00:28।
00:30समय में थोड़ा पीछे चलते हैं
00:32ये है हमारी प्रिथवी
00:34उस वक्त ओक्सिजन ज्यादा होने की वज़ा से
00:3630-35 माले की बिल्डिंग जितने उचे पेड हर जगा दिखाई देते थे
00:41और इनमें रहते थे
00:43डैनसोर
00:45ये है आठ मंजिला उचा अर्जेंटसोरस
00:48एक दिन में ये कई जंगल चर जाते थे
00:50उस वक्त प्रिथवी कुछ ऐसी दिखाई देती थी
00:53ये हैं चूने केरेगिस्तान
00:55जहां लाखों सालों से बरसाद नहीं हुई
00:57यहां भी इनका बोलबाला है
00:58ये है हमारा भारत जो एश्या की तरब पढ़ रहा था
01:01उस वक्त भारतिया जमीन लावा से भरी रहती थी
01:04और यहां पाई जाते थे राजासोरस
01:09यहां का कुछ अलगी मंदब है
01:11साथ बस जितने लंबे जीव से लेकर
01:13इनसान जितने बड़े केकड़े तक
01:15बहार आकर देखो तो
01:17कई किलोमेटर लंबे अमेरिकी रेगिस्तान में पाई जाते थे
01:20टाइटैनोसोरस
01:24बीस हाथियों जितना वजन ये
01:28आठ महले की बिल्डिंग से भी उचे ये जीवर
01:31आज यहां बच्चे पैदा करने इकठा हुए है
01:33दुनिया के हर कोने में
01:35टाइनोसोरस की आवाजें कूच रही थी
01:37लेकिन इन्हें क्या पता था
01:39कि आज इनका अंत होने बना है
01:42दरसल हमारे सौरे मंडल में
01:43जूपिटर और मंगल ग्रहा के बीच
01:45बहुत से उलका पिंड हैं
01:46जो सूरज का चक्तर लगा रहे हैं
01:48अंत के 10 करोड साल पहले
01:49इन में से ही दो उलका पिंडों के बीच टक्राव हुआ
01:53और उसका एक टुक्टा तेज गजी से
01:55पृच्वी की तरव पढ़नी रगा
01:56पृच्वी के पास आते ही उसके कुछ टुकडे चांद पर गिले
01:59मगर गथी तेज होने की वज़ा से
02:01चांद का पृच्वा करशन उसे खीच नहीं पाया
02:03पृच्वी के करीबादे ही उसकी गथी पढ़नी रगी
02:05वातावरन के घिसाव ने उसे जलाना शुरू कर दिया
02:18और वो असी हजार किलो मिनट पहले पृच्वी पर उटाला हो चुका था
02:23इसकी चमर को देख नजदी की जानवर अंधे हो चुके थी
02:26गिरने से पहले ही वहां का पानी सुख गया
02:31गिरते ही विस्खोट से निकली उर्जा आज के 10 करोड पर मुखरूपं के परावर थी
02:36इससे निकल रही 6000 डिग्री सेल्टेस की कर्मी ने आजबाद के जानवरों गोट को रंट की आफ बना कर उना
02:43दिया
02:44एक सो पचास किलो मेटर के दारी की जमीन अंतरिक्ष तक पहुँच गई और अब तक सिर्फ पांच सेकिर्ट ही
02:51दीते है
02:52इस मिस्खोट से जन्मी जटके की लहर पांच सो पचास किलो मेटर पकी सेकिर्ट की रफटार से आगे बढ़ी
03:02इसने पत्थरों को भोली की रफटार से उड़ाना शुरू कर दिया
03:05आज़ पास की नदिया उल्टी कहने लगी
03:11चंगल के पेड नीचे देने लगे
03:16वहारों में दम तोड़ना शुरू कर दिया
03:18इसके कुछी सेकिंड बाद आई भयंकर कर्मी की लहर ने उड़ रहे पत्थरों को पिगलाकर नावा बना दिया
03:28संबर्ध में आने वाला हर एक पानी उलंत भाव बन रहा था
03:32दमुद्र के अंदर उबाल शुरू होने लगा
03:36अलग जाकते ही जंगल सूख रहे थे
03:38जानवर का शरीर उबल रहा था
03:41और अभी तक तक सिर्फ शुरुवात ही हुई है
03:45तकराव से हजारों टन मलबा अंतरिक्ष में पहुँचा था
03:48जो गुरुत्वा कर्शन की वजा से पित्वी के चारों तरव फैल कर पित्वी पर दिये लगा
03:53उसमें भी आग लग रही थी
03:55और जहां ये गिर रहे थे
03:57वहां कई किलोमेटर कर विनाश हो रहा था
04:04तकराव ने पित्वी को अंदर से भी हिला दिया था
04:07जिससे कुछी सेकिड में पित्वी पर गंप आना शुरू हो गया
04:12गंप की तिवरता जादा थी
04:13इसलिए समुद्र का पानी जमीन में बैठे रेट से मिलने लगा
04:17जिससे जीवों को घुटन होने लगी
04:19और वहां भी बतन शुरू हो गया
04:24अभी सिर्फ पांच मिनट ही बीते हैं
04:27और बाहर चानवरों में भागण मच चुकी है
04:43इस तुफान के बीच आने वाले भाजारों टन वजन लेट जानवर और पेड़ हवा में उठ रहे थे
04:52उची तेर में ये तुफान अफ्रीका तक पहुचा
04:55जिससे वहां के चुनी के लेगिस्तान वाटावर में मिलने लगे
04:58और बादन जहरीले होने शुरू हो गए
05:00इसके पीछे तक राव ने समुद्र के पानी को बादलों से भी उचा उठा दिया था
05:08जिससे गर्म पानी की भयारगवार आ रही थी
05:13पांच घंटे के अंदर पूरी पित्वी धूर से ढग गई
05:18पृत्वी का ओसर तापमान कई सो डिगरी सेलसेस तक पहुंच चुका था
05:24पूरी दुनिया के जंगलों में आग लगी हुई थी
05:27और भुकम्पने मरे हुए ज्वारा मुख्यों को जाग पर दिया था
05:32हर सेकेंड पृत्वी गर्म हो रही थी
05:34ओकसीजन कम हो रहा था
05:36पृत्वी पर जमी वर्फ पिखल रही थी
05:39और नदियों में बाढ आना शुरू हो चुका था
05:44इस महाविनाश के बाद जादतर जमीन में रहने वाले कीडे, मकोडे और इस्तंधारी जीव ही जिन्दा बचे थे
05:50पृत्वी की सत्तर प्रतिशत आबादी विलूप तो हो चुकी थी
05:54कुछ डाइनोसोर्ज अभी भी जिन्दा थे
05:56जो या तो छोते थे या उन्हें किसी गुफा ने बचा लिया था
06:01समुद्र की कहराई में रहने वाले जीव भी सरामत बचे थे
06:04लेकिन अब उनका भी समय खराब होने वाला था
06:08कुछी दिनों बाद जहरीले वादल पूरी दुनिया में बरसना शुरू हो गए
06:13दिन बधिन समुद्र जहरीला होने लगा जिससे समुद्री जंगल भी मरना शुरू हो गए
06:20फूर से धकी ये पृत्वी ठंडी पड़ रही थी
06:24और कुछी महीनों में पूरी पृत्वी बर्फ से धक गई
06:28हमारे पूर्वजों को डाइनोसोर से डर कर कुछ भी खा कर
06:31कम ओक्सिजन के बावजूद भी महीनों तक जमीन में रहने की आदत थी
06:36जमीन के अंदर गर्माहट थी और अंदर छोटे जीवों का पूरा समराज
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