00:00४४४४४४
00:30लगभग 3,000 से 4,000 टन करीब माल जाता था
00:35जिसके करण हमारे किसान 27 में जुड़े हुएं 100-500 किसान है
00:42उनके माल को बेचने में दिक्कत जा रही है
00:45माल पर तयार है
00:47माल बेचने में दिक्कत है
00:51एक्सपोर्ट ठप होने से मचली उतपादकों को
00:5336 करण और ओरिसा की स्थानिय मंडियों में माल बेचना पर रहा है
00:58जिससे करोडों रुपियों का नुकसान हो रहा है
01:00लोकल में कम रेट में हमको बेचना पड़ रहा है
01:05जो हमारी लागत है वो निकालना में भी दिक्कत जारी है
01:09लगभग 45 से 50 करोड रुपे करीब का नुकसान होगा
01:14या हुआ है
01:15मार्केट जो है अच्छा बन गया था
01:32मचली पालक तिलापिया मचली का ज्यादा उत्पादन कर रही है
01:35क्योंकि बाहर देशों में इसकी डिमांड ज्यादा है
01:39कम लागत और कम समय में ये मचली तयार हो जाती है
01:51इस संकट का असर सिर्फ मचली व्यापारियों तक सीमित नहीं है
01:55धमतरी जिले के सौ से ज्यादा मचली पालक किसान इस नुकसान से प्रभावित हुए है
02:01मगार ये टेंपरारी है वोफ़ली जल्दी मार्केट रिकाफर करेगा
02:05और होपुली ये सिचुशन ठीक होने के बाद चीज़े काफी इंप्रूब हो
02:12खास कर 36 गड़ के धमतरी जिले में मचली उत्पादन बड़ी मातरा में होती है
02:16और यहां से अमेरिका और विदेसों तक यहां का मचली जाता है
02:21तलपिया जो मचली कहते हैं उसे विदेसी लोग और खास करके लोग इसे काफी पसंद करते हैं
02:27लेकिन अब देखना होगा कि जो युद्ध की वज़ा से जो बिजनेस इनका रुका हुआ है वो कब तक चालू
02:32होता है
02:33और जो इनका नुकसान हुआ है उसे भरपाई ये कब तक कर पाते हैं
02:36विशेक मिसरा इटीवी भारत दमतरी
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