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  • 2 days ago
छिंदवाड़ा के पांजरा गांव की महिलाएं पर्यावरण बचाने के लिए अनोखी पहल कर रही हैं. महिलाएं मिट्टी, गोबर और राख से ‘सीड बॉल’ तैयार कर रही हैं, जिनके अंदर पेड़ों के बीज डाले जाते हैं. मानसून के दौरान इन्हें जंगलों और बंजर इलाकों में फेंका जाएगा ताकि बारिश के साथ ये अंकुरित होकर पेड़ बन सकें. इस अभियान में गांव की बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हो रही हैं. अब तक करीब 10 हजार सीड बॉल तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें इमली, अमलतास और अपराजिता जैसे स्थानीय पेड़ों के बीज शामिल हैं. यह पहल न सिर्फ हरियाली बढ़ाने का जरिया बन रही है, बल्कि महिलाओं के लिए रोजगार और पर्यावरण संरक्षण का माध्यम भी साबित हो रही है.

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Transcript
00:05ये लड्डू नहीं है नहीं खेलने के लिए गेंदे हैं ये वो हैं जो हर्याली बिखेरेंगे और पेड़ बनेंगे
00:15मध्यपदेश के छिंदवाना जिले के एक गाउं की महिलाओं का एक समोह हर्याली वापस लाने के लिए सीड बॉल बना
00:21रहा है
00:23खेत की मिट्टी, चूले से निकली रांख और गोबर की खाद मिलाकर आटे की तरह गोथ लिया जाता है
00:30फिर छोटे छोटे लड्डू बनाकर उनके भीतर बीज भर दिये जाते हैं कुछ देर सूखने के बाद ये सीड बॉल
00:38के रूप में तयार हो जाते हैं
00:39इन्हें मौन्सून के दोरान बंजर और पहाडी इलाकों में फेका जाएगा
00:44इस उमीद के साथ कि बारिश आने पर बिना किसी खास देख भाल के इन में से कई उग आएंगे
00:51और पेड़ बन जाएंगे
00:54पांजरा गाओं की महिलाएं आसपास मिलने वाली चीजों का इस्तिमाल करके इस कोशिश को आगे बढ़ा रही है
01:02जाड बनाने के लिए कर रहे हैं और जे खेत में लगेंगे जंगल में लगेंगे
01:33मौंसून सीजन आने ही वाला है
01:35ऐसे में हाल के हफतों में इस प्रयास ने रफ्तार पकड़ ली है
01:40हजारों सीट बॉल तयार किये जा रहे हैं
01:58तो हम सीट बॉल के रूप में उसको आगे बढ़ानी कोशिस कर रहे हैं और नए पेड उगानी कोशिस कर
02:03रहे हैं
02:19चोटे प्यमाने पर शुरूँ ही इस पहल में अब पूरे गाउं की महिलाएं बढ़ चड़ कर शामिल हो रही है
02:25वे कमाई करने के साथ धर्ती पर हर्याली भी विखे रही है
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