00:01गर्मी की तपिष किसी को नहीं बख्ष रही
00:04इनसान हो या जैपूर के आमेर हाथी गाओं के हाथी जो सैलानियों को घुमाती है राजस्थान में पारा 40 डिग्री
00:14سेलसियस के पार पहुच गया है
00:16जैपुर में तापमान 41 degree Celsius तक है, ऐसे में इस गाउं के 76 हाथियों के लिए खास उपाई किये
00:23गए है
00:24इन हाथियों के कामकाज का समय बदल दिया गया है, एक दिन में सिर्फ आधे हाथी ही काम करती है,
00:31वो भी सुबह 6 से 10 बजे के बीच
00:35सब जो इनकी दिन चरिया है, सुबह हमारी 5 बजे से शुरू होती है, अब 5 बजे सुबह सोके उड़ते
00:42हैं तो पहले इनकी सफाई होती है, फिर इनको निलाना होता है, फिर इनको फ्रोड देके आमेर हाथी स्टेंट राइट
00:47पे जाते है
01:02इन हाथियों को जमीन की गर्मी से बचाने के लिए देखभाल करने वाले काम खत्म करने के बाद सरसों के
01:08तेल से उनकी पैरों की मालिश करती है
01:10मालिश से पैरों में दरारे और नाखूनों को नुकसान होने से बचाया जा सकता है, साथ ही नमी भी बनी
01:17रहती है
01:42पर गर्मी के तेम में जतनी नमी रखो कर आप नाखून में उतने अच्छे रहे
01:48गेंदर में शीतलन विवस्था भी बेहतर बनाई गई है, हर कोने में पंखों की जगे एर कूलर लगाए गई है
01:55गर्मी में हाथियों के आहार में भी बदलाब किया गया है, हाइडरेशन बनाई रखने के लिए पानी से भरपूर खाद
02:02शामिल किये गई है
02:21गर्मी में खाने में मतीर देते हैं, केले देते हैं, ककड़ी देते हैं, गन्ना देते हैं, सुकी जवार हो गई,
02:31रंचका हो गया
02:32He is the one who dies.
02:34What do you think about the population of the population?
02:36This is why the population are growing up.
02:40This is why the population is higher than the population.
Comments