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  • 1 hour ago
जस्टिस स्वर्णकांता के खिलाफ केजरीवाल ने खोला मोर्चा, करेंगे सत्याग्रह ?

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00:00कि RSS की जिस विचारधारा वाली सरकार ने जूठे आरोप लगा के मुझे जेल डाला
00:08जज साहिबा ने स्वेम माना हैं कि उस विचारधारा से जुड़े संगठन अखिल भारतिय अधिवक्ता परिशत के मन्चों पे वे
00:18कई बार जाती रही हैं
00:20मैं और आम आदमी पार्टी उस विचारधारा के घोर विरोधी हैं ऐसे में क्या उनके सामने मुझे न्याई मिल सकता
00:30है
00:36कोर्ट में मेरे विपक्ष में केंदर सरकार की सीबी आई है और जस्टिस स्वनकांता जी के दोनों बच्चे केंदर सरकार
00:46में काम करते हैं
00:48उनके दोनों बच्चे केंदर सरकार के वकीलों के पैनल में है
00:53हमारे सामने कोट में दूसरी ओर से वकील है
00:57सॉलिसिटर जनरल श्री तुशार महता जी
01:00तुशार महता जी दोनों बच्चों को केस देते हैं
01:03उन्हें कितने केस मिलेंगे, कौन से केस मिलेंगे
01:07ये तुशार महताजी तै करते हैं
01:10भारत सरकार के पैनल में लगबग 700 के करीब वकील है
01:15लेकिन जस्टिस वनकांता जी के बेटे सबसे ज़्यादा केस पाने वाले वकीलों में से एक हैं
01:23उनके बेटे को 2023 से 2025 के बीच लगबग 5904 केस डॉकेट मिले
01:34इससे उनके बेटों को करोडों रुपए की फीस मिली
01:38आज की तारिख में उन बच्चों का भविश्य और कमाई दोनों काफी हद तक तुशार महताजी पर निर्भर है
01:48तो किसी के भी मन में ये चिंता सभाविक है
01:50कि अगर जजज साहिबा उस वकील के खिलाफ फैसला कर पाएंगी
02:04मैं ये इस पश्ट करना चाहता हूँ कि मुझे जुडीशिरी पे पूरा भरोसा है
02:10मैं जुडीशिरी का बहुत सम्मान करता हूँ
02:14जब मेरे खिलाफ गलत साजिश हुई तो हमारे देश के जुडीशिरी नहीं मुझे नयाय दिया था
02:21जब मुझे जुटे केस में गिरफतार किया गया तो इसी जुडीशिरी ने मुझे बेल दी थी
02:27इसी जुडीशिरी ने मुझे उसी जूठे केस में दोश मुक्त करार किया है
02:33पिछले 75 वर्षों में जब जब देश पे आँच आई
02:37हमारे देश की जुडीशिरी ने देश को बचाया
02:40और नागरीकों के हितों की रक्षा किया
02:44मैं जस्टिस स्वनकांता जी का भी बहुत सम्मान करता हूँ
02:47मुझे उन से या उनके परिवार से किसी भी प्रकार की कोई व्यक्तिगत आपती नहीं है
02:55लेकिन न्याय का एक बहुत बड़ा सिधान थे
03:06जस्टिस स्वनकांता शर्मा जी से पूरे सम्मान के साथ हनुरोद किया
03:10कि वो इस कंफ्लिक्ट आफ इंट्रेस्ट जैसे कारणों की वज़े से
03:16इस केस से खुद को अलग कर ले
03:20लेकिन उनने मेरी दलीले खारिज कर दी
03:22और फैसला दिया कि वो स्वेम ही ये केस सुनेंगी
03:28आज मेरे सामने सबसे आसान रास्ता है
03:32कि मैं उनका आदेश मान लूँ
03:34और एक बड़ा वकील खड़ा करके उनके सामने अपना केस लड़ूँ
03:40पर यह मुद्दा अब सिर्फ मेरे केस का नहीं है
03:42बल्कि आम लोगों के न्याय प्रणाली पर भरोसे काया
03:46ऐसी दुविधा के मौके पे बापु ने हमें सत्याग्रह का रास्ता दिखाया
03:53बापु ने कहा था कि जब भी किसी अन्याय का सामना करो
03:57तो उसका पहला कदम विरोध नहीं
04:00बल्कि बात्चीत होना चाहिए
04:03अपनी बात अन्याय करने वाले के सामने
04:06पूरी विनम्रता के साथ रखनी चाहिए
04:08और उसे सुधारने का पूरा मौका देना चाहिए
04:12सारी कोशिशों के बाद भी अगर न्याय ना मिले
04:17तो अंतर आत्मा की आवाज सुनो
04:20यदि अंतर आत्मा की आवाज कहती है
04:23कि न्याय नहीं हुआ
04:25तो शांती और विनम्रता के साथ सत्याग्रह करना चाहिए
04:29फिर उसके जो भी परिनाम हूँ
04:32वो सहर्ष सुईकार करने चाहिए
04:36पर इस पूरे प्रकरण में
04:38अन्याय करने वाले व्यक्ति के प्रती
04:42किसी भी प्रकार की नफरत या गुसा नहीं होना चाहिए
04:48मैंने भी बातचीत से शुरुआत की
04:51पूरी निष्ठा और विनम्रता के साथ
04:54जस्टिस वनकांता जी के सामने अपनी बात रखी
04:58उन्हें इस केस से अलग होने के लिए याचना की
05:01मैंने अग्रे किया कि मेरा केस हाई कोट के
05:04किसी भी अन्य जज़ द्वारा सुन लिया जाए
05:07लेकिन उन्हेंने मेरी प्रार्थना अस्विकार कर दी
05:11उन्हेंने फैसला दिया कि वे अपने आपको
05:14इस मामले से अलग नहीं करेंगी
05:16और ये केस वो स्वयम ही सुनेंगी
05:19उनके दिये गए इस फैसले से
05:21मैं पूरी विनम्रता पूरवक असहमत हूँ
05:26इस पूरे घटना करम के बाद
05:29मेरी आशंका और गहरी हो गई है
05:32कि क्या उनके सामने मुझे नयाएं मिलेगा
05:36बापू के दिखाए रास्ते पर चलते हुए
05:40सत्याग्रह की भावना से
05:41अब मैंने फैसला किया है
05:44कि मैं इस केस में
05:47जस्टिस वनकांता जी के कोट में
05:49ना तो स्वयम पेश होंगा
05:51और ना ही मेरी तरफ से कोई वकील पैरवी करेगा
05:56जस्टिस वनकांता जी जो भी फैसला सुनाएंगे
05:59उस पर समय आने पर
06:01मेरे जो भी कानूनी अधिकार है
06:04जैसे सुप्रीम कोर्ट में चनौती देना आदी
06:07वो सभी कतक अदम लेने के लिए मैं स्वतन्तरूँ
06:12ये बात आज मैंने एक पत्र लिखकर
06:15जस्टिस वनकांता जी को भी सूचित कर दिया है
06:19मेरा जस्टिस वनकांता जी से किसी प्रकार का व्यक्तिगत विरोध नहीं है
06:23यदि भविश्य में भी कभी
06:25उनके सामने मेरा कोई अन्य केस लगता है
06:28जिसमें मेरे विरोध में
06:31बीजेपी, केंदर सरकार
06:33या तुशार महताजी नहीं है तो मैं उनके सम्मक्ष जरूर पेश होँगा
06:39आप पूछ सकते हैं कि यदि मैं जस्टिस स्वनकांताजी के रेक्यूजल ओर्डर से असहमत हूँ
06:45तो उसके खिलाफ सुप्रीम कोट क्यों नहीं जा रहा हूँ
06:48उसकी तैयारी कर रहा हूँ
07:03में रखते हुए एक एक कदम उठाना है
07:07मैं ये कदम अहंकार या किसी विद्रो या विरोध की भावना से नहीं उठा रहा
07:13इस कदम के जरिये मेरा मकसद देश की कानून प्रनाली को चुनोती देना भी नहीं है
07:19और नहीं मेरा मकसद नियाय विवस्था का अपमान करना है
07:23इसी केस में मैंने हर स्टेज पे हर अदालत में अपना पूरा सहयोग दिया है
07:28मैं नियाय पालिका का बहुत सम्मान करता हूँ
07:31इसी नियाय पालिका की वज़े से आज मैं आजाद घुम रहा हूँ
07:34मेरा सिर्फ और सिर्फ इस से एक ही मकसद है
07:38देश की न्याय विवस्था पर लोगों के भरोसे को और मजबूत करना
07:44लोगों में अटूट विश्वास भरना कि जरूरत पढ़ने पर
07:49हमारे देश की न्याय विवस्था से उन्हें न्याय जरूर मिलेगा
07:54चैहन
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