Skip to playerSkip to main content
  • 13 hours ago
युद्ध के असर को बेअसर करेगी PM मोदी की अपील? देखें दस्तक

Category

🗞
News
Transcript
00:04दमस्कार आप देख रहे हैं आज तक आपके साथ मैं हूँ सईद अनसारी स्वागत है आपका रात के दस बच
00:11रहे हैं और आप आज तक पर देख रहे हैं दस तक
00:15आज बात लड़े कोई और भरे कोई युद्ध अमेरिका और इरान के बीच हुआ लेकिन युद्ध की चपेट में पूरी
00:23दुनिया आई संकट के बादल अभी छटे नहीं हैं और इस बीच हबारे प्रधान मंतरी नरेंद्र मोदी की अपील ने
00:29बड़े संकट के संकेत दे दि
00:44प्रधान मंतरी ने देशवासियों को दी है अब सवाल यहीं है कि प्रधान मंतरी नरेंद्र मोदी की अपील का मतलब
00:51क्या है क्या युद्ध के कारण हमारे देश भारत का विदेशी मुद्रभंडार दबाव में है क्या कच्चा तेल यानि की
00:59क्रू डॉैल के बड़ी खेमत
01:00ने सर्गारी खजाने का हिसाब किताब बिगार दिया है क्या ये संकट का संकेत है
01:23युद्ध की चनौती से ने बटने का मोदी फॉर्मूला
01:31कोकिंग ओईल और पेट्रोल डीजल पर अपील
01:38गोल्ड पर 365 दिन वाला मोदी प्लान क्या है
01:45क्या पीछे है बटता डॉलर और लुड़कता रुप्या
01:53युद्ध के असर को बेअसर करेगी मोदी की अपील
02:01क्राइसिस मैनेजमेंट का लॉंग टर्म प्लान समझ ये
02:0928 परवरी को अमेरिका और इरान का युद्ध शुरू हुआ
02:12तभी से खाड़ी देशों से आने वाले पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की सप्लाई करीब करीब ठप है
02:18अभी इरान और अमेरिका के बीच संपूर्ण युद्ध विराम पर सेहमती नहीं बनी है
02:22एक बार फिर महा युद्ध के बादल मनरा रहे हैं
02:26लेकिन इसी बीच प्रधान मंतरी नरेंद्र मोदी ने भारत पर मनरा रहे खत्रे की घंटी बजा दी है
02:32सवाल यही है कि प्रधान मंतरी मोदी ने जो कहा क्यों कहा
02:35मोदी ने देशवाचियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील क्यों की है
02:40क्यों कुकिंग ओयल से लेकर पेट्रोल और डीजल के इस्तमाल में कटौती की सलाह दी है
02:45क्या मोदी की अपील क्राइसिस मैनेजमेंट का हिस्सा है?
02:52आज प्रधान मंत्री मोदी की अपील का हम विश्लेशन करेंगे
02:56एक साल तक सोना नहीं खरीदेगा भारत तो क्या होगा?
03:00पेट्रोल और डीजल की बचत करेगा भारत तो क्या होगा?
03:03कुकिंग ऑईल में कटोती करेगा भारत तो क्या होगा?
03:07युद्ध के चलते पेट्रोल डीजल में कटोती तो समझ में आती है
03:10लेकिन एक साल तक सोने से दूरी बनाने की अपील को डेकर लोगों के मन में कई सवाल है
03:15सबसे पहले सुनिये प्रधान मंत्री मोदी ने सोने के कहने खरीदने वालों से क्या कहा?
03:25गोल्ड यानि सोने की खरीद एक और पहलू है जिसमें वीदे सी मुद्रा बहुत अधिक खर्च होती है
03:37एक जमाना था जब संकट आता था कोई युद्ध होता था तो लोग देश हित में सोना दान दे देते
03:53थे
03:53आज दान की जरुरत नहीं है लेकिन देश हित में हमको ये तै करना पड़ेगा
04:04कि साल भर तक घर में कोई भी फंचन हो कोई भी कारकम हो हम सोने के गहने नहीं खरी
04:16देंगे
04:17सोना नहीं खरी देंगे
04:21खोल पर P.M. Modi की स्ट्राइक का असर आज जूल्डी इंडस्टी पर दिखा
04:25स्टॉक मार्केट पर दिखा
04:27देश भर के जूल्डी कारोबारी बांते हैं कि P.M. Modi की अपील बानकर
04:31लोग सोने के गहने नहीं खरीदेंगे तो जुल्डी इंडस्टी का भटा बैट जाएगा
04:35सेक्टर से जुड़े लोगों की रोजी रोटी पर संकट आ जाएगा
04:39वही सोने को लेकर पियम मोदी की अपील का निगिटिव असर शेर बाजार पर दिखा
04:44क्योंकि निवेशिकों ने अपील को आने वाले वक्त में किसी बड़े संकट का संकेत माना
04:50अब सरल शब्दों में समझ ये पियम मोदी ने एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील क्योंकि
04:55मोदी के दिमाब में सोने को लेकर क्या चल रहा है
04:58दरसल भारत हर साल करीब 6 लाक करोड का सोना आयात करता है
05:03विदेशों से आया यही सोना भारत के बाजारों में बिकता है
05:06लेकिन विदेश से जो सोना भारत पहुंचता है उसकी पेमेंट डॉलर में की जाती है
05:11यानि भारत को सोने के बदले रकम चुकाने के लिए डॉलर चाहिए भारत को डॉलर खरीदना पड़ता है
05:17युद्र के बावजूद सोने के आयात में कोई कमी नहीं आई है
05:20ऐसे में डॉलर की डिमांड बनी हुई है
05:22ये तब है जब डॉलर के मकाबले रॉपिया लगाता लड़कता जा रहा है
05:27इसकी एक वज़े भारत का निर्यात के बजाए आयात पर निर्भर होना है
05:31लहाज़ा भारत को भुक्तान करने के लिए डॉलर चाहिए
05:34और मौजूदा हालात में डॉलर खरीदने में ज्यादा रॉपिये चुकाने पड़ रहे है
05:41साथियों हमें विदेजी मुदरा बचाने के जो भी रास्ते हम अपना सकते हैं हमें बचाना होगा
05:52एक्सपर्ट मानते हैं कि पियम मुदी की अपील के पीछे तीन बड़ी वज़े हैं
05:56वज़े नमबर एक युदकाल में अनिश्चताओं के बीच गोल कम खरीदने से एकॉनमी स्थिर रहेगी
06:01क्योंकि हम डॉलर पर कम खर्च करेंगे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम पड़ेगा
06:06वज़े नमबर दो सोना आयात करने के बजाए गोल्ड रिसाइकल पर जोर होगा
06:11नए सोने की जूलरी खरीदने के बजाए लोग अपने पास रखे सोने के पुराने जेबरों को रिसाइकल कर सकते हैं
06:17ताकि जूलरी इंडस्ट्री पहले की तरह चलती रहे
06:20ऐसा होने पर विदेश से सोना नहीं खरीता पड़ेगा जिससे डॉलर की जरूरत नहीं पड़ेगी
06:25वज़े नमबर ती युद के चलते सभी मुलकों की अर्थ विवस्ता पर सीधी चोट पड़ी है
06:30क्रूड ओयल और खाग किदामों में आग लगी हुई है
06:34हर जैसे मुलक के सामने युद के असर कम करने के विकल्पों में आयात में कटोती एक कागर रणीती हो
06:40सकती है
06:43डॉलर के मुकाबले हमारा भारती रुपिया लगातार गिरता जा रहा है
06:48आज एक डॉलर की कीमत करीब 75 रुपए है
06:51जबकि युद के पहले एक डॉलर 91 रुपए के खरीब था
06:55मतलब युद के चलते चार रुपए टूट चुका है हमारा रुपए और चार रुपए डॉलर मजबूत हो गया है
07:01और ये तब है जब क्रूड ओयल के कीमत लगातार बढ़ रही है
07:04ऐसे में युद काल में मजबूत होते डॉलर के साथ साथ
07:07क्रूड ओयल के दामों में हुई बढ़ोतरी ने हमारे देश भारत के लिए खत्रे की घंटी बजा दी
07:18एक्सपर्ट मानते हैं कि आयात पर बोज़ कम करने का सीधा असर
07:22लुढकते रुपे को सुधारने और विदेशी मुद्रा भंडार को सही लेवल पर बनाए रखने पर पड़ेगा
07:27अब इसे भी समझ है इरान और अमेरिका युद का असर भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ा है
07:45यानि विदेशी मुद्रा भंडार में बाहत के बजाए दो महीने में 38 अरब डॉलर की कमी आई है
07:50विदेशी मुद्रा भंडार में आई कमी की बज़े है युद्ध के बाद दाम बढ़ने से भारत के आयात पर बहाँ
07:56खर्च है
07:58अगर युद्ध चलता रहा और भारत में आयात होकर आने वाले सामान की खीमते बढ़ती रही तो विदेशी मुद्रा भंडार
08:04का पूरा भाही खाता बिगड़ जाएगा
08:08हमें पैट्रोल डीजल का उप्योग कम करना होगा
08:14शहरों में जहां मेट्रो है वहां अमतय करें कि हम मेट्रो का ही उप्योग करेंगे
08:24जादा से जादा मेट्रो में ही जाएंगे
08:28अगर कार में ही जाना जरूरी है तो फिर कार भूल करने का प्रयास करें और भी लोगों को साथ
08:39बिठा ले
08:39अगर हमें कहीं सामान भेजना हो तो कोशिश करनी है कि वह जादा से जादा रेलेवे गूर्ट के जो ट्रेन
08:55होती है रेलेवे की सर्विसिस से भेजे
09:01आंक्रों के वताबिक भारत 11,00,000 का क्रूड ओईल आयात करता है एक लाक एक सथ हजार का कोकिंग
09:07ओईल आयात करता है तो वहीं 6,00,000 का सोना भी आयात करता है पेट्रोल और डीजल के इस्तवाल
09:13में कटोती संभब है लेकिन सीमित दायरे में वहीं विदेशों से आने वाले को
09:28कोकिंग ओईल और सोना बहुत जरूरी नहीं है कुछ वक्त के लिए इसमें बड़ी कटोती की संभावना है ऐसे ही
09:36खाने के तेल का भी है इसके आयात के लिए भी बहुत बड़ी मास्त्रा में हमें विदेशी मुद्रा खर्च करनी
09:48पड़ती है हर परिवार अगर खाने के त
09:57तेल का जो उप्योग करता है कि अगर वो कुछ कमी करें मैंने बार-बार कहा है दस परसंट कम
10:05करो अगर हम तेल खाना कम करें न तो भी वो देश्वक्ति का बहुत बड़ा काम है आप देश सेवा
10:16में योगदान दे सकते हैं और इससे देश सेवा भी होगी और देश सेवा �
10:32अगर युद लंबा खिचा तो भारत में पेट्रोल डीजल और गैस का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है क्योंकि एरान
10:38और अमेरिका के बीच बात नहीं बनी तो क्रूड ऑईल और गैस के दाम अभी और बढ़ेंगे दाम बढ़ेंगे तो
10:44खरीद के लिए ज्यादा विदे�
10:58लड़ रहे हैं लेकिन नुकसान भारत को भी उठाना पड़ रहा है
11:19प्रभावित हो रही है प्रधान मंत्री मोदी की अपील पर लोग क्या कह रहे हैं और क्यूं विपक्ष ने इसे
11:24मुद्दा बना लिया है आईए हम आपको दिखाएं
11:38जब इरान और अमेरिका के बीच दनातनी कम नहीं हो रही है
11:43ऐसे में प्येम मोदी की देश की जनता से अपील बड़ी चर्चा का विशय बन गई है
11:48प्येम मोदी की साथ सूत्रिय उपायों की कड़ी दो चीजों से जुड़ी है
11:52एक तो पेट्रोल डीजल का सीवित उप्योग, दूसरा एक साल तक सोना ना खरीदने की अपील
11:59तो आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं कि प्येम मोदी की साथ सूत्रिय अपील के पीछे का मकसद क्या
12:05है
12:05अब सवाल ये है कि इरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच युध 28 परवरी से चल रहा है
12:10लेकिन पाथ टाजियो में चुनाओ के बाद, जैसे ही प्येम मोदी ने ये अपील की, तुरंत विपक्ष ने इसे लपक
12:16लिया
12:16और सरका की नाकामी से जोड दिया
12:19रहुल गाजी ने एक स्पोस्ट में लिखा है कि ये उपदेश नहीं, ये नाकामी के सबूत है
12:24बारा साल में देश को इस मुकाम पर लाद गया है कि जनता को बताना पढ़ रहा है क्या खरीदें,
12:29क्या ना खरीदें, कहां जाएं, कहां ना जाएं
12:32हर बाद जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं, ताकि खुद जवाब देही से बच निकलें
12:36देश चलाना अग कॉंप्रमाइस दीयम के बस की बात नहीं
12:40पिये मोदी की अपीर पर अखिलेश आदव ने भी सीधा हमला बोला
12:43उन्होंने लिखा कि चुनाव खत्म होते ही संकट याद आ गया
12:47दरसल देश के लिए संकट सिर्फ एक है और उसका नाम है भाजपा
12:52आम मध्यम वर्ग है या आम लोग है उनसे सोरा नहीं खड़िने की बात करना है
12:58वो तो मंगल सुचीनने वाली बात होगी जो कि वो लगातार चुनाव में कहते हैं
13:01कि विपक शागात मंगल सुचीन लगा वो तो आप चीन रहा हैं
13:04ये क्योल नैतिक भाशन ना दे को ठोस कारवाई करें
13:07चारिटी बिगेंस एट होम में कहना शाओंगा
13:09ये सारा ग्यान चुनाव भर याद नहीं आया मोदी जी को
13:14तब कहरे थे कोई कमी नहीं है पूरा भंडार भरा हुआ है
13:19कोई समस्या नहीं है
13:22लेकिन जैसे ही पांच राज्यों के चुनाव खतम हुए
13:27नरेंद्र मोदी जी के कंधे जुक गए
13:30विपक्ष का आरोप है कि सरकार की ना तो नीटी सही है और नहीं नियद
13:34हलाकि ये भी सच है कि जब देश इरान अमेरिका युद से अब तक बेफिक्र नदर आ रहा था
13:39तब चुनाव के बाद अचानक से प्रधानमंत्री की अपील चौका रही है
13:43हलांकि सरकार और एंडिये के निताओं का दावा है कि देश में संकट नहीं केवन सदर्शता बरस्मे की बाद कही
13:50गई है
14:08अगर प्रॉबलें ग्लोबल प्रॉबलम है
14:19अगर प्रॉब्लेम है और क्रैसेज है तो वो मैनेजमेंट सरकार का काम का है नहीं, उनको धन्वाद देना चाहिए प्रदान
14:26मंत्री को, इतना रिमार्कबल मैनेजमेंट है
14:29अब आम जनता और व्यापारियों की राय भी जान लेते हैं कि पीएम मोदी की अपील पर ये सब लोग
14:34क्या कह रहे हैं
14:37हमारे देश के प्रदान मंत्री जी को इस दिसे में कुछ सोचना चीए कि ऐसा नहों कि एक साल तक
14:43बिल्कूर सब लोग इसका बाइकट करेंगे, सोना नहीं खरेदेंगे, तो दुकांदारी कैसे चलेगी
14:50तो सब लोग कहा जाएंगे
15:08एक्सपर्ट यही मान रहे हैं कि प्येम मोदी की अपील कोई अचानक से लिया गया फैसला नहीं है
15:13इस समय दुनिया एक बड़े संकट से गुजर रही है
15:15मिडल इस्ट में युद्ध के चलते स्टेट ओफ फॉर्मुस डॉक है जिससे तेल की सप्लाई में दिखाता रही है
15:21दुनिया के लगभग 20 से 25 प्रतिशत क्रूड ओईल की सप्लाई स्टेट ओफ फॉर्मुस से होकर गुजरती है
15:27इसके लावा बड़ी मात्रा में नेचरल गैस भी इसी बाट से दुनिया के अलग लग देशों तक पहुचती है
15:32सौधी अरब, एरा, खुवेद, अधर और युई जैसे बड़े तेल उत्पादक देश अपना तेल इसी रास्ते से निर्याद करते है
15:40और अगर भारत की बात करें तो देश के कुल आयाते तेल का लगभग 35 से 40 पीस दी हिस्सा
15:45इसी बात से होकर आता है
15:47इसलिए भारत समेथ कई देशों में तेल की खीमतों पर इसका असर पड़ रहा है
15:51अतराश्य बादार में कच्छे तेल यारी कुरूड ओईल की कीमते 105 डॉलर पती बैरल तक पहुच गई है
15:57फाल फिलाल ही इसमें 120 डॉलर का स्तार भीच हुआ है
16:02भारत के इंपोर्ट का बहुत बड़ा हिस्सा कुरूड ओईल है
16:09और दुर्भाग्य से जिस छेत्र से दुनिया के बड़े हिस्चे को तेल मिलता है
16:18आज वही छेत्र संगर्स और युद्ध की स्तिति में उल्जा हुआ है
16:24और इसलिए जब तक हालाद सामान्य नहीं होते
16:31हम सक को मिलकर छोटे छोटे संकल पर लेने हो
16:38ऐसी सिति में सरकार चाहती है कि हम उन चीजों पर पैसा बचाएं जो बहुत जरूरी नहीं है
16:43ताकि देश की अर्थ प्यवस्था पर दबाव कम हो सके
16:45बात सोने की करें तो भरत में सोना सिर्थ एक कहना नहीं है
16:49बलकि ये बचत और परंपरा का हिस्सा है
16:52एक्सपर्ट के मताविक हर साल 600 से 700 टन सोना आयात होता है
16:56और दिर्यात बहुत कम है
16:57इसलिए ये सोना घरों में जमा हो गया है
17:00घरों में मौझूद सोने को लेकर अलगलग अरुमान है
17:03लेकिन आमतोर पर इसे 25,000 से 27,000 टन माना जाता है
17:07आपको बता दें कि भारत अपनी जरूरत का 90,000 से अधिक तोना आयात करता है
17:13वर्ड गोल्ड काउंसल के मताविक फरवरी 2026 तक भारत के पास करीब 880 टन अधिकारिक सोना था
17:20इस मामले में भारत दुन्या में नौवे स्थान पर है
17:23अमेरिका, जर्मनी, आयमेफ, इटली, फ्रांस, रूस, चीन और स्विजरलेंड भारत से आगे हैं
17:28प्रधान मंत्री की अपील ऐसे समय में आई है जब भारत का सोना बाजार पहले से ही सप्लाइ संकट का
17:34सामना कर रहा है
17:35वर्ल्ड कोल्ड काउंसिल के 31 मार्च 2006 तक के आंकरों के मताविक, जनवरी से मार्च 2016 तिमाही में भारत में
17:43जूर्डी डिमांड पिछले साल की इसी तिमाही के दौरान से 19-20 कम है
17:472025 की पहली तिमाही में जहां ये 82 तन थी वही इस साल की पहली तिमाही में ये घटकर खरीब
17:5466 तन रह गई
17:55इस घिरावट की वज़े से उची तीमतों के कारण मांग में कमी नहीं मानी जा रही
17:59बलकि आयात प्रक्रिया में प्रशासनिक और परिचालन संबंधी कुछ बाधाओं को भी इसके लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है
18:06लेकिन आर्थिक तजरिये से देखें तो सोना और कच्चा तेल ही दो ऐसी चीजे हैं जिनकी वज़े से भारत का
18:12सबसे ज्यादा पैसा बाहर जाता है
18:14प्रधान मंतरी ने साफ किया कि तेल तो फैक्टियों और गाडियों के लिए जरूरी है लेकिन सोने की हरिदारी को
18:20कुछ समय के लिए टाला जा सकता है
18:22भारत हर साल करीब 700 से 800 टन सोना विदेशों से मगाता है
18:27इस सोने के बदले हमें डॉलर में भुक्तान करना पड़ता है
18:30जब डॉलर डेश से बाहर जाता है तो डेश के खजाने यानि विदेशी बुद्रा भंडार पर बोज़ बढ़ता है
18:36मास दोहजार शब्रीस तक भारत के पास करीब 691 अरब डॉलर का भंडार था
18:41जो करीब 11 महीने के आयात के लिए काफी है
18:44लेकिन अगर तेल की खीमते इसी तरह बढ़ती रही तो ये भंडार तेजी से खाली हो सकता है
18:49इसलिए सोने जैसी चीजों पर लगाम लगा कर विदेशी बुद्रा बचाना सरकार की का मिक्ता बन गई है
18:55सोने की आयात पर भी देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश जाता है
19:04मैं आप सबसे देश वाच्चों से आगरा करूंगा
19:08कि जब तक हालात सामान्य नहो हम सोने की खड़ीद को टाले गोल्ड की जरूरत नहीं है
19:21इसका मतलब ये है कि जब कच्चे तेल की ख़िमते तेजी से बढ़ती है
19:25और सोने का आयात उचा बना रहता है
19:27तो भारत को इस आयात का भुतान करने के लिए बहुत ज़्यादा डॉलर की जरूरत पढ़ती है
19:32और इसलिए पिएम बोधी ने एक साल तक सोना ना खरीदने की अपील की है
19:36आज तक प्योरो
19:40एक बड़ फर अमेरिकी राश्वती ट्रम्प युद्ध पर लोटाएं
19:44एक बड़ फर से अमेरिकी राश्वती ट्रम्प ने एरान पर विध्वन्सक हमले की सबसे बड़ी चेतावनी दी है
19:50कारण है एरान की तरफ से अमेरिका को भेजा गया शानती प्रस्ताव
19:55ट्रम्प ने दूसरी बार इरान के श्रानती प्रस्ताव को ठुकरा दिया, ऐलान कर दिया कि इरान का परमानू प्रोग्राम हमें
20:02स्वीकार ने
20:03जब तक इरान अपना एन्रिज्ट यूरेनियम छोड़ने को तयार नहीं होगा, तब तक कोई समझाता नहीं होगा
20:10तो क्या इरान को चुकाने के लिए अमेरीकी राश्पती ट्रॉम्प एक बाट फिर इरान पर करेंगे भी श्राना, वद्ध्वन सक
20:17हम दो
20:33अमेरिका इरान में फिर महा युद्ध के संके
20:42क्या इरान पर किसी भी वक्त हमला करेंगे ट्रॉम्प
20:48इरान की चेतावनी हमला हुआ तो पलट वार
20:56अमेरिका और इरान की सेना आमने सामने
21:02लॉट के ट्रॉम्प इरान के साथ युद्ध पर आएंगे
21:29अमेरिका और इरान के बीच पीस दील की उम्मीद को बाँ छटका लगा है
21:33क्योंकि अमेरिकी राजपती ने इरान की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव को सिरे से खारिच कर दिया
21:38मैंने इरान के प्रतिनिधियों का जवाब पहा
21:41मुझे ये बिलकुल पसंद नहीं आया
21:43इसे किसी खीमत पर स्वीकार नहीं किया डा सकता
21:46दरसल इरान ने रविवार को पाकिस्तान के जर्ये अमेरिका को अपना नया प्रस्ताव भेजा था
21:52प्रस्ताव में युद्ध खत्र करने की शर्तें
21:54फारस की खाड़ी और होर्मुज में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने
21:58इरान पर लगे प्रतिबंद हटाने और परमानुज प्रोग्राम को लेकर इरान ने अपनी शर्तें अमेरिका को बताई थी
22:03इरानी मीडिया में छपी रिपोर्ट के मताबिक पीस दील में सबसे बड़ा रोड़ा है
22:08इरान के परमानु प्रोग्राम को लेकर ट्राम्प की तरफ से रखी गई शर्थ
22:11वही शर्थ जिसे इरान कबूल करने को तैयाद नहीं है
22:15इरान यही चाहता है कि पहले अमेरिका प्रतिबंद हटाए
22:18तभी एंडिश्ट यूरेनियम को लेकर कोई बात होगी
22:21वही ट्रम्प ने इरान के सामने शर्थ रखी है कि इरान को अपना परमानु प्रोग्राम बंद करना होगा
22:26और 440 किलो एंडिश्ट यूरेनियम उन्हें सौपना होगा
22:31इरान जब अमेरिकी शर्थों को पूरा करेगा तभी प्रतिबंद हटाने को लेकर कोई वैस्ता होगा
22:36वहीं दूसरी तरब खर्बोज को लेकर भी अमेरिका और इरान के बीक गहरे बद भेध है
22:40इरान की शर्थ है कि हुर्मुज उसके कंट्रोल में था और आगे भी रहेगा
22:45यही नहीं अमेरिकी नेवी को इरानी बंदरगाहों की नाके बंदी हटानी होगी
22:50कुछ इसी तरह इरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को लेकर भी अमेरिका के आगे छुकने को तयार नहीं है
22:55इरान मानता है कि उसका मिसाइल प्रोग्राम इरान की सुरक्षा का मामला है लहाजा उससे कोई समझवता नहीं होगा
23:01जब कि अमेरिका और इस्राइल चाहते हैं कि इरान अपने परवानों प्रोग्राम के साथ साथ बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को बंद
23:08करे
23:31है लीगीत है लुगीत प्रोग्रों का से है क्ष़ अफनी अपश्रीघी भाल को च्राइला को पिस्लेख बिस्लेश एफ्लार टे बीट
23:49घ्विल्स का मिस्टात कर दून को रुप्राम के
24:03रिपोर्स के मताबिक एरान अपने पर्मानू प्रोग्राम और एन्रिच्ट यूरेनियम पर समझोता करने को तयार नहीं है इरान का कहना
24:10है कि उनका प्रस्ताव वेभारिक है और अब पैसला अमेरिका को करना है अगर अमेरिका उनके प्रस्ताव को स्विकार करने
24:16के बजाए �
24:17युद्ध को चुटता है तो इरानी सेना भी अमेरिकी हमने का मुटोर जवाब देने के लिए तयार है अमेरिका को
24:23इरान की तरफ से भेजा गया नया प्रस्ताव उचित और उदार है जबकि वाशिंग्टन ने इसे अस्विकार ने बता कर
24:29खारिज कर दिया था हम दादाग
24:43जन्ता के खिलाब कारवाई करने वालों से हिसाब बराबर नहीं किया है अगर हमारे सशस्त्र वालों को कोई अफसर दिया
24:50जाता है तो निश्चत रूप से इसका सरवोत्वम उप्योप किया जाएगा इरान ने इशारे इशारे में इसराइल पर हमले की
24:57चेतापनी दी है इ
25:12इरान के साथ युद अभी खत्म नहीं हुआ है वहीं दूसरी तरफ इरान के उप विदेश मंतरी काजेम गरिबाबादी ने
25:19हुरमुस को लेकर अमेरिका और योरोप को सीधी धंकी देते हुए कहा है अगर किसी दूसरे देश ने हुरमुस की
25:26सुरक्षा में दखल देने की क
25:39प्रांस और बिटन अपने युद पोतों को शेत्र में भेजने की तैयारी कर रहे हैं जहाजों की सुरक्षा के नाम
25:45पर विदेशी युद पोतों की तैनाती वास्तव में शेत्र का सैनी करण बहाने की कोशिश है
25:51मतलब यही है कि अभी जो तस्वीर सामने है उससे ये साफ है कि एरान और अमेरिका संपूर्ण युद विराम
25:57की तरफ नहीं बलकि बहाँ युद की तरफ बढ़ रहे हैं आज तक ब्योरो
26:04और आए अब हम आपको इरान की राजधानी तहरान से आज से किसम वादाता गीता मोहन की वर्ल्ड एक्स्क्लोसिव रिपोर्ट
26:11दिखाते हैं
26:11गीता मोहन इरान की उस तजरीश स्क्वाइर पर पहुंची जहां इरानी जंडों के साथ लोगों का हुजूम मरता है
26:19ये लोग इरान के मिनाब शेहर के स्कूल पर हुए हमले में मारी गई 168 चात्राओं को शद्धान जली देने
26:25आते हैं
26:26और साथ ही इरानी जंडों के साथ ये दिखाने आते हैं कि अमरिका और इस्राइल के साथ युद्ध में वो
26:32अपने देश के साथ खड़े हैं
26:33वो युद्ध नहीं लड़ सकते तो क्या हुआ अपने देश का होस्ता तो बढ़ा सकते हैं
26:37तो आईए हम आपको दिखाएं इरान के इस तज्रीश स्क्वेर से वर्ल्ड एक्स्क्लूसिफ रिपोर्ट हमारी समफवादाता गीता मोहन की
26:5928 वर्वरी ये तारीख इरान कभी नहीं भूल सकता है
27:06इसकी दो बड़ी वज़े हैं एक तो अमेरिका और इसराइल ने धोके से इरान पर हमला बोला और इरान पर
27:11युद्ध ठोप दिया
27:18दूस्ता अमेरिका और इसराइल के इस हमले में इरान के मीनाव शहर के स्कूल में 168 छात्राइं बारी गए
27:28इरान के जख्म हरे हैं उन बेकसूर छात्राओं को शद्धांजली देने के लिए तेहरान के तजदीश स्कुएर पर आज भी
27:35भीड जुटती है
27:36आप देख सकते हैं यहां छात्राओं के पोस्टर लगे हैं जो स्कूल से कभी लॉट कर नहीं आई
27:4228 फरवरी को जब मिनाब के एक स्कूल पर हमला हुआ तो 168 बच्चे लड़कियां मारे गए
27:52तजुरी स्क्वेर पे हैं हम तहरान के जहां पर उन बच्चियों को रोज याद किया जाता है
28:00यहां पर लोग आते हैं इन ही बच्चियों को याद करते हैं आज International Mother's Day है
28:06जहां दुनिया भर में लोग माएं अपने बच्चों के साथ इस दिन को मनाते हैं
28:13आप सोचिए उन माओं का जो अपने बच्चों को खो चुके हैं और जो ये दिन कभी नहीं मना पाएंगे
28:25मैं भी एक माँ हूँ इसलिए मैं समझ सकती हूँ कि बेटे या बेटी को खोना कितना दर्दनाक होता है
28:31ज़रा सोचिए आप अपने बच्चों को स्कूल छोड़ते वक्त बाय कहते हैं और वो कभी वापस नहीं आते
28:38और आपको उनके शरीर का कोई हिस्सा तक देखने को नहीं मिलेगा
28:42सिर्फ यादें रह जाती हैं जैसे कि उनकी कोई किताब
28:47ये सिर्फ दिल दहला देने वाला नहीं है बलकि भयानक है
28:50ये एक आपदा है कैसे दुनिया इस सब के सामने चुप रह सकती है
28:55और कुछ नहीं कह सकती हम पूरी रात यहां सिर्फ ये कहने के लिए आए हैं
29:00कि हम उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे हम उन्हें कभी नहीं भूलेंगे
29:04और हम उनकी माताओं उनके परिवारों के साथ हैं
29:17तजरी स्क्वेर इरान की राजधानी तेहरान के उतरी भाग में स्थित
29:21एक बहुती प्रसिद वेस्ट और एतिहासे के लाका है
29:24ये शमीर नाफ जिले का केंडर है
29:26और तेहरान के सबसे पुराने और सबसे सक्री स्थानों में से एक माना जाता है
29:31हम यहां तजरी स्क्वेर पर हैं
29:34और अगर आपको मैं दिखाऊं जो नजारे हैं यहां के
29:39वहाँ पर हर एक इंसान या हर दूसरा इंसान इरान के जंडे को पकड़े हुए है
29:48कहा जाता है कि जब ये वाल शुरू हुआ, ये यूद्स शुरू हुई
29:53तो फ्लैग सबसे ज़ादा बिकने लगे
29:57अब क्यूंकि सब के पास फ्लैग है तो सेल कम हो चुका है
30:01लोगों से बात किया हमने वो कैमरा पर नहीं आना चाहते हैं
30:05कहते हैं कि ब्लैग बेचने की चीज नहीं है, ये प्राइसलेस है
30:10तो हम वो लोग नहीं दिखना चाहते हैं जो अपने नाशनल फ्लैग को बेचते हैं
30:16इसलिए कैमरा पर नहीं आ रहे हैं
30:17लेकिन उनसे बात किया तो पता चला कि जब वो शुरू हुआ और जब पीक पर था
30:23तब सबसे ज़ादा सेल यहां पर इन जंडों का हुआ
30:27और नकिवल जंडे, देखिए मैसेजिंग क्या है
30:30लोग रोज आते हैं यह कहते हैं कि हम जंड लडने बैटल फील्ड पे नहीं जा सकते
30:36तो यहां खड़े हों के जंड का अपने देश का साथ देंगे
30:40लेकिन अगर आप यहां देखें तो बहुत और चीज़े भी बिक रही हैं
31:07आपको बता दें कि इरान और अमेरिका के बीच अभी तक कोई डील नहीं हो पा रही है
31:11अमेरिका के इरान का प्रस्ताव ठुकराने के बाद अंतराश्टिय बाजार में
31:15ब्रेंट क्रूड एक तो चार डॉलर प्रती बैरल के बार पहुँच गया है
31:18हुर्मुस संकट के चलते सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ी
31:22जब दुनिया में तेल के दाम बढ़ रहे हैं
31:24उस वक्त इरान में पेट्रोल पंप पर तेल के दाम सिर्फ दो रुपे प्रती लीटर है
31:29देखिए तेहरान से आज तक समधा था गीता मोहन की ये रिपोर्ट
31:34आज हम तेहरान में खड़े हैं एक ऐसे देश में जहां तेल की कमी
31:38रिफाइनरी अभी भी हिट नहीं हुए तो तेल की कमी नहीं महसुस हो रही
31:42हमारे पीछे एक पेट्रिल पॉंप है जहां पर आज के डेट में भी दो रुपे पर लीटर यहां पर तेल
31:50बिक रहा है
31:51तो जो प्राइस डिफरेंस है उससे पता चलता है कि एरान को इस पूरे स्ट्रेट ओफ हॉमूस के बंद करने
31:57पर कोई असर नहीं हो रहा
31:59लेकिन दुन्या को हो रहा है तो ज़रूरी यह है कि अमेरिका, इस्रेल और इरान निगोशियेटिंग टेबल पे पहुँचे और
32:05इस युद को अंत करे क्योंकि ये युद आज अंत हो और कल स्ट्रेट ओफ हॉमूस खुल जाए तब भी
32:11इस ग्लोबल एनरजी क्राइसिस को
32:13सलजने में काफी वक्त लग जाएगा
32:22हुरमस में तनाव बढ़ता ही जा रहा है
32:24अमेरिका ने दावा किया कि नाके बंदी के बाद 65 जहाजों ने रास्ता बदला
32:28वही गतर, डक्षिन कोरिया और दूसरे देशों के जहाजों पर हमले और रुकावट की घटाएं सामने आई है
32:34तहरान से गीता मोहन के साथ आज तक बेरो
32:59अमेरिकी राष्ट्रपती ट्रंप की धमकियों और उसके बाद दिये गए इरान के जवाब पर बात करेंगे
33:04हमारे साथ जुडने के लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया सर
33:09पहले बाद प्रस्ताव की
33:10इस बार के प्रस्ताव में क्या अलग था
33:12अमेरिकी प्रस्ताव को लेकर
33:14क्या दिक्कतें थी और आपका काउंटर ओफर क्या था
33:17साथ ही ट्रम्प ने इसे मनजूर क्यों नहीं किया
33:29मुझे लगता है कि आपको इसे
33:31खास संदर्ब में समझना होगा
33:34पिछले दस साल से ज्यादा समय से
33:36अमेरिका के साथ हमारी राजनाईक प्रक्रिया चल रही है
33:44इसी के तहट हमने साल 2012 से पहले भी
33:47परमानु मुद्धे पर वार्ता की
33:49लेकिन 2012 में उस प्रक्रिया की शुरुआत हुई
33:52जिसके कारण 2015 में जेसी पी ओए का गठन हुआ
34:02फिर 2018 में अमेरिका ने जेसी पी ओए से एक तरफा हटने का फैसला किया
34:08इरान ने लंबा इंतजार किया
34:10इस उम्मीद में कि यूरोपिये साज़ेदार किसी तरह अमेरिकी वापसी की भरपाई करेंगे
34:19पर उन्होंने ऐसा नहीं किया
34:21इसलिए मई 2019 में इरान ने अपनी प्रतिबधता कम करने का फैसला किया
34:26हम हर दो महिने में अपनी प्रतिबधताएं घटाते रहे
34:30ताकि अन्य पक्षों को इसकी भरपाई करने का समय मिल सके
34:35मगर इसका कोई असर नहीं हुआ
34:43हाल के युद्ध में जब दूसरी बार युद्ध विराम हुआ
34:47तब हमने बातचीत की राजनईक प्रक्रिया एक बार फिर शुरू की
34:51हमने कहा कि आईए पहली प्रात्मिक्ता पर ध्यान देते हैं
34:56जो पूरे क्षेत्र के लिए और पूरी वैश्विक अर्थ विवस्था के लिए अहम है
35:00हमने युद्ध समाप्ती को लेकर बातचीत पर जोर दिया
35:08हम हॉर्मुज स्टेट को फिर से खोलने को लेकर चर्चा करने को तयार थे
35:12बशर्ते अमेरिका समुद्री डकैतों की तरह काम करना बंद करें
35:22इस कोशिश का मकसद अंतरराश्ट्रिय समुद्री गतिविधियों को फिर से शुरू करने
35:28और वैश्विक अर्थ विवस्था पर असर डालने वाले जरूरी मसलों को हल करना था
35:39मगर दुर्भाग्य से अमेरिका इस मौके की अहमियत को समझ नहीं पाया
35:45बातचीत से किसी समस्या का समाधान तब ही निकल सकता है
35:48जब आप दूसरे पक्ष की बातों को सुनें और उन पर अमल करने को भी तयार हों
35:54बातचीत का मतलब ये नहीं है कि कोई एक पक्ष अपनी मांगो को एक तरफा तौर पर दूसरे पक्ष पर
36:01थोपे
36:02या दूसरे को उन्हें मानने पर मजबूर करें
36:05जहां तक हमारा सवाल है तो ये किसी हालत में नहीं होगा
36:09कम से कम एरान के मामले में तो बिल्कुल नहीं हम अमेरिका की अनुचित मांगों के आगे नहीं जुकेंगे
36:21क्योंकि हमें लगता है कि ये नाइनसाफी होगी
36:24ये सब कुछ उसी अन्याएपूर्ण अभियान का हिस्सा है
36:28जो इरान के खिलाफ युद्ध से शुरू हुआ था
36:32ये हमला पूरी तरह से गैर कानुनी था
36:35फिलहाल अमेरिका की ओर से घोशना की गई है
36:38कि वो इरान के परस्ताव से सहमत नहीं है
36:40मगर मुझे लगता है कि पाकिस्तानी मध्यस्तों के जरीए
36:43हमें मौझूदा स्थिती की बेहतर जानकारी मिल सकती है
36:53दसक में आज के लिए बसतना है
36:55आप प्लीज अपना बहुत ख्याल रखिएगा
36:59शुब भरात्री
Comments

Recommended