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पटना नीट छात्रा केस का कैसे हुआ अजीब हश्न? देखें वारदात

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00:05नवस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:08वैसे तो ऐसे केस की लंबी लिस्ट है जिसका सीवी आई ने कतल किया
00:13लेकिन पट्टा की नीच छात्रा के मामले में सीवी आई ने केस को जिस तरह से मारा है
00:19उसके बाद इन अफवाहों को पर मिल गए कि सीवी आई किसी ताकतवर शक्स को बचाने की कोशिश कर रही
00:26है
00:26सीवी आई की लापरवाही का आलम ये कि 93 दिनों के अंदर वो चारशीट दाखिल करना ही अदालत में भूल
00:34गई
00:34जिसकी वज़ा से गल्स होस्टल का मालिक जमानत का हक्तार हो गया
00:42बस यूँ समझ लीजिए कि अब कोई करिश्मा ही पटना की नीट छात्रा की मौत का रहस से उजागर कर
00:48सकता है
00:49वरना पटना पुलिस से लेकर देश की सबसे नामचीन जाच एजनसी
00:54सी वियाई ने जाच के नाम पर इस केस का जो हश्र किया उसकी दूसरी मिसाद पूरे देश में ठूडने
01:02से भी नहीं मिलेगी
01:04क्या आपने कभी किस्से कहानियों में भी सुना है कि किसी लड़की का रेप होता है फिर उसकी मौत होती
01:10है
01:10और उस मौत के बाद सी वियाई भूल जाती है कि नावालिग मौत और रेप के मामले में उसे पॉक्सों
01:17की ठारा लगा जाती है
01:20C.B.I. भूल जाती है कि जिस गल्स होस्टल में नीच छात्रा बेहोश मिली थी उस होस्टल में उस
01:27रात एक्टिव मोबाईल के call डिटेल भी खांगालने होते हैं
01:34CBI भूल जाती है कि नीच छात्रा के अंडरगार्मेंट से जो इस पम मिले उसकी आरोपियों के साथ मिलान भी
01:41करानी होती है
01:45CBI भूल जाती है कि नीच छात्रा की फॉरंसिक रिपोर्ट जो दिल्ली के एमस में पड़ी है उसे मंगाकर उसे
01:53पढ़ना भी होता है
01:59CBI भूल जाती है कि इस पूरे केस में जो इकलोती गिरफतारी हूँ
02:04गल्सोस्टल के उस मालिक मनीश रंजन से पूछताज भी करती है
02:11हट तो यह कि CBI यह तक भूल जाती है
02:15कि इस मामले में 90 दिन के अंदर अदालत में उसे चार्शी यानि आरोप पत्र भी दाखे करनी है
02:25लहाजा इस भूलकर CBI की सबसे बड़ी भूल का अंजाम यह
02:29कि गल्सोस्टल का मालिक मनीश रंजन अपने आप जमानत पाने का हक्तार हो जाता है
02:35और पढ़ी आसानी से जेल से बाहर भी आ जाज़ा है
02:42इस एक केस में की गई गल्तियों की ये तमाम गल्तियां शायद ना इत्वाक है न गल्ती न लापरवाही और
02:51नहीं इतनी बड़ी जाच एजनसी का नो सिख्या पना
02:54तो फिर आप पूछेंगे कि भाला सीबियाई खुद इस बेशर्मी के साथ अपनी भड़ी क्यों पिटवाएगी तो आपके इसी सवाल
03:02में ही तो वो सवाल है कि आखिर नीड छात्रा के रेपिस्ट या कातिल को कौन क्यों और किस लिए
03:09बचाने की कोशिश कर रहा है
03:13वो कौन है जो इतना ताकतवर है कि पटना पुलिस से लेकर सीबियाई की पांच अलग अलग तीमों के हाथों
03:20से जाच गुजर गई
03:21पर क्या मजाब जो कि कोई भी ठी या जाच अधिकार सट के करीब जाने की हिम्मत दिखा पाता
03:29पहले दिन से लेकर अब तक और पटना पुलिस से लेकर सीबियाई तक इस केस में हर पल हर मोड
03:36पर इतनी गलतियां की गई है कि अब सच कुछ पटना में सट्था के गलियारों में जो चर्चा आम है
03:43उस पर यकीन होने लगा है
03:45चर्चा ये कि ये केस कभी इस लिए नहीं खुल पाएगा क्योंकि इसके पीछे सट्था के करीबी एक बड़े और
03:53ताकतवर शक्स का दाव है
03:54सीबियाई अपनी बचकानी जाच की हरकतों से इन चर्चाओं पर हकीकत की मुहद लगाने में चुकी है
04:02ये पटना में मौझूद शंभू गर्स होस्टल है ये वही होस्टल है जहां छे जनवरी को नाबालिग नीट छात्रग बेहोशी
04:10की हालत में मिली थी
04:11फिर तीन तीन अस्पताल में उसका इलाज चला और आखिरकार 11 जनवरी को उसने ध्रम तोड़ गया
04:19और ये मनीश रंजन है उसी शंभू गर्स होस्टल का मारिक जिसे पटना पुलिस ने शुरुआत में ही गिरफतार कर
04:26लिया था तब से मनीश रंजन पटना के बेऊर जेल में बंद था
04:31इस दोरान उसने जमानत पाने की तमान कोशिश की लेकिन अदालत ने उसे जमानत देने से इंकार कर दिया पर
04:38अब इस केस में किरफतार एकलोता मनीश रंजन भी जमानत पर लिहा हो गया
04:43जानते हैं कैसे
04:45अदालत ने मनीश रंजन को जवानत नहीं दी
04:48बलके जिस जाँच एजनसी सी बी आई को पुखता सबूतों के साथ
04:52उसे जेल की सलाखों के पीछे रखने की सिम्मेदारी दी गई थी
04:56उसी सी बी आई की जाने अंजाने मिली किरपा से मनीश रंजन आजाद हो
05:03मनीश रंजन को जवानत पाने के लिए अदालत में पहस तक नहीं करनी पड़ी
05:07जोके सी बी आई ने इसकी नौबती नहीं आने थी
05:10लहाज़ डिफॉल्ट बेल की किर्पा के सहारे मनीश छूट गया
05:18पुलिस में भरती होने वाला नौसुखिया पुलिस अफसर भी इतना तो जानता है
05:23कि हर केस में 90 दिन के अंदर अंदर उस केस से जुड़ी चार्शीर यानि आरोप पत्र अदालत में दाखिल
05:30करनी होती है
05:31इसी चार्शीर की बुनियाद पर आरोपी या आरोपियों के खलाफ आरोप ते होते हैं
05:36फिर उन पर उनी आरोपों से जुड़ी धाराओं में मुकदमा चलता है।
05:41इसी चार्शीट के आधार पर फिर मुकदमे का फैसला होता है।
05:45अब अगर 90 दिन के इस तैमियाद में देश की कोई भी जांच एजनसी चार्शीट दाकिल नहीं कर पाता है।
05:51तो इसका सीधा सा मतलब यह हुआ कि जिस आरोपी को जांच एजनसी ने पहले से ही पकड़कर जेल में
05:58डाला हुआ उसके खलाफ कोई आरोप है ही नहीं।
06:04अब जब आरोपी के खलाफ आरोपी नहीं है तो फिर उसे जेल में कैसे रख सकते हैं।
06:09इसलिए आनून कहता है कि जहांच एजनसी को 90 दिन के अंदर अंदर चार्शी दाखिल कर नहीं कर दें।
06:15अब जब आरोप पत्र है ही ने तो 90 दिन से ज्यादा आरोपी को जेल में कैसे बंद रखा जा
06:35सकता है।
06:35बस इसी वज़ा से मनीश रंजन अपने आप जमानत पर बाहर आ गया।
06:40कहने को कहने वाले कह सकते हैं कि शायद सीबियाई चार्शी दाखिल करना भूल गए।
06:46पर सीबियाई की जिस जांच टीम में इतने लोग शामिल हो जिनके पास अपना वकील हो वो भला इतनी एहम
06:54बात कैसे भूल सकती है।
06:56या अंजाने में हुई भूल तो कते ही नहीं हो सकती।
06:59तो क्या सीबियाई ने जानबूच कर मनीश रंजन को रिहाई का परवाना ठामा दिया।
07:04पर क्यों तो क्या सचमुच सत्ता के गलियारों में जारी ये चर्चा सच है कि इस केस के पीछे सत्ता
07:12के करीबी एक बड़े और ताकतवर शक्स का नाम।
07:17अभी तो आप में सिर्फ बानगी भर सुली।
07:19सीबियाई ने जाच हाथ में लेने के बाद कदम कदम पर इस केस का कतल कैसे किया।
07:25अब सिलसलवार वो भी जान दीती।
07:29ये जो अब आपको बताने जा रहा हूँ ये पट्डा में सत्ता के गल्यारों में जारी चर्चा वाली बात नहीं
07:35है।
07:35बलकि बाकाइदा कोट के अंदर खुद सीबियाई का अपना पुबूल नामा है।
07:40दरसल पट्डा की एक कोट ने नावालिग नीड चात्रा की मौत के मामले में सीबियाई से स्टेटस रिपोर्ट मा लिए
07:47थी।
07:48स्टेटस रिपोर्ट मतलब ये कि अब तक इस केस की जाच कहा तक पहुची।
07:52उसी दोरान जजज और सीबियाई के बीच सवालों और जवाबों का दौर चला था।
08:00नीड चात्रा का केस सीबियाई को 30 जनवरी को सौपा गया था।
08:05पूरी फरवरी और मार्च निकल गए। अपरेल के पहले हफ़ते में पटना की एक अदालत ने सीबियाई को तलब कर
08:11ये पूछा कि केस की जाच कहा तक पहुची है।
08:14शुरुआत में तो सीबियाई ने गोल मोल जवाब दे कर एक तरह से अदालत को ही गुमरह करने की कोशिश
08:20की। लेकिन फिर जब कोट ने हर पॉइंट पर सीधे सवाल पूछा तो सीबियाई थज गए।
08:27कोट ने पूछा कि नीट की जिस जात्रा के साथ रेप हुआ और फिर गत्र वो नावालिक थी। लेकिन सीबियाई
08:33के किसी दस्तावेज या एफायार में पॉक्सो एक्ट के तहट धारा क्यों नहीं लगाई थी। जानते हैं सीबियाई का जवाब
08:41क्या था कि पटना पुलि
08:52जिसमें सीधे 20 साल से लेकर उम्र कैट तक की सजा हुआ जिसमें जवानत मिलना सबसे मुश्किन उसी धारा को
09:00भूल कर सीबियाई किसकी मदद करने जा रही थी। कोट की फटकार के बार सीबियाई ने अदालत को भरोसा दिया
09:07है कि वो इसमें पॉक्सो एक्ट की धारा भी �
09:38जोड़ेगे।
09:42जब कोट ने पूछा कि एम्स की उस रिपोर्ट में क्या निकला तो जानते हैं सीबियाई का जवाब क्या था।
09:48अभी तो हमने एम्स से वो रिपोर्ट मंगवाही ने।
10:10पूछताच नहीं हुई है।
10:12है ना कमार इस केस में अब तक की जो एकलोती गिरफतारी हुई वो मनीश रंजन था।
10:17गल्स होस्टल का मालिक मनीश रंजन है लेकिन हैरक की बात ये कि दो महीने से ज्यादा जात को निकल
10:24गए पर सीबियाई को ये सूझा ही नहीं कि चलो मनीश रंजन से भी पूछताच करें।
10:30हाला कि मनीश रंजन को ढूंडने की भी जरूरत नहीं थी बस बेऊर जेल तक जाना था पर सीबियाई के
10:36ही नहीं आपको जानकर हैरानी होगी कि इससे पहले जब पटना पुलिस ने मनीश रंजन को गिरफतार किया था तब
10:44भी उससे कोई पूछताच नहीं की गई थी
10:46जानी मनीश रंजन करीब 3 महीने तक जेल में रहा पर इन 3 महीनों में एक बार भी नपरटना पुलिस
10:53ने और नबाद में सीबियाई ने उससे पूछताच लेस तो फिर सวाल ये कि आ फिर मनीश रंजन को पकड़ा
11:00ही क्यों गया था या फिर उससे बड़ा सावाल ये कि किया
11:03मनीश रंजन ही वो शक्स है जिसके पास इस केस का सारा सच है और वही सच उस ताकतवर शक्स
11:10को बेनकाव कर सकता था
11:14कोर्ट में CBI से फिर पूछा चलिए आपने मनीश रंजन से पूछता आथ नहीं कि
11:19पर पांच और छे फरवरी की राद जब नावालिक नीच छात्रा उस होस्टल में थी
11:24तो क्या आपने मनीश रंजन की कॉल डिटेल से ये पता लगाया कि वारदात वाली राद वो कहां था या
11:30उसका लोकेशन क्या था
11:33मनीश रंजन समेथ कई संदिक्तों के कुल आठ मोबाई आपकी कस्टडी में तो क्या मोबाईल टावर से उसके लोकेशन की
11:40जानकारी मिली
11:42CBI का जवाब था कि फिलाल हमने वारदात वाली राद मनीश रंजन की लोकेशन ये कॉल डिटेल की जान नहीं
11:50किये
11:50केस को हाथ में लिए CBI को दो महीने से ज्यादा हो चुके थे
11:55तो सवाल तो बनता है न कि ये सारी जरूरी चीज़ें जब की ही नहीं तो फिर कर क्या रहे
12:01थे
12:02कुल मिलाकर कोर्ट पे CBI के जवाब से ये पता चल चुका था
12:06कि नीच छात्रा की मौत कैसे हुई रेप हुआ तो किस ने किया
12:10अंडर गार्मेंट पर इस पंग किसके थे वो बेहोश कैसे हुई उसे किसने मार थे
12:15इन सारी चीज़ों के पीछे वज़ा क्या थी इन में से एक भी सवाल का जवाब CBI के पास नहीं
12:21था
12:22असल में ये वो केस है जिसकी जाच पिछले तीन महीरों में पाँच अलग अलग तीमें ये जाच एजिंसी कर
12:29चुकी है
12:29यक कर रही है
12:31सबसे पहले 11 जनवरी को नीच छात्रा की मौत हुई तब उससे दो दिन पहले 9 जनवरी को पटना पुलिस
12:37ने इस मामले में F.I.R. दर्च की
12:40मौत के दो दिन बाद 13 जनवरी को अचानक पटना पुलिस बाकाइदा प्रेस कॉंसरेंस करिये ऐलाम कर देती है
12:46के नीच छात्रा की मौत मडर नहीं सुसाइड और उसके साथ कोई रेप नहीं हुआ जबकि उस वक्त तक पोस्टम
12:53रिपोर्ट आही नहीं थी
12:55जो पर्थम दृष्टिया है डॉक्टर के दौरा इंकार किया गया है लिकित में भी दिया गया है
13:00वीडियो पर भी इस आच पर उनका बयान डॉक्टरों का दर्श किया गया है जो गाइनी की डॉक्टर थी उनका
13:05काना है कि बच्ची के साथ सेक्स्वल असॉल्ट नहीं हुआ है प्राइवेट पाथ पर किसी तरीके का चोड जक्म या
13:10कोई भी असॉल्ट का कोई साइन नहीं
13:13लगा केस खतम लेकिन तभी नीड चात्रा की पोस्मॉटम रिपोर्ट सामने आ जाती है पूरा केसी पलड जाता है नीड
13:21चात्रा के जिसम पर अंगिनत जखम थे जो कतल की तरफ इशारा कर रहे थे इसके बाद जैसे ही फॉरंसिक
13:27रिपोर्ट आई और उस रिपोर्ट में �
13:29अंडर गार्मेंट्स में इस पर मिलने के सबूत मिले तो केस और पलड गया अब शर्मिंदा पटना पुलिस से ये
13:35मामला लेकर एसाइटी को सौप दिया गया पर एसाइटी भी पटना पुलिस की शुरुआती लाइन पर ही तफ्तीश करने लगी
13:42अब तक मामला तूल पकड
13:44चुका था बिहार पुलिस पर मामले की लीपा पोती के इलजाम लगने शुरू हो चुके थे इसी फजिहत से बचने
13:50के लिए तब बिहार सरकार ने तीस जनवरी को केस बिहार पुलिस से लेकर सीबियाई को सौपने की सिफारिश कर
13:57दी
13:58सीबियाई की पटना ब्रांच ने मामले की तफ्तिश शुरू कर दी भारी भरकम टीम ने नीच शात्रा के घर जहानाबाद
14:05से लेकर गल्स होस्टल तक छापे मारी की बाकाइदा मीटिया के कैमरों पर तब इस केस के इन्विस्टिगेटिंग अफसर थे
14:12एस पी पवन कुमा
14:14श्रिवास था लेकिन सीबियाई की ये टीम भी कहीं न कहीं पटना पुलिस की शुरुआती लाइन पर ही जाच करने
14:20लगी फिर बाद में सीबियाई को लगा कि जाच अधिकारी किसी महिला अफसर को होना चाहिए तब सीबियाई की डियेस
14:27पी विभा कुमारी को केस का आयो �
14:29बना दिया गया अब यही टीम इस केस की तफ्तीश कर रही थी अप्रेल के पहले हफ़ते उस दिन तक
14:36जिस दिन कोट के सामने स्टेटस रिपोर्ट देनी थी अब सीबियाई की पटना प्रांच की जो टीम दो महीने से
14:43भी ज्यादा वक्त में न पॉक्सो धारा लगा पाई �
14:45न मनीश रंजन से पूछताज कर पाई न उसकी कॉल डिटेल देखने पढ़ने का वक्त निकाल पाई और नहीं एम
14:52से रिपोर्ट तक मगा पाई तो कोट ने सीधे सीधे कारवाई करते हुए आदेश दिया कि CBI पटना ब्रांच की
14:59इस जांच टीम को हटा दिया जाए
15:05कोट ने आदेश दिया कि अब मामने की जांच दिल्ली में मौदूद CBI को ट्रांसफर कर दी जाए
15:10कोट के हुक्म पर ऐसा ही हुए और इस तरह अब इस केस में पाँचवें इन्विस्टिगेटिंग अफसर की एंट्री हो
15:17चुकी है
15:18पर पाँच पाँच आईयों के एक ही केस पर काम करने के बावजूद नतीजा ये है कि अब भी इस
15:24केस का कोई नतीजा नहीं है
15:26अलबता मनीश रंजल जरूर जेल से बाहर निकलाया
15:32शशी भूशन के साथ रोहित कुमार सिंग पत्ना आज तक
15:39आये अब आपको बताता हूं कि कैसे पत्ना की नीट छात्रा के केस को पहले दिन से ही दवाने की
15:45कोशिश की गई
15:46बिना पोस्टम रिपोर्ट आए ही पत्ना की जादूई पुलिस ने मौत की वजह बता दी
15:51बिना फोरेंसिक रिपोर्ट आए ही पुलिस ने ये भी बता दिया कि लड़की के साथ कोई यौन शोशन नहीं हुआ
15:58है
15:59यहां तक की क्राइम सीन तक पहुचने में भी पत्ना पुलिस को कई दिन लग गए
16:04यह पत्ना का शंभू गल्स होस्टल है वही होस्टल जिसमें नीट की तयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा रहा करती
16:12थी
16:12इस गल्स होस्टल में CCTV कैमरा भी लगा हुआ है यह उसी CCTV कैमरे की तस्वीर है छे जनवरी की
16:19तस्वीर है
16:20छे जन्वरी को ही वो नावालिक छात्रा अपने कमरे में बेहोश पड़ी गिली थी
16:25सीसी टीवी कैमरे की घड़ी में इस वक्त दोपहर के तीन बच कर पचास मिलट हुए
16:31गल्सोस्टर की कई छात्राएं उसी छात्रा के कमरे के बाहर इखटा है
16:36ये छात्राएं उस लड़की को पहले आवास देकर और फिर दर्वाजा पीट पीट कर उसे बाहर बुलाने की कोशिश कर
16:43रही है
16:44लेकिन दर्वाजा पीट में और आवास देने के बावजूद अंदर से कोई रिस्पॉंस नहीं मिलता
16:50इस दोरान एक एक कर छात्राओं के अलावा होस्टल के कुछ स्टाप अब होस्टल के अंदर नजर आती है
16:57काफी कोशिश के बाद आखिरकार होस्टल का गाड़ दर्वाजा खोलने में कामियाब गजाता है
17:03और तभी को छात्राओं के रोने की आवाज सुनाई देती है
17:07कुछ पानी लाने को भी कह रही है
17:23शाम करीब चार बच कर एक मिनिट पर होस्टल का ही एक स्टाफ पीडि छात्रा को गोद में उठाकर तेजी
17:30से कमरे से बाहर दिकलता है
17:32लड़की गोद में पूरी तरह से बेहोश है
17:35होस्टल के अंदर बाकी की छात्राओیں भी पधحवास नज़र आ रही है
17:39इसके बाद सभी छात्राओं एक एक कर बेहोश छात्रा के पीचे फीचे भाग दिए
17:45अब होस्टल में संगनाता पस्रा हुआ होस्टल से बेहोश छात्रा को करीब 200 मीटर की दूरी पर मौझूद सहजानन क्लिनिक
17:58ले जाया जाता है
17:59इस दोरान जहानाबाद में मौझूद छात्रा के पिता से होस्टल के स्टाफ फोन पर संपर करने की कोशिश करते हैं
18:06लेकिन पिता का फोन नहीं मिलता तब होस्टल के स्टाफ इसी होस्टल की पूरवे छात्रा के पिता को फोन करते
18:13हैं जो जहानाबाद के ही रहने वाले थे
18:16उनके जरीए लड़की के घरवालों तक खबर पहुँचती है
18:19जानवाद से पटना तक की दूरी सड़क के रास्ते लगबग देड़ घंटे की है
18:24साड़े तीन घंटे बाद शाम साड़े साथ बजे
18:27लड़की के माबाप और भाई सहजानन क्लिनिक पहुँच चुके थे
18:31लड़की अभी बेहोश थी पर क्लिनिक में आईस्यू की फैसलिटी नहीं थी
18:35लहाजा सहजानन अस्पताल बेहोश लड़की को प्रभात हॉस्पिटल ले जाने के लिए कहता है
18:43रात करीब साड़े आठ बजे नीच छात्रा को प्रभात हस्पताल ले जाए जाता है
18:47अस्पताल के डॉक्टर लड़की की हालत को देखते हुए
18:51एमलसी बना देते हैं
18:52यानि मेडिको लीगल केस
18:54एमलसी का मतलब यही होता है कि पुलिस को खबर दी जाए
18:58कदम कुँआ ठाने का एक सब इस्पेक्टर
19:00छे जनवरी की रात को ही प्रभात हस्पिटल पहुचता है
19:03लेकिन लड़की बयान देने की हालत में नहीं थी
19:06क्योंकि बेहोश थी
19:07लेहादा सब इस्पेक्टर अपना नमबर परिवार को दे कर लौट जाता है
19:11प्रभात हस्पिटल में लड़की का इलाज ड्रक्स को लेकर हो रहा था
19:15क्योंकि होस्टल स्टाफ ने हस्पताल को ये बताया था
19:18कि लड़की के कमरे से नीन की गोलियों के खाली पत्ते मिले
19:22अगले पांच दिनों तक
19:24यानि छे से दस जनवरी तक नीच छात्रा
19:26प्रभात हस्पताल में भरती रहती है
19:29लेकिन इस दौरान वो एक बार भी होश में नहीं आता
19:32इसे बीच नो जनवरी को पहली बार
19:34पीडिता के पिता पुलिस को बयान देते है
19:37चुकि प्रभात हस्पताल चितरगुपनगर ठाने के तहत आता है
19:41इसलिए इस बीचान के बार पहली बार
19:43नो जनवरी को एफ़ाया दर्ज होती है
19:47दस जनवरी को लड़की के हालत ज्यादा बिगड़ने पर
19:50उसे पट्ना के मेदानता अस्पताल भेज दिया जाता है
19:53लेकिन एक ग्यारा जनवरी को ही लड़की की मौत हो जाती है
19:57लड़की की मौत के बाद पट्ना पुलिस कैमरे पर ये कहती है
20:00कि मामला खुदकुशी का है और उसके साथ कोई सेक्सवल असौल नहीं हुआ है
20:07अगले ही दिन पोस्ट मौटम रिपोर्ट सामने आ जाती है
20:10पोस्ट मौटम रिपोर्ट ने पट्ना पुलिस की धज्जियां उडाते हुए
20:14ये खुलासा किया कि नीट की छात्रा के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की गई थी
20:19और उसके जिसमे पर नोचने खसोटने के अंगिनत निशान थे
20:23बाकी रही सही कसर फॉरंसिक रिपोर्ट ने पूरी कर दी
20:27फॉरंसिक रिपोर्ट के मताबिक नीट छात्रा के कपणों पर इस पम के सबूत मिले हैं
20:32जो किसी मेल के हैं
20:33इसी के बाद नीट छात्रा के माबाब भाई और दो मामा के साथ साथ
20:3818 दूसरे लोगों के DNA सैंपल लिये जाते हैं
20:42लेकिन शुरवाती रिपोर्ट के मताबिक
20:44उन 18 लोगों में से किसी के भी DNA सैंपल
20:47लड़की के अंडर गार्मिंट से मिले स्पम से मैच नहीं कर पाए
20:51यानि लड़की के अंदरूनी कपड़ों में मिले स्पम
20:54उस शक्स के हैं जिसके DNA सैंपल लिये ही नहीं
20:59जिन 18 लोगों के सैंपल लिये गए थे
21:02उनमें गर्स होस्टल से जुड़े लोग
21:04होस्टल की बिल्डिंग का मालिक
21:06जो पहले से ही जेल में
21:08और कुछ और लोग शामिल थे
21:11हाला कि ये सच है कि CBI के हिस्से
21:13हमेशा पुराने केस ही आते है
21:15क्योंकि किसी भी केस की जाँच
21:17पहले लोकल पुलिस करती है
21:18लेकिन इस केस में जिस तरह से पटना
21:21पुलिस पहले तीन दिनों तक
21:23क्राइम सीन यानी छात्रा के
21:24होस्टल के कमरे तक कही लिए
21:26क्राइम सीन को सील तक नहीं किया
21:29उसके बाद ये सवाल उटना लाजमी है कि अब इतने दिनों बाद सीवियाई के हाथ कौन से सबूत या सुराग
21:35मगेंगे
21:36वैसे भी सीवियाई के इतिहास को देखा जाए तो लगता यही है कि अब ये मामला भी ठंडे बस्ते में
21:43चला जाएगा
21:46पटना की नीच छात्रा के माबाप और भाई को बिहार के डीजीपी विरे कुमार ने बातचीत के लिए अपने घर
21:53बुड़ाया था
21:54माबाप इस उम्मीद पर डीजीपी से मिलने गए कि शायद अब उनकी बेटी को शर्तिया इंसाफ बूले लेकिन करीब घंटे
22:02भर की मीटिंग के बाद जब नीच छात्रा के माबाप डीजीपी साहब के घर से बाहर दे तब बहुत घुस्से
22:08में थे
22:10घुस्से में इस लिए थे जो कि पोस्टमाटम रिपोर्ट और फॉरंसिक रिपोर्ट के सामने आने के बावजूद डीजीपी साहब माबाप
22:18को यही समझा रहे थे
22:19कि उनकी बेटी के साथ कोई रेप नहीं हुआ और नहीं उसका गत्ल हुआ है
22:26जानाबाद से सेद मुशर्फ इमान के साथ पटना से सुजीत कुमार और शशी भूशर आज तक
22:34तो वारदात में फिलाल इतना ही मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
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