00:00हमें भारत के नागरिक के तौर पर अपने कर्तव्य को प्रात्विक्ता देनी हुए
00:11इससे पहले के दसकों में भी जब जब देश युद्ध या किसी और अन्य बड़े संकट से गुज्रा है
00:23सरकार की अपील और उस अपील पर हर नागरिक ने ऐसे ही अपना दाइत्वन निभाया है
00:35आज भी जरुरत है कि हम सम मिलकर अपना दाइत्वन निभायें देश के संसाधमनों पर पढ़ने वाले बोच को कम
00:46करें
00:48आप भी जानते हैं कि भारत कितने ही उत्पादों को मंगाने के लिए
00:57लाखों करोर रुपिये की विदेशी मुद्रा खर्च करता है
01:02इसी समय विदेश से आने वाले उत्पादों की किमते भी आस्मान शूरही है और सप्लाई चेन भी पूरी तरह तहस
01:17नहस हो चुकी है
01:18और इसलिए देश पर यह दोहरा संकट है जैसे बुन्द बुन्द से घड़ा भरता है
01:31वैसे ही हमें हर छोटे बड़े प्रयास से ऐसे उत्पादों का उप्योग कम करना है
01:42जो विदेश से आते हैं और ऐसे व्यक्तिगत कामों से भी बचना है
01:50जिसमें विदेशी मुद्रा खर्च होती है
01:55कर कोरोना महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट थी
02:02तो पश्चिम एशिया में युद्ध से बनी परिशितिया
02:08इस दसक के बड़े संकटों में से एक है
02:13जब हमने मिलकर करोना का मुकाबला कर लिया
02:18तो इस संकट से भी अवस्चे पार पा जाएंगे
02:21भारत के इंपोर्ट का बहुत बड़ा हिस्सा
02:26क्रूड ओइल है और दुर्भाग्य से जिस छेत्र से दुनिया के बड़े हिस्चे को तेल मिलता है
02:38आज वही छेत्र संगर्स और युद्ध की स्थिति में उल्जा हुआ
02:44और इसलिए जब तक हालात सामान्य नहीं होते हम सब को मिलकर
02:53छोटे छोटे संकल पर लेने हुए
02:58मैं आज समाच के सभी भाई बहनों से
03:02मैं आपके परिवार का सदच से हूँ इसलिए आगर से कहता हूँ
03:07और इसमें तो आपको आगे आ करके मेरी मदद करनी पड़ेगी
03:15सोने की आयात पर भी देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश जाता है
03:24मैं आप सब से देश वास्चों से आगर करूंगा
03:28कि जब तक हालात सामान्य नहों हम सोने की खड़ीत को टाले
03:36गोल्ड की जरूत नहीं है
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