00:26RITER'S BUILDING
00:50RITER'S BUILDING
01:00जब अंग्रेज यहां राज करते थे
01:02ये इमारत बनी
01:04British RITER'S के
01:05RITER'S के लिए
01:06ये लोग अधिकारी थे
01:09जो व्यापार, टैक्स, नियम
01:12सब कुछ लिखते और तै करते थे
01:14धीरे धीरे
01:16ये इमारत सत्ता का केंद्र बन गई
01:18यही से
01:20आदेश निकलते
01:21यही से
01:22फैसले होते
01:23और यही
01:24कई ऐसे कागस साइन हुए
01:27जिन्होंने लाखों लोगों की जिन्दगी बदल दी
01:29लेकिन
01:30जहां सत्ता रहती है
01:32वहां विरोध भी जन लेता है
01:34और RITER'S BUILDING उस दौर का साक्षी बना
01:37जहां आजादी के लिए
01:39लोग खामोशी में जाने दे रहे थे
01:42कहते हैं
01:43यही कहीं
01:45इसी इमारत के गहरे हिस्सों में
01:47कई कैदियों से पूछताच की गई
01:49कुछ लोटे
01:50कुछ नहीं
01:51और जिनकी कहानिया खत्म नहीं हुई
01:53शायद वे अभी दीवारों में गूंचती है
01:57सरकारी रिकॉर्ड कहता है
01:59इमारत के कई हिस्से
02:01सालों से बंद पड़े है
02:02क्यों?
02:03मरमत चल रही है
02:05पुरानी स्ट्रक्चर वीख है
02:07आधिकारिक जवाब
02:08हमेशा ऐसा ही होता है
02:10लेकिन रात की ड्यूटी करने वाले
02:13लोग कुछ और कहते है
02:14एक सफाई कर्मचारी बताता है
02:16उपर की मन्जिल पर
02:18एक कमरा ऐसा है जह
02:19दर्वाजा बाहर से बंद है
02:21लेकिन अंदर से कभी-कभी
02:24कुंडी बचती है
02:25दूसरा गार कहता है
02:26कभी-कभी देर रात
02:28किसी के धीमे-धीमे
02:30बात करने की आवाज आती है
02:31जैसे कोई मीटिंग चल रही हो
02:33जब वे पीछे मुड़कर देखते हैं
02:36कमरा खाली
02:37टेबल पर पुराना धूल भरा पंखा
02:40तूटी कुरसी और हवा
02:42जो अचानक बेहत धंडी हो जाती है
02:45कुछ लोग मानते हैं
02:47ये वही राइटर्स हैं
02:49जो आज भी अपने अधूरे फैसले
02:51लिखने बैट चाते हैं
02:53इमारत के सामने से गुजरने वाले
02:55टैक्सी ड्राइवरों के बीच
02:57एक कहानी मशूर है
02:58रात दो तीन बजे राइटर्स बिल्डिंग के
03:01उपरी हिस्से की एक खिडकी पर
03:03अकसर एक आदमी देखता है
03:05लंबा शरीर, कोट पहने हुए
03:07वो बिना हिले-डुले
03:09नीचे सडक को देखता रहता है
03:11एक ड्राइवर बताता है
03:12मैंने सोचा कोई कर्मचारी होगा
03:15पर जब मैंने दुबारा देखा
03:18वहाँ कोई नहीं था
03:19और खिडकी
03:21अंदर से बंद थी
03:23कुछ लोगों ने कहा
03:25वो शायद कोई पुराना अफसर है
03:27जो अब भी अपने
03:28ड्यूटी ओवर्स खत नहीं कर पाया
03:31राइटर्स बिल्डिंग में
03:32एक निश्चित कमरा कई बार
03:34ओफिस के लिए अलोट हुआ
03:36लेकिन हर बार वही कहानी
03:38दोहराई गई
03:39पहला अफसर
03:41मैं ठीक से सो नहीं पाता
03:42राद भर कोई मेरे पीछे चलता है
03:45दूसरा अफसर
03:47फाइले खुद बखुद गिर जाती है
03:49तीसरा अफसर
03:50कुरसी पर बैठो तो लगता है
03:53कोई और पहले से वहाँ बैठा हुआ है
03:55आखिर में
03:57उस कमरे को अस्थाई रूप से
03:59बंद्र कर दिया गया
04:00बोर्ड लग गया
04:01अंडर मेंटेनेंस और अंदर
04:04बस सन्नाटा रह गया
04:05राइटर्स बिल्डिंग
04:07सिर्फ अंग्रेजों की कहानी नहीं
04:10ये आंदोलन की कहानी भी है
04:13यहाँ एक घटना हुई थी
04:15जिसने पूरे शहर को हिला दिया
04:17यही किसी समय
04:19ब्रिटिश अफसरों पर हमला हुआ
04:20कुछ कहते हैं
04:22उनकी मौद के बाद
04:24उनकी आत्माय चैन नहीं पा सकी
04:26राद के सन्नाटे में
04:28कभी कभी तेज कदमों की आवाज आती है
04:31जैसे कोई भाग रहा हो
04:33या किसी को पकड़ने की कोशिश कर रहा हो
04:36गार बताते हैं
04:38कदम
04:39उपर से नीचे
04:40और फिर अचानक गायब
04:42जैसे किसी की कहानी हवा में रुख गई हो
04:46दिल्चस बात यह है
04:48राइटर्स बिल्डिंग की मरमत कई बार शुरू हुई
04:51और कई बार अचानक रोक दी गई
04:54मजदूरों का कहना है
04:56उपर के हिस्सों में काम करते समय
04:58अचानक औजार गिर जाते हैं
05:01स्कैफोल्डिंग हिलने लगती है
05:02और अजीब सी बेचैनी होती है
05:05कुछ ने रात की शिफ्ट करने से इंकार कर दिया
05:08सरकार ने कारण बताया
05:10सुरक्षा जोखिम
05:12लेकिन शहर के लोग कहते हैं
05:14जो अंदर है वो नहीं चाहता कि कोई उसे छेडे
05:17अब सवाल क्या ये सबसच है
05:20वैग्यानिक कहते हैं
05:22पुरानी इमारते आवाजे बनाती है
05:24हवा दिवारों में फसकर गूंज बनाती है
05:28मानसिक तनाव
05:29प्रेजन्स जैसा एहसास देता है
05:32और राइटर्स बिल्डिंग
05:34इतिहास और तनाव
05:36दोनों से भरी हुई है
05:37लेकिन फिर भी
05:38एक ही तरह की कहानिया
05:40सालों से
05:41अलग अलग लोगों से
05:43क्या ये सिर्फ दिमाग का खेल है
05:46या कुछ ऐसा
05:47जो हम समझने के लिए तैयार नहीं
05:50राइटर्स बिल्डिंग आज भी खड़ा है
05:52शहर के बीचों बीच
05:54आधुने कोलकाता
05:56और पुराने राज का मौन गवा
05:58दिन में भीड
06:00शोर
06:01फाइले
06:02मीटिंग्स
06:03और रात में
06:05बस एक सवाल
06:06क्या इस इमारत के दर्वाजे वास्तव में बंध है
06:09या उनके पीछे
06:11कुछ ऐसी कहानिया चल रही है
06:13जो इनसानों के जाने के बाद भी खत्म नहीं होती
06:16कहते हैं
06:18अगर किसी रात आप राइटर्स बिल्डिंग के पास से गुजरे
06:33क्या राइटर्स बिल्डिंग भुधा है
06:35या ये इतिहास
06:37डर और अफवाहों का मिश्रण
06:40हम सच नहीं जानते
06:41लेकिन इतना जरूर है
06:43कुछ इमारते सिर्फ इंट पत्थर की नहीं होती
06:46वे अपने अंदर भावनाएं
06:49कहानिया और यादे
06:51संभाल कर रख लेती है
06:52और राइटर्स बिल्डिंग
06:54शायद ऐसी ही एक जगे है
06:56जहां दर्वाजे बंध है
06:59लेकिन राज
07:01अब भी खुले है
Comments