00:19पहल गाम की मिट्टी पर निर्दोशों पे जब बार हुआ
00:25तब हून बहा कश्मीर में पर हर अंतर मन पर आधात हुआ
00:35बाइसरन अटाइक निर्दोश सिविलियन्स पर किया गया एक हीनियस अटाइक था
00:40जिस दिन से यह हमला हुआ उस दिन से इन पूरी भारतिय से ना इसके पीचे संलागिन थी
00:46कि इस इन अतंकियों को जल्दी से जल्दी एडेंटिफाइ करके इनको निर्टलाइज किया जाए
00:53पिर लिया प्रणमत वालों ने भारत के वीर जवानों ने
01:04हर हर हर का नाध हुआ आतंक का फेल संहार हुआ
01:11पिर न्याय हुआ पतिकार हुआ
01:22नमस्कार मैं हूँ श्वेता सिंग और आप देख रहे हैं आज तक
01:26पहलगाम की बैसरन घाटी में जहां पर रक्त बहाया गया निर्दोशों का
01:31जहां पर रिष्टों को तार-तार किया गया उसके बाद
01:36ओपरेशन सिंदूर जो चलाया गया देश की सरहद के पार आतंक के उस धाचे को खत्म करने के लिए
01:42और ओपरेशन महादेव जो चलाया गया पहलगाम के उन गुनहगारों का इंसाफ करने के लिए
01:50आज मेरे साथ ओपरेशन महादेव की टीम है और ये है इनकी कहानी
02:30जिनकी गोलियों से मारे गए पहलगाम के दोशी आतंकी
02:37जिनके शौर्य से पूरा हुआ पहलगाम हमले के दुसाहस का इंसाफ
02:44जिनके जजबे से हुआ आतंक का अंत
02:46के अनुड़ा है Märanda Visi
02:49ऑपरेशन महादेव की पूरी कहानी आज उनकी ही जुबानी
02:56आपका रोल क्या था सर ऐर ऑपरेशन महादेव में
02:58मैं टीम कमांढर था तो लाँच करन ऑपरेशन लाँच करने से पहले जितने भी
03:04planning है, route planning है, coordination है, equipment checking है
03:07and the selection of my troops, those who are going to go for the operations.
03:13So, इस सारा plan, जो coordination है और जो planning का पार्ट है, वो मेरा रोल ताइज।
03:21जस EOR में यह operation हुआ है, मैं और मेरे टूप्स हम लोग यही रहते हैं, यह EOR हमें दिया
03:26वेया है.
03:27तो यह operation नहीं भी होता है, तो भी हम इसी चप्पे-चप्पे से वाकिफ हैं, हम यह operate करते
03:32रहते हैं, इन जंगलों में, इन घरों में, इस AOR में, यह AOR मेरी responsibility है, मेरी जिम्मेदारी थी कि
03:38जो लोग बाहर से जो टूप सारे हैं, वो नए हैं, उनको दिखाना रास्ते कहां से ह
03:44बाट जाते हैं, कौन सी सडकें किस तरफ जाते हैं, कहां से कौन सा नाला निकलता है, किस पहाडी पर
03:49चड़ा जा सकता है, किस पर नहीं चड़ा सार जाता है
03:51मैं support weapon carry कर रहा था, जैसा मेरे को आदेश मिला, जैसा डामिनेट इंगईट में पहुंचे
03:56और उदर से जो आदेश मिला था, रोल आफ एंगेजमेंट को द्यान रखते हुए, हमने नियूट्रलाइस किया
04:18बैसरन घाटी में जिस तरहे निर्दोशों का खून आतंकियों ने बहाया, उस खून को इंसाफ दिलाने की जिम्मेदारी बहुत बड़ी
04:25थी, और काम बेहत मुश्किल था
04:32बैसरन घाटी में जो कुछ हुआ था, वो हमारे देश में सब ने देखा, सब का खून खौला था, क्या
04:39नियाए की जो एक जिम्मेदारी भारतिय सेना के कंधे पर थी, आप लोगों के कंधे पर थी, वो आपको और
04:48उर्जा दे रही थी इस आपरेशन के दौरान
04:50बैसरन अटाइक एक ऐसा अटाइक था, जो कि ना सर्फ एक आतन की अटाइक नहीं था, बलकि निर्दोष सिविलियन्स पर
04:58किया गया एक हीनियस अटाइक था
05:02इस अटाइक के बाद जो देश में इमोशन था, काफी हाई था जैसे कि आपने बताया परन्तो हमारी जो ट्रेनिंग
05:10है वो हमें इमोशन को कर्तव्य में ट्रांस, कैसे उसको ट्रांसफेर करना बोद हमें सिकलाती है
05:17एक सोलजर होने के नाते हमारा जो संस अफ ड्यूटी है और जो नेक्स्ट टास्क आने वाला है चाहे वो
05:24उसके रिस्पॉंस में हो या फिर तो फाइंड आउट गल्परेट्स और पुट थेम पूट्टेम पूट्स तो इन दोनों विचारों में
05:33हमारा जो संस अफ ड्यू�
05:47कि हमने वो स्टार्ट कर दी कि अगलिग तू एट अलपा तर्गेट पाइंट प्रेस्ट पर फाइर हो गई है तर्फ
05:58बाइस अपरेल दो हजार पचीस के बाद हम टरिरिस्ट के खूजबीन में लग चुके थे भारतिया सेना हर एक प्रियास
06:09कर रही थी मुल्टिपल एजें
06:15कि अगलिग और टतर्फ बाइस प्राइप हुआ फिर वो कहां कहां पे जा रहे थे उनके खबरें हमें मिल रही
06:19थी अन्ड एक्जेक्यूशन फेस चला पूरा एक महिना उससे पहले लानिन कहां ख़बर है कहां हमें जाना है कैसे हमें
06:28उनको एक जगे पे आ कर बॉक्सिन कर �
06:32ताकि हम उनको न्यूट्रलाइज कर पाए तो ये करीब समय था आप मान के चलें कि एपरिल से ही मैं
06:39बोलूंगा परंतु पांच जुलाई से लेकर 28 जुलाई तक का में जो हमारा आपरेशन था वो चला पहली थिंग वाज
06:48कि मैंने अपने टूप से यही का कि वो यहां से आप
07:01पुरानी लोग हैं हमें अब वो यहां से बाहर नहीं जाने चाहिए तो फर्स टेप वाज के इस पूरे एरिया
07:05को घेर लिया जाए ये लगवग लगवग फैरी फरी जो है माम दस से बारा किलोमेटर किये हमने ये इंशोर
07:10कि जितने रस्ते यहां से बाहर निकल से अब वो �
07:16ब्लॉक कर दिया जाए जब किसी लक्षे के पीछे आप कही दिनों से हो तो जब वो पूरा हो जाता
07:22है तो अपने अंद्री एक थोड़ा घर फीलोता है कि पूरे टुका मराल थोड़ा मनोगल उपर होता है और फिर
07:28हम नेक्स टार्गेट के लिए अगले दिनी फिर प्रेश
07:51जब मैं आपके सामने कड़ा हूँ य वर्दी पहन करका जब मैं अपके सामने कड़ा हूं गरदी पहन करके तो
07:58मेरा कोई नाम य पनी परसनल इडेंटिटी यह इन इंद्ध
08:01इंडिन आर्मी है जो आपके सामने खड़ी है और यह वो भरोसा है जो सालो साल कहीं लडाईयों में, कहीं
08:06और ऑपरेशन में, किसी और आपदाओं में जो इंडिन आर्मी ने हासिल किया है इस देश की जनता से हमारा
08:13जो यह मुठी है इस आईरिन फिस्ट विद वेलवेट गल
08:30उस पूरे क्षेत्र को हम आपको समझाते हैं यह जबरवान रेंज आप हमारे पीछे देख रहे हैं यह जो डाचिगाम
08:36फॉरेस्ट रिजर्व है उसका हिस्सा हो जाता है घाटी का जो क्षेत्र आप देखते हैं जो पहाड़ों पर आप बर्फ
08:42देख रहे हैं यह वो हिस्स
09:00दिन रात लगे रहे थे बरसात के उस मौसम में और आप जब ये सोचते हैं ना कि आप शहर
09:07के कितने करीब थे मेरे पीछे आप डल जील देख रहे हैं ये श्री नगर शहर है जो आप देख
09:12रहे हैं यानि कि अगर आप एक नजर पूरे इलाके में दोडा लें तो कमवेश आ�
09:28खाने का सुध ना नींद केवल और केवल एक प्रण कि आतम का खात्मा करना है पहलगाम के दरिंदों का
09:35इंसाफ करना है
09:40दुर्गम पहाडियां घने जंगल और मौसम की कठिन चुनौतियां थी लेकिन संकल्प पूरा करने का जुनूल हर चुनौती पर भारी
09:49था
09:53ओपरेशन महादेव क्यों इसका नाम था?
09:55हमारे एरिया में महादेव रिज है जिसके बीच में के एक महादेव टॉप भी है उस रिज की ही हमें
10:02सारी खबरें आ रहे ही थे
10:03सो अकॉर्डिंगली हमारा जो प्लान था वो महादेव रिज पे ही के बेस पे ही बना और वहीं पे एक्जेक्यूट
10:10हो तो यह जो ऑपरेशन था आप महादेव यह उस एरिये के कारण इसका नाम पुड़ा
10:16इस तरह के एरिया में आपको अगर बिल्कुल ब्लेंड कर जाना है अपनी सराउंडिंग्स में क्योंकि आपको भी नहीं दिखना
10:24है आपको भी वो एलेमेंट ओफ सप्राइज बनाना है उस चुनोती का भी आप लोग सामना कर रहे थे
10:30हमारी बेसिक तर्तीब का हिस्सा है कि आपको अपना हतियार अपना गेर अपने यूनिफॉर्म इस तरह की रखनी है कि
10:37जिस टेरेन में आप काम कर रहे हैं आपको उसमें ब्लेंड हो जाना है अगर आप नहीं ही लेंगे तो
10:42किसी को पता ना चल पाए कि यहां पर एक फौज
10:55के लिए भी उसके आप अगर एरिया देखेंगे तो गाउन नजदीक हैं सब कुछ नजदीक हैं जहां से रास्ते जाते
11:01हैं तो हमने ऐसा प्लान किया कि यह जो टरेन हैं जो पहाड़ हैं जो पेड़ पौदे हैं जो डेंस
11:08वेजिटेशन है यह हमारे एडवांटेज में रह
11:24उस तरीके से मारना है कि उसको हैरानी हो कि यह फौज यहां पर कब और कैसे पहूंच बई उसके
11:32कॉंफिदेंस प्रिवार करना है तो इनको हमने एक प्लानिंग के तरीके से किया थाकि कि सी भी पद हमारे इस
11:38operation पर कोई भी किसी भी चीज़ का छोटा सा वी छोटा फरक न प
12:00कि अगर हम यहां के मौसम को भी देखें क्योंकि यही वो समय था लगभग इससे कुछ दिन बाद का
12:06बादल अभी भी हम देखते हैं कि यहां पर आकर पहाडियों में फंस जाते हैं क्या वो चालेंजेज थे जो
12:12आप लोगों के रास्ते में आ रहे थे
12:13वो टाइम भी था रेनी सीजन का और रेनी सीजन में उसने पर बारिश भी हो रही है कहीं कहीं
12:19पर जो पेड़ हैं उनमें जो इंसेक्स हैं वो ऑपरेशन के टाइम पर हमें थोड़ा चैलेंजिस पोस्ट करते हैं
12:28बारिश किसी भी वाक्त आ सकती है, अगर आपके रास्ते में जाते हुए बारिश आगई तो आपको जाने में प्रॉब्लम
12:34होगी, आपके रहते हुए अगर बारिश आगई तो आपको वहाँ बैठने में प्रॉब्लम होगी, यही इशूस में आर्मी जो फेस
12:40कर रही है, हम य
12:56जो सबाल उठाने वाले लोग ये तक कहते रहें कि इतना दिन क्यों लग रहा है तो क्यों लग रहा
13:02था वैली को सिर्फ आप इस प्लेंट फ्लोर से नहीं देख सकते पाड़ियों पर चड़ना कहीं पहुंचना उसको डिस्टेंस से
13:08नहीं देखा जा सकता उसे टाइम से देख
13:23अगर आपको बता दिया गया कि किसी जगा पर पहुंचना है ये रास्ता लेकर के पहुंचना है तो अगर वहां
13:28से पॉसिबल नहीं है तो कहीं और से पहुंचा जाएगा पर पहुंचा जाएगा
13:44पानी उसी इसाब से हम वाटर डिसिप्लिन मिंटेन करते हैं
13:4928 जुलाई 2025 ये वो तारीख थी जो पहलगाम के पीड़ितों के इंसाफ की तारीख बन गई
13:57भारतिय जाबाज आतंकियों के सर पर मौत का वारंट लेकर पहुंच गए
14:03वो फाइनल कॉन्टाक्ट वो बताएए बात है जहां पर हमें थोड़ा अंदेशा हुआ मेरी टीम को कि यहां पर एक
14:13हाइड आउट टाइप लग रहा है शक्या इलाका लग रहा है शायद यहां पर हो सकता है
14:21अपने तरह तरीके से वो केमोफ्लाइज और कॉंसर्मेंट के अनुसार एक छोटा सा हाइड आउट मतलब टंपरोरी हाइड आउट बना
14:27के रखे थे जिसे की कोई देख ना सके और मौसम भी बहुत उस दिन खराब था और सुबा का
14:34मौसम था तो वीजिबिल्टी भी थोड
14:47करना है फाइनली हमें एक टीन लोग डिग आप लोगोने जैसे फोटोस भी देखी होंगी वो एक टारपॉलिन के नीचे
14:56वो लोग वहां पर बैठे तो फर्स्ट एंड फोर्मोस्ट हमने अपने आपको वो फंपोजर वो क्लोजर महसूस किया कि अभी
15:05पहले हमें काम होना है
15:06और अब हमें अपनी best of the best tactics यूज करनी है इस तरह से कि पहले हम अपने इस
15:13तरह की position ले ली जाए कि कल को अगर fire fight भी होती है तो हमें कोई नुक्सान ना
15:18हो
15:19और हमने दुश्मनों को बिना पता चले हुए उनको घेर लिया और उनको न्योट्रलाइज कर दिया
15:33आफ्टर ओफिशल कंफर्मेशन आ गई बैलिस्टिक रिपोर्ट से चेक हो गया यह अपरेशन वही है यह उन्हीं लोगों को हमने
15:40नुट्रलाइज किया है तब जो sense of closure था वो हमें लगा कि
15:44अल्दो यह हमारा regular टास्क है बट जो sentiments उबरकर आ रहते देशवासियों के उन families के लिए तो हमें
15:51feel हुआ कि I think हमने justice सर्फ कर दिया
15:56operation महादेव पूरा हो गया और यह ऐलान था देश के खिलाफ साजिश रचने वाले हर आतंकी के लिए कि
16:04जो छेड़ेगा उसे छोडेंगे नहीं
16:06एक सफल operation के जरिए हमने terrorist को आतंक परस्तों को क्या message दिया है
16:12जो भी आतंकी involved थे पहलगाम attack में उन्हें हमने neutralize किया और यह message clear-cut जाता है कि
16:22Indian soil के अंदर, Indian India के अंदर, किसी भी part of the country में
16:27अगर कोई भी adversary अगर गलत काम करता है जो इस तरह से आतंक को बढ़ावा देता है तो उसका
16:35इंजाम ऐसा ही होगा
16:36Operation Mahadev is classic example है यह देशवासियों को बताने का कि भारतिय सेना पर जो आपका भरोसा है वो
16:46अडिग है
16:47हम पूरी कोशिश करते हैं कि वो भरोसा वैसा ही रहे कल को कोई भी आपदा इस देश पर आती
16:51है या कोई भी ऐसा anti-national element इस देश की तरफ आग उठा कर देखता है
16:57तो भारतिय सेना आपके और उस anti-national element के बीच में खड़ी है जितने दिन operation चला एक ही
17:06लक्ष रहा पहल गाम के पीड़ितों के आंसुओं का इंसा
17:10घर परिवार की भावनाओं पर देश प्रेम हावी और लक्ष प्राप्ती ही जीवन का उद्देश यह एक ऐसा पीरिट था
17:19जब आप लोग गायब थें घर पे कॉल पांच तारिक मतब चार तारिक को करकर निकले थे
17:27मैसेज फूद रखा था कि कुछ किसी काम के लिए जा रहे हैं बट ऐसे कुछ हम आधा घर पे
17:33अपने काम से लेंट
17:35ब्ल्− नहीं करते हैं हम बस यह बताते हैं कि कुछ काम से जा रहे है अधा जाएँ कर यह
17:40तेन गया हम्
17:45कि उतने दिन वो भी सब्र रखें सब्र रखते हैं तो मतलब वापस आने के बाद ही घर पर बात
17:52हो पाई वापस उससे पहले ने उससे पहले ने उससे पहले ने ने
18:01पहलगाम अटैक भरोसे पर वार्था और ऑपरेशन महादेव देश की शांती के दुश्मनों के लिए खुली चेतावनी जहां भी छुपोगे
18:09तुम्हें ढूंडेंगे और खत्म कर देंगे
18:13यह कहानी है दृड़ता विश्वास और नयाई की आतंग की मन्शा कुछ भी हो उसका अंजाम एक ही होगा
18:22क्यामर परसन सयद मोसन और हितेश कुमार के साथ मुझे दीजिये इजाजत देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए
18:29आप देखते रहिए आज तक
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