00:00सीडिय जनरल लिल चोहान उत्राखरंट के दो दिन के दोरे के दोरान हर्शिल और माना जो सीमानत इलाका है वहां
00:08पर पहुंचे उन्होंने जाइजा वहां पर लिया और 40 साल के अपने सेदे करियर के दोरान वो पहली बार अपने
00:15पैत्रे गाउं गवाना भी पहुंचे हैं ज
00:29महां पर पहुंचे आपने दो म्यूजियम के शुरुवात की है फांडेशन रखा है माना में और हर्शिल में उसके पीछे
00:36क्या सोच है आपकी
00:39मंजीत ऐसा है कि उत्राखन को हम जो है देभूमी के नाम से जानते हैं गड़वाल के शेत्र में तकरीबन
00:46चार धाम है और कुमाओ के एरिया में जो है आदी कैलाश है मानसरूवर और कैलाश परवत जाने का रश्ता
00:54है हर एक वर्ष यहां पे जो है हजारों सेलानी आते हैं
00:59शधालू आते हैं अध्यात में ज्यान के लिए आते हैं को परिवटन के लिए आते हैं और देवी देपता को
01:07देखने के लिए आते हैं पर यह सारे जित्ते हमारे तीर स्थान हैं यह एकदम सीमावरती इलागों में हैं तो
01:16इन इलागों में म्यूजेम बनाने का जो मेरा मकस
01:29सीमाओं के बारे में पता चलेगा सीमाओं की जो रक्षा करते हैं उनके बारे में पता चलेगा तो बेसिकली इस
01:35से जो है हमारे पूरे देश भर में जो है सीमाओं के बारे में पता चलेगा लोगों को सीमा वर्तिक
01:40लो एरिया में जो लोग रहते हैं उनके बारे में पता चले
01:55जाता हूँ उसकी भी आपने उसका जाइजा लिया क्या प्रोग्रेस इन दिनों में हुई हुए वह पर इसके पेले पीछे
02:01एक छोटी सी कहानी है चली मैं माई 2021 में पहली बार रिटायर हुआ था जिश्टनामी कमांडर और मैं नदन
02:08बॉर्डर के ऊपर एक किताब लिख रहा
02:24वहां पे हमारी देवी देवता वगरा रहते हैं पूजा करने का हमें परमिशन मिलना चाहिए तो मैं उन्हें यह कह
02:30रहा था भी मैं तो लटायर हो चुका हूँ और मेरे हाथ में तो कुछ नहीं जाएज से आदा आपकी
02:34जो इच्छा है मैं अपनी पुस्तक में लिख दू�
02:56सब के प्रयासों से जो है जडांग मेरे इसाब से एक बड़ा सांस्वितिक केंद्र बनेगा और एक टूरिजम का बड़ा
03:05एरिया बनेगा और यह जो है जो प्रधानमंत्री जो कहते हैं कि हमारा प्रथम गां होने चाहिए उस चीज को
03:13पूरा करेगा और एक मॉडल विलिज
03:15के रूप में खड़ा होगा सब उत्राखन में आपदाएं बहुत आती हैं पिसले साल धराली में एक बड़ी आपदाई हर्शल
03:22में आपदाई आप क्योंकि कि कल वहां पर ग्राउंड जीरो पर भी पहुंचे थे सेना उस दौरान फस्स रिस्पंडर के
03:28तौर पर रही है प�
03:42और आमी ने अपने नुकसान को नजर अंदाज करते वे एज फर्स्ट रिस्पॉंडर लोगों की मदद की यह जो है
03:51आर्मी की एक संगठतापनक शक्ती को दिखाता है यह इंपॉर्टन्ट है मैं उस समय तो नहीं आपाय धराली के अंदर
03:59लोगों से मिलने के लिए लेकिन �
04:02इस बार जो है उतना ही इंपॉर्टन्ट है रिसेट्लमेंट रिहाबलिटेशन जो इंपॉर्टन्ट है तो जो स्थानी प्रशाशन है उनकी जरूरतों
04:09को पूरा कर रहा है उन्होंने एक दो जरूरते हमारे सामने रखी हैं सड़कों के बारे में या गुडविल स्कूल
04:14के �
04:14में जो के हम देखेंगे इनको पूरा करने के लिए आपने हिमालियन रीजिन खास्तोर से उत्त्राखंट को लेकर भी एक
04:20नई पहल थिंग टैंक के तौर पर उश्रू की है उसके पीछे क्या सोच है भीष्म थिंग टैंक पर किस
04:26तरह का काम आगे होगा यह भीष्म जो है एक �
04:34ने बनाने की कोशिश की है इसके पीछे तीन मकसद है पहले तो देश्वासियों के अंदर सामरिक सोच को जगाना
04:42यह पहला मकसद है दूसरा जो है राश्टि सुरक्षा संबल दी चीजों के उपर चर्चा करना और तीसरा परियावरण और
04:49सुरक्षा के बारे में जो है शो
05:04सीएपीएफ के लोग भी हैं यह सब को एक मंच परदान करेगा इन सब चीजों को आगे बढ़ाने में सब
05:10एक दो सवाल राश्टि स्वक्षा जुड़े हुए अब ऑपरेशन जो संदूर था पहल गामातंग के हमले के बाद उसका एक
05:16साल पूरा होने जा रहा है सेनाओं ऑ
05:32कैसे देखते हैं एक साल के बाद मंचीत ऐसा है कि अगर हम युद्ध कला युद्ध संचालन और इसको अगर
05:40देखें तो इनके को अगर हम ध्यान से देखें तो ऑपरेशन सिंदूर जो है अपने आप में एक बड़ा यूनीक
05:49और ऑपरेशन था इसमें जो है पुरानी डोम
05:57दोनों में मिल करके लड़ा गया जैसे के जल, लल, नब और थल इसके अलावा जो है साइबर, स्पेस, इलेक्ट्रमागनिटिक,
06:05स्पेक्टरम, कॉगनिटिव सब को मिल करके लड़ा गया तो एक चिन में और बताना चाहता हूं कि आने वादी जो
06:12चुनौतियां पीछे वाल
06:26है आपको पता है टेकनलोजी बहुत तेजी से चेंज हो रही है और इसमें हमें यह करना पड़ेगा कि नई
06:32टेकनलोजी नए सिस्टम्स को इंकॉपरेट करना पड़ेगा जब हम उने लेते हैं तो पुराने सिस्टम्स के साथ में उने हमें
06:39इंटिग्रेट करना पड़ेगा
06:40तीनों सेनाओं के बीच में और बेतर तालमेल और ज्यादा कॉडिनेशन करना पड़ेगा
06:45और आखिर मेरे ख्या Folksे जो पुराणी और नई डोमेंन में जो हम शम्मताय बढ़ा रहे हैं
06:52exhibitions ईसी कि पूराणी डोमेंन में शमताय बढ़ा रहे हैं
07:09तो मैं यही कहा रहा हूँ कि जो भी हमने नए सिस्टम्स या प्लैटफॉर्म्स लिये हैं, उनको हमने पुराने सिस्टम्स
07:14के साथ इंटेग्रेट करने की कोशिश कर रहे हैं, यह सबसे बड़ी चीज है, जो भविशी के यूद हैं, उसमें
07:19जो है, सिट्वेशनल अवेरनेस �
07:21बड़े हाई डिगरी की होनी चाहिए, और इसी के उपर हमारा भी जोड है, इंटिग्रेशन के उपर और सिट्वेशनल अगयनेस
07:27के उपर जोड है, सर सीडियस के तौर पर आपके लिए बड़ी चनोती थेटर कमांड को लेकर है, जिस पर
07:32आपने लगातार काम किया है, उसक
07:47जिस तो मैं थेटर कमांड की इंपोर्टन्स के बारे में बताना चाहूँगा, आपने पहले में से पूझा के हमारी किस
07:53तरों की तियारी है, तो मेरा मानना है कि अगर हम थेटर कमांड का सिस्टम एडॉप करते हैं, तो याने
07:58वाली चुलांजियों को का सामना करने के लिए
08:02बेटर सिस्टम होगा, क्योंकि यह जो है फोर्स अप्लिकेशन और फोर्स जनरेशन बल का प्रयोग और बल की उत्पति, दोनों
08:08को अलग-अलग तरीके से देखता है, एस फ़रेस जो प्रोग्रेस है, मैंने आज से करीब सातार दिन पहले नौत
08:15अरिक को बैंगलोर में, रन
08:30भेवते हमने पूरे कर लिये हैं, और होफ़ुली इसको हम कुछ एक दिनों में आगे की तरफ बढ़ाएंगे.
08:37इस बग जब जो देश दुनिया में हालात हैं जिस तरह के, उसमें आपको लगता है कि थेटर कमांड बहतर
08:44विकल्प होगा से नाओं के लिए आगे इंटिग्रेशन के तौर पर और चुनोतियों से निपटने को लेकर?
08:49ऐसा है कि हम जो नू नॉमल की बात करते हैं उसमें जो है 24-7, 365 days preparedness होने
08:56की जरूत है अगर हम बल प्रयोग और बल की उत्पति को अलग-अलग करेंगे तो बल प्रयोग के लिए
09:02हमेशा हम तयार रहेंगे तो फोर्स अप्लिकेशन की जो तयारी है हमेशा आगे रहेगी अभी
09:08जो है दोनों एक साथ है तो उसकी तियारी में जो हमेशा कम पड़ता है तो ये अलग-अलग करने
09:13से ये नई चुनौतियों को सामना करने के लिए बेसर रहेगा
09:18तो एक अकरे सवाल आपके गाउं की यात्रा को लेकर चाली साल के से अधिक आपको जो सेनने करेश है
09:25उसकी पहली बार अपने लोगों के बीच अपने पैत्रिक गाउं पुचें उन कुछ आप बताना चाहें किस तरह का आपके
09:30लिए चंड था ये अपने गाउं के लोगों
09:45मैंने अपने रिष्टेदारों को एक एक करके जरूर देखा है लेकिन आज एक साथ इतने सारे रिष्टेदारों को इतने सारे
09:52लोगों को जो कभी-कभी मिले थे एक साथ देखा तो बड़ा एक भावक टाइप का महाल था और मुझे
10:00वैक्ट लिए काफी क्वुशी हुई वह
10:01जा करके और लोगों से मिल करके उन से जूड करके बहुत धन्यवाद सब्सक्राइब अपने उत्राखन के इस दौरे के
10:09दौरान ना सिर्फ सिमानत गाओं का दौरा किया वहां पर जो सेना के कारे हैं तैयारियां उनका जायजा लिया और
10:16साथ ही खुश समय उन्होंने अपने �
10:18पैतरी गाओं में भी अपने लोगों के बीच बिताया कैमरमेंट दीपक के साथ मजितनेगी स्री नगर आस तक
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