00:01जिस नंदी ग्राम से मम्ता की सियासत का उद्य हुआ उसी नंदी ग्राम से मम्ता को शुभेंदू ने शिकस्त दी
00:08जिस भवानी पूर को मम्ता ने अपना गड़ बनाया उस भवानी पूर में मम्ता शुभेंदू से मात खा गई
00:15अब जिस मुखेबंतरी पत के सिंहासन पर पिछले 15 सालों से मम्ता बनरजी खाबिस थी आज वो सत्ता का सिंहासन
00:23शुभेंदू के लिए तयार है
00:27मम्ता के किले में सेंद लगाने के लिए बीजेपी ने मम्ता के सबसे बड़े सिनापती को चुना थोड़ा वक्त लगा
00:34लेकिन आज बीजेपी बंगाल में मम्ता के किले को धुस्त कर चुकी है
00:38और बंगाल में पहली बार जब बीजेपी की सरकार बन रही है तो सत्ता की चावी अब शुबेंदू के हातों
00:45में सौप दी गई है
00:4717 दिसंबर 2020 को शुबेंदू ने तिनमूल छोड़ी थी और 19 दिसंबर 2020 को बीजेपी जोइन की थी
00:55और दिनमूल छोड़ने के सिर्फ 64 महीने के अंदर शुबेंदू ने बीजेपी को बंगाल में बंपर जीत दिला दी
01:03शुबेंदू दाने गट चुनाओं में दिदी को नंदी ग्राम में हराया था
01:10मैं दिदी का एक इंटर्व्य देखा था वो कहती थी मैं इनके घड में लड़ने के लिए चली गई दिदी
01:17इस बार तो सुबेंदू दाने आपके घर में आकर हराया है
01:22सुबेंदू को मैं बलंबे समय से जानता हूँ संगर्शिल व्यक्ति है सुबेंदू जी
01:29एड्मिस्ट्रेशन को भी देखा है और टीमसी के दूशनों को भी देखा है यहाँ पर सुशाशन देने में हमारी टीम
01:38के साथ सुबेंदू जी सफल होगे
01:46सवाल है कि शुबेंदू ने इस असंभव से काम को संभव करके कैसे दिखाया
01:52शुबेंदू के आने के बाद पशिम मंगाल में बीजेपी की परफॉमिंस कैसे बदली ये तो आकड़े भी बता रहे हैं
01:582016 के विधान सभा चुनाव में बीजेपी को पशिम मंगाल में सिर्फ तीन सीटे मिली थी
02:032021 के विधान सभा चुनाव में शुबेंदू की एंट्री हुई और बीजेपी 77 सीटों के साथ विपक्ष में आ गई
02:47प्रदान मंतरी मोदी और ग्रेह मंतरी अमित शाह का सपोर्ट तो पूरा था
02:50लेकिन जब तक राज में कोई ऐसा लोकल नेता नहीं होता
02:53जो सीधे मंतरा के गाढ़ में घुस कर उन्हें चुनाटी देता तब तक बंगाल जीतना मुश्किल था
02:59इसलिए बीजेपी की तलाश शुभेंदू पराकर खत्म हुई
03:02शुभेंदू मंतरा के बहुत खास थे उनके आंदूलन के दिनों से उनके साथ थे
03:07सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन 2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने शांदार प्रदर्शन किया
03:14और ममता बनर्जी की पार्टी में एंट्री हुई चुनावी रड़नीतिकार प्रशांत किशोर की
03:19इसके बाद ममता बनर्जी के भतीजे अभिशेक बनर्जी का वर्चस वो तेजी से बढ़ा
03:24शुभेंदू जैसे ग्राउंड लीडर को महसूस होने लगा कि पार्टी में कॉर्परेट स्टाइल के दखल के कारण
03:29उनके जैसे पुराने कारिकरताओं की उपेक्षा की जा रही है
03:54ये असंतोश बहीनों तक सुलगता रहा और आखिरकार नवंबर 2020 में
03:59कैबिनेट से इस्तीफे के साथ बाहर आ गया
04:02इसके बाद शुभेंदू ने पहले टीमसी से इस्तीफा दिया
04:05उन्हें मनाने की भी कोशिश हुई
04:07लेकिन शुभेंदू अपना मन बना चुके थे
04:10और दिसमबर 2020 में वो बीजेपी से जोड़ गए
04:17कोई पार्टी से सास्पेंड भी नहीं किया शो कोज भी नहीं किया
04:20मैं छोड़ के आया है मेरा पास पहांज बड़ा डिपार्मेंट था
04:25लेकिन मैं ममता बेनर जी का एक तुष्टी करन राजनी थी
04:30भ्रोस्टाचार राजनी थी और उनका जो जूटा राजनी थी
04:35इसका खिलाब संगर्सक करने के लिए कौमफोट जोन से पैसे छोड़ के आया है
04:442021 का चुनाव आया तो शुभेंदू ममता के खिलाफ सबसे बड़ी आवास बने
04:48वो अपने गर्थ नंदी ग्राम से चुनाव लड़े तो ममता ने भी उन्हें सबख सिखाने की ठानी
04:53ममता शुभेंदू के खिलाफ लड़ने के लिए नंदी ग्राम पहुँच गई
04:57वही नंदी ग्राम जहां से ममता का उदे हुआ था
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