के लिए 35 लाख परिवारों ने अपनी शादियों के गहने सरकार को दान में दे
00:45दिये थे
00:45आज तो सिर्फ कम खरीद की बात हो रही है
00:48आज के इस विशलेशन में हम सर्फ राजनीती की परते ही नहीं खोलेंगे बलकि आपको उन आकडों के समंदर में
00:53ले जाएंगे
00:54जहाए इरान युद की आग आपके पिट्रोल टांक आपकी तिजोरी तक पहुँच रही है
00:58आज आपको टै करना है आपके लिए सोना खरीदना जादा जरूरी है या देश हित में तेल बचाना
01:05अब दुनिया भर में तेल 50 प्रतिशर तक महंगा हुआ है लेकिन भारत में कीमते अभी भी स्थिर है
01:10आज सवाल यह है कि महंगे तेल की मार के बाद आपकी कार कब तक क्यों ही चलेगी
01:15इसके बाद देश के 22 लाग से जादा चातरों के भविशे के साथ एक बार फिर हुए भद्दे मजाग के
01:20बारे मैं आपको बताएंगे
01:22कैसे निलाम हुई है हमारे बच्चों की जिंदगी, उनकी महनत, उनका भविश
01:28जिस नीर परिशा को पास कर देश के यवाद डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं
01:33जिसके लिए वो दिन रात एक कर देते हैं ना दिन का चैन होता है ना रात को नीन मिलती
01:39है
01:39दिन रात एक करके सब कुछ त्याग कर पढ़ाई करते हैं ताकि अपने महनत के दम पर वो एक दिन
01:46डॉक्टर बनकर अपने माता-पिता के चेहरे पर मुसकान ला सके
01:50अपने परिवार के जो अन्य लोग हैं उनको खुश्पक कर पाएं जो देश में मरीज हैं उनका इलाज कर पाएं
01:56और इस नोबल प्रोफेशन के साथ जुड़ पाएं
01:59वहाँ पर उनकी महनत पर धांदली फिर से भारी पड़ गई तीन माई को परिक्षाएं हुई चार माई को पता
02:06चला कि डेर सो से जादा सवाल पहले ही लीग हो चुके थे
02:09देश में नाशनल टेस्टिंग एजनसी यानि NTA के खलाफ जबरदस्ता क्रोश है आखर क्यूं क्यूं हमारे देश में पेपर लीग
02:17एक लाइलाज बिमारी बन गया है
02:20मतलब हम आतंकवाद को पीछे रखेलने की बाते करते हैं हम पाकिस्तान तक पर हमला कर देते हैं उसके आतंकी
02:27ठिकानों तक पर हमला कर देते हैं लेकिन एक एक एक्जान नहीं करा सकते अपने देश में
02:31आज इसी धानली का पूरा कच्छा चिट्था हम आपके सामने रखेंगे
02:39आखिर में आपको बताएंगे कि बंगाल में सरकार बदलते ही सडकों पर नमाज लड़ने पर बैन लगा दिया गया तो
02:44दूसी तरफ तमिलाण विधानसबा में सनातन को मिटाने की कसम कैसे खाई गई है
02:50लेकिन इस वक्त की सबसे बड़ी खबर यह है कि पेट्रोल डीजल वर्क फ्रम होम और सोने की खरीद को
02:54लेकर प्रधान वंत्री ने जो अपील की है उसे लेकर अब अलग अलग राज्यों में बैटके हो रही है और
03:00ऐसा लग रहा है कि क्या कुछ बड़ा होने वाला है
03:03आज लखनाओं में मुक्यवंत्य योगी आदितिनात ने अपने शीर्ष अधिकारियों के साथ एक एहम बैटक की है और सूत्रों के
03:10हवाले से ही खबर आई है कि इस बैटक का अजेंडा था उत्तर प्रधेश में स्कूलों को बंद करके ऑनलाइन
03:16ख्लास्स शुरू करना और
03:30इसे लेकर भी अटकले तेज हैं क्योंकि घटना क्रम बहुत तेजी से बदल रहा है सबसे बड़ी बात यह है
03:35कि प्रधानवंत्री मोधी की अपील को लेकर राजनीती बहुत हावी होती हुई दिखाई दे रही है हलाकि आज जब हमारे
03:42देश में प्रधानवंत्री नरेंद
03:55से तस्वीरें दिखाना चाहते हैं यह तस्वीरें उस दौर की हैं जब दक्षण कोरिया का विदेशी मुद्रा भंडार खाली हो
04:01चुका था
04:03इसका कोई अर्थ ये नहीं है कि हम आज देश की स्थिती को दक्षण कोरिया से कंपेर कर रहे हैं
04:09लेकिन बात किसी संकट की है बात ये है कि हम अपने देश को ऐसी किसी भी तूफान से बचाने
04:16के लिए किस तरह से सामने आने को तयार है
04:19हमारे देश की स्थिती आर्थिक रूप से अगर आप देखे तो अभी दुरुस्त ही कहलाएगी
04:25हम विश्व में अभी छटी सबसे बड़ी अर्थिव्यवस्था है
04:29तो उस पर कोई शक या सुबा नहीं है
04:31लेकिन सवाल है कि जिस तरह की वैश्विक मंदी के इशारे अब पूरे विश्व में आ रहे है
04:38जिस तरह से तेल डीजल बतलब आप सोचे कि अगर ये युद्विराम चल भी रहा है
04:45तो क्या अभी आसानी से तेल या गैस की जो सप्लाई है वो हर्मूस से खुल पाई है नहीं खुल
04:52पाई है
04:53असर हो रहा है धीरे धीरे पूरे विश्व पर हो रहा है
04:57अगर ऐसा ही असर रहता है तो आने वाले वक्त में महंगाई भीशण हो सकती है
05:03उसी से बचने की बात देश में हो रही है
05:05लेकिन कोरिया की इन तस्वीरों के साथ हम इसले शुरुआत कर रहे हैं
05:08क्योंकि तब मुद्राबंडार कोरिया का खाली हो चुका था
05:11और उसे मजबूर होकर IMF से 58 बिलियन डॉलर का बेल आउट पैकेज लेना पड़ा था
05:17सोचिया एक बहुत ही समरिद्ध देश अचानक परिस्तितियां बदली और 97 में ऐसा मैसिव वहाँ पर economic breakdown हुआ
05:26कि उनको IMF से बहुत बड़ा पैकेज लेना पड़ा
05:29उस वक्त इस बेल आउट पैकेज ने दक्षण कोरिया के एक-एक नागरी को शर्बिंदा किया
05:35उनकी नजरे इस बात पर जुक गई कि हमारे जैसा देश, महनती, स्वावलंबी लोगों का देश, आत्मसम्मान वाले लोगों का
05:45देश
05:45उनको IMF से लोन लेना पड़ रहा है और सरकार के साथ लोगों ने इसे अपना राष्ट्रिय अपमान माना
05:52सिती ये हो गई कि सरकार ने इसकर्ज को जल से जल चुकाने की कसम खाली और इसके लिए अपने
05:57नागरिकों से राष्ट्रिय स्तर पर मदद मांगी
05:59ये अपील की गई कि लोग इसकर्ण को उतारने के लिए अपनी मर्जी से जितना जो दे सकते हैं, कैश,
06:05सोना दे सकते हैं वो दे और अपने देश को इस संकर्ण से बाहर निकालें
06:09फिर हुआ क्या ?
06:11इस अपील का अतना बड़ा बड़ासर हुआ कि लाको नाग्रेक अपने निजी सोने के गहने सरकार को देने के लिए
06:16कतारों में लग गए और अपने निजी सोने को उन्होंने रच्ट्रे संसाधन में बदल दिया
06:22इसे इतिहास का सबसे बड़ा गोल्ड कलेक्शन मूवमेंट माना गया
06:26जिसमें दक्षन कोरिया के 35 लाख परिवारों ने अपने शादी के गहने विरासत में मिले आभूशन सोने की कीमती हार
06:34बिना संकोच सरकार को दान में दे दिये
06:38सरकार को कुल 2,27,000 किलोग्राम सोना दान में मिला जिसकी कीमत उस वक्त थी 2 बिलियन डॉलर
06:46और इसी पैसे ने बाद बड़ अक्षन कोरिया को आर्थिक संकट से बाहर निकाला और ये इन लोगों ने किसी
06:53मजबूरी में नहीं किया
06:55अपनी स्वेच्छा से अपनी मर्जी से लोग ये कर रहे सोचे जब दक्षन कोरिया के लोग अपने देश को संकट
07:01से निकालने के लिए अपने निजी सोना सरकार को देंदान में दे सकते हैं
07:06जब खुद भारत में 62 में जब ऐसा आवान हुआ तब लोगों ने अपना सोना भारत में दिया तो अभी
07:14तो प्रधानमती नरेंद्र मोदी सिर्फ ये अपील कर रहे हैं कि एक साल तक सोना नहीं खरीदना और बवाल देखिए
07:19विपक्षी पार्टियों का
07:21लेकिन इसके बावजूद इस पर विपक्षी दल राजनीती कर रहे हैं ये पूछ रहे हैं कि सरकार खुद कैसे तैकर
07:25सकती है कि लोग क्या खरीदेंगे और क्या नहीं खरीदेंगे
07:28ये मुद्धा इतना बड़ा बन गया कि पूरे देश में इसकी चर्चा हो रहे हैं ये पूरे देश में गूगल
07:33पर जो शब्द को सबसे जादा सर्च किया जा रहा है जानते हैं वो कौन सा है
07:36वो शब्द है मोदी गोल्ड अपील
07:41दस मई की रात से गूगल पर इसे भारत के लोग लगातार सर्च कर रहे हैं और ये पूछ रहे
07:46हैं कि अगर वो सोना नहीं खरीदेंगे तो उनकी घर की शादियां कैसे होंगी तेहारों को कैसे मनाएंगे
07:51आज हम आपको ये बताएंगे कि अगर प्रधानुंती मोदी की अपील के बाद भी भारत के लोगों ने पहले की
07:56तरह सोना खरीदना जारी रखा तो इसका आसर क्या होगा
08:00और कैसे इस अपील को नजर अंदास करने से भारत की ही मुश्किलें बढ़ेंगे
08:04हमारे देश में अभी ज्यादतर लोगों को मोटे तोर पर ये तो पता है कि सरकारी अपील इरान युद के
08:10कारण कर रही है
08:11लेकिन उन्हें शायद ये नहीं पता है कि ये युद एक बार फिर से भायानक रूप ले सकता है
08:15और अगर ऐसा हुआ तो एक साल तो भूल जाईए ये भी हो सकता है कि सरकार को आपसे ही
08:19कहना पड़े कि आप 5 साल 10 साल की मुश्किलें सामने ना आ जाए
08:24दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी साओधी और रामको ने चेताबनी दी है कि दुनिया में तेल आपूर्ती का संकट
08:31जल्द समाप्त नहीं होगा
08:32इसको गंभीरता से लेना जरूरी है अगर स्ट्रेट अफ आर्मूज अगले कुछ हफ्तों में खुल भी गया तब भी तेल
08:40की किल्लत
08:42दोहजार सताइस तक दुनिया का पीछा नहीं चोड़ेगी और ये युद्ध वैश्वे कर्थ विवस्ता को पूरी तरह से हिला कर
08:47रख देगा
08:47कैसे उसके लिए आप इन आकडों को जरा गंभीरता से देखे
08:53इस युद्ध के कारण अब तक सौ करोड बैरल कच्चे तेल की सप्लाई खत्म हो चुकी है
08:59खत्म हो चुकी है स्वाहा
09:01खत्म होने का मतलब यह है कि अब इस सप्लाई को वापस शुरू होने में कम से कम साथ से
09:06आठ साल लग जाएंगे
09:07इस स्यूत के कारण हर हफते 10 करोड बैरल कच्चे तेल का अतरिक नुकसान हो रहा है
09:14जिसे अगले 6-7 महीने में भी रोकना नामुम्किन होगा
09:18इस स्यूत के कारण उपेक देशों का तेल उत्पादन पिछले 20 सालों में सबसे निश्रे स्तर पर है
09:25और यह सब होने के बाद भी स्ट्रेट ओफ आर्मूस खुला नहीं है
09:28जिसे अंतराश्य बाजार में एक बैरल कच्चे तेल की कीमत 107.5 डॉलर पहुच गई है
09:35जब 28 फरवरी को यह योद शुरू हुआ तब यही कीमते 68 डॉलर थी
09:39जो अब प्रती बैरल करीब 40 डॉलर बढ़ चुकी है
09:43यह कोई मामली बात नहीं है और भारत के लहाज से तो यह और भी खतरनाक स्थिती है
09:48अगर प्रती बैरल कच्चे तेल की कीमत 1 डॉलर भी बढ़ती है
10:06अगर यह संकट एक हफ़ते एक महीने या छे महीने का भी होता
10:10तब भी शायद प्रतानवती मोदी लोगों से कभी नहीं कहते कि तेल बचाईए
10:14सोना ना खरीब चुटी विदेशों में मत मनाईए
10:16सवाल है कि हमें डॉलर जो हमारे पास विदेशी मुद्रा
10:21यानि डॉलर का भंडार है उसको हमें बचा कर रखना है
10:25क्योंकि अभी जिस तरह से हमें उसे सोना तेल इंपोर्ट सब पर
10:29खर्च जादा करना पड़ रहा है वो जैसे जैसे कम होगा
10:33वैसे वैसे देश के लिए मुश्किले आएंगी
10:37प्रधार्वंती मोधी को ये अपील इसले करनी पड़ी
10:39क्योंकि ये युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा
10:41शायद बहुत लंबा कीचने वाला है
10:43और अगर युद्ध अभी सीज फायर चल भी रहा है
10:45तब भी जो सप्लाइ चेन है तेल का गैस का
10:48वो वापस से सुचारू उसी तरीके से
10:51युद्ध के पहले की स्थिती पहुँचने में कई साल लग जाएंगे
10:54यहाँ आप कहेंगे कि युद्ध रुक चुका है
10:56साथ एप्रिल से सीज फायर है
10:58तो अगर आप ऐसा सोच रहे तो
11:00यह गलिती है क्योंकि स्थिती हमने आपको बता दी
11:03युद्ध रुका हुआ युद्ध रुका हुआ तब माना जाता
11:06जब स्ट्रेड ओफ और मूस खुल चुका हूँ
11:09युत तो रुका हुआ है
11:10लेकिस प्रिट अफ और मूस नहीं खुला है
11:25बड़ी बात ये है कि अब तो ये कागजी सीज फायर भी दम तोड़ने वाला है
11:28और ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बलकि ऐसा राश्रपती ट्रम्प ने खुद कहा है
11:32इरान ने समझोता करने के लिए राश्रपती ट्रम्प को जो शर्ते बताई थी
11:36उन्षर्टों को राश्रपती ट्रम्प ने कच्रे के डिब्बे में फेकने की बात कर दी है
11:41उन्होंने ये भी कहा है कि इस युद्ध में लागू हुआ सीजफायर लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर है
11:48सीजफायर कोई कहने कि आईसियू में है
11:50इस युदी नहीं मतलब लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर मतलब आखरी सांसे चल रही है
11:54जिसके बचने की बहुत कम संभावना है बहुत जल्द इरान को सिकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी
11:58आप इस धंकी को सुनिये
12:00समझे कि जब स्ट्रेट अफर्मूस खुला नहीं है
12:03जब सीजफायर भी दम तोडने वाला है
12:06तब प्रदान्वनत्वी नेरेंद्र मोदी का आपसे अपील करना क्यों जरूरी था
12:14इस उपलीवब लीवग
12:16सबसुब लुट लुके सबस़्ाइब कि डिवार अपसे लाफर्ट आपसे अउट इस प्रदाएब लाफस जाएफर्टा
12:34सबसुब लुके संएफ्गर विवग है
12:54अमेरिका का मीडिया दावा ये कर रहा है कि इस बार राश्रपती ट्रम्प सिर्फ इरान पर दबाव बनाने के लिए
12:59उसे धमकी नहीं दे रहे हैं, वो हकीकत में फिर से ज्युद्ध शिरू कर सकते हैं.
13:04सियनेन के मुदाबेक पिछले एक हफते से राश्रपती ट्रम्प इरान पर दबारा से हमले करने के बारे में विचार कर
13:10रहे हैं. इसका कारण यह है कि वो इरान दबारा रखी जा रही शर्तों से नाराज है और उन्हें ये
13:15लगता है कि इरान इस समझोते को करने के लिए गं�
13:32अपनाना बहुत जरूरी है. और पेंटेगन के अधिकारी मानते हैं कि इरान पर फिर से हमला होना ही चाहिए. इस
13:41बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस युद में ना तो सीजफायर का कोई फाइदा है ना ही
13:45ये उमीद करना सही है कि अगले कुछ दिनों में सब सही ह
13:47हो जाएगा. ना रास्ता तेल गैस का खुला है और ना ही ये सीजफायर पर्मिनेंट दिख रहा है. हकीकत तो
13:54ये है कि जैसे बॉक्सिंग रिंग के मैच में एक राउंड खत्म होने के बाद दोनों खिलारी को एक ब्रेक
13:59दिया जाता है उस ब्रेक के बाद बॉक्सिंग का म
14:13इंट्राले के प्रवक्ता इसमाल बगाई को सुनिये जो ये कह रहे हैं कि अब अमेरिका और इरान के बीच सुला
14:18होने की उमीद लगबख खत्म हो चुकी है.
14:22बादचीत का मतलब ये नहीं है कि कोई एक पक्ष अपनी मांगों को एक तरफा तौर पर दूसरे पक्ष पर
14:29थोपे या दूसरे को उन्हें मानने पर मजबूर करें.
14:33जहां तक हमारा सवाल है तो ये किसी हालत में नहीं होगा. कम से कम इरान के मामले में तो
14:38बिल्कुल नहीं. हम अमेरिका की अनुचित मांगों के आगे नहीं जुकेंगे.
14:51अगर स्ट्वेड ओर मुझे अगले दो महीने बाद खुलता है तो तेल की सप्लाई सामाने होने में लगभग एक साल
14:58या फिर आठ से दस महीने लगेंगे.
14:59अगर यही हॉर्मूस छे महीने बाद खुलता है तो तेल की सप्लाई सामाने होने में 18-24 महीने लग सकते
15:06हैं. और अगर यही हॉर्मूस एक साल बाद खुलता है तो तेल की सप्लाई तीन साल बाद भी पूरी तरह
15:13सामाने नहीं हो पाएगी.
15:14इसका मतलब ये हुआ कि अच्छी से अच्छी स्थिती में भी ये संकट दोहजार सताईस तक खत्म होगा
15:20और बुरी से बुरी स्थिती में ये दोहजार उन्तीस तक खीच सकता है
15:24अब सोचे दोहजार उन्तीस तक अगर कच्छे तेल की कीमते औस्तन सो डॉलर प्रती बारल भी रही तो भारत के
15:31विदेशी मुद्रा बंडार पर कितना दबावाएगा
15:33हमें हर दिन उतनी कीमतों पर कच्छा तेल खरीदना होगा जो युद्र से पहले की कीमतों से 66% जादा
15:41होगी
15:41और क्योंकि तेल किसी भी देश के अर्थ व्यवस्था को चलाने के लिए निवारे होता है
15:45इसके लिए भारत जादा कीमतों पर भी कच्चा तेल खरीदने के लिए मजबूर रहेगा
15:49और फिर हम लोगों की जेब पर जो मार पड़ेगी वो सुआभावे का और यही कारण है कि पिदानुट्री मोदी
15:55ने लोगों से एक आए
15:56कि वो तेल का जितना हो सके उतना कम इस्तमाल करें जबकि सोने को वो एक साल तक खरीदे ही
16:02नहीं
16:03सोने एक लाक्शरी आइटम है जिसके नहीं होने पर गुजारा क्या जा सकता है अगर आप एक साल तक सोना
16:08नहीं खरीदेंगे
16:09तो क्या बहुत बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा
16:13शायद उन परिवारों में थोड़ी बायूसी होगी जिनके घर में शादी है
16:16लेकिन अगर तेल नहीं मिलेगा तो पूरा देश रुप जाएगा
16:19और यही कारण है कि तेल हमें खरीदना ही खरीदना है
16:22तेल खरीदने के लिए हमें ज्यादा डॉलर चाहिए
16:25तो समझे ऐसे कि आपके पास अपने घर खर्च के लिए रुपए है
16:31वैसे ही देश में जब हमें कुछ विदेश से खरीदना होता है
16:35तो हमारे पास फिक्स्ट डॉलर है
16:38और वो डॉलर विदेशी मुद्रा भंडार कहलाता है
16:43अब वो हमारे पास फिक्स्ट है
16:45हमें ये तेह करना है कि हम उससे सोना ज़ादा खरीद कर देश में लाना चाहते है
16:49क्योंकि सब को सोना खरीदना है भारत में
16:51या हम उससे तेल खरीदना चाहते है
16:54क्योंकि तेल के बिना अर्थविवस्था थम जाएगी और तेल जरूरी है ऐसे में हमें वो विदेशी मुद्रा भंडार तेल के
17:02लिए जादा रखना चाहिए तेल के खरीद के लिए
17:05क्योंकि ये खर्च कहा होता है विदेशी मुद्रा भंडार, ऐसे ही crude oil पर होता है, तेल पर होता है,
17:11या फिर जो खाने वाले edible oil का हम इस्तमाल करते हो, उसके लिए होता है, तो हमें विदेशी मुद्रा
17:16भंडार को बचाना है, क्योंकि तेल, gas, अभी की स्थिती, जितना हम बा
17:35और खरीद कर भी स्थिती को संभालने की कोशिश करेंगे और ऐसा नहीं है कि यह सिर्थ भारत में हो
17:40रहा है भारत में सिर्फ प्रदानमति मोधी ने आपसे अपील की है लेकिन दूसरे देशों में वो हो रहा है
17:46जिसके बारे में आपने अभी तक अपने देश में हमने स्थित
18:03नहीं चलेगा थाइलेंड की सरकार ने ये भी कहा है कि लोग सूट और टाई की बजाए छोटी बाजू की
18:08शिर्ट और टी-शिर्ट पहन कर ओफिस आए और कम से कम ही
18:11एसी का इस्तमाल करें इस फैसले के बाद वहां के लोग संकट की घड़ी में एक जुट हो गए लाइफ
18:16प्रसारण में कुछ न्यूज आंकर्ज ने अपना कोट उतार कर इस फैसले का समर्थन किया लेकिन सोचिए क्या वहां इस
18:22पर कोई राजनीती हुई भारत और थाइलें�
18:25न्यूज आंकर्ज और वहां के नागरिक लाइफ प्रसारण के दौरान अपना कोट उतार कर बिजली और तेल बचा सकते हैं
18:32लेकिन भारत में अगर किसी आंकर या नागरिक ने कह दिया कि वो अपने देश के लिए ऐसा कर रहा
18:36है और एक साल तक सोना नहीं खरे देगा तेल
18:55के लिए एक फ्यूज लिमिट तै की गई है जिसमें दो पहिया वाहनों को हर दिन अधिकतम दो लीटर पेट्रोल
19:00मिल सकता है गारियों को दस लीटर पिक आप और लोकल बस को सतर से 80 लीटर पेट्रोल डीजल ही
19:05मिल सकता है लेकिन वहां भी कोई इस पर राजनीती नहीं कर �
19:09इसी तरह श्रिलंका में भी पेट्रोल पंपों को डिबो में पेट्रोल देने से मना किया गया है और तेल की
19:16जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कानूनी कारवाई की जा रही है लेकिन श्रिलंका में भी कोई राजनीती नहीं हो रही
19:21है तमाम ऐसे देश हैं जो हर्मूस के ते
19:36पुटर्स सब बंद करने के आदेश हैं, लेकिन फिलिपीन्स में इसको सरकार की नाकामी छिपाने के लिए उनके एसी टेम्परिचर
19:43का कंट्रोल सरकार ने हाथ में ले लिया है, यह सब नहीं कहा जा रहा है, वयतनाम की सरकार ने
19:49अपने लोगों से कहा है कि वो कम दूरी के ल
20:04बंद रखे गए हैं, 60% सरकारी गाडियों को इस्तमाल से बाहर कर दिया गया है, लेकिन ऐसी राजनीती पाकिस्तान
20:11में भी नहीं हुई है, वहाँ पर इस तरह की पॉलिटिक्स नहीं की गई है, 60% सरकारी गाडियों पर
20:19पाबंदी लगा दी गई है.
20:22भारत में आम लोग घरेलू इस्तमाल के लिए जो रहसोई गयास इस्तमाल करते हैं या जो सामाने पेट्रोल, सामाने डीजल
20:29आपको मिलता है, उसकी कीमते पिछले साल से एक बार भी नहीं बढ़ी हैं, और इसके लिए कई देशों ने
20:35भारत की तारीफ की हैं, हाला कि कमर्शि
20:48यात्राइट डाल दें, तो ये देश में बहुत बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है, आज मैं आपको बड़ी स्कीन पर
20:54कुछ ऐसे आंकड़े दिखाना चाहती हूँ, जिसे आपको ये पता चलेगा कि किसी भी मुद्दे की राजनीती में और उसकी
21:01वास्तविक्ता म
21:02कितना बड़ा अंतर होता है, तो सबसे बड़ी बात यही है कि एक तरफ होता है नारेटिव, जो बनाया जाता
21:11है और एक तरफ होता है फैक्स, तो युद के बाद गैस तेल की कीमत जो बड़ी है वो हम
21:16आपको हर देश का सिलसलवार ढंग से नंबर दिखाना चाहते हैं, तो
21:31व्रिद्धी होई है, और वहाँ पर आप कीमते देखेंगे, तो हर्मूस से उनका सप्लाई कितना है, 38%, अब 38%
21:40सप्लाई होने की वज़े से हर्मूस से, उनका 56.3 प्रतिशत उनके कीमत में बढ़ोतरी हो गई है, हमारा सोस
21:48एक बार दिखा दीजे, हमारा सोस है, ग्लोबल प
21:53के सामने है, साक्षात है, मतलब मलेशिया में 56.3 प्रतिशत का इजाफा, यह आपको देख रहा है, यह देखिए
22:00आप, 54.9% कहां बढ़ा है, पाकिस्तान में, इनका तो 80 प्रतिशत वहां से आता है, 80%, यूएई, अपना
22:09तेल है, फिर भी 52.4 फीज़ी का यहां पर बढ़ोत
22:22किया है, और एक तरफ युद चल रहा है, तो दूसी तरफ वो सोच रहा है कि क्यो ना इस
22:26युद में कीमते साथ के साथ बढ़ा दी जाए, वरना इसकी क्या वज़ा हो सकती है, या तो फिर हतियारों
22:31के लिए पैसाई कठा करना पढ़ रहा है, अमेरिका को, 45.4 फीज़ी ब�
22:52इंपोर्टेंट है कि इनका 50% आता है वहां से, फिर भी इनोंने कीमते 21.7 फीज़ी बढ़ाई है और
22:59यहीं पाकिस्तान की हाले देखे, 80 प्रतिशत वहां से आता है और इनोंने 54.9 प्रतिशत कीमते बढ़ा दी है,
23:06ऐसे या आप देखे, बृतन में भी बढ़ोतरी हुई है
23:08लगबग 19 फीज़ी की, 10% यह वहां से तेल लेते हैं, 61 फीज़ी दक्षर कोरिया का आता है वहां
23:14से हर्मूस से तेल, इनकी कीमते बढ़ी है 19%, जर्मनी की साड़े 13%, 5% से कम वहां से आता
23:21है, जपान इंट्रेस्टिंग है जहां का 95 फीज़ी वहां से आता है, लेकिन इनोंन
23:26से कम वृद्धी की है, इनोंने साड़े 9 फीज़ी के आसपास वृद्धी की है, ब्रजील ने की है 6%
23:33के आसपास, पेन ने 5%, इनका वही 10-15% आता है, लेकिन भारत जिसका 35 से 40% वहां
23:42से आता है, हर्मूस से सप्लाई, यह देखिए, 35 से 40% जिनका आता है वहां से सप्लाई,
23:50वहां पर कोई वृद्धी नहीं की गई है, यहां पर कोई वृद्धी नहीं की गई है, यहां पर कोई वृद्धी
23:58नहीं की गई है, यह आप समझ गए, तो कुल मिलाकर यह सिती है, सबसे जादा वृद्धी अगर आप देखिए,
24:03तो रेट्स में सबसे जादा मलेशिया, प
24:20बताता है कि किस तरह की फरिस्तित्य है और भारत उसका किस तरह से मुकाबला कर रहा
24:25है लेकिन हमारे देश की राजनीती थम्रती नहीं अब विपक्षी जलों की सबसे बड़ी आपती यह
24:30है कि प्रदानमंत्री मोधी लोगों को सोना खरीदने से क्यों रोक रहे हैं उसरार यह क्यों कर रही है कि
24:35लोग क्या खरीदेंगे क्या नहीं खरीदेंगे लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रदानमंत्री मोधी जो बात कर रहे हैं वह
24:40यूपी और कॉंग्रिस की सरकारों में प
25:00सोने के प्रती अपनी भूख कम करनी होगी और कच्छे तेल और रसोई गैस की भी बचत करनी होगी वरना
25:06विदेशी लेंदेन में भारत का गाटा बढ़ जाएगा और यहां इस बात को नोट करिएगा कि डॉक्टर बन मोहन सिंग
25:13ने ये अप्वील साल 2013 में की थी जिब ना त
25:24करते हैं 90 फीजदी से कहीं जादा सोना तो हम बहार से खरीदते हैं उसके लिए हमको अपने डॉलर का
25:31खर्च करना पड़ता है यानि जब संकट नहीं थी तब भी यूपीय की सरकार यह समझ रही थी कि अगर
25:40सोना इसी तरह से लोग खरीदते रहे तो हमें नुक्सान हो सकता
25:43है और वो तब सरकार कह रही थी लोगों से कि कम सोना खरीदी है लेकिन जब संकट है संकट
25:49के कारण प्रदानुती मोदी ने एक साल के लिए सोना नहीं खरीदने की अपील कि है तो कॉंग्रस कह रही
25:53है कि सरकार को क्या हक है वो लोगों को अपने पैसे से सोना खरीदने से र
26:11On the export side, weak demand in our major markets has kept our exports from growing.
26:22Exports have been further hit by a collapse in iron ore exports.
26:27Taken together, these factors have made our current account deficit unsustainably low.
26:50यूपी के उस सरकार में ना सिर्फ लोगों से सोना कम खरीदने की अपील की गई
26:54वलकि उस वक्त सरकार ने सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी भी 4 प्रतिशत से बढ़ा कर 6 प्रतिशत कर दी थी
26:59और पूर्वित्तमंत्री पीचितमरम ने अपनी प्रेस कॉंट्रेंस में भारत के लोगों से कहा था कि उन्हें अब सोना कम से
27:04कम खरीदना चाहिए
27:05उन्होंने ये भी कहा था कि उन्हें उमीद है कि भारत के लोग उनकी अपील सुनेंगे, सोने की इद जादा
27:12मांग नहीं करेंगे
27:13लेकिन आज कॉंग्रस इसी मुद्दे पर प्रधानवंती मोदी का विरोध करती है
27:17भूल जा रही है कि UPA की सरकार में बिना संकट ये फैसला लिया गया था
27:21वो इसलिए भी लिया गया था क्योंकि रुपे को मजबूत बनाए रखने के लिए ये जरूरी है
27:28अपील प्रधानवंती मोदी संकट की घड़ी में कर रहे हैं और ऐसे वक्त में कर रहे हैं
27:43कुल की ओूलiforn फूल झाल समय भी मैं प्रॉट खचाब कर रहे हैं
27:49लुबुट ओllesभ �gorब चा रॉल में यूल श्य। हैं कि वो सुनि नह officially हो खूल कि ब्लाबिटि रुदल आशड,
27:54sowू़
27:55है वो जो कि मूल बाहे हैं यूलge टी। तक में टी। अब्ऴूल आंतिया है
28:12almost minimal gold imports into the country,
28:15it will dramatically change the situation of the current account deficit.
28:39आयात करता है, मतलब बहाँ से खरीदता है, इंपोर्ट करता है,
28:43जब चाइना में सोने की मांग बहुत ज़्यादा बढ़ने लगती है,
28:46तब सरकार इसकी खरीद पर कड़े नियूम लगा देती है, रूल्स, सक्त रूल्स,
28:51एक कोटा सिस्टम बना दिया जाता है, कि इससे ज़्यादा सोना आयात ही नहीं किया जाएगा,
28:57क्योंकि उन्हें अपने करन्सी की चिंता होती है,
29:00अमेरिका को दुनिया का सबसे मजबूत लोकतंतर कहा जाता है,
29:04लेकिन 1933 में उसने भी सोने पर आधारत मुद्रा व्यवस्ता को खत्म कर दिया दिया,
29:08यह एलान किया गया, कि अमेरिका के लोग अपने घरों में सोना नहीं रख सकते,
29:12और इस फैसले के तहट लोगों के घरों में उस वक्त रखा सोना सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया
29:17था,
29:18और हैरानी की बात यह है कि अमेरिका में जब ये हुआ तब वहाँ इतनी राजनीती नहीं हुई,
29:38विभाजन के बाद जब हिंदों मुसल्मानों के दंगे हो रहे थे तब तत्कालीन प्रधानमज़ी पंडित जवाहलाल नहरू ने देश के
29:44हिंदों से मुसल्मानों को अपनाने की अपील की थी
29:481960 के बाद जब अनाज का संकट बढ़ रहा था और अमेरिका के गेहू पर भारत की निर्भरता बहुत बढ़
29:55गई थी
29:55तब भी पंडित जवाहलाल नहरू ने देश के लोगों से फिजूल खर्ची रोग कर अनाज बचाने की अपील की थी
30:01और तब लोगों ने विरोध में कहा था कि क्या वो खाना छोड़ दे
30:06पंडित नहरू के बाद जब लाल बहादुर शास्त्री भारत के प्रधानमंसी बने तब भी भारत में खाद्य संकट कम नहीं
30:12हुआ
30:13और अमेरिका अपने गेहूं को लेकर हमें ब्लैक मेल करने लगा
30:15इसी के बाद लाल बहादुर शास्ती ने रेडियो पर भारत के लोगों से कहा कि वो दावतों का आयोजन बिल्कुल
30:21बंद कर दे
30:21शादियों में कम से कम खाना परोसे
30:24होटेल, रेस्ट्रों में खाना खाना बंद कर दे
30:27किसान जादा से जादा अनाज की पैदावार करे
30:30लाल बहादुर शास्ती की इस अपील के बाद उनका भी विरोध हुआ
30:34और ये तस्वीरे इस बात का प्रमान है
30:36कि तब यूनियन के सेकड़ों लोगों ने उनके घर का घेराव तक किया
30:40इससे आप ये समझ पाएंगे कि ऐसी अपील का राज़नतिक विरोध होता आया है
30:44और इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि जनता भी यही सोच रही होती है
30:48उसी दोर में 1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध के दोरान
30:51लाल भादुर शासी ने भारत के लोगों से हफते में एक वक्त का खाना छोड़ने की अपील की
30:57और जै जवान जै किसान का नारा दिया
30:59उनकी अपील को पूरे देश ने माना
31:031974 में जब अरब और इसराइल देशों के बीच युद्ध होने से तेल का संकट गहराया था
31:08तब भी इंदरा गांदी ने भारत के लोगों से पिट्रोल डीजल बचाने की अपील की थी
31:12लेकिन ये बात आज कॉंग्रस के कई नेता भूल जाते है
31:16वो ये भी भूल जाते हैं कि जब एमजेंसी में हरताले बहुत जादा हो रही थी
31:20और इससे अर्ट वेवस्ता को नुकसान हो रहा था तब भी इंदरा गांदी ने भारत के लोगों से ये अपील
31:24की थी
31:25टॉकलेस वर्क मोर्ड यानि बोलो कम, काम ज्यादा करो
31:29और प्रधानमंत्रियों के अपील करने का ये सलसला आगे भी जारी रहा
31:34लेकिन आज सिर्फ राजनीती करने के लिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोधी का राजनीतिक विरोध करने के लिए
31:39इस मुद्दे को पूरी तरह से सियासी रंग दिया जा रहा है
31:43सोशल मीडिया पर सुबर शाम इस पर बहस हो रही है
31:46और तरह तरह की बाते पहलाई जा रही है
31:48हमने सिर्फ आपके सामने फैक्ट्स रखे हैं
31:51आप खुद तै कीजिए कि क्या ये फैसला देशित में है
31:56या किसी पार्टी के लिए करने की बात है
31:58क्योंकि हमें अपने लिए अपने आने वाली पीडियों के लिए
32:01अपने देश के लिए सूचना है
32:03और वेस्ट एशिया का ये युद भारत ने शुरू किया नहीं है
32:10मैं आज समात के सभी भाई बहनों से
32:14मैं आपके परिवार का सदच से हूँ
32:16इसलिए आगरत से कहता हूँ
32:19और इसमें तो आपको आगे आ करके मेरी मदद करनी पड़े थी
32:27सोने की आयात पर भी
32:30देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश जाता है
32:36मैं आप सबसे देश वास्चों से आगरत करूंगा
32:39कि जब तक हालात सामान्य नहो हम सोने की खड़ीत को टाले
32:48गोर्ड की जरुवत नहीं है
32:52मेरी देश के हर नागरिक से अपील है
32:56जहां संभव हो पैट्रोल डीजल का उप्योग कम करें
33:09आज यहां हम इस बात को भी जोड़ना चाहते हैं कि लोग तो तेल बचाने के लिए work from home
33:14कर लेंगे
33:15अपनी गाडियों की जगर मेट्रो और कारपूलिंग से दफ्तर चले जाएंगे
33:18लेकिन जो हमारे नेता, हमारे माननिय महोदय, हमारे विधायक, हमारे सांसद
33:28उनके काफिले कब छोटे होंगे
33:31क्या वो संकट की इस घड़ी में तेल की कीमत का महत तो समझेंगे
33:36मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार ने पार्टी नेता सौभागी सिंधाकुर को पार्टे पुस्तक निगम का अध्यक्ष बनाया
33:41लेकिन इसके बाद जानते इन माननिय नेता ने क्या क्या समर्थकों के साथ
33:44तुजेन से भोपाल तक कई गाड़ियों का काफिला लेकर निकल पड़े है
33:49और दावा है कि इस काफिले में 5 से 10 या 50 गाड़िया नहीं बलकि 700 गाड़ियां थी
33:57मतलब कैमरा जाही रहा है बस गाड़ियों का ताता खत नहीं हो रहा है
34:03चैट जीपीडी का अनुमान है कि इस बीजेपी नेता ने सिर्फ अपना पदभार समालने के लिए 10,000 लीटर तेल
34:08खर्च कर दिया होगा
34:09लेकिन सोचें नेताओं से तेल बचाने के लिए कौन कहेगा देखें
34:29और अब इन नेता जी को भी देखिए जरा
34:31इन नेता जी का नाम है राकेश सिंग जादौन
34:35इन्हें भी मद्रप्रदेश की बीजेपी सरकार ने खादी ग्राम उद्योग बोर्ट का उपाध्यक्ष बनाए
34:38ये भी लंबा चोड़ा काफिला लेकर पत समालने जा रहे थे
34:41लेकिन इसके बाद आज तक ने इनकी ये तस्वीरे दिखाई और इसके बाद ये इलेक्ट्रिक रिक्षा पर आ गए
34:48देखिए
35:05इन तस्वीरों को देखने के बाद बड़ा सवाल है कि जनता तो तेल की बज़त कर लेगी सोना खरीदना बंद
35:09कर देगी
35:10क्या ये नेता अपना काम करेंगे क्या इनको अपनी जिम्मेदारी का एसास होगा
35:14ये जो सादगी आजकल दिखाई जा रहे है कि एक दो लोग निकल रहे है साइकलों पर
35:19इसमें हाई कॉट जाज जस्टिस डीडी बंसल भी हम आपको दिखा रहे है
35:22सवाल यही है कि लोगों को एक मिसाल पेश करनी होगी
35:26और जो नेता होते हैं उन पर ये जिम्मेदारी होती है कि वो मिसाल पेश करें
35:30गाडियों के साथ टशन से सडकों पर निकलना तेल की चिंता ना दिखाना ये सब कोई अच्छा उदारण है नहीं
35:37बदल ये निता जी
35:51परबात सिर्फ पेट्रोल डीजल बचाने की नहीं बलकि आज बात सोने को लेकर भी है
35:562016 में ADR की एक रिपोर्ट आई थी जिसमें ये वताया गया था कि लोकसभा और राज्योसभा सांसदों के पास
36:01उस वक्त साथ सो दस किलोग्राम सोना था सोना डेक्लेर करना पड़ता है न चुनाओं में तो ADR ने सारा
36:08सोना एड किया
36:10और तब केंद्र सरकार ने एक योजना शुरू की थी जिसका नाम था gold monetization scheme इस योजना के तहित
36:17सरकार ने विकल्प दिया था कि लोग अपने घरों में सोना ना रखकर सरकार के पास इसे जमा कर दे
36:21और बदले में सरकार से इस पर ब्याज लेते रहें लेकिन तब लोग तो क
36:41अमर सिंग ने तो यह कहा था कि अगर उन्होंने ऐसा किया तो उनकी पत्नी का उनसे जगड़ा हो जाएगा
36:46जबकि उनके पास 13.7 kg अतलब लगबक पॉने 14 kg सोना था इमामाली के पास 5.5 kg सोना
36:55था लेकिन उन्होंने भी कहा था कि वो सरकार के पास अपना सोना रखने के बा
37:09सवाल उठेगा कि जनता तो मान लेती है लेकिन क्या हमारे नेता मानेंगे और क्या वो संकट की घड़ी में
37:14अपील पर अमल करेंगे आज एक सवाल और है क्या देशित में सोने की खरीद का त्याग भी नहीं किया
37:22जा सकता आपको ये तस्वीरे याद होंगी जब इरान यु
37:39आज इन तस्वीरों को देखकर ये सोचे कि जब इस देश के लोग इरान के लिए अपने घर का सोना
37:44दान में दे सकते हैं तब कोई विपक्षी नेता इस पर कुछ नहीं बोला लेकिन आज जब इरान के लिए
37:52नहीं बलकि अपने देश के लिए सोना बस खरीदना नहीं है व
38:08बंद करने में कौन सा तूफान आ जाएगा नीक की परिक्षा में एक बार फिर से हमारे देश के 22
38:19,89,000 परिक्षारतियों के साथ धोका हुआ है लाखों युवा डॉक्टर्स बनने का सपना लेकर आते हैं और वो ये
38:28सपना लिए पूरी इमानदारी के साथ 3 माई को परिक्�
38:37कर रहे होंगे अपनी जिंदगी के सबसे बड़े अम्तिहान के लिए बैट रहे थे उन्होंने अपनी मेहनत अपने लगन सब
38:44के साथ तयारी के दम पर परिक्षा दे लेकिन परिक्षा के अगले ही दिन उन्हें पता चला कि नीट यूजी
38:492026 के क्वेशन पेपर में बताए �
38:51देड़ सो से जादा सवाल पहले से लीक हो चुके थे यानि इस परिक्षा में इमांदार परिक्षार्तियों का मुकाबला ऐसे
39:00बेइमान च्छात्रों के साथ था जो पहले से ही डेड़ सो सवालों का सही जवाब जानते थे इमांदार च्छात्रों के
39:09साथ हुआ ये धोका �
39:10इस वक्त देश की सबसे बड़ी खबर है और कई छात्र सगठन पेपर लीग के खिलाफ NTA का विरोध कर
39:16रहे हैं
39:17NTA यानि नाश्रल टेस्टिंग एजनसी जो नीद परिक्षाओं का आयोजन करवाती है
39:22लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस एजनसी की कारेशैली उसके तौर तरीके उसकी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके
39:30है
39:31कि अब ये विश्वस्नियता खोती जा रही है
39:34फिलहाल NTA ने पेपर लीक की शिकायतों के बाद नीद परिक्षा को रद्द कर दिया है
39:38यानि पूरे साल लगन से पढ़ाई
39:41मेहनत दिन रात एक करना
39:44ये बच्चे 12 के बाद भी लगातार रात रात भर जगते हैं
39:50खाना पीना सब बेसुद
39:53सब कुछ भूल कर पढ़ाई में दिन रात एक करते हैं
39:57और ऐसी लगन से पढ़ाई करने वाले चात्रों को NTA की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ेगा
40:02तै ये हुआ है कि चात्रों को दोबारा से परिक्षा देनी पड़ेगी
40:06सोचिए
40:07फिर से वही चक्र
40:09अब परिक्षा के लिए नई तारीख आएगी
40:11नई परिक्षा के लिए चात्रों को नया अवेदन नहीं करना है
40:14पुराने आवद्यन से काम चल जाएगा
40:16चात्रों से अलग से कोई एक्जाम फीस नहीं लिये जाएगी
40:19नया अद्मिट कार्ट जारी किया जाएगा
40:21एक्जाम सेंटर वही रहेगा जहां चात्रों ने एक्जाम दिया था
40:25यानि एक तरह से चात्रों को मजबूरन नया क्वेश्चन पेपर सॉल्फ करना होगा
40:30और परिक्षा की तारीक उन्हें जल्दी ही बता दी जाएगी
40:33नीट परिक्षाएं कराने में NTA की लापरवाही देखिये कि पेपर लीक हो चुका था
40:37उसे पता भी नहीं था और ये खेल बहुत दिनों से चल रहा था
40:42लेकिन इसका खुलासा एक मई को सामने आया
40:46तरसल एक मई को केरल में MBS कर रहे एक चात्र ने सीकर में अपने दोस्त को नीट का एक
40:52गैस पेपर भेजा
40:53गैस पेपर की भईया इसी के आधार पर में पेपर हो सकता है
40:58गैस पेपर का मतलब है अनुमानित सवालों का एक ऐसा सेट जिसके एक्जाम में आने की संभावना ज़ादा है
41:04दो मई को ये गैस पेपर सीकर में PG चलाने वाले एक व्यक्ति को मिला
41:08उसने ये पेपर अपने यहां नीट की तयारी कर रहे चात्रों को दे दिया
41:13तीन मई को जब परिक्षा हुई तो पता चला कि असली क्वेशन पेपर में देड़ सो सवाल वही थे
41:19जो उस गैस पेपर में बताये गए थे और यह बहुत असामानने बात थी
41:23जब पेपर लीक की शकायतों पर हंगामा शुरू हो गया तब 7 मई को NTA ने गड़बड़ी की बात को
41:28गंभीता से लिया
41:29कहा कि यह मामला राजस्तान और उत्राखंड में सामने आया है
41:33गैस पेपर के नाम पर नीट के असली एक्जाइम पेपर के डेड़ सौ सवाल जारी हो चुके
41:40और किसी को कानो कान खबर तक नहीं पहुँची थी
41:45गैस पेपर में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायालोजी के 300 से जादा सवाल थे
41:50ये सारे सवाल हातों से लेके गए थे, ऐसा नहीं था कि इसकी फोटो कॉपी की गई हो
41:54नीट के क्वेश्चिन पेपर में आये 1500 सवालों को पूछे जाने का तरीका भी सेम टू सेम था
41:59नीट की परिक्षा में 4-4 अंकों वाले 180 सवाल आते हैं
42:03मतलब ये है कि सेकड़ों परिक्षार्टियों के पास 720 में से 600 अंक तक हासल करने जितने सवाल पहले से
42:09थे
42:09बहुत से लोगों को संदे है कि ये मामला पेपर लीक का नहीं बलकि इत्तिफाक का है
42:14एक्सपर्ट का मानना है कि अक्सर ऐसा होता है कि असली परिक्षा में गैस पेपर जैसे मिलते जुलते सवाल आ
42:20जाते हैं
42:20लेकिन शब्द शा वही शब्द वही नंबर्स और इतनी बड़ी संख्या 1.500 सवालों की बात हो रही है
42:28एक जैसे हो गए ऐसी संभावना बन गई ऐसी संभावना ना के बराबर है हम ये साफ कहना चाहते हैं
42:36इसलिए ये केस अब सीब्याई को सौंप दिया गया है क्योंकि इसमें कई राजियों में फैले नेटवर्क का हाथ भी
42:42हो सकता है
42:42अभी तक इस मामले में 16 लोगों को हिरासत में लिया गया है
42:45पुलिस ने नाशिक से शुबम खेरनार नाम के एक यूवर्क को गिरफतार किया
42:49रुपए की उसको ये पेपर टेलिग्राम एक पर पूरे के एक यूवर्क के जरिये मिला था
42:54शुबम खेरनार ने ये पेपर 10 लाक रुपए में खरीदा
42:57उसके बाद उसने से हर्याना के एक अन्य खरीदार को 15 लाक रुपए में बेच दिया
43:03यानि हमारे बच्चों के भविश्य की बोली लग रही है
43:09अब तक की जाँच में पता चला है कि नीट का पेपर के नाशिक की एक प्रिंटिंग प्रेस में चापा
43:13गया
43:13यहां से ये पेपर हर्याना पहुचा, हर्याना से जैपुर, जैपुर से सीकर, सीकर पहुचने के बाद
43:19जम्मू कश्मीर, बिहार, केरल, उत्तराखन फैल गया
43:24इसे आप समझ सकते हैं कि तीन माई को कितनी बड़ी संख्या में ऐसे चात्रों ने एक्जाम दिया होगा
43:28जिनको ये डेड़ सो सवालों के जवाब रटे हुए थे
43:30ऐसे में इमांदारी से परीकशा देने वाले चात्रों का उनसे क्या मुखाबला था
43:34इसी वज़े से परीकशा को रद किया गया
43:36हलाकि ये पहली बार नहीं है, जब नीट परीकशा होगा है
43:39साल दरसाल, अब तो पैटर्न है
43:41साल दोजार चौबीस में तो नीट पेपर लीग का मामला सुप्रीम कोड पहुचा
43:45उस साल नीट यूजी का पेक क्वेश्चन पेपर लीग होने से कई सेंटर्स पर परिक्षाओं को रद कर दिया गया
43:51एंट्ये ने शुरुआत में पेपर लीग की ख़बरो को नकार दिया था
43:54लेकिन पुलिस जाच पेपर लीग की बाद सामने आई फिर एक्जाम कैंसल
43:58पेपर लीग की खबर के बाद परिक्षाओं ने सिप्रीम कोड परिक्षा रद करने की अपील की
44:02और तब जाकर ये क्यांसिल विया, कुछी सेंटर्स की परिक्षा हैं रद की गई
44:05और 1549 परिक्षातियों ने दुबारा परिक्षा दी थी
44:09उस साल की परिक्षा में अगर आप देखिए
44:11तो कितने सारे बच्चों के साथ नाइंसाफी हुई
44:28और इस केस में 40 से जादा लोगों की गिरफतारियां हो लेकिन फिलहाल इस केस की फाइल धूल फांक रही
44:33है
44:34क्योंकि उसके मास्टर माइन का आज तक पता नहीं चला
44:36सोचे दो साल पहले जिन परिक्षातियों ने परिक्षा दी थी उनको इंसाफ नहीं मिल पाया
44:42तो पता नहीं 2026 के परिक्षातियों को इंसाफ कम मिलेगा
44:45हमारे देश में पेपर लीक को अपराध माना जाता है
44:50लेकिन गंभीरता से लिया जाता है क्या
44:52पिश्रे साथ वर्षों में 70 से जादा परिक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं
44:57इनमें कई तरह की भरती परिक्षाओं बोर्ट की परिक्षाओं शामिल है
45:01धांदली के मामले में देश के 15 राज्यों में सामने आ चुके हैं
45:05इसमें मुख्य तोर पर राजिस्थान, उत्तरप्रिदेश, मध्यप्रदेश, तलंगाना, गुजराज जैसे राज्ये हैं
45:28लेकिन जादतर मामलों को NTA घलत बताता रहा, साल 2024, 26 को छोड़ दे तो पेपर लीग की खबरे आम
45:34तोर पर अफवा, धोका दड़ी के तोर पर सामने आई
45:36लेकिन फिर भी सवाल यही है कि क्या पेपर लीग के खेल को खत्म करने का कोई उपाय है
45:44और इसी के साथ साथ, आज सवाल यह भी है कि क्या होगा इन बच्चों के भविश्य का, वो कितने
45:51गंभीता से इन एक्जाम्स को लें, क्योंकि सिस्टम तो इन एक्जाम्स को गंभीता से लें नहीं रहा है
45:55यह कुछ लोगों के लिए पैसे कमाई का एक लीक अन अर्न मॉडल बन गया है
46:09यह जो पेपर है, यह पहले भी लीक हुआ, उसके दोसी कौन थे?
46:15हजारों लोगों का भविश्य जो है ताक पे है, दस दस हजार के अंदर यह पेपर पिका है
46:23इस पे बीछे कौन लोग है, उनके खिलाब कड़ी कारवाई होने चाहिए
46:31सीकर से यसी न्यूज आ रही है, कि यह न 720, आउट अप 720, रिजल्ट आने स्वेले लोग तावा कर
46:36रहे है
46:36पतलब भी कही न कहीं, यह साब कितरा था कि एकसाम में कहीं न कहीं लीकेज हुआ है
46:42तो आज के लिए ब्लाक इन वाइट में इतना ही, अब आपसे अमारी अगली मुलाकात होगी
46:45कल रात 9 वजे, खुश रहिए, स्वस्त रहिए, सरक्षत रहिए और
46:48रविवार के दिन ही इनसान रिष्टे संभालता है, बाकी दिन, बाकी दिन किष्टे संभालता है
46:54नमस्कार
46:57यह है डीवी तुडेइ नेवर्क, और आप देख रहे हैं, आज तक सबसे देज
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