00:00पैसे पूरे नहीं, यहां खाना मुफ्द नहीं मिलता, अभी काम करो या पुलीस बलाओं।
00:05मेरे पास इतने ही थे, मैंने सोचा काफी होंगे।
00:09ये पैसे कहांगे।
00:12मैं गलत नहीं था, बस हालात मेरे साथ नहीं थे।
00:17अगर मैं हमत न करूँ, तो ये लम्हा मुझे हमेशा याद रहेगा।
00:23ये ले लो, बाकी मैं मैंनत करके पूरा कर दूँगा।
00:26मैं देख रहा था, कौन सच बोलता है।
00:30तुमने सबसे बड़ी हमत दिखाई।
00:32ये खाना तुमारे लिए है, तुमने इज़त से जीत लिया।
00:37असल जीत पीसों से नहीं, सच और हमत से होती है।
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