Skip to playerSkip to main content
#anime
#animestory
#animerecap
The Girl I Saved Was a Monster, and My Reborn Self Decided to Let the Monster Face Its Own Fate | Manhwa Recap

xianxia story, cultivation story, anime story hindi, anime recap hindi, anime explain in hindi, chinese anime story, chinese cultivation story, fantasy anime story, anime story explanation, anime recap, anime explain hindi, mini world story, god of miniature world, miniature cultivation world, overpowered mc story, op mc anime story, anime fantasy story hindi, chinese fantasy story hindi, anime storytelling hindi, anime kahani hindi, anime story recap hindi, anime explanation hindi, anime recap in hindi, cultivation world anime, chinese martial arts story, anime power story, god level mc anime, anime mysterious world story, anime box world story, anime xianxia story hindi, anime cultivation hindi, anime story narration hindi, anime recap storytelling, anime fantasy recap, anime hindi explanation, anime story hindi recap, anime story channel hindi, anime stories hindi, best anime story hindi, new anime story hindi, anime world story hindi, powerful mc anime story, anime magic world story, chinese anime recap hindi, anime mysterious artifact story, anime god mc story, anime supernatural story hindi, anime adventure story hindi, anime action fantasy story, anime storytelling


#anime #animestory #animerecap #animeexplained #xianxia #cultivation #fantasyanime #animerecapinhindi #hindianime #animestoryhindi




This video is made for educational and entertainment purposes only.
I do not own the rights to the images, panels, or manga shown in this video. All rights belong to their respective publishers and creators.
My content is transformative in nature — I provide my own narration, commentary, analysis, and storytelling perspective to explain and review the manga.
This falls under Fair Use (Section 107 of the Copyright Act 1976) for purposes such as criticism, commentary, education, and review.
If you are a copyright holder and believe your content has been used unfairly, please contact me directly.
Manhwa Stories Recap प्रस्तुत करता है एक ऐसी कहानी जहाँ एक किशोर अपनी जान बचाकर की गई मदद के बदले झूठे आरोपों और पारिवारिक तबाही का शिकार हो जाता है। पुनर्जन्म मिलने पर, यह किशोर पिछली जिंदगी की कड़वी सच्चाइयों को जानते हुए इस बार एक अलग रास्ता चुनने का फैसला करता है।

About this video

Ask
Get answers, explore topics, and more

Ask questions
Manhwa Stories Recap
9.21K subscribers
Videos
About

Category

😹
Fun
Transcript
00:00ये कहानी उस दिन की है, जिसने मेरी जिन्दगी तबाह कर दी थी, या यू कहू कि पिछले जनम में
00:05तबाह कर दी थी, बोर्ड एक्जाम का वो पहला दिन, मैंने एक लड़की की जान बचाई, पर बदले में मुझे
00:10क्या मिला, छेर चार का इल्जाम, जैसे ही मैं परिक्षा �
00:13देकर बाहर निकला, इंटरनेट पर बवाल मच गया, वो लड़की वीडियो में फूट-फूट कर रो रही थी, कह रही
00:18थी कि मैंने मदद के बहाने उसका फाइदा उठाया, वो बोली कोई भी लड़की अपनी इज़ट दाव पर लगा कर
00:23किसी को जूटा नहीं फसाएगी
00:25बस उसकी इस एक बात ने मुझे पूरी दुनिया की नजरों में मुझरिम बना दिया, मैंने अपना सारा दुख पी
00:30लिया और महनत से 666 नंबर लाए, मुझे लगा कि बड़े न्यूस चैनल मेरा इंटर्व्यू लेंगे और मेरी सच्चाई सब
00:37को पता चलेगी, पर इंसा�
00:52पहले जनम में मेरा सेंटर दूर था, इसलिए मैं धाई घंटे पहले ही घर से निकल गया था, मैं बस
00:57स्टैंड पर खड़ा एकजाम स्पेशल बस का इंतजार कर रहा था, तभी बगल में खड़ी एक लड़की, वही जेंग्यू अपना
01:03सीना पकड़ कर अचानक जमीन पर ग
01:19जेंग्यू ने अस्पताल के बिस्तर से रोते हुए विडियो डाल दिया था, कि मैंने उसके बेहोशी का फाइदा उठाया, वो
01:24पुराना बस स्टैंड था, कोई CCTV नहीं था, कोई गवान नहीं था, सबने मुझे गालिया दी, मेरी मा को अस्पताल
01:30में बेईस्त किया गया, �
01:31पापा की छोटी सी होट पॉट की दुकान तोड फोर दी गई, मुझे लगा कि अच्छे नंबर लाऊंगा, तो शायद
01:37दुनिया मेरी बात सुने, पर जिस दिन मेरा रिजल्ट आया, उसी दिन जेंग्यों ने अस्पताल की छट से कूद कर
01:42जान दे दी, उसके घरवाले हमा
01:44बहर 20 लाग के मुआवजे का बैनर लेकर बैठ गए, मेरे पापा जब सामान लेने निकले, तो कुछ न्यूज वालों
01:50के चक्कर में उनकी गाड़ी का एकसिडेंट हो गया, और वो दोनों मुझे अकेला छोड़ गए, मैं बधवास होकर घर
01:55पहुँचा, तो सीडियों पर �
01:56तेल गिरा था, मेरा पैर फिसला और सिर्फ सीधे कंक्रीट पर जा लगा, मरते मरते मैंने देखा कि सामने वाली
02:02पडोसी की बेटी, मॉली, हाथ में तेल की कुपी लिए, मुझे नफर्ट से देख रही थी, और अब, अब मैं
02:07फिर से उसी सड़क पर हूँ, बस स्टैंड य
02:26जोर-जोर से वर्ट्स रटने लगा, ये सब फाल्तू लग रहा होगा न, पर यही छोटी चीजें आज मेरी जान
02:31बचाएंगी, सड़क पर एक कंकर पड़ा था, मैं उसे फुटबॉल की तरह किक मारते हुए चलने लगा, कंकर एक खंभे
02:37से टकरा कर नाली में जा गिरा, ज
02:54पत्थरों को साइस के हिसाब से सजाने लगा, धूप में वो पत्थर हीरे जैसे चमक रहे थे, मैंने बड़े चाव
02:59से उनकी फोटो खींची और स्टेटस डाल दिया, पिछले जनम में इस वक्त मैं उसकी छाती दबा कर उसकी जान
03:04बचा रहा था, और आज मैं यहां पत्थ
03:20जाली नजर आ रही थी, तभी मोगरे के फूलों की खुशबू आई, लोहे की जाली के पीछे एक दादाजी पौधों
03:25को पानी दे रहे थे, उनके घर की छट पर लगा कैमरा सीधे मेरी तरफ था, मैंने हेड़फोन हटा कर
03:30कहा, राम राम दादाजी, आपके मोगरे की खु
03:48पूच्छा लेकर उनके पीछे-पीछे चलने लगा, एक आंटी ने मुढकर पूचा, अरे बेटा, ये फूल कहां से लाए, मैंने
03:53मुस्कुराते हुए अपना चश्मा पहना, और कहा, आंटी, आपको पसंद है, ये लीजिए, मैंने सारे फूल उन्हें बात दिये, जब
04:00हम
04:00बस स्टैंड पहुँचे, जेंग्यू कहीं नहीं देखी, वो तो बस स्टैंड के पीछे जाडियों में गिरी पड़ी थी, जिसे विज्ञापन
04:06वाले बोड ने ढख दिया था, किसी को कुछ पता नहीं चला, जैसे ही बस आई, मैं सबसे पीछे जाकर
04:11बैट कया, और फिर से
04:12कान में इयरफोन ठूस लिए, बस चलने ही वाली थी, कि एक आउंटी की नजर जेंग्यू के गिरे हुए फोन
04:17पर पड़ी, फिर उन्होंने उसे देखा, और चीख निकल गई उनकी, वो बेचारी नीली पड़ चुकी थी, पर मैंने मुड़कर
04:23एक बार भी नहीं देखा, ल
04:42कोई डर नहीं, पेपर एकदम जख्कास गया, घर आकर खाना खाया, और चैन की नीन सोया, सोकर उठा तो फोन
04:48देखा, अभी तक न्यूज में कुछ नहीं आया था, पापा और मम्मी घर पर ही थे, मम्मी ने ठंडे पानी
04:53से मेरा मुँ पोच्छा और बोली, बेटा, सुना ह
04:56आज सुबब स्टैंड पर किसी स्टूडेंट को हार्ट अटेक आ गया था, हमारे ही अस्पताल में भरती है, वो उसे
05:01हमारे ही अस्पताल के आईसियो में भरती किया गया है, पता नहीं बचेगा या नहीं, पापा बोले, हाँ, मैंने भी
05:06सुना, बड़ा अफसोस हुआ, इत
05:21पिछली जिंदगी में इसी लड़की की वज़र से हमारा पूरा परिवार खत्म हो गया था, पिछली बार उसने मुझ पर
05:27इलजाम लगाया था, कि मैंने उसे गलत तरीके से चुआ, और मेरी मदद को बत्मीजी का नाम दिया था, शायद
05:32उसे अब ये आईसियो वाला नती�
05:48में कैद कर लेना चाहता था, पापा ने स्कूटी के पीछे वाला सामान ढोने वाला करियर हटाया, सीट को कपड़े
05:53से रगडर गड़ कर चमकाया, और हसते हुए बोले, अरे तू तो बाब से भी लंबा हो गया है, पैर
05:58कहा रखेगा, मेरी हाइट 6 फूट 3 इंच थी, और �
06:01पापा बेचारे मुश्कल से 5 फूट 6 इंच के, मैंने पीछे बैठते हुए उनके कंधों पर हाथ रखा, पापा, एक्जाम
06:06खत्म होते ही, हम सब दादा दादी के पास गाव चलेंगे, ठीक है, पापा ने धीरे से एक्सिलरेटर घुमाया, अभी
06:12कैसे जा सकते हैं, तेरी क
06:15घर खरिदने के लिए पैसे भी तो जोडने है, मैंने अपना सिर उनके चौड़े कंधे पर टिका दिया, पैसे तो
06:20कभी भी कमाल लेंगे पापा, पर ये छुट्टिया फिर नहीं आएंगी, तीन साल हो गए, हम सब साथ में गाव
06:25नहीं गए, पढ़ाई के चकर में हम हमेश
06:45एक दिन और दुकान खोलूँगा, फिर परसों सीधे गाव, वही तेरा रिजर्ट देखेंगे, दादा दादी भी खुश हो जाएंगे, एक्जाम
06:51सेंटर पहुँचकर, जब मैंने पीछे मुड कर देखा, पापा अपनी स्कूटी थामे बड़े प्यार से मुझे देख रह
07:08होता, शाम को पापा फिर लेने आए, हांग हांग, ठका तो नहीं, भूक लगी है, पानी पिये जा, उन्होंने थर्मस
07:14से पानी पिलाया, मैंने अंगडाई ली और कहा, पापा, बस अब सोना है, पिछले जनम में उस हादसे के बाद
07:19मैं एक राद चैन से नहीं सोया था, आ�
07:35इसली ड्रामा तो अब शुरू होगा, वैसे जैंगियू मेरी जूनियर हाइ स्कूल की क्लास में थी, पर मुझे उसका चेहरा
07:40तक याद नहीं था, पिछले जनम के वीडियो में उसने दावा किया था, कि मैं उस पर तब से डोरे
07:44डालता था, उसने मुझे गंदी नाली का च
08:05मेरी धेरों फोटो लगी थी, मेरी खोई हुई चीजें, जैसे मेरा तॉलिया, पानी की बोतल, इस्तिमाल किये हुए पेन, यहां
08:11तक कि मेरे पुराने अंडर्वियर और फटे जूते भी वहां सहज कर रखे थे, वो जेंगियू का कमरा था, वो
08:16लड़की साइको थी, मेरा �
08:18पीछा करती थी, कुडे दान तक छान मारती थी, उस दिन बस टैंड पर उसका होना कोई इत्तिफाक नहीं, एक
08:23सोची समझी साजिश थी, उसके घरवालों को बस पैसा चाहिए था, मरने से पहले उसने मुझे फोन करके कहा था,
08:29कि अगर मैं उससे शादी कर लूँ और उसके
08:46कैसे पता था कि मैं उसी बस टैंड पर आऊंगा, तभी मुझे याद आया, मरते वक्त मैंने अपनी पडोसी मॉली
08:51को देखा था, मॉली और मैं साथ ही पढ़ते थे, पर हमारे घरों में कभी बादचीत नहीं होती थी, उसके
08:56मामबाप टीचर थे और बड़े सक्त थे, उसक
09:13हमें नीचा समझते थे, पर मैं पढ़ाई में हमेशा नंबर बनाता था, जिससे मॉली को मुझसे नफरत होने लगी थी,
09:19अगले दिन के पेपर के बाद मैंने दोस्तों के साथ पार्टी का बहाना बनाया, और गुपचुक तीन छोटे हिडन कैमरे
09:24खरीद लाया, मुझे अ�
09:26पर इन लोगों की चालबाजियों से बचने के लिए सबूत जरूरी थे, एक कैमरा मैंने घर के पुराने लोहे के
09:32दर्वाजे के पीछे शुबलाब के स्टिकर के नीचे छिपा दिया, दूसरा घर के अंदर और तीसरा अपने कमरे की खिड़की
09:38के परदे के उपर, जहांसे
09:40मॉली के कमरे का दोती हाई, हिस्सा साफ दिखता था, जैसे ही मैंने फोन पर आप खोल कर कैमरा चेक
09:45किया, मेरे हाथ काम गए, मॉली के कमरे की दीवार पर मेरी एक बड़ी सी फोटो थी, जिस पर लाल
09:50पेन से बड़ा सा X लगा था, लाल रंग नीचे ऐसे बह रहा था जैस
10:09उसकी प्रोफाइल जानवरों पर जुल्म करने वाले वीडियो से भरी थी, हमारे मोहले की बिल लिया और कुत्ते, मैं एक
10:14साइको के बगल में रह रहा था, मैंने फॉरन उन सब का स्क्रीन शॉट लिया और रिकॉर्डिंग कर ली, तभी
10:19उसकी फॉलोइंग लिस्ट में मु
10:39भी शेर कर दी, एक्जाम खत्म होने के अगले ही दिन, मम्मी ने अपनी 15 दिन की छुट्टी ले ली,
10:43पापा ने दुकान पर ताला जड़ा, और हम तीनों सीधे अपने गाव निकल गए, जब गाव वालों ने गले लगाया,
10:49तब जाकर कलेजे को ठंडक मिली, पिछले जनम
11:06की तरह, उसने इंटरनेट पर रोना धोना शुरू कर दिया, उसने बस स्टैंड पर मौजूद उन साथ आंटियों, बस ड्राइवर,
11:12और मुझ पर इलजाम लगाया, कि हमने उसे मरते हुए छोड़ दिया, उसकी हालत सच में तरस खाने लायक थी,
11:18दिल का दौरा पढ़ने �
11:19और इलाज मिलने के बीच, 40 मिनिट का गैप हो गया था, जिससे उसके शरीर की बैंड बस चुकी थी,
11:24अब उसे जरा सा भी जटका लगता तो उसकी जान जा सकती थी, दिमाग की कोशिकाओं को गहरा नुकसान पहुँचा
11:29था, और ऑक्सिजन की कमी से उसकी किड्निया फेल ह
11:34वो 18 साल की थी, एक्जाम देने निकली थी, उसके साथ बुरा हुआ, ये सच है, पर क्या इसका मतलब
11:40ये है कि हम सब उसकी बरबादी का बिलभरें, पिछले जनम की तरह है, इंटरनेट के कीडों ने बस टैंड
11:45पर मौजूद हर इंसान की कुंडली खंगालनी शुरू कर द
12:04गलती है की भी हद होती है, पर इस बार मैं कच्चा खिलाडी नहीं था, मैंने रास्ते भर जो फोटो
12:09खींची थी, और छेब कर 50 मिनिट पर जो पत्थर वाला स्टेटस डाला था, वो सब सबूत थे, पापा ने
12:15उस मोगरे वाले दादाजी से बात की, जो हमारे पुराने कस
12:18मर थे, दादाजी ने अपने घर के CCTV की फोटेज दे दी, उसमें साफ दिख रहा था, कि 7 बजे
12:23तक तो मैं उनसे बाते कर रहा था, और फूल तोड़ रहा था, मोर की वज़े से मुझे बस स्टैंड
12:28दिखी नहीं रहा था, उपर से मैंने चश्मा भी नहीं पहना था, बाकी
12:32पडोसियों के कैमरों ने भी साबित कर दिया, कि मैं वही था, बस के कैमरे ने दिखा दिया, कि मैं
12:37बस स्टैंड पर पैर रखने से पहले ही गाड़ी में चड़ गया था, मेरा जेंग्यू से आमना सामना हुआ ही
12:42नहीं, जब इतने पक्के सबूत सामने आए, तो लोगों की
12:45साहनुभूती मेरी तरफ मुड गई, मैं तो एक सीधा साधा स्टूडन था, जिसे बेवजग घसीटा जा रहा था, और वो
12:51आंटिया, भाई साहब, वो तो प्रोफेशनल फाइटर निकली, जैसे ही जेंग परिवार ने उन पर इलजाम लगाया, आंटियों ने सीधा
12:57उन प
13:11फूल की फोटो डालता और उस पर मिस यू, लव यू वाले गुलाबी स्टेकर चिपका देता, वो पागल हो गई
13:17थी, रात के तीन-तीन बजे तक मेरा प्रोफाइल चेक करती थी, मुझे तो लगा था शायद हार्ट अटैक से
13:22निपट जाईगी, पर कहते हैं ना, नीम हकीम
13:24खत्राय जान, और पापियों की उम्र लंबी होती है, उसने सानुभूती बटोरने के लिए लाइफ स्ट्रीमिंग शुरू कर दी, गरीबी
13:30का रोना-रोया, अस्पताल के बिल दिखाए, कुछ भोले लोगों ने उसे पैसे भी दान कर दिये, फिर आया वो
13:36दिन, जिसका सब क
13:37इंतजार था, रिजट, हम सब कंप्यूटर के सामने बैठे थे, पिछले जनम में इतने तनाव के बाद भी मेरे 658
13:44नंबर थे, इस बार क्या होगा, मैंने रोल नंबर डाला, पर स्क्रीन पर कुछ नहीं आया, पापा पसिने पसीने हो
13:49गए, दादा जी को लगा गाव का इं
14:07आसू ही नहीं रुक रहे थे, उन्होंने पापा को डाटा, अरे ओ बुद्धु, खड़ा क्या है, जा शहर से मीटम
14:12चली और मिठाई मंगवा, पूरे गाव को दावत देंगे, तभी पापा का फोन बजा, नंबर देखते ही मेरी चीख निकल
14:18गई, पापा, ये तो टॉप �
14:20सिटी वालों का फोन है, पापा के हाथ काम रहे थे, फोन ही नहीं उठा पा रहे थे, दादा जी
14:24ने फोन छीना और बड़े टशन में बोले, हेलो, हाँ, मैं उसका दादा बोल रहा हूँ, जी, जी, बहुत शुकरिया,
14:31पापा और मम्मी ने कान लगा रखा था, पर दादा �
14:33जी ने उन्हें पास नहीं आने दिया, फोन कटा तो दादा जी और पापा दोनों रो पड़े, बेटा, तुने तो
14:39कमाल कर दिया, तेरे 708 नमबर आये है, तु पूरे स्टेट का टॉपर है, बस फिर क्या था, टीवी वाले
14:44गाव पहुँच गए, मेरा इंटर्व्यू हु�
14:59पापा को फोन करके इनाम देने की बात करने लगे, पापा बोले, अब गाव में नहीं रुख सकते, शहर जाना
15:05होगा, एडमिशन की आपचारिकताय पूरी करनी है, दादा दादी को डर था, कि कही कोई मेरा एडमिशन लेटर ना चुरा
15:11ले, मैं तो चाहता था, कि गाव मे
15:13तब तक रुकू, जब तक जेंगियू का तमाशा खत्म ना हो जाए, पर पूरा परिवार गाड़ी में बैठा, और हम
15:18वापस जंग्चिंग शहर आ गए, जैसे ही हमारी गाड़ी मोहले के गेट पर रुकी, पडोसियोंने हमें ऐसे घेर लिया जैसे
15:23कोई फिल्मी सितार आय
15:38अरे हमने क्या सिखाना था, ये तो हमेशा क्लास में टॉप थ्री में रहता था, एक आंटी ने पूछा, ये
15:43खाता क्या है, कौन सी किताबे पढ़ता है, पापा ने मौका देखकर चौका मारा, अरे और क्या खाएगा, हमारी दुकान
15:49की स्पेशल मतन करी और मसाला हांडी ख
16:06सब कह रहे थे, कितना सुदर्शन लड़का है, खांदानी शकल है इसकी, सब अपनी उलादों के लिए मेरा आशिरवाच चाह
16:12रहे थे, बड़ी मुश्किल से पीछा चुड़ा कर घर की तरफ भागा, तो पापा ने चाबियों का गुच्छा मेरी तरफ
16:17उच्छाला, और ब
16:32परोसियों ने तो मम्मी को सलाह दे दी, कि दुकान का नाम सेट जी की दुकान से बदल कर टॉपर
16:37की दुकान रख दो, तभी मेरे स्कूल के दोस्त भी पहुँच गये, सबका रिजट अच्छा आया था, वो कहते हैं
16:42ना, चड़ते सूरज को सब सलाम करते हैं, आज वही लो
16:59गुलाब और मोगरा, हम तीनों हाथ में हाथ डाले घर की तरफ चल दिये, मम्मी पापा आगे चल रहे थे,
17:05और मैं गुलाब के फूलों के पीछे छिप कर एक सेलफी ले रहा था, जैसे ही हम घर के दरवाजे
17:10पर पहुँचे, सामने वाला दरवाजा खुला, मौली के मम्मी
17:29जिसका मुझे इंतजार था, जेंग्यू मेरा प्रोफाइल देख रही थी, मेरा अकाउंट असली नाम से था, और कई दोस्तों ने
17:35उस पर कमेंट किया था कि भाई, क्या चक्कर है, प्यार व्यार हो गया क्या, मैंने किसी को मना नहीं
17:40किया, तभी मैंने अपने कमरे के कैमरे
17:41की लाइफ फीद देखी, और मेरी चीख निकल गई, ममी भागती हुई आई, क्या हुआ बेटा, स्क्रीन पर दिख रहा
17:47था, कि मॉली दीवार से कान लगा कर हमारी बाते सुन रही थी, मैंने जट से फोन तकिये के नीचे
17:52छिपाया, और हाथ में चार्जर लेकर बैठ गया,
17:54कुछ नहीं ममी, बस ये चार्जर पैर पर गिर गया था, ममी ने लाट जटाया और चली गई, उनके जाते
17:59ही मैंने इयरफोन लगाए, मॉली अभी भी दीवार से चिपकी थी, उसकी आखे मेरी खिडकी पर गड़ी थी, उसके बिखरे
18:05हुए काले बाल किसी चुडायल जैसे
18:24लगा, साथ ही पिछले कुछ दिनों की रिकॉर्डिंग देखी, पता चला कि एकजाम खत्म होने के बाद, मॉली के मामबाप
18:29ने उसे जबरदस्ती फिर से पूरा पेपर हल करवाया था, रात के दो बजे तक वो उसे टॉर्चर करते रहे,
18:35अगले दिन उसे बहुत पीटा ग
19:19अगले एक हफते तक मैंने यही ड्रामा जारी रखा,
19:21जेंग्यू पागलों की तरह रातराद भर मेरा प्रोफाइल चेक करती रही, जेंग्यू के अस्पताल से डिस्चार्ज होने से एक दिन
19:27पहले, स्कूल के ग्रूप पर लोग उससे मिलने जाने की बात करने लगे, एक दोस्त ने मुझे भी बुलाया, पर
19:33मैंने सीधा ग्रू
19:46नोट्स मांगने आई थी, क्योंकि मौली को फिर से तैयारी करनी थी, ममी ने सीधे मुब बोल दिया कि नोट्स
19:51तो हमने किसी और को दे दिये, सही किया ममी ने, जो लोग पहले हमें नीचा दिखाते थे, आज वो
19:56हमारे तलवे चाट रहे हैं, पापा ने मेरे सारे नोट्स �
19:59और किताबे संभाल कर रखी थी, ताकि गाव के छोटे भाइबनों के काम आए, गाव में मेरी काम्याबी का जश्न
20:04मनाया जा रहा था, जिस दिन शहर में मेरे दोस्तों की पाटी थी, उसी दिन गाव में मेरी सफलता की
20:09दावत थी, दावत से पहले दादा जी मुझे पूर�
20:28इतनी जल्दी सुन लेंगे, रात को मैं सोने ही वाला था कि फोन बजा, मेरे स्कूल के ग्रूप से जुड़े
20:33एक दोस्त का फोन था, मैंने जब हाई स्कूल ग्रूप खोला, तो मेरा कलेजा मुंग को आ गया, वहाँ वीडियो
20:38और फोटों की बाड़ आई हुई थी, धीरे
20:39धीरे पूरी कहानी सामने आने लगी, हमारे मौले से कुछी दूरी पर वो सड़क है, जहां सब कुछ खत्म हुआ,
20:45पार्टी खत्म करके मेरे दोस्त बाहर निकले थे, कोई बाते कर रहा था तो कोई बस का इंतजार, तभी वहां
20:50मौली और जेंग्यो साथ साथ दिखी, पता
21:06जानी दुश्मन की तरह सड़क पर ही गुथम गुथा हो गई, उसी वक्त एक तेज रफता रेज से भरा, ट्रक
21:11वहां से गुजरा, जेंग्यो ने अपना सारा जोर लगाया, और मौली को ट्रक के सामने धकेल दिया, पर मौली भी
21:17कम खिलाडी नहीं थी, उसने मरते मरते जे
21:33मेरे मामबाब के साथ हुआ था, मौके पर मौजूद मेरे दोस्त बधवास हो गए, कोई रो रहा था तो कोई
21:38उल्टिया कर रहा था, जब मैं ये खबर सुनी, तो मैं रजाई में मुझ छिपा कर पागलों की तरह हसा,
21:43मेरी आखों से आसू निकलाए, पर वो खुशी के थे
21:46मौली को दो दिन बाद होशाया, उसके कूले के नीचे का हिस्सा काटना पड़ा था, और उसकी खाल इतनी छिल
21:51गई थी, कि डॉक्टरों को उस पर मचली की खाल लगानी पड़ी, ट्रक वाला तो बच गया, क्योंकि गलती इन
21:56दोनों की थी, उपर से ट्रक भी खटा रहा थ
21:58तो मौवजे की भी कोई उम्मीद नहीं थी, हम गाव में अपनी दावत निप्टा कर दो दिन बाद शहर लोटे,
22:04मोहली के गेट पर देखा तो तमाशा लगा था, कुछ लोग एक हाथ काड़ी खींच रहे थे, मैंने देखा कि
22:09आगे आगे जैंग्यू का बाप चल रहा था
22:11मैंने पापा से कहा, पापा, गाड़ी सीधे दुकान ले चलो, यहां रुकना ठीक नहीं, सामान दुकान में रखकर हम तमाशा
22:18देखने पहुँचे, पता चला कि उस गाड़ी पर जैंग्यू की लाश रखी थी, इतनी गर्मी में लाश पर बस कुछ
22:23बर्फ के टुकडे थे
22:24बद्बू आने लगी थी, लोग नाक से कोड़ कर दूर खड़े थे, जेंग परिवार का तरक बड़ा अजीब था, उनका
22:29कहना था कि मौली की वज़े से उनकी बेटी मरी है, अब भले ही जैंग्यू ने मौली को धक्का दिया
22:34था, पर जेंग परिवार का वही पुराना डा
22:54बहती गंगा में हाथ धोया, और चुपके से मौली का वो जानवरों पर जुल्म करने वाला अकाउंट वाइरल कर दिया,
22:59बस फिर क्या था, पूरा देश उनके खिलाफ हो गया, लोग मौली के अस्पताल के बाहर मरे हुए जानवरों की
23:04फोटो और बद्दुआओं वाले प
23:20पाहिज हो गई थी, इस चली गई थी, नौकरी छूट गई थी और पैसा खत्म हो गया था, ऐसे लोग
23:24जहरीले नाग की तरह होते हैं, मैं साई की तरह अपने मामबाब के साथ रहने लगा, उन्हें अकेले बाहर नहीं
23:30जाने देता था, शुरू में उन्हें लगा मैं मजा�
23:32रहा हूं, पर जब मैंने उन्हें पूरा खत्रा समझाया, तो वो भी सावधान हो गए, एक हफते बाद खबर आई,
23:37जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया, ट्रक कमपनी ने इंसानियत के नाते जेंग परिवार को पांच लाक रुपए
23:43दिये थे, जिसके बाद उन्हों
23:56पिछले जनम में मेरे माता-पिता का एकसिडेंट किया था, वो सब वहां मॉली के खिलाफ जहर उगलने पहुँचे थे,
24:02सैकडों लोग लाइव वीडियो बना रहे थे, वो मातम नहीं, कोई सरकस जैसा लग रहा था, और जैसे ही खाना
24:07शुरू हुआ, सब के सब तडपने �
24:09लगे, वो सब लाइफ कैमरे पर हो रहा था, लाखो लोग देख रहे थे, और वहां लोग मर रहे थे,
24:14पता चला कि कातिल मॉली के मामबाप ही थे, पिछले दिन ही मॉली ने अपनी हालत से तंग आकर अपनी
24:19जान दे दी थी, उसके गम और गुसे में उसके मामबाप पागल
Comments

Recommended