00:03उत्रकंड में आरक्षित वन भूमी पर अवैत कबजे के खिलाफ पिछले 4 साल से अभियान चल रहा है
00:10लेकिन इसके बावजूद भी अतिक्रमण शेत्र का 80% जंगल अभी भी कबजे की जद में है
00:18अवैत कबजे को लेकर कुमाओं के तराई डिवीजन की स्थिती सबसे खराब है
00:24वन विभाग के मुताबिक 2023 में एक सर्वे में सामने आया कि उत्रकंड में 11,396.6 हेक्टेर से अधिक
00:35रिजर्व फोरेश्ट भूमी पर अवैत कबजे हुए है
00:39साल 2023 से मार्च 2026 तक 9,836 हेक्टेर वन भूमी पर अवैत कबजाब बरकरार है
00:49यानि तीन साल बाद भी 70% से अधिक जंगल अब भी अतिक्रमण की जद में है
00:56ये आकड़े बताते हैं कि जमीनी स्थर पर कारोवाई की गती बेहत धिमी है
01:02हाला कि ये भी स्पस्ट है कि इनमें से कई अतिक्रमण राज्य गठन से पहले के भी हैं
01:09जिन्हें अब 60 से 70 साल हो चुके हैं
01:12इन्हें अतिक्रमण जो हमारा बेसलाइन था
01:1511,000 हेक्टर से ज़्यादा अतिक्रमण 2018 में रिपोर्टेट था
01:22तो उसके बाद लास दो साल में जो अतिक्रमण हटाओ अभियान में
01:27सभी हमारे वनप्रभागों में अच्छा काम किया है
01:30लगवें 1500 हेक्टर से ज़्यादा वनभमिया अतिक्रमण जो थी
01:34उसको मुक्त किया है वहाँ पे उसको डिस्टोरिशन का भी काम किया है
01:37अतिक्रमण का सबसे बड़ा केंद्र तराई शेत्र बना है
01:41तराई इस्ट फोरेस्ट डिवीजन में 5982 हेक्टेर जंगल पर अवैत कप जा हुआ
01:49इसमें 214 हेक्टेर जमीन ही खाली कराई जा सकी है
01:53जबकि तराई West Forest Division में 2629 hectare jungle अतिक्रमण की जद में आया है
02:01इसमें से केवल 214 hectare जमीन ही खाली कराई जा सकी है
02:07आकड़े बताते हैं कि सबसे ज़्यादा प्रभाईज शेत्रों में भी कारवाई संतोष जनक नहीं रही है
02:14अतिक्रमण का असर केवल जमीन तक ही सीमित नहीं है
02:18इसका सीधा प्रभाव पर्यावरण और वन्यजियों पर भी पढ़ता है
02:23इस मामले पर वन्मंत्री का क्या कहना है आईए सुनिए
02:57अतिक्रमण को लेकर वन विभाग ने नोडल अधिकारी भी नियुक्त किये है
03:05जो अब AI की मदद से इन दिक्कतों को दूर करने का रास्ता खोज रहे है
03:11मुख्य रूप से एक महतुपन चैलेंज हमारे समक्षी आ जाता है
03:15कि अलगला कोर्ट में केसिस चलते रहता है वन भूमि अतिकरमण के
03:18और उसका ट्रेकिंग सिस्टम हम लोग नहीं कर पाते है
03:20कि कौन से स्टेज पे है अन्तिम आदेश हुआ भी नहीं है
04:03कुछ अतिकरमण हटाने में सबसे बड़ी अर्चन कोर्ट में सालों से लंबित मामले भी हैं
04:09जिस कारण वन विभाग सीधे कारोवाई नहीं कर पा रहा है
04:14ऐसे में अब नए अतिकरमण न हो इसके लिए जवाब दे ही तै होना
04:19और लापरवाही पर उन अधिकारियों पर कारोवाई होना बेहत जरूरी है
04:25ETV भारत के लिए देहरादून से नवीन उन्याल की रिपोर्ट
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