00:00This is what we call Sysbenia Acculator.
00:04If we talk about 1-1, we can talk about 12-15 kg of 20 kg,
00:10and if we talk about it, we can talk about 30-45 kg,
00:14such as 20 kg of 20 kg,
00:16and we can talk about 20 kg of 20 kg.
00:19It's the time that we talk about May, June,
00:24and June, we can talk about 20 kg of 20 kg.
00:39and a good day,
00:40to save it like a light on the tree,
00:42and as you know,
00:43it is hints that,
00:43you are able to gather the view of the tree.
00:47It is clear that,
00:48when you talk about the tree,
00:49you give the tree to the tree,
00:51and then you give the tree.
00:53For them,
00:53you will lay down the tree
00:54on the tree.
00:55And the jams will drop the tree
00:59मिट्टी में अगर मिक्स करते हैं
01:00तो जो हमारी जैसे आप
01:02किसी भी फसल को मुक्रूफे मान लीजे
01:04आप धान की खेती करते हैं
01:05तो उसमें जो लगने वाला जो
01:06यूजिया डेपीजी की बात जो आप कर रहे तो
01:23मत्तब उसकी इलेक्टिकल कंडिक्टिविटी में सुधार होगा
01:25उसमें जो एक कैटायन एक्सेंज कैपसिटी जो होते हैं
01:28उसमें सुधार होगा
01:29मिट्टी में मुक्रूफ से जो
01:30जैसे मैं आपको बताएए दलहनी फसले होते हैं
01:32इसमें राइजयो बियम होता है
01:36इसके अलावा जो है जिवास कारण मिट्टी में एड करेगा
01:40जोड़ेगा बाहर से उसके कारण क्या होगा
01:42मिट्टी में मुक्रूफ से जो फायदे मंद बैक्टिरिया होते हैं
01:45केचुआ होते उनकी संक्या निशित रूप से बढ़ेगी
01:47तो आप देखेंगे इसके बहुत सारे फायदे हैं
01:49उसके लावा पानी की जो होल्डिंग केपरसिटी होती है
01:52मिक्टी में होता है पानी कित्ते दिनों तक टिकारा सकता है
01:54उसकी भी छंता में निशित रूप से बिद्धी होती है
01:57और आप मैं यह बताना चाहूँगा
01:59कि जैसे अगर आप एक हेक्टेर में माल लीजे डेचा हुगाते है
02:02तो आपको जब आप उसको खेट में काट कर मिलाते हैं
02:05तो उससे आपको एक हेक्टेर में लगब लगब 80-100 किलो नाइट्रोजन जो है
02:25तो आप देखेंगे इसके जो है फायदे बहुत जादा है बढ़ती हुई
02:28जैसे रसाजनी खेटी बहुत जादा किसान करते तो उसकी जगापे जो अगर आप इन चीजों का अगर समावेश करते हैं
02:34खेटी में तो निस्सित रूप से मिट्टी की सुधार के साथ साथ वातावरनी सुधार भी होगा
02:38और हमें जो है फायदे मंद जो पोसक्तत्तों सभी प्रचूर मातर में पौधे को उपलब दोंगे
02:45पोसक्तत्त तो पोधे में ब्रिदी, बढ़वार, वुरुत्ता और पोधे में जो है कीड विमारी ओवी संग जो है कमी आएगी
02:52और हमें बहुत अच्छा उत्पादन प्राप्त होगा मिट्टी में सुधार होगा
02:55कितने साल में एक बार करना चीज़ को
02:57किसान भाई यों मुक्रूप से इसको तो तीन साल में एक बार करना होता है
03:00तो सबसे अच्छी चीज़ी होती कि किसान पहले खेट का चैन कलने
03:04पूरे खेट में अगर उसको ना करने के बजाए पहले आप एक एकड़ में इस साल के चैन की
03:08Then we come to our next area.
03:11We do the outside of our next area,
03:11we do the outside of the next area,
03:13when we come to our next area,
03:17we do the same area,
03:21this area in our next area,
03:22and if we do this area,
03:25we will have a decrease in terms of this area.
03:26This area of India is also a large area,
03:27which can be less than a close area,
03:27which Can I take this area,
03:34foreign
04:15Thank you very much.
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