00:00मृत्यू के पांच मिनट पहले का सच
00:01गरुड पुराण में वर्नित है
00:03मौत के समय का वो रहस्य मई अनुभव
00:05गरुड पुराण में भगवान विश्णू
00:06और गरुड जी के समवाद के माध्यम से
00:08जीवन, मृत्यू और कर्मों के रहस्यों का वर्नन मिलता है
00:11इसमें बताया गया है कि मृत्यू से पहले
00:12मनुष्य की इंद्रियां कमजोर होने लगती है
00:14और उसे अपने जीवन के कर्म याद आने लगते हैं
00:16माननेता के अनुसार
00:17मृत्यू के बाद आत्मा सूक्ष्म शरीर धारन कर
00:20यमलोक की यात्रा करती है
00:21जहां उसके कर्मों का लेखा जोका होता है
00:23ग्रंथ में वैतर्णी नदी, यमदूत, चित्रगुप्त और विभिन लोकों का भी उलेख मिलता है
00:27इसमें कहा गया है कि दान, सेवा, सत्य और सदकर्म आत्मा को शांती देते हैं
00:44मोक्ष का मार्ग, भक्ती, ग्यान और अच्छे कर्मों से जुड़ा माना गया है
00:47धार्मिक माननिताओं के अनुसार, ये ग्रंथ भाय पैदा करने के लिए नहीं
00:50बलकि जीवन के सत्य और कर्मों के महत्व को समझाने के उद्देश्य से लिखा गया है
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