00:00A Numeroush Azad Sheep Production.
00:30लग जगले की फिर ये हसल रात हो ना हो, शायद फिर इस जन में मुलाकात हो ना हो।
00:45लग जगले की फिर ये हसल रात हो ना हो, शायद फिर इस जन में मुलाकात हो ना हो, लग
01:03जगले से
01:34हमको मिलनी है आज ये घड़िया नसीब से
01:48जिवर पिर दे खरे जली ये हमको करीब से
02:06लग जगले की फिर ये हसी रात हो ना हो, शायद फिर इस जन में मुलाकात हो ना हो, लग
02:22जगले से
02:46पास आये की हम नहीं आएंगे बार बार
02:53पास आये की हम नहीं आएंगे बार बार
03:00आहे गले में दालते हम रोले जार जार
03:08पास आएंगे पास आएंगे बार