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  • 5 hours ago
दो इंच की तार से कैसे 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को खतरा? देखें कूटनीति

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00:17नमस्कार आपके साथ हुम्हें पढ़े में पात ध्याए।
00:30बलकि आपका UPI पेमेंट भी फिल हो जाने का खतरा बरकरार है।
00:33बैंक ट्रांजेक्शन अटक सकते हैं और इंटरनेट सुस्त पड़ सकता है।
00:37और ये सब हॉर्मूस की गहराई में छिपे उन तारों से जुड़ा हुआ है जो दुनिया को जोड़ते हैं।
00:43आज खुलासा करेंगे कि कैसे समुद्र के नीचे बिचाएक केबल जो आपकी कलाई से भी पतला है दुनिया की 10
00:49ट्रिलियन डॉलर की अर्थ वेवस्था को ठप कर सकता है अगर वो तूट जाए।
00:54और मुस की खाड़ी को दुनिया अकसर ओइल का चोईक चोक पॉइंट मानती है लेकिन यह उससे कहीं ज़्यादा बड़ा
01:01और ज़्यादा महत्पूर्ण है।
01:03यहाँ हम बात कर रहे हैं उस अंडर वाटर केबल्स की जो पूरी दुनिया के इंटरनेट, बैंकिंग और वित्तिय सिस्टम
01:09को चलाती है।
01:09अगर इन केबल्स के पास एक छोटा सा धमाका भी हो जाए तो रोजाना करीब 10 ट्रिलियन डॉलर की ग्लोबल
01:16एकोनामिक एक्टिविटी ठप हो सकती है। जिसमें आपके UPI ट्रांजेक्शन भी शामिल है।
01:22ऐसे में सवाल खड़ा होगा कि आखिर ये अंडर वाटल केबल्स हैं क्या और ये आखिर क्या काम करते हैं।
01:28इसे दुनिया का सबसे लंबा एक्स्टिंशन कॉर्ड समझें।
01:31फर्क सिर्फ इतना है कि ये किसी लैम को नहीं चलाता बलकि पूरी दुनिया की बिजली के तरहां उसे डेटा
01:37की सप्लाई करता है।
02:01ट्रांसफर, वाट्सप मेसेज और स्टाक ट्रेडिंग सब कुछ इन ही अप्टिकल फाइबर के धागों के भरों से चल रहा है।
02:07और आज ये मुख्य पावर ग्रिड दुनिया के सबसे खतरनाक इलाके के नीचे से होकर गुजर रही हैं। जी हाँ
02:14हम स्टेट आफ हॉर्म�
02:28यानि लंगर से भी इन्हें तोड़ा जा सकता है और कई बार ऐसा हुआ है कि उससे इन आप्टिकल फाइबर्स
02:34को नुकसान पहुँचा है। कल्पना कीजिए कि अगर इरान जान बूच कर इन्हें निशाना बनाएं तो क्या होगा।
02:40सितंबर दोहजार पच्चिस में लाल सागर में केबल्स खराब हुई तो भारत और पाकिस्तान समेत खाड़ी के कई देशों में
02:47इंटरनेट चर्मरा गया था। फरवरी दोहजार चौबिस में भी लगभग ऐसा ही हुआ था।
03:38घंटों में इसका असर महसूस हो जाएगा।
03:40तेल केरा, सप्लाई, अमेरिका के नेवल ब्लॉकेट के जरिये भी रुकी हुई है जिससे उर्जा की कीमते बढ़ रही है।
03:46दूसी तरफ केबल्स काट कर उस वित्ती सिस्टम को भी धीमा किया जा सकता है जो बाजार को समहालने की
03:52बजाए उसे बड़े संकट में डाल सकता
03:54जब ट्रेडर्स को सबसे ज़ादा डेटा की जबरोत होती है तब ही डेटा हाईवे पर अंधेरा च्छाने का संकट गहराया
04:00हुआ है। ये केबल संकट नहीं बलकि तबाही का एक बड़ा मनजर खड़ा कर सकता है। ऐसे में सवाल ये
04:07खड़ा होता है कि क्या इंटरनेट च
04:24पहानी इंटरनेट को खत्म करने की नहीं बलकि चोक पॉइंट्स पर कबजा करने की है। यही समय है सही समय
04:31पर अगर तार दो इंच भी कट जाता है तो ट्रिलियन डॉलर के बाजारों के किसमत इस एक कट से
04:37तै हो सकती है। अब ये सवाल खड़ा होता है कि हॉर्मूज की �
04:41खाड़ी में असली ताकत आखिर किस के पास थैं। क्या वो टेल का चोक पॉइंट है या फिर इंटरनेट की
04:48केवल। उटनीती में आज की वर इतना ही बाकी देश-दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए आप देखते रहिए
04:52आज तक।
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