00:07शत्रन जैसे दिमागी कसरत कराने वाले खेल में जहां बड़े-बरोक के पसीने छुट जाते हैं, वहीं मात्र 16 वर्षिय
00:15शुभी के लिए ये बाए हाथ का खेल है.
00:17आज उनकी प्रदिवा उन्हें देश-विदेश में एक अलक पहचान दिला रही है.
00:22वह क्लासिकल, रैपिड और ब्लिट्स तीनों फॉर्मिट में अपने कौशल के लिए जानी जाती है.
00:52अजिए जाते हैं, आज प्रदिवाद में देश चलना सिखाया था, एंदेन मैंने स्कूल में अज़ा अज़ा था, यूज़ा था, तो
00:58फिर थोड़ी अकाडमी ती, तो वहां से चालूँ अज़ा था.
01:01तो मेरा COVID और COVID के बाद में ब्रेक्थ्रू रहा था, क्योंकि COVID में मैंने मम्मी के साथ मिलके बहुत
01:08प्राक्टिस करा था, तो उसके बाद में जाके नाशनल्स और काफी जगा अजीवमेंट्स मेरे, तो काफी मोटिवेशन मिला अधर से.
01:14तो अब तक आप कौन-कौन से गेम्स खेल चुकी हो, कितनी कंट्रीज में आप जा चुके हो?
01:18मैं लगबक 10 कंट्रीज में गई हूँ और काफी, like Commonwealth, Asians, Western Asians, World, तो काफी गेम्स खेल रखे
01:26हैं और नाशनल चुनियर्स में मैंने दो बारी गोड़ लिया है, लगबक 5-6 गंटे देने पड़ते हैं.
01:32क्या-क्या सीखना पड़ता है इसमें?
01:45केस के साथ साथ शुभी को पढ़ाई भी मैनेज करनी होती है, जिसमें उनकी मा का भरपूर साथ मिलता है,
01:52उन्होंने हाली में दसवी की परिक्षा दी है, जहां शुभी की जीत पर उनकी मा उर्मिला उन्हें प्रोसाहित करती हैं,
01:59वहीं हार केसिती में वा उन्हें धाड़
02:03also
02:03in the process of drinking
02:05the food
02:05food
02:07food
02:07food
02:10food
02:11food
02:11food
02:11food
02:24food
02:26food
02:26food
02:27food
02:29food
02:29food
02:29food
02:34food
02:35food
02:38food
02:40food
02:41foreign
02:48foreign
02:49foreign
02:49foreign
02:50foreign
02:51foreign
02:54foreign
02:56foreign
02:56foreign
02:56foreign
02:56foreign
02:58foreign
03:01foreign
03:03foreign
03:04foreign
03:05foreign
03:07foreign
03:08ूर्पे जाते हैं तो बहुत मुश्किल होता है लेकिन ठीक हो जाता है जब अचीवमेंट आते हैं तो फिर सब
03:14चीजे मैनेज हो जाती है शुवी के पिता ने बताया कि प्रत्युगताओं की तयारी और अने के
03:19लिए हर सार लगभग 15 से 20 लाक रुपए खर्चाता है हाला कि स्पॉंसर्शिप से उन्हें काफी सयोग भी मिलता
03:26है बेटी के कम उम्र में ही इतनी सफलता पर वा गौरवान भीत महसूस करते हैं
03:31इसके अचीवमेंट की बात करें तो बहुत ही ज़्यादा प्राउड फिल होता है इस उम्र में इतने सारे अचीवमेंट्स स्टार्टिं
03:39फॉम्र में इसके बाद में वर्ड शेंपेंशिप इनकी एंडिगली में प्लस मृटि टाइम नेशनल चैंपेंशिप तो एक छोटी
04:18अपने आगे के सफर को लेकर शुभी ने कहा कि ये तो बस शुरुआत है वहीं अपने साथ के लोगों
04:25को संदेश देते हुए कहा कि चाहें जो करें उसमें वह अपना सौ प्रतिशत एफ़र्ट दें
04:30शत्रंज के प्रतिसमर्फन के चलते आजबल लाखों युबाओं के लिए प्रेणा बनकर उब्री हैं
04:37गाजयबास से ETV भारत के लिए शहजाद आभित की रिपोर्ट
Comments