00:00अलोलो अंगार मंचारे अ मंधरirtमें नियर नियर नियरा है
00:14इंटावर?
00:15कर आदू नियरा इंटार सुनाव एंटाई
00:21में जाके बोलिये, काफिक को रुख के नहीं, okay, get out of here, did you not understand, did you not
00:34understand, what is wrong with you,
00:44there are hundreds of people waiting, there is an empty crown there, there is an empty crown, yes, get out
00:53of here,
00:58मेरे से कोई बात नहीं करेगा, यहाँ से स्टाफिक कोड़ाँ, चालो, आवाज काम करो,
01:34सर, क्या कहेंगे, आज रैली निकल भी, यह किन के खिलब रैली है, क्या सरुपे रहाँ,
01:37क्या मैं रहाँ पुख करेंगे, क्या मैं थे नहीं तुम्हाँ करेंगे, पढ़ाँ,
01:45नहीं पुख करेंगे, जान व खिल भी, झान पाद बादे में एंगे, वॉद पाने, जाएं आएंगे,
02:03मホुतती नाओ डहां यह नहां गुओ सुझज 치대 ए और
02:09ए्जाट देवाब चॉंट पॉज यह बुच्ष्ट मौतंट रहां धर्सकान भूस है।
02:30�이ृोऩरी लाउ बाफनी न 사용 ह commenting टॉवसरल प्रम मुआ करता कोजय bodramatic
02:40नाउ यहाप नाउड्सट्सरल नाउख
02:46हैoler ॥ापcesश नाई बहुत करें
02:49सेरिफ पालतों वेल्यामधेर
02:57बढोरतों नाउमधेर
02:59काफ नो अचम्या एंचने सम्सक्षाइबbase करें
03:49गलत नहीं कोँगा, कल मेलाओं का जनापरोश मोर्चा था, मेला बिल पास नहीं के कारण कॉंग्रेस के खिलाब, मेलाओं नहीं
03:57इसका आयोजन किया था
03:58और हजारों की संग्या में हमारी बेहन है मेला, उस मोर्चा में शामिल भी थी, लेकिन देखा है रोड पे
04:05जब हम चलते हैं, मोर्चा कहां से कहां को अरली तकलाना था, तो रोड तो ब्लॉक हो गई, थोड़ी तकलिफ
04:13तो होती है, अभी हर आंदोलन में, अभी आप इतने ब�
04:26ग्राफिक भी जाम हुई, ये बात सही है, लेकिन इसका मतलब इतनी असंसीने भाषा में आप बोलोगे, वहां कि इतना
04:32किसी को भी कुछ भी बोलोगे, मुझे बोला तो ठीक है, लेकिन पुलिस को वारे में भी बहुत गलग टिपन
04:38नहीं वहां पर की, रस्ते पे बाटल प
04:56करें सकते थे, और इस मोर्चा की पर्मिशन था, उमने पहले सी लेके रकीती, हर जहां बहुत नहीं बहुत परषानी
05:14हुई, इस मैं मानता हूँ, लेकिन पर शानी या जो ईसका वहां पर वेत्र किया, तो उसका भी कोई तरिका
05:22होता है, मुझे लगत गलत मृश्य कोण से अ
05:25कि मैंने कुछ समझा हैं कि 10 मिट में धेंगे रास्ता और अगले टेम ध्यान रखेंगे मैं यसे विए उनसे
05:30कहा यह को सोरी भी कहा कि 10 मिट डीजे हैं हुम लोग क्लियर कर देंगे लेकिन उन्हें बहुत मुझे
05:36लगता है गुछे में होती नैचरल ली है मैं यह भी नहीं कह�
05:42वहां पर जो भाशा को उपर किया है और मुझे लगता हूँ गलब है अपने बिस्तर से बताया मेरा सवाल
05:48यह है कि एक तो टाइमिंग को लिए के सवाल हो रहा है क्योंकि पीक अवर्स होते हैं वर्किंग ले
05:53था उस दिन छे बजे आपने मूर्चा निकाला वह भी बल्ली बल
05:57यहां बहुत नाम लिया जा रहा है कि वैपी कल्चर है जिसका पाइदा उठाय जा रहा है चुक्या बंत्री यह
06:05आप सत्ता में हैं और पुलीस लोली आपका साथ दे रहे तैंवर्ण कोई साथ ने की मैंने पुलिस को भी
06:12कहा कोई फोई कोई को दो कुछ को को रोपना नहीं
06:15कiblyं हैं हमारी महिला भी थोड़ी गुस्ता हो गए कि जिस भाष्यव को प्रोक करें थी उसे महला भी हमारी
06:19गुस्ता तो मैंने उनको भी
06:23समझाय हमारी सरे बाखी पर �лыख थे उन्हों की समझाय कि बहुत जब्युत है कंगा अब कुछ ना बोले स
06:42Нап Equal
06:55कि आपको तकलीव हुई मोर्चा और निकलता है को आपने क्या आज ही देखा है क्या आपने कितने बड़े अंदुर्ण
07:01देखें कुरें हाइवे पचास-पचास किलमेटर जाम देखें आपने
07:05किसी भी समाच का हो को संगटना का हो जब मोर्चे निकलते हैं नासिक से मुंबई तक मोर्चे आते तो
07:12कितना थाप्विक याम होता है आप भी देखते हो इसमें इसे नहीं कहूंगा लोगों को तकलिफ हुई उसके लिए मैंने
07:19शौरी भी कहा उन्से भी कहा लोगों से भी हम �
07:27पर देज बर में चलते रहते हैं अपने नय दिमांड होती है मांगे होती है हमारे उसके लिए सारे लोग
07:35तो रस्ते पर उतरते रहते हैं
07:48मुझे इससे लगता है कि अगर ट्राफिक देखो भी बोर्चा निकला एक गंटे का समय तो हमको लगा वहां से
07:57निकलने के लिए गंटा थोड़ा परेशाली लोगों की वहां पर हुई लेकिन
08:00मेरी गाड़ी पिछे पर निकाल के दो तो यह अगरा कि इसलिए अपने भी देखा है हुआ अंहीं नहीं को
08:18गाइसलिए मैंने ही शौरी भी कहा हूं से और सभी लोगों से भी महीं कोगा कि हमारे विश्यापको तकलिव हुई
08:22इसके आगे बिलकुल अम इस बात कर द्यांदर
08:24झाल झाल
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