00:00आविशक्ता पढ़ने पर सुप्रीम कोड का रूख करेंगे तब अर्विंद केजिवाल ने कहता लेकिन आप वो राजगार पहुंच गया है
00:05महात्मा गांधी का बड़ा उल्ले का बामाद में पाटी करें आश्रतोस में साथ हमारे समधा तर जुड़ गया है
00:09आश्रतोस सत्यागिरा के पीच में राजगार पहुंचना क्या दर्शाना क्या प्लैनिंग है आपकी अर्विंद केजिवाल की
00:28संदेश ये दरसल दिया था कि जिस अदालत में उनके खिलाफ जो सुनवाई हुई है
00:31उसमें ज्यादा तर मामलों में उस अदालत के फैसले सुप्रीम कोर्ट में पल्टे उनके लिए उस अदालत से प्रकिरिया ही
00:38सजा बन गई
00:38प्रोसेस बिकेम पनिश्मेंट फर अर्विंद केजिवाल और उसके बाद जब ऐसा हुआ कि कॉन्फिक्ट आफ इंटरेस हो कह रहे है
00:44कि हमें इस बात का संदे है कि इस अदालत से नियाए नहीं मिलेगी जिसकी बहुत सारी वज़े है उन्होंने
00:49उसी अदालत के सामने गिन
01:08और अर्विंद केजिवाल अपने तमाम लोगों के साथ यहां पहुंचे वो आये हैं शद्धांजली देने और कह रहे हैं कि
01:14यह सत्याग्रह इसको हम सत्याग्रह ही मानते हैं क्योंकि अब एक सत्याग्रह करते हुए हम उनकी अदालत में जाएंगे ही
01:22नहीं जो नोटिस अ�
01:34आगे अदालत को अब जो कारिवाई करनी करेंगी और उसके बाद उसके कानूनी रास्ते खुले हैं तो कानूनी लडाई अर्विंद
01:39केजरिवाल के यहां से शुरू होती है सुप्रिम कोर्ट में जाहिर हुने आज निकल जाना ही पड़ेगा लेकि जनता के
01:44बीच भी जाना
01:45है और दूसरा ये बताना कि न्याय के लिए क्यों कि निचली अदालत देखे अगर हाइकोर्ड में भी सुनवाई होती
01:50है अल्टिमेटली ट्राईल अगर यह भी माने कि यह खैसला पलटता है फिर से ट्रायल लोगा तो तो ट्रायल नीचली
01:55अदालत में ही होना है और फिर ज
02:15प्रॉसेस एक बार फिर पनिश्मेंट बनाने की कोशिश हो रही है और इसी को लेकर के उन्हें संदेश उसी अदालत
02:20से है कि जहां पर इतना समय लगा इतने साल लगे हमें नयाय नहीं मिला फिर ऐसी स्थिती होने वाली
02:25है वो ना हो इसलिए वो जनता के बीच भी संदेश दे
02:44रहे हैं तो आप्टिक्स बहुत बड़ा होता है राजनीती में ये दिखाने के लिए कि हम शांति का मार्ग ले
02:48रहे हूँ उनके नेता ये भी दलील दे रहे हैं लेकिन आ जब प्रिटिश काल कि आप राजनीती कर रहे
02:53हैं आप कैसे तैय कर सकते हैं कि कौन जज होगा कौन �
02:57होगा क्या जो लोग आपको मानने आपको सुनने वाले हैं किया उनका नियाई की ववस्ता पर भरुसा कम Ona
03:11यही तो एजंसी आदालत के उपरी कि यहां भी जजज बदल दीजे कि उन्हें तो जजज बदलने को मिल गया
03:22था उनका कोर्ट बदल गया था और
03:23यहां उन्होंने जो वजह गिनाई है कि उन्हें एक अदालत में एक पर्टिकुलर जो जज है जिनकी अदालत में उन्हें
03:29इनसाफ मिलने में देरी लग उसकी वजह बहुत सारी उन्होंने गिनाई है कि उनके फैसले पलते गए देखे अर्विन के
03:34जवाल आ रहे हैं शंबलता
04:06मामला कोट का है अदालत का है हम अदालत का बहुत सम्मान करते हैं हम अपने देश की नियाए प्रणाली
04:14का बहुत सम्मान करते हैं
04:15क्योंकि इसी नियाए प्रणाली ने हमारी जुडिशिरी ने हमें बेल दिलवाई आरोप मुक्त किया आज हम लोग अगर आजाद घूम
04:26रहे हैं तो हमारी नियाए प्रणाली की वज़े से घूम रहे हैं लेकिन कुछ ऐसे सरकम्स्टांस पैदा हुए हैं जिसकी
04:32वज़े से हम
04:33में ये सत्यागरे करना पड़ रहा है और वो सभी हमने जज साहिबा को जो चित्थी लिखी है उस चित्थी
04:39में बया कर दी है क्योंकि बेहत समवेदन शील मामला है तो मैं अभी मीडिया में कुछ इस बारे में
04:44बोलना चाहिए
04:50अब सुन रहे थे राजी वो बात करके गए है कि देखे जिस जच को जिस अदालत को ले करके
04:55दिकत थी कि अदालत निया व्यवस्था के लिए नहीं है एक इंडिविजुल के खिलाफ है जिनकी अदालत में उन्हें इंसाफ
05:00नहीं मिला वो इसलिए बहुत ज़्यादा कुछ न
05:15पूर ब्यूरोक्रेटर हैं तो उन्हें थोड़ा बहुत कानून का ज्यान वो भी है उसके सासाथ उनकी अपनी पूरी लीगल है
05:22तो कहीं ने कहीं प्रकिरिया को लेकर के कानूनी राय शुमारी तो उन्होंने की है राय विमर्श किया है उसके
05:29बाद यह फैसला लिया था वर
05:45एक कानूनी पहलू भी है दूसरा राजनीतिक पहलू है राजनीतिक पहलू के जो बात थी वो आप्टिक्स हमने यहाँ पर
05:50देखी जो कानूनी पहलू है वो यह देखे हैं आश्चुदूश बहुत शुक्री आपका इस तमाम जानकारे खेले
Comments