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"सांसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम" (Sanson Ki Mala Pe) को ज्यादातर लोग संत मीराबाई का भजन मानते हैं। लेकिन इसका असली सच क्या है? इस शॉर्ट में जानिए मशहूर शायर तुफैल होशियारपुरी (Tufail Hoshiarpuri) और उस्ताद नुसरत फतेह अली खान (Nusrat Fateh Ali Khan) से जुड़ा यह ऐतिहासिक किस्सा। साथ ही जानिए कि 'शोमैन' राज कपूर (Raj Kapoor) और ऋषि कपूर की शादी से इस सूफियाना कलाम का क्या कनेक्शन है!

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00:00सांसों की माला पे सिम्रू मैं पी का नाम
00:09क्या आपको भी लगता है कि ये मशूर गीत संथ मीराबाई का भजन है?
00:1699% लोग इसे 16 सदी का कृष्ण भजन मानते हैं
00:21लेकिन ये एक बहुत बड़ा मिथक है
00:23असलियत में इस सुफियाना कलाम को मशूर शायर और गीत कार तुफैल होश्यारपुरी ने लिखा था
00:30जिसे बाद में नुसरत साहब ने अपनी जादूई आवाज देकर पूरी दुनिया में अमर कर दिया
00:38और भारत में इस गीत को मशूर करने का श्रे शोमेन राज कपूर को जाता है
00:43जब 1980 के आसपास उस्ताद नुसरत फतेह अली खान पहली बार भारत आये
00:49तो राज कपूर ने उन्हें अपने बेटे रिशी कपूर की शादी में आमंत्रत किया
00:55मुंबई के उसी एतिहासिक संगीत समारों में नुसरत साहब ने बॉलिवुड के तमाम दिगजों के सामने पहली बार सांसों की
01:03माला पे गाया था
01:04और इसे रातों रात भारत में अमर कर दिया
01:09तो अगली बार जब आप ये गाना सुनें तो तुफैल होशियारपुरी को जरूर याद करें
01:14क्या आपको राज कपूर और नुसरत साहब का ये दिलचस्प किस्सा पता था
01:19इतिहास के ऐसे ही मिथक तोड़ने के लिए यूट्यूब चैनल म्रिनाल भोजक ओफिशल को अभी सब्सक्राइब करें
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