00:00आपको ये बताते हैं कि क्या चाइना किसी बहुत बड़े युद्ध की तयारी कर रहा है और अगर कर रहा
00:05है तो ये भारत के लिहाज से कितना खतरनाक हो सकता है
00:10स्वीडन के मशूर ठिंक टैंक स्टॉक्होम इंटर्नाशनल पीस रिसर्च इंस्टिटूट की एक नई रिपोर्ट आई है
00:16ये चाइना के बारे में बहुत गंभीर बातें बता रही है ये कहती है कि चाइना अपने डिफेंस बजट में
00:22एतिहासिक रूप से वृध्धी कर रहा है
00:26दुनिया में जिन 10 देशों का सबसे ज़्यादा रक्षा बजट है उनमें रश्या, यूक्रेन और जर्मनी के बाद सबसे ज़्यादा
00:34रक्षा बजट चाइना ने ही बढ़ाया है
00:37हम बढ़ोतरी की बात कर रहे हैं
00:392016 से 25 के बीच चाइना के रक्षा बजट में 62 प्रतिशत की वृध्धी हुई है
00:45जबकि अमेरिका में सिर्फ 11 प्रतिशत, भारत में 49 प्रतिशत, ब्रिटन में 32 प्रतिशत, सौदी अरब में लगभग 12 प्रतिशत
00:53यह देखे, रक्षा बजट में किस देश में कितनी वृध्धी हुई है, तो दसवे नंबर पर जापान है, जिसमें आप
01:00देख रहे हैं 61, यहीं पर चाइना आप देखे, दूसरे नंबर पर है 22 प्रतिशत, रश्या ने 96 प्रतिशत और
01:07जर्मनी ने 118 प्रतिशत का इजाफ
01:23जिस दर से चाइना अपने रक्षा बजट को बढ़ा रहा है, उसका सीधा समतलब यह है कि वो अपनी सेने
01:29ताकत को और मस्बूत करना चाता है, इसी रिपोर्ट में ये भी बताया गया है, कि जब जब किसी देश
01:34ने बड़ी अर्थविवस्ता होने के साथ अपने रक्षा �
01:40लड़े हैं, और इसी वज़े से अब ये सवाल भी खड़ा हो रहा है कि क्या चाइना भी किसी युद
01:46लड़ने की तैयारी में लग गया है, आज सवाल यही है, पहले नंबर पर अमेरिका है, जब आप पूरे रक्षा
01:55शेत्र में खर्चे को देखते हैं, तो पहले नंबर प
02:00उसमें 33 प्रतिशत पैसा कौन लगाता है, अमेरिका, पूरे विश्का अगर आप रक्षा बज़ट देख लीजे, 33 परसेंट उसमें जो
02:10पैसा है वो अमेरिका लगाता है, इसके बाद चाइना 12 प्रतिशत, दूसरे नंबर पर है चाइना, रश्या भी तीसे नंबर
02:18पर आत
02:31प्रतिशत प्रतिशत उसका है, दुनिया के रक्षा खर्च में जो हिस्सेदारी है, अमेरिका की 33 प्रतिशत है, उसके बाद से
02:39सीधा आजाईए आप चाइना पर, जो की सबसे उपर इस तरफ है लाल, 12 परसेंट, और चाइना के बाद है
02:466.6 प्रतिशत पर रश्या, जर्मन
02:4933.9 परसेंट पर, 3.2 प्रतिशत पर भारत, 3.1 प्रतिशत ब्रिटन, 2.9 प्रतिशत उक्रेन, 2.9 प्रतिशत
02:58साओधी अरब और फ्रांस का 2.4 और वहीं पाकिस्तान का 0.4 प्रतिशत है, ये पूरे विश्य में रक्षा
03:05खर्च में हिस्सेदारी है और जपान का 2.2 परसेंट
03:19954 बिलियन डॉलर, चाइना दूसरे नमबर पर है 336 मिलियन डॉलर, तीसे नमबर पर रश्या है 190 बिलियन डॉलर और
03:29114 बिलियन डॉलर के साथ जिर्मनी चौथे नमबर पर और भारत 92.1 बिलियन डॉलर पर, पांचवे नमबर पर आ
03:38चुका है, अब अगर भारत और चाइन
03:40कि रक्षा बजट की तुल ना करें तो इसमें बहुत बड़ा अंतके चैना का रक्षा बजट तीजस फिल्यक्तर hacks
03:46भारत का 92.1 बिलियन डॉलर यानि चाइना का रक्षा बजट अब भी हमसे लगबग साड़े तीन गुना है तीन
03:53दशमलों छे गुना हम साड़े तीन साल में जतना पैसा रक्षा बजट पर खर्च करते हैं उतना चाइना एक साल
04:00में खर्च कर देता है और इसलिए अगर चाइ
04:17हालाकि यहां हम इस बात को भी जोड़ना चाहते हैं कि सिर्फ रक्षा बजट जादा होने से ही कुछ नहीं
04:23होते हैं आप इरान का उदारन देखें जहां अमेरिका के पास दुनिया का सबसे बड़ा रक्षा बजट था वो 954
04:29बिलियन डॉलर का है इरान कहीं नहीं आस-पास
04:33लेकिन खड़ा रहा अमेरिका के सान ने इरान का रक्षा बजट दुनिया में बहुत पीछे 38 स्थान पर है 38
04:40थी हर साल अपनी सेना पर सिर्फ 7.4 बिलियन डॉलर करता है लेकिन इसके बावजूद इरान ने कैसे अमेरिका
04:48की सेना का सामना किया वो सब ने देखा आप एक औ
04:52और उदारन देखिए सिप्री की यही रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में जो देश GDP के मुकाबले सबसे जादा पैसा
04:57रक्षा बजट पर खर्च करते हैं उनमें इसराइल जॉर्डन ओमान कोवेट साओधी अरब सबसे ऊपर आते हैं लेकिन इस यूद
05:05में सब ने देखा
05:21और इस मामले में भारत कहीं आगे है
05:28खेर आगे बढ़ते हैं और आपको चाइना की उन डाक फैक्टरीज में लेकर चलते हैं जिनके बारे में पूरी दुनिया
05:33आज बात कर रही है
05:34अगर हम आपसे ये कहें कि बड़ी सी फैक्टरी में हर साल एक करोड फोन बनाए जाते हैं या इसी
05:41तरह की एक फैक्टरी में हर दिन लगभग आठ सो गाड़ियां बनाई जाती हैं और इन फैक्टरियों में इंसान होते
05:48ही नहीं मजदूर होते ही नहीं एसी नहीं होता यहा
05:56आप इस पर विश्वास कर पाएंगे अब तक इसे साइंस फिक्षन ही माना जाता था लेकिन चाइना में एक एसी
06:02सेकडो फैक्टरिया इस वक्त काम कर रही है जिने डाक फैक्टरी या लाइट्स आउट फैक्टरी कहा जा रहा है इसे
06:09रोबोटिक्स टेक्नोलोजी में अब त
06:25जैसे चांग पिंग कहते हैं इस इस एक उल्ग्यारफ प्रोडक्शन लाइन्स हैं और यहां हर सेकेंड एक स्मार्ट फोन असेंबल
06:31किया जाता हर सेकेंड लेकिन आपको श्वास नहीं होगा कि इनमें से एक भी फैक्टरी में इनसान काम नहीं करते
06:39इनमें किसी भी फैक्ट
06:51लेकिन अचाय के ब्रेक की यह AI रोबोट्स 24 घंटे 7 दिन 365 दिन काम करते हैं सबसे बड़ी बात
07:00तो यह है कि इन रोबोट्स को इनसान की तरह मुबाइल फोन या गाडियां बनाने के लिए फैक्टरी में लाइट
07:05की ज़रूरत नहीं होती यह अंधेरे में भी अपना काम कर
07:08सकते हैं जिसके कारण इन फैक्ट्रियों को डाक फैक्ट्री यह लाइट आउट फैक्ट्रीज कहा जाता है अब यह बात हर
07:16कोई जानना चाहता है कि जिस चायना में लगबग 140 करोड की आवादी है वह फैक्ट्रियों में इंसानों को AI
07:21रिबोट से क्यों रिप्लेस किया जा
07:38है यह वहार की यह वीडियोज सें जो आप इस वक्ट देख रहे हैं इसके लिए चायना खुद को दुनिया
07:44के सबसे बड़ी फैक्टरी बनाना खुद
07:58उसके पास सबसे बड़ी वर्कफोस जो कम कीमतों पर काम करने के लिए तयार थे इसका चाइना को खूब फाइदा
08:05मिला लेकिन इसके बाद बन चाइल पॉलिसी के कारण चाइना में जंदर गिरने लगी नई वर्कफोस घटने लगी इसे मिदल
08:11ख्लास का भी दारा बढ़ा औ
08:13और नई पीड़ी फैक्टरी की नौकरियों से दूर होने लगी चाइना में लोग फैक्टरियों की बजाए इंजिनियर, डॉक्टर, रिसर्चर्स बनने
08:20का सपना देखने लगी इसे चाइना को समझ आ गया कि अगर लोग फैक्टरियों में काम ही नहीं करेंगे तो
08:24पादन �
08:25शमता घट न जाए वो मेनिफाक्टरिंग के शित्र में अपनी बढ़त को खोदेगा और इससे इसके लिए अमेरिका को पीछे
08:31चोड़ना उसके लिए मुश्किल हो जाएगा यही सोचते हुए चाइना ने आटोमेशन को अपनी राष्ट्रियों नीती बना दिया यह तै
08:39कि
08:39कि वो ऐसी फैक्ट्रिया बनाएगा जहां इंसानों के बना भी काम हो सकता है अब आटोमेशन पर जाने के लिए
08:45चाइना ने कॉपी पेस्ट की तरकीब निकाली उसे जापान के डाक फैक्ट्री मॉडल को कॉपी किया जपान ही वो ऐसा
08:53पहला देश था जहां फूजी कंपन
09:09देखा उसने कॉपी किया कि पेस्ट कर लिया अला कि इस कॉपी पेस्ट में भी चाइना के सामने बड़ी चुनौती
09:16थी चालेंज था यह जन्रेटेड विडियो है कुछ रिएल विडियो भी हम आपको दिखा रहे है चालेंज क्या था चुनौती
09:24यह थी कि उसके पास अड�
09:37अबोर्टिक्स कंपनी को खरीदा जो डाक फाक्टरी बना सकती थी 14-17 के भी चाइना ने जर्मनी की 274 कंपनियां
09:46ही खरीड डाली जिसमें क्यूंका कंपनी शामिल थी
09:51इसे हुआ यह कि जब चाइना के पास डाक फाक्टरी टेक्नोलिजी के लिए टेक्नोलिजी भी थी इसे लागू करने का
09:57पूरा मॉडल भी था
09:58और इन्ही के दम पर चाइना ने बड़े पैमारे पर डाक फाक्टरियाज बनानी शुरू कर दी और इस पूरे एक
10:03शेत्र को तेजी से बदल दिया
10:05ब्लूमबर्ग के मताबिक 2013 में चाइना के मिनिफाक्टरिंग सेक्टर में साड़े ग्यारक करोड लोग काम करते थे
10:11जिनकी साल 2025 में संक्या साड़े आठ करोड रह गई यानि तीन करोड से जादा नौक्रियां खत्म ही
10:17लेकिन इसके बावजूर चाइना का एक स्पोर्ट निर्याद उसकी उत्पादन शम्ता मैनिफाक्टरिंग केपबिलिटी पूरी दुनिया में रेकॉर्ड स्तर पर पहुँच
10:28गई है
10:29यह चमतकार इसलिए हुआ क्योंकि चाइना में तेजी से ऐसी फैक्टरियां बनाई गई जहां रोबोस सारी काम कर सकते थी
10:36आज योमी की जो चाइंग पिंग फैक्टरी है हर सेकेंड एक स्मार्टफोन बनाती है हर सेकेंड और वहाँ एक भी
10:43इंसान काम नहीं करता
10:45फॉक्सकॉन फॉक्सकॉन ने कई जगह पर लाइक साउट प्रोडक्शन लाइन शुरू की है
10:51और कुंशान प्लांट में ही साथ हजार से जादा मजदूनों की जगह मशीने लगा दी गई है
10:56वहाँ डाक फैक्टरियों का कॉंसेप्ट आम कॉंसेप्ट हो गया
10:59IFR की World Robotics 2025 रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में चाइना में 20 लाग से जादा फैक्टरी रोबो थे
11:07जो दुनिया की कुल मांग का 54 प्रतिशत है
11:13चाइना में आज भी हर 10,000 मजदूरों पर 392 रोबोज है दुनिया में यही ओसत 141 है और चाइना
11:20में 392
11:21इससे आप यह समझ पाएंगे कि चाइना अब इंसानों के साथ साथ रोबोज की एक आबादी बना रहा है
11:27एक पूरा पॉपिलेशन क्रेट कर रहा है रोबोज का और साल 2100 तक ऐसा होगा जब पूरी दुनिया के 25
11:35प्रतिशत रोबोज अकेले चाइना में होगे
11:3725% रोबोज सिर्फ एक देश और वो देश चाइना होगा
11:42चाइन रोबोज की मदद से फैक्टरियां भी चलाएगा स्मार्टफोन गाडियां बनाएगा हत्यार बनाएगा
11:47चाइना की सेना में भी रोबोज ही हर जगा मौजूद होगा
11:50और इसे ये भी पता चलता है कि चाइना कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है
11:54और वक्त आ गया है जब भारत को इसके बारे में सोचना होगा
11:58अगर भारत को आने वाले समय के हिसाब से तयार होना है
12:13तब चाना अडवांस मिनिफैक्टरिंग के लिए 15 बिलियन डॉलर यारी एक लाख एक तालिस हजार करोड रुपे ट्रेनिंग प्रोग्राम पर
12:22खर्च कर चुका है
12:22और हमें लगता है कि इस तरह की खबरों के बारे में भी आपको पता होना जरूरी है क्योंकि यही
12:27वो खबरे हैं जो दुनिया को बदल रही है
12:29और बड़ी तेजी से इनमें बड़ोत्री हो रही है इनका आप पर आने वाली पीडियों पर हमारे बच्चों पर सीधा
12:37असर होने वाला है और उसके लिए तैयारी होनी चाहिए
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