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  • 4 hours ago
 खालिस्तानी समर्थक और 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) की अवधि बुधवार को समाप्त होने के बाद, पंजाब पुलिस ने उसे 2023 के बहुचर्चित अजनाला थाना हिंसा मामले में औपचारिक रूप से फिर से गिरफ्तार कर लिया. गुरुवार को अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने अमृतपाल को अजनाला के कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया. पुलिस ने गहन पूछताछ के लिए 15 दिनों की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने दलीलें सुनने के बाद केवल दो दिनों की पुलिस हिरासत मंजूर की. सुरक्षा कारणों और इंटेलिजेंस इनपुट को देखते हुए, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अनुमति दी है कि अमृतपाल को पंजाब लाने के बजाय डिब्रूगढ़ जेल में ही रखा जाए. सभी कानूनी कार्यवाही वर्चुअल माध्यम से ही पूरी की जाए.

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00:28
00:30पुलिस ने पूश्टाच के लिए 15 दिनों की रिमान मांगी थी।
00:33अमरित पाल को अजनाला थाना मामले में घटना के लगभग दो महीने बाद 23 अप्रेल 2023 को पहली बार पंजाब
00:40के मोगा जिले से पकड़ा गया था।
00:41अमरित पाल और हत्यारों से लैस उसके समर्थक बैरिगेट तोड़ कर अमरित सर के बाहरी इलाके में अजनाला थाना में
00:49घुस गए थे और अपने एक सहीयोगी की रिहाई के लिए अधिकारियों से भिड़ गए।
00:54इस मामले में अमरित पाल को मुख्य आरोपी बनाया गया है और उस पर हत्या के प्रयास अपराधिक साजिश और
01:01दंगा भढ़काने जैसी गंभीर धालाएं लगाई गई है।
01:24और उसके बाद उसे डिब्रुगड जेल में ही रखने की बाद कही गई थी।
01:28कोट ने पुलिस और न्यायक हिरासत सहित सुनवाई से संबंधित सभी कारवाई को विडियो कॉन्फरेंस से करने की परमिशन दी
01:34है।
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