00:26Hello and welcome, I'm Good Returns, I'm here with you.
00:301991 का Crisis, 2020 का COVID pandemic, और अब 2026 में Numbers का Game, हर बार कहानी अलग रही, लेकिन
00:39सवात रही, कि क्या भारत सच में बांगरादेश से पीछे हो गया है, या ये सर्फ डेटा का खेल है,
00:45जो कभी perception बदल देता है, और कभी ranking.
00:47Today in the video, the news that we are going to show you will be able to make sure and
00:53think about it.
00:55The International Monetary Fund, which is what we know about IMF,
01:00which is a report on the report.
01:02The report on the year 2026, Bangladesh, and Bharat,
01:07but here is a twist.
01:10This is a comparison to GDP per capita,
01:14and the contribution to the country in the US are an average.
01:22IMF will be in the US.
01:24In 2016, the income of cultural values are approximately $291,
01:30while Hungary is about $282.
01:34The currency of capital is about $200.
01:35But the price of quantity is really low.
01:38The currency is about $30,
01:40the currency of a capital value.
01:54This is the most important part of the country.
02:11I.M.F. के मुताबिक 2026 में भारत की कुल GDP होगी करीब 4.1 trillion dollars जबकि बांगलदेश की
02:21GDP करीब 510 billion dollar की होगी यानि size के हिसाब से कोई मुकाबला थी
02:25फिर भी पर capita में भारत पीछे क्यूं है ये बड़ा सवाल है और इसके पीछे हैं 3 बड़े कारण
02:33पहला कारण है कोविट के दौरान भारत की economy में ज्यादा गिरावचाई है कोविट का वो दौर आपको याद होगा
02:40साल 2020 वाला pandemic आया और भारत की economy को बड़ा जटका लगा था
02:45अब आये ज़रा दूसरे कारण पर रुपया करीब 10 फीसिदी तक कमजोर हुआ जिससे dollar terms में income कम दिखती
02:52है तो रुपय के depreciation का भारत के इनाकरों पर negative असर पड़ा है ये negative triggers ने तीसरा बड़ा
03:01कारण है GDP calculation
03:02GDP calculation का base year बड़ा गया है जिसने numbers को नीचे खीच लिया है अब इन तीन factors ने
03:10मिलकर per capita income को दबा दिया अब इस report के बाद experts की अगर हम माने या analyst को
03:17अगर हम देखें तो वो दो हिस्सों में बटे हुए नजर आ रहे है
03:20एक पक्ष इसे warning signal मान रहा है पूर World Bank Chief Economist कौशिक बसू ने इसे चौकाने वाला बताया
03:27है और कहा है कि भारत को अब slogan से आगे बढ़कर policies पर focus करना होगा
03:33वहीं दूसरा पक्ष यह कहा रहा है कि यह over reaction भारत के पूर विदेश सचिफ कमल सिब्बल ने यह
03:38कहा कि सिर्फ एक आक्रे से पूरे economy को judge नहीं किया जा सकता
03:42वहीं कोचक महिंदरा Asset Management के MD और PM Economic Advisory Council के सदसे निलेश शाह का भी साब कहना
03:50है कि हाँ यह चिंता की बात है लेकिन पैनिक करने की जरूरत नहीं भारत की growth story reverse नहीं
03:57हो रही
03:58अब निलेश शाह अगर इसको positively बता रहे हैं और यह कह रहे हैं कि growth story reverse नहीं हो
04:03रहें तो कहीं न कहीं यकीन करने का दिल करता है क्योंकि निलेश शाह के views के उपर लोग काफी
04:09depend रहते हैं
04:10लेकिन सबसे बड़ा सवाल भी है कि क्या भारत सच में पीछे जा रहा है तो देखे जवाब अगर हम
04:15analyst और experts के मताबिक देखें तो मिलेगा कि ऐसा नहीं है यानि नहीं नहीं बड़े टापस है
04:36वहीं छोटे देशों में population कम होने की वज़े से पर capita income जल्री बढ़ जाती है
04:42तो क्या हमें चिंता करने शाहिए जवाब तो है कि हाँ लेकिन limited extent तक क्योंकि ये दिखाता है कि
04:47आम आदमी की income growth अभी उतनी तेज नहीं है लेकिन positive side भी है
04:52IMF खुद कहरा है कि 2027 में भारत फिर से बांगलादेश से आगे निकलेगा और 2031 तक ये lead पर
04:58करार रह सकती है
04:59तो साफ है ये सिर्फ numbers की लड़ाई नहीं है ये एक बड़ा indication है बड़ा संकेत है अब focusive
05:05growth rate पर नहीं बलकि inclusive growth पर होना चाहिए
05:09क्योंकि देश का बड़ा होना काफी नहीं है हर नागरेख का आगे बढ़ना जरूरी है और असली सवाल यही है
05:14कि क्या भारत की growth हर आम आदमी तक पहुंच रही जवाब आपको क्या लगता है comment section में जरूर
05:20बताएगा देखते रहेए good returns
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