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Haliwood movie explain in Hindi.
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Short filmTranscript
00:00Movie of the movie is 1480, where the Raja Kumar Vlad
00:04and the good of the Pteneeliza with the love of a good woman
00:07and the love of a good woman was given to her.
00:08But it was a long time ago because it was not a good time.
00:11Because the Kismet had to be given to her for a while.
00:14The enemy of Raja Kumar is a good man.
00:18Because the enemy of the Seneik is a good woman.
00:20And the enemy of the Jenga is a good man.
00:23But the Fennel has to be given to her love.
00:29دیا کہ چاہے کچھ بھی ہو جائے
00:31الیزا بیتھا کو سرکشت اگلے قلعے تک
00:33پہنچا دینا
00:34یدھ پر جانے سے پہلے ولاد پوپ کے پاس گیا
00:36اور اس سے ایشور سے پرارتھنا کرنے کو کہا
00:38کہ وہ اسے لڑنے کی طاقت دے
00:40اور اس کی پتنی کی حفاظت کرے
00:42اس کے بعد راجکمار نے اپنی تلوار اٹھائی
00:44اور اپنے سپاہیوں کے ساتھ
00:46یدھ کے میدان کی اور نکل پڑا
00:47جہاں اس کی قسمت اس کا انتظار کر رہی تھی
00:50That was the second time when the other person found a good spirit at the end shot in the middle
01:00of the end.
01:01The one who did not review it with the 사람들 while the other person had to give his support.
01:01This was the third time when the third time was the second time.
01:04The third time was the third time.
01:10The other time was the second time, their armrest was the third time,
01:13and their army went to the side.
01:15This is the third time of the first time,
01:17अपने गोडे को पूरी ताकत से दोडाती है
01:19और जंगल की ओर निकल पड़ती है
01:21वहीं दूसरी ओर
01:22युद्ध के मैदान में
01:23व्लाद दुश्मनों पर हमला करने का ऐलान करता है
01:26उसके सिपाही जमीन पर तेल पहला कर
01:28उसमें आग लगा देते हैं
01:30कुछ ही पलों में आग की एक विशाल दीवार खड़ी हो जाती है
01:34जिसे देख कर दुश्मन भी कांप उटते हैं
01:36अब दोनों से नाएं टकरा जाती हैं
01:38व्लाद की तलवार हवा को चीरती हुई दुश्मनों के सिरों को जुका देती है
01:42खून और आग का संग्राम पूरे मैदान में फैल चुका था
01:46लेकिन तब ही एक घायल सिपाही लड़कडाते हुए व्लाद के पास आता है
01:50और कांपती आवाज में कहता है
01:52महाराज एलिजाबेथा पर हमला हुआ है
01:54ये सुनते ही व्लाद के चेहरे का रंग उड़ जाता है
01:57वो बिना एक पल गमवाए घोड़े पर सवार होता है
01:59और जंगल की तरफ निकल पड़ता है
02:01उधर एलिजाबेथा उस भयानक जंगल में पहुँच चुकी थी
02:04जहां बर्फ के नीचे सैकड़ों भंदे दबे थे
02:07भालूओं को पकड़ने वाले खतरनाक ट्रैप
02:09दुश्मन सिपाही उसका पीछा करते हुए वहीं पहुँचते हैं
02:12और एक एक करके उनके घोडों के पैर भंदों में फंस जाते हैं
02:15तीरों की बोचहार के बीच सिपाही गिर पड़ते हैं
02:18लेकिन तब ही किसमत ने एलिजाबेथा से भी साथ छोड़ दिया
02:21उसका घोड़ा भी एक फंदे में उलचकर जमीन पर गिर पड़ा
02:25अब दुश्मन सिपाही तलवारें उठाकर बर्फ में रास्ता बनाते हुए
02:28धीरे धीरे एलिजाबेथा की ओर बढ़ने लगते हैं
02:31चारों तरफ ठंडी हवा और खून की गंद भैली थी
02:34एलिजाबेथा घबरा कर पीछे हटती है
02:36लेकिन जैसे ही एक कदम बढ़ाती है
02:38उसका पैर भालू के फंदे में फंस जाता है
02:40धातू की आवाज के साथ फंदा उसके पैर को चकड लेता है
02:43और उसकी चीख पूरे जंगल में गूंज उटती है
02:46उसी वक्त व्लाद वहां पहुंचता है
02:48उसकी आँखों में आग, जहरे पर गुसा और दिल में डर
02:51लेकिन किस्मत मानों उससे खेल खेल रही थी
02:53उसका घोड़ा भी बर्फ के नीचे छिपे फंदे में फंस कर गिर जाता है
02:56अब व्लाद तलवार निकालता है
02:58और पैदल ही उन दुश्मनों पर तूट पड़ता है
03:01उसके हर वार के साथ बर्फ पर खून के छीटे पड़ते हैं
03:04एक एक कर सिपाही उसकी तलवार के नीचे गिरते चले जाते हैं
03:07आखिरी सिपाही बचता है
03:08व्लाद अपनी तलवार पूरी ताकत से भेंकता है
03:10जो हवा को चीरती हुई जाती है
03:12और दुश्मन के पार निकल जाती है
03:14मगर अगले ही पल वो तलवार एलिजाबेथा को जा लगती है
03:17समय जैसे थम जाता है
03:18व्लाद के चेहरे की वीरता एक पल में तूट जाती है
03:21वो दौड कर अपनी पतनी को गोद में उठा लेता है
03:23लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी
03:24एलिजाबेथा की आँखें हमेशा के लिए बंद हो चुकी थी
03:27व्लाद की चीखें जंगल की बर्फ को भी पिगला देती है
03:30और गुस्से से कांपते हुए उस सीधे पोप के पास पहुचता है
03:33उच चिलाता है
03:33मैंने तेरे इस भगवान के नाम पर हजारों लोगों का खून बहाया
03:37हर जंग उसके लिए लड़ी
03:38हर दुआ उसी से मांगी
03:40फिर उसने मेरी पत्नी को क्यों नहीं बचाया
03:42उसकी आवास कांप रही थी
03:43तूने कहा था
03:44वो महफूज रहेगी
03:45लेकिन वो मर गई
03:45अब मुझे मेरी पत्नी वापस चाहिए
03:47चाहे इसकी कीमत मेरी रूह ही क्यों नहों
03:49दरसल मारिया इटली में रहने वाली एक खूबसूरत लड़की थी
03:52जिसकी सगाई इंग्लैंड की महारानी के भतीजे से हुई थी
03:55लेकिन शादी के दिन कुछ ऐसा घटा जिसने सब को हैरान कर दिया
03:58मारिया शुरू से ही चर्च में शादी नहीं करना चाहती थी
04:01इसलिए उसके परिवार ने अपनी हवेली में ही शादी का इंतजाम किया
04:04सब कुछ सामान ने चल रहा था
04:06फूलों से सजी हवेली, महमानों की भीड और खुशियों का माहौल
04:10लेकिन तभी प्रिंस ने बिना किसी को बताए एक बिशप को बुला लिया
04:16जैसे ही बिशप अंदर आता है और मारिया की ओर देखता है
04:19तभी मारिया की आँखें अचानक लाल पढ़ने लगती है
04:21उसका शरीर कांपने लगता है और वो अजीब आवाजों में कुछ बढ़बढने लगती है
04:25सब लोग डर के मारे पीछे हट जाते है
04:27बिशप घबरा कर उसके पास जाने की कोशिश करता है
04:30लेकिन तभी मारिया के अंदर से एक भयानक गुर्राने की आवाज निकलती है
04:34और वो बिशप पर जपट पढ़ती है
04:35वो इतनी ताकतवर हो जाती है कि चार आदमी मिलकर भी उसे रोक नहीं पाते
04:39बिशप जमीन पर गिर जाता है और उसकी गर्दन पर गहरे निशान पढ़ जाते है
04:43इसी दौरान कमरे की सारी मुमबतियां अपने आप उच जाती है
04:46और माहौल में ठंडी हवा फैल जाती है
04:48ऐसा लग रहा था जैसे किसी अंधिरे साये ने उस हवेली को अपनी गिरफ्त में ले लिया हो
04:52अब डौक्टर पादरी को बताता है कि उस दिन के बाद से मारिया अजीब बातें करने लगी
04:56कभी वो किसी और आवाज में बोलती
04:58कभी दीवारों पर कुछ लिखने लगती
05:00और जब भी कोई प्रार्थना करता वो चीखने लगती थी
05:02इसलिए मजबूर होकर उसे इस तहखाने में कैद कर दिया गया
05:05क्योंकि अब वो एक इंसान नहीं रही थी
05:07इसके बाद डॉक्टर पादरी को बताता है
05:09कि मारिया का जन्म साल 1729 में हुआ था
05:12मतलब उसकी उम्र 130 साल से भी ज्यादा है
05:15ये सुनते ही सबके चेहरों का रंग उड़ जाता है
05:17अब शक यकीन में बदल चुका था
05:19क्या मारिया कोई इंसान नहीं बलकि खुद शैतान है
05:21तभी अचानक मारिया की आँखें खुल जाती है
05:23कमरे में सननाटा च्हा जाता है
05:25और पादरी धीरे धीरे उसकी तरफ बढ़ता है
05:27वह देखता है मारिया के दांत नुकीले हैं
05:29बिल्कुल किसी जानवर की तरह
05:31यह देखकर पादरी दहशत में कहता है
05:33यह तो वैंपायर है
05:34पादरी जानता था कि वैंपायर सूरज की रोशनी बरदाश्त नहीं कर सकते
05:38वह तुरंत खिड की खोल देता है
05:39धूप की पहली किरन जैसे ही मारिया के शरीर पर पढ़ती है
05:42उसकी तवचा जलने लगती है
05:44और धूआ उठने लगता है
05:46अब पादरी उसके सामने क्रॉस रखता है
05:48और जैसे ही वह उसे छूती है
05:49क्रॉस में खुद खुद आग लग जाती है
05:52यह नजारा देखकर सब के रोंगटे खड़े हो जाते है
05:54फिर पादरी जूनियर डॉक्टर साइमन की उंगली में हलका सा कट लगाता है
05:58और उसके खून की कुछ बूंदें मारिया के मुह में टपकाता है
06:02अचानक मारिया के शरीर में हल चल होती है
06:04और वह धीमी आवाज में कुछ बढ़ बढ़ाने लगती है
06:07पादरी उसकी गर्दन पर एक गहरा निशान देखता है
06:09जो साफ बताता है कि उसे किसी वैंपायर ने काटा था
06:12पादरी कहता है 400 साल बीट गए
06:14लेकिन आज तक कोई नहीं जान पाया कि पहला वैंपायर कौन था
06:18तब ही मारिया की आवाज गूंचती है
06:19पहला वैंपायर मेरा मालिक है एक प्रिंस
06:22वह जल्द ही अपनी राजकुमारी को लेने आएगा
06:24ये सुनते ही सब के पैरों तले जमीन खिसक जाती है
06:26दूसरी और हम देखते हैं रात का अंधेरा, घना जंगल
06:30और उसके बीचों बीच एक खोड़ा गाड़ी धीरे धीरे आगे बढ़ रही होती है
06:33गाड़ी में बैठा होता है जनाथन, एक नौजवान वकील
06:36जो किसी रहस्यमई जगह की ओर जा रहा है
06:38अचानक गाड़ी वाला घबराकर गाड़ी रोक देता है और कहता है
06:42माफ करना सहब, मैं इससे आगे नहीं जा सकता
06:44क्योंकि अब भेड़ी अपने शिकार के लिए निकलते हैं
06:46इतना कहकर वह जनाथन को उसका सामान पकड़ाता है, मुड़ता है
06:49और वहां से गायब हो जाता है
06:50अब चारों तरफ बस सन्नाटा और हवा की सिटी बजाती आवाज हैं
06:54जनाथन मजबूर होकर पैदल ही आगे बढ़ता है
06:56घंटों चलते चलते आखिरकार वह अपनी मंजल तक पहुंचता है
06:59एक विशाल, अंधेरा और डरावना किला
07:02जिसे देख कर किसी की भी रूह काँप जाए
07:04जैसे ही वह अंदर कदम रखता है
07:06पीछे का दर्वाजा अपने आप बंध हो जाता है
07:08फिर सामने वाला दर्वाजा खुद खुलता है
07:10और फिर अपने आप सोर से बंद हो जाता है
07:12जनाथन की सांसें तेज हो जाती है
07:14वह इधर उधर देख ही रहा होता है
07:16कि अचानक बालकनी पर किसी शक्स की परचाईं दिखाई देती है
07:19बिजली कड़कती है और वो परचाईं गायब
07:21जनाथन जैसे ही पलटता है
07:23उसके पीछे खड़ा होता है एक बूढ़ा आदमी
07:25सफेद बाल, लाल आँखें और चेहरा बिलकुल निर्विकार
07:28वो धीरे से मशाल बुझा देता है
07:29और तभी पूरे महल की बत्तियां अपने आप चल उटती हैं
07:33अब वो मुस्कुराते हुए कहता है
07:34मैं हूँ राजकुमार व्लाद
07:35जिसे कुछ लोग ड्रैकुला के नाम से भी जानते हैं
07:37इसके बाद दोनों डाइनिंग टेबल पर बैठते हैं
07:39जनाथन भूक से बेहाल होकर खाना खाने लगता है
07:42लेकिन ड्रैकुला एक और तक नहीं खाता
07:44वह बस अपनी ठंडी आंखों से जनाथन को देखता है
07:46और जैसे ही हाथ हिलाता है
07:48सामने रखी प्लेट खुद बखुद सरक कर
07:50जनाथन के पास आ जाती है
07:51जनाथन चौकता है पर सोचता है
07:53शायद कोई ट्रिक होगी
07:54लेकिन उसे नहीं पता था कि ये कोई जादू नहीं
07:56बलकि उसकी जिन्दगी का सबसे डरावना बल शुरू हो चुका था
07:59जब जनाथन अपने बैग से कागज निकाल रहा होता है
08:02तभी ड्रैकुला की नजर कमरे के कोने में भागते
08:05एक छोटे से चूहे पर पढ़ती है
08:07वो धीरे से मुस्कुराता है
08:08और पल भर में काटा उठा कर उसे दीवार से भेद देता है
08:12फिर उस चूहे को ऐसे निचोडता है
08:14जैसे नीमबू और उसका खून प्याले में गिरने लगता है
08:17वो खून को चाटता है
08:18ऐसे जैसे किसी और के लिए वो जहर हो
08:20लेकिन उसके लिए अमरित
08:21जनाथन यह सब देखकर सन रह जाता है
08:24लेकिन अपने डर को छिपाते हुए कागज आगे बढ़ाता है
08:27और कहता है
08:27सरकार चाहती है कि आपकी ये पुरानी हवेली खरीद कर
08:30उसे अस्पताल में बदला जाए
08:32तब ही उसका बैक जमीन पर गिरता है
08:34और उसमें रखा क्रॉस बाहर लुड़क आता है
08:36ड्रैकुला की नजर उस क्रॉस पर टिक जाती है
08:39उसकी आँखें लाल पढ़ने लगती है
08:41वो धीमे लेकिन भारी स्वर में पूचता है
08:43क्या तुम ईश्वर को मानते हो
08:44जनाथन थोड़ा हकलाते हुए कहता है
08:46ना नहीं ये तो बस एक गाड़ी वाले ने मुझे दे दिया था
08:49ड्रैकुला हलकी हसी हसता है
08:50और अपनी नुकीली उंगलियां उठा कर हवा में इशारा करता है
08:53तुरंत वो क्रोस हवा में उठता है
08:54और सीधा आग में गिरकर जल उठता है
08:56फिर वो जनाथन के पास आकर ठंडी आवाज में कहता है
08:59अब रात काफी हो चुकी है
09:00सोने का समय है
09:01वो उसे उसके कमरे तक छोड़ता है और कहता है
09:03याद रखना, अंधेरा च्छा जाने के बाद
09:05इस कमरे से बाहर मत निकलना
09:06ड्रैकुला जैसे ही मुड़ता है
09:08उसकी परच्छाई दीवार पर और लंबी होती जाती है
09:11मानो वो दीवार से अलग कोई और राक्षसी रूप ले रही हो
09:14फिर वह हाल में लौट कर एक अंधेरी मूर्ती के सामने रुकता है
09:17और धीरे से कहता है इस इंसान पर नजर रखना
09:19वहीं दूसरी और जनाथन अपने कमरे में बैठा किताब पढ़ने लगता है
09:23किताब में उसी किले का इतिहास लिखा होता है
09:25तभी उसकी नजर एक पुराने पन्ने पर पढ़ती है
09:27जहां युवा व्लाद की तस्वीर बनी होती है
09:29लेकिन उसके आगे वाला पन्ना फटा हुआ होता है
09:31और जैसे ही वो पन्ना पलटने की कोशिश करता है
09:34खिड़की के बाहर से किसी के सांस लेने की आवाद सुनाई देती है
09:37वहां का माहौल बेहद ढरावना होता है
09:39चारों तरफ मकडी के जाले, पुराने ताबूत और दीवारों पर जमी हुई धूल
09:43जनाधन की सांसें तेज हो जाती है
09:45पर जिग्यासा उसे आगे बढ़ने पर मजबूर करती है
09:48धीरे धीरे वह एक ताबूत के पास पहुँचता है
09:50और कापते हाथों से उसका धक्कन उठाता है
09:52तभी उसकी आँखें फटी की फटी रह जाती है
09:54ताबूत के अंदर ड्रैकुला पड़ा होता है
09:56जिसकी आँखें बंद हैं
09:58और होंटों पर एक अजीब सी मुसकान जमी हुई है
10:00जैसे वो किसी गहरी नींद में हो
10:02या फिर किसी शिकार का इंतजार कर रहा हो
10:04जनाथन डर के मारे पीछे हटता है
10:06लेकिन तभी ड्रैकुला की आँखें खुल जाती है
10:22सदियों पहले
10:23जब मैं एक इनसान था
10:24मेरा नाम व्लाद था
10:25मैं ट्रांसिल्वेनिया का एक बहादूर योध्धा था
10:28और मेरी जिन्दगी में सिर्फ एक ही मुहबबत थी
10:30अलिजाबेथा
10:31वह आगे बताता है
10:32कि कैसे उसके राज्जे पर दुश्मनों ने हमला किया था
10:35और व्लाद को युद्ध पर जाना पड़ा
10:37जाते वक्त एलिजाबेथा ने कहा था
10:39अगर तुम वापस नहीं लोटे
10:40तो मैं भी जिन्दा नहीं रहूंगी
10:42ड्रैकुला की आँखों में नमी जलगने लगती है
10:44वह कहता है
10:44मैंने युद्ध जीता था
10:46लेकिन मेरी जीत की खबर किसी ने गलत तरह से पहुँचाई
10:48लोगों ने महल में खबर पहला दी कि मैं मर गया हूँ
10:50और यह सुनकर
10:51मेरी एलिजा बेथा ने खुद को महल की उंचाई से नीचे गिरा दिया
10:55जनाथन की आँखें हैरानी से फैल जाती है
10:57ड्रैकुला आगे कहता है
10:58जब मैं लोटा
10:59तो वो मेरे सामने खून में लटपट पड़ी थी
11:01चर्च ने कहा कि जिसने खुद अपनी चान ली हो
11:03उसकी आत्मा को शान्ती नहीं मिल सकती
11:05पर मैं भगवान के उस नियम को नहीं मान सका
11:07मैंने अपने ही भगवान के खिलाफ बगावत कर दी
11:10और उसी पल मैंने अपनी इंसानियत खो दी
11:12ड्रैकुला गुस्से से अपनी मुठी भीचता है
11:14और कहता है
11:15मैंने कसम खाई थी कि जब तक मैं अपनी अलिजाबेथा को वापस नहीं पा लेता
11:19तब तक मौत भी मेरा कुछ नहीं बिगाड सकती
11:21जनाथन उसकी बातें सुनकर सहम जाता है
11:24क्योंकि अब उसे समझ आ चुका था
11:26कि ड्रैकुला कोई आम राक्षस नहीं
11:28बलकि एक टूटी हुई मोहबबत का बतला हुआ चेहरा है
11:30ड्रैकुला जनाथन को बताता है
11:32कि उसने सदियों तक सिर्फ एलिजाबेथा के लोटने का इंतजार किया
11:36क्योंकि उसे यकीन था कि पवित्र आत्माएं दोबारा जन्म लेती है
11:39उसने उसे हर जगह तलाशा पर ढूंड पाना नामुम्किन था
11:42बलैक प्लेग ने आधी औरतों को निगल लिया था
11:44और जो बची वे चर्च जैसे पवित्र स्थानों में चली गई
11:47जहां उसका कदम रखना मना था
11:49वह तनहा हो गया
11:50और एलिजाबेथा के प्यार में इतना पागल
11:52कि हताश होकर उसने महल की खिड़की से कूट कर
11:55अपनी जान देने की कोशिश की
11:57मगर हर बार मौत उसे ठुकरा देती
11:59तब उसने ठान लिया कि अगर वह उसे नहीं ढूंड सकता
12:02तो एलिजाबेथा खुद उसके पास आएगी
12:04सौ सालों तक उसने जादूई फूलों से एक ऐसा परफ्यूम तयार किया
12:08जिसकी खुश्बू किसी को भी मधोश कर दे
12:10वह इटली गया उसे आजमाने
12:12और वहां की ओरतें उस इत्र की खुश्बू से दीवानी होकर
12:15उसके पीछे भागने लगी
12:17अब वह उस खुश्बू से हर किसी को नचा सकता था
12:20मगर एक दिन उसे लगा कि आखिरकार उसे एलिजाबेथा मिल गई
12:23लेकिन पास जाकर देखा तो वो कोई और थी
12:25उस रात सब उसकी हंसी उड़ाने लगे
12:27और उसी बल उसने समझ लिया
12:28कि महफिलों में सिर्फ खुबसूरत औरतें मिलती हैं
12:31एलिजाबेथा नहीं
12:32ट्रैकुला कहता है कि जब उसे एहसास हुआ कि सच्चा प्यार सिर्फ एलिजाबेथा में ही था
12:37तब उसने फैसला किया कि अब वह अकेला उसे नहीं ढूंडेगा
12:40बलकि पूरी दुनिया की औरतों को वेंपायर में बदल देगा
12:43ताकि वे सब मिलकर उसके लिए एलिजाबेथा को खोजें
12:47उसी रात उसने महफिल की सब ही औरतों को काट लिया
12:50जिन में मारिया भी शामिल थी
12:51इसके बाद वह अलिजाबेथा की कबर पर गया
12:53और उसका ताबू तोड दिया
12:55लेकिन अंदर सिर्फ राख बची थी
12:57ये देखकर ड्रैकुला तूट गया
12:58और कसम खाई कि अब वह कभी इस महल से बाहर नहीं जाएगा
13:02फिर उसने अपने नौकर गार्गोयल्स बना लिये
13:04जो उसके लिए दुनिया भर से खजाना लाते
13:06और वे वैंपायर औरतें एलिजाबेथा को ढूंडने में लग गई
13:09ये सब सुनकर जनाथन भावुक हो जाता है
13:11और ड्रैकुला से कहता है कि वह उसकी हालत समझ सकता है
13:15क्योंकि वह भी एक लड़की से सच्चा प्यार करता है मीना से
13:17जब ड्रैकुला मीना की तस्वीर देखता है
13:19तो उसके होश उड़ जाते हैं
13:21क्योंकि वह हू बहू एलिजाबेथा जैसी दिखती है
13:23इसके बाद ड्रैकुला जनाथन को मारे बिना छोड़ देता है और गार्गोयल्स को आदेश देता है
13:27जाओ मेरे लिए बहुत सारा खून लेकर आओ ताकि जब मैं मीना से मिलूँ तो जवान और खुबसूरत दिख सकूँ
13:33दूसरी ओर पैरिस में पादरी ड्यूमोंट को एक तस्वीर दिखाता है और कहता है कि हमें इस औरत को ढूंढना
13:38होगा क्योंकि वही ड्रैकुला तक पहुँचने की कुणजी है
13:40फिर पादरी एक किताब खोल कर बताता है अगर कोई इनसान इश्वर का अपमान करे तो इश्वर उसे मौत नहीं
13:46देते बलकि मौत से भी बदतर जिंदगी देते हैं
13:49लेकिन अगर दिल से पश्चाताब किया जाए तो वही इश्वर माफ भी कर सकते हैं
13:53यानि अगर ड्रैकुला को मार दिया जाए तो सारे वैंपायर दुबारा इनसान बन जाएंगे
13:57तब ही साइमन वहां आता है और डॉक्टर के हाथ में तस्वीर देख कर कहता है
14:01यह तो वही लड़की है जो अभी विजिटर्स रूम में बैठी थी
14:03यह सुनकर ड्यूमोंट और पादरी तुरंत उस कमरे की और दोड़ते हैं और वहां मीना से मिलते हैं
14:08मीना बताती है कि वह मारिया की बेस्ट फ्रेंड है
14:10दोनों की मुलाकात एक पार्टी में हुई थी
14:13तब से मीना और मारिया हमेशा एक साथ ही रहती थी
14:15लेकिन शादी वाले दिन जब मारिया ने बिशप को देखा
14:18तो वह अचानक अजीब तरह से पागल सी हो गई थी
14:20मीना बताती है कि कई बार उसे लगता था जैसे मारिया इस सदी की नहीं है
14:24उसके अंदर कुछ रहस्यमय और परालोकिक बात जरूर थी
14:27वहीं दूसरी और ड्रैकुला अब एक भिखारी का भेश बनाकर मठ में पहुंचता है
14:31एक नन उसे पहचानती नहीं और तया दिखाते हुए मठ के अंदर लेकर आती है
14:35लेकिन जैसे ही ड्रैकुला अंदर कदम रखता है वह अचानक अपना भेश उतार देता है
14:40उसके चहरे पर वही पुरानी खौफनाक शाही चमक लौट आती है
14:43वह अपनी जेब से वो जादूई परफ्यूम निकालता है जिसे उसने सदियों पहले तयार किया था
14:47और उसे यीशू की मूर्ती पर छिड़क देता है
14:49कुछ ही पलों में उस इत्र की खुश्बू पूरे मठ में फैल जाती है
14:53उस खुश्बू में कुछ ऐसा जादू था कि सभी नन एक एक करके मधोश होकर ड्रैकुला की तरफ खींची चली
15:00जाती है
15:00जैसे कोई अद्रिश्य ताकत उन्हें बुला रही हो
15:02सबकी आँखों में नशा था और वे एक एक करके ड्रैकुला के पैरों में गिरने लगती है
15:07जबकि ड्रैकुला एक खौफनाक मुस्कान के साथ उन पर नजर डालता है
15:11नने उसके करीब आने के लिए पागलों की तरह तड़प रही थी
15:14जैसे ही वे ट्रैकुला के चारों और गिरी वह एक शैतानी मुस्कान के साथ उन पर तूट पड़ा
15:19उसकी आँखें लाल अंगारों की तरह जलने लगी
15:22और अगले ही पल उसने उनकी गर्दनों में अपने नुकीले दांत गड़ा दिये
15:25पूरे मठ में चीखों की गूंज भर जाती है
15:27लेकिन कोई भी उसे रोक नहीं पाता
15:29कुछी पलों में पूरा मठ खून के सननाटे में बदल जाता है
15:32वहीं दूसरी ओर किले में जनाथन अकेला पड़ा हुआ था
15:35ये मौका देखकर वह पूरी ताकत लगा कर अपनी जन्जीरें तोड़ देता है
15:39जन्जीरें तूटते ही वह सावधानी से अपने पैरों को जमीन पर ठिकाता है
15:43और महल से बाहर निकलने के लिए चुप चाप तहखाने की ओर बढ़ता है
15:46लेकिन तभी उपरी खिडकी से एक गारगोयल उसे देख लेता है
15:49वह तुरंत जोर से गुर्राता है और अपने साथियों को बुला लेता है
15:53जैसे ही जनाथन खिडकी की तरफ बढ़ता है
15:55गारगोयल एक गुलाडी से उस कपड़े को काट देता है
15:58जिससे जनाथन दीवार पर लटक जाता है
16:00अब जनाथन दीवार से जूलता हुआ नीचे गिरता है
16:03और लुढकते हुए बर्फ से धकी जील पर जा गिरता है
16:06गारगोयल उपर से कूद कर उसकी ओर बढ़ते हैं
16:09उनके पंजे बर्फ पर रगड़ खा रहे थे
16:11लेकिन तभी एक गारगोयल बर्फ तूटने से जील में समा जाता है
16:14यह देखकर बाकी पीछे हट जाते हैं
16:16जनाथन ठंडी सांसों के बीच धीरे धीरे जील की सतह पर रेंगता हुआ आगे बढ़ता है
16:21ठंड उसकी हट्डियों में उतर रही थी
16:22लेकिन उसके कदमों में हिम्मत अब भी बाकी थी
16:25इसके बाद हमें ड्रैकुला को दिखाया जाता है
16:27जो अब पहले से कहीं ज्यादा जवान और ताकतवर नजर आ रहा था
16:30उसका चेहरा चमक रहा था
16:32जैसे सदियों की धकान अचानक मिट गई हो
16:34अब वह साइमन के क्लिनिक पहुचता है
16:36और वहां आते ही अपने जादूई परफ्यूम की खुश्बू से
16:39पूरे कमरे का माहौल बदल देता है
16:41कुछ ही पलों में साइमन की आँखें सुन बढ़ जाती है
16:43और वह ड्रैकुला के वश में आ जाता है
16:45ड्रैकुला शांत आवाज में उससे कहता है
16:47मुझे उसके पास ले चलो
16:48साइमन बिना कुछ सोचे समझे
16:50उसे मारिया के कमरे में ले जाता है
16:52जैसे ही मारिया ड्रैकुला को देखती है
16:54उसके चेहरे पर एक पागलपन भरी खुशी भैल जाती है
16:57वह हाफती हुई आवाज में कहती है
16:59मैंने एलिजाबेथा को ढूंड लिया है
17:01यह सुनते ही ड्रैकुला के होटों पर एक खतरनाक मुस्कान उभरती है
17:04वह इनाम के तौर पर साइमन को उसके सामने रख देता है
17:08और कहता है
17:08यह इनाम तुम्हारे लिए है
17:10उसका खून पीलो
17:11मारिया जपट कर साइमन की गर्दन पर दांत कड़ा देती है
17:13कमरे में सननाटा च्छा जाता है
17:15वहीं दूसरी और पादरी अपनी पुरानी किताबों में रिसर्च कर रहा होता है
17:19अचानक उसे एक सदियों पुरानी तस्वीर मिलती है
17:21और तस्वीर देखकर उसका चेहरा पीला पड़ जाता है
17:24तभी एक आदमी अंदर आता है और कहता है
17:26डॉक्टर ने आपको बुलाया है
17:27अब पादरी डूमो के पास पहुँचता है
17:29डूमो घबराई आवाज में बताता है
17:31मारिया गायब हो चुकी है
17:32और साइमन अब इनसान नहीं रहा
17:34पादरी उसकी गर्दन पर बने दांतों के निशान देखता है
17:36और महसूस करता है कि उसकी तवचा पर वही पर्फ्यूम की खुश्बू पहली हुई है
17:41जो उसने कभी ड्रैकॉला के बारे में पढ़ी थी
17:43अब जैसे ही डुमो उस रहस्यमई शक्स का हुलिया बताता है
17:46पादरी की आँखें चौड़ी हो जाती है
17:48वह कांपती आवाज में कहता है
17:50हे भगवान वो यहां है
17:52और अब मीना खत्रे में है
17:53इसके बाद हमें मीना को दिखाया जाता है
17:55जो बहुत बेचैन और उलजन में दिखाई दे रही थी
17:58तभी अचानक दर्वाजे की घंटी बचती है
18:00मीना दर्वाजा खोलती है
18:01तो सामने मारिया खड़ी होती है
18:03बिलकुल स्वस्थ, जवान और पहले जैसी खूबसूरत
18:06मीना हैरान होकर पूछती है
18:08तो बीमार थी ना, मारिया मुस्कुराते हुए जवाब देती है
18:10कि डॉक्टर ड्यूमोंट ने उसे अब घर जाने की इजासत दे दी है
18:13फिर वो मीना को बताती है कि उसका एक बहुत खास दोस्त है
18:16जो उससे मिलने के लिए बेसबरी से इंतजार कर रहा है
18:19मारिया मीना से कहती है कि वो अच्छे कपड़े पहन ले
18:21क्योंकि वो दोनों बाहर जा रही है
18:23कुछ दिर बाद दोनों एक शानदार होटल पहुँचती है
18:25जहां ड्रैकुला पहले से ही उनका इंतजार कर रहा होता है
18:28Giaishe hi Dracula ki nazer Meena per pardti hai
18:30Uski ankhien there jati hai
18:31Aisa lagta hai
18:32Jiashe usne apni khoi hui mohaba
18:34Elizabedha ko phir se paliyah ho
18:36Mariya muskura kar Meena ki mulaqat
18:38Dracula se karwatī hai
18:39Dracula uski tarifo me doop jata hai
18:41Tumhari ankh hai
18:42Jiasse sadiyon purani kishi yad ka aine ha
18:44Voh uska hat thamkar chum leta hai
18:46Meena ke zhen mein aachanak haji bejib vizen ane lagte hai
18:49Jiasse usne Dracula ko pehle bhi kahin dekha ho
18:51Bhoot pehle
18:52Voh ghibra jati hai
18:53and he made a big thing.
18:55Dracula is on the way to get behind him.
18:57Dracula is on the way to reach him.
18:58He has a haunted house.
18:59He has a hidden hidden edge.
19:03Dracula is on the way to walk behind him.
19:05He gave me a gun shooting game.
19:07Dracula has got behind him.
19:08Dracula will be able to get his hands
19:10and learn to get him.
19:12He will learn to have a vision.
19:15He can give him some more than before.
19:19He can bring him a little bit later.
19:20Dracula will also learn to bring him a small show.
19:50music box
19:53ڈریکولا پر چلا پڑتی ہے
19:55تم مجھ پر کوئی جادو ٹونا کر رہے ہو
19:57میرے دماغ کے ساتھ کھیل رہے ہو
19:58ڈریکولا اس کی آنکھوں میں دیکھتے ہوئے دھیرے سے کہتا ہے
20:01نہیں مینہ میں صرف وہ سچ بتا رہا ہوں
20:03جسے تم خود بھول چکی ہو
20:04ایلیزا بیتھا وہ میری پتنی تھی
20:06اور مجھے پورا یقین ہے کہ تم وہی ہو
20:08اس کا دوسرا جنم
20:09مینہ حیران اور غصے میں جواب دیتی ہے
20:11میں مینہ ہوں
20:12ایلیزا بیتھا نہیں
20:13ڈریکولا بس ہلکا سا مسکراتا ہے
20:15مانو وہ جانتا ہو کی سچ کیا ہے
20:16پھر وہ music box اس کی اور بڑھاتا ہے
20:18اور کہتا ہے اسے اپنے پاس رکھو
20:20شاید کسی دن یہ تمہیں سب کچھ یاد دلا دے
20:22اس کے بعد وہ مینہ کو اس کے گھر تک چھوڑنے آتا ہے
20:25رات تھنڈی تھی
20:26لیکن مینہ کے من میں عجیب بے چینی تھی
20:28جیسے ہی وہ گھر کے اندر جاتی ہے
20:29وہاں پادری اور ڈاکٹر ڈیومونٹ موجود ہوتے ہیں
20:32جو گھائل جوناتھن کا علاج کر رہے ہوتے ہیں
20:34مینہ کچھ سمجھ ہی نہیں پاتی
20:35کہ یہ سب کیا ہو رہا ہے
20:36تب ہی پادری اس کی اور دیکھ کر کہتا ہے
20:38مینہ تمہیں اس شخص سے دور رہنا ہوگا
20:41وہ انسان نہیں ہے
20:42وہ ایک ویمپائر ہے
20:43وہ لوگوں کا خون پیتا ہے
20:44اور انہیں اپنے وش میں کرنے کے لیے
20:46اس رہس سمئی خوشبو والے پرفیوم کا استعمال کرتا ہے
20:49مینہ کی سانسیں تھم جاتی ہیں
20:51اس کے ذہن میں ایک ہی سوال گھوم رہا تھا
20:53کیا واقعی ڈریکولا وہی ہے جو سب کہہ رہے ہیں
20:55یا پھر وہ سچ میں وہی ہے
20:57جس سے وہ صدیوں پہلے پیار کر چکی تھی
20:59پادری مینہ کی گردن کو دھیان سے دیکھتا ہے
21:01اسے شک تھا کہ کہیں ڈریکولا نے
21:03اس پر اپنے دانتوں کے نشان تو نہیں چھوڑے
21:05لیکن اس کے گلے پر کوئی بھی نشان نہیں تھا
21:07اس سے وہ اور بھی الجھن میں پڑ جاتا ہے
21:09مینہ اب اور کچھ نہیں سننا چاہتی تھی
21:11اس کی آنکھوں میں ڈر اور الجھن
21:13صاف جھلک رہی تھی
21:14وہ تیزی سے وہاں سے بھاگتی ہے
21:16اور اپنے کمرے میں جا کر دروازہ بند کر لیتی ہے
21:19اب وہ پھوٹ پھوٹ کر رونے لگتی ہے
21:20اسے سمجھ نہیں آ رہا تھا
21:22کہ آخر اس کے ساتھ ہو کیا رہا ہے
21:23اس کا دل ڈریکولا کی اور کھینچتا جا رہا تھا
21:26لیکن دماغ بار بار اسے اس سے دور رہنے کو کہہ رہا تھا
21:29روتے روتے اس کی نظر
21:39وہی جو اس نے پہلے سنی تھی
21:41مینہ کی آنکھیں جھپکتی ہیں
21:42اور اچانک اس کے سامنے عطید کے کچھ درشے اُبھرنے لگتے ہیں
21:46وہ ایک محل میں کھڑی ہے
21:47سفید گاؤن پہنے ہوئے
21:48اور ڈریکولا اس کے سامنے جھک کر اس کا ہاتھ چوم رہا ہے
21:51اس پل کی گرماہت وہ احساس
21:53سب کچھ اسے سچا لگنے لگتا ہے
21:55دھیرے دھیرے وہ ان ویجنوں میں پوری طرح کھو جاتی ہے
21:57لیکن جیسے ہی اس کی آنکھیں کھلتی ہیں
21:59وہ ڈر سے پیچھے ہٹ جاتی ہے
22:01کیونکہ ڈریکولا ٹھیک اس کے سامنے کھڑا تھا
22:03مینہ کی سانسیں تیز ہو جاتی ہیں
22:05وہ کانپتی ہوئی آواز میں کہتی ہے
22:07تم یہاں کیا کر رہے ہو
22:08یہاں سے چلے جاؤ
22:09پلیز چلے جاؤ
22:10ڈریکولا شانت نظروں سے اسے دیکھتا ہے اور کہتا ہے
22:13اگر میں چلا گیا
22:14تو کیا تمہارا دل بھی مجھے بھلا پائے گا مینہ
22:16مینہ کچھ نہیں کہہ پاتی
22:17لیکن اس کی آنکھوں میں
22:18ڈر اور محبت دونوں کی جھلک ساف دکھ رہی تھی
22:21ڈریکولا کی آنکھوں میں
22:22ڈرد اور سچائی دونوں جھلک رہے تھے
22:24وہ مینہ کے قریب جا کر دھیرے سے کہتا ہے
22:27مینہ
22:27تمہیں نہیں پتا میں کتنی صدیوں سے
22:29تمہارا انتظار کر رہا ہوں
22:30لیکن مینہ چیختے ہوئے پیچھے ہٹ جاتی ہے
22:32بس
22:33اب اور کچھ مت کہو
22:34وہ کانپ رہی تھی
22:35ڈر اور الجھن سے بھری ہوئی
22:36ڈریکولا گہری سانس لیتا ہے
22:38اور کھڑکی کی اور بڑھ جاتا ہے
22:39وہ باہر جھانک کر
22:40ڈھنڈی ہوا میں دیکھتا ہے
22:42پھر کہتا ہے
22:42اگر تمہیں میری سچائی سننی ہی نہیں
22:44تو شاید میرے ہونے کا کوئی مطلب نہیں
22:46وہ کھڑکی سے نیچے کودنے کو ہوتا ہے
22:48کہ مینہ گھبرا کر چلاتی ہے
22:50رکو کیا تم خودکشی کرنے والے ہو
22:51ڈریکولا مڑ کر اس کی طرف دیکھتا ہے
22:53اور کہتا ہے
22:54میں موت سے کبکہ گزر چکا ہوں
22:56مینہ اب صرف تمہارے بینا چینہ ہی اسمبھو ہے
22:58وہ آگے بڑھتا ہے
22:59اور اپنے ہاتھ میں پکڑی اتر کی شیشی دکھاتا ہے
23:02تم سوچتی ہو میں نے تمہیں ورش میں کیا
23:03میں نے کبھی بھی اس پرفیوم کا استعمال تم پر نہیں کیا
23:06اتنا کہہ کر وہ اس شیشی کو آگ میں پھینک دیتا ہے
23:09مینہ کی آنکھوں سے آنسو بہنے لگتے ہیں
23:11وہ کامتی آواز میں کہتی ہے
23:12لیکن تم انسانوں کا خون تو پیتے ہو
23:14ڈریکولا دھیرے سے سر جھکاتا ہے
23:16ہاں مینہ میں خون پیتا ہوں
23:18کیونکہ اب میں انسان نہیں رہا
23:19میں ایک شرابت آتما ہوں
23:20ایک وینپائر
23:21لیکن تمہارا خون کبھی نہیں پیوں گا
23:23قسم ہے مجھے
23:23تب ہی مینہ کی ناک سے تھوڑا خون ٹپکنے لگتا ہے
23:26ڈریکولا انجانے میں اسے اپنی انگلی سے پہنچتا ہے
23:29اور جیسے ہی اس کا خون اس کی جیب کو چھوٹا ہے
23:31وہ ایک پل کے لیے رک جاتا ہے
23:33اس کی آنکھوں میں ایک پرانا درد چمکتا ہے
23:35اب وہ مینہ کا ہاتھ پکڑ کر دھیرے سے کہتا ہے
23:37تمہارا خون تمہاری خوشبو
23:39سب کچھ ویسا ہی ہے جیسے صدیوں پہلے تھا
23:41تم ہی میری ایلیزابیتہ ہو
23:43مینہ کی سانسیں تھمسی جاتی ہیں
23:44اسے پھر وہی پرانے پل دکھنے لگتے ہیں
23:46وہ محل وہ گاؤن
23:47وہ پیار بھری نظروں سے اسے دیکھتا ڈریکولا
23:49اور تب ہی اسے سب کچھ یاد آ جاتا ہے
23:51اس کی آنکھوں سے آنسو بہ نکلتے ہیں
23:53وہ کانپتی آواز میں کہتی ہے
23:54ہاں اب مجھے سب یاد آ گیا
23:55میں ہی ایلیزابیتہ ہوں
23:56اور تم میرے ولاد ہو
23:57ڈریکولا کی آنکھوں میں چمک لوٹ آتی ہے
23:59دونوں ایک دوسرے کے پاس آتے ہیں
24:01اور پھر صدیوں سے ادھورا
24:02ان کا پیار آخرکار پورا ہو جاتا ہے
24:04وہ ایک دوسرے کے آلنگن میں کھو جاتے ہیں
24:06جہاں وقت موت اور شراب
24:08سب مانو ٹھہر جاتے ہیں
24:09پادری اپنی رائیفل اٹھا کر پیچھے ہٹتا ہے
24:11لیکن ماریا اب پوری طرح
24:13ویمپائر بن چکی تھی
24:14اس کی آنکھیں لال چمک رہی تھی
24:15اور اس کے دانت باہر نکلے ہوئے تھے
24:17وہ پادری کی گردن پکڑ کر دیوار سے پٹک دیتی ہے
24:20تب ہی پیچھے سے جتھن لوہے کی چھڑ اٹھا کر
24:22اس کے اوپر وار کر دیتا ہے
24:24چھڑ اس کی پیچھ کے آر پار نکل جاتی ہے
24:26پر پھر بھی وہ رکتی نہیں
24:27وہ زور سے چلاتی ہے
24:28تم سب انسان ہو
24:29لیکن پیار کے اصلی معنی کبھی نہیں سمجھو گے
24:32اب وہ ہنری کی طرف مڑتی ہے
24:34جو زمین پر پڑا کراہ رہا تھا
24:35پادری جلدی سے کروس اٹھا کر اس کے سامنے لہراتا ہے
24:38جیسے ہی کروس کی روشنی اس پر پڑتی ہے
24:40ماریا درد سے چلانے لگتی ہے
24:42اس کی توچہ جلنے لگتی ہے
24:43اور وہ پیچھے ہٹتی ہے
24:44تب ہی پادری موقع دیکھ کر
24:45اپنے جیکٹ سے پویتر پانی کی شیشی نکالتا ہے
24:48اور اس کے اوپر پھینک دیتا ہے
24:49پانی کے پڑتے ہی اس کے چہرے سے دھوا نکلنے لگتا ہے
24:52وہ تڑپتی ہوئی چیختی ہے اور کہتی ہے
24:54ڈریکولا مجھے بچاؤ
24:55لیکن اب کوئی جواب نہیں آتا
24:57دھیرے دھیرے اس کا شریر راکھ میں بدلنے لگتا ہے
24:59اور ہوا میں اڑ جاتا ہے
25:01سب لوگ ایک پل کے لیے چپ ہو جاتے ہیں
25:03ہنری زمین پر پڑا کراہتا ہے
25:04پادری اس کی مدد کرنے کے لیے جھکتا ہے
25:06تب ہی جتھن کہتا ہے
25:07اب دیر نہیں کرنی چاہیے
25:08مینہ خطرے میں ہے
25:09اور وہ اب شاید انسان نہیں رہی
25:11پادری سر ہلا کر کہتا ہے
25:12ہاں اب ہمیں ڈریکولا کے قلعے میں ہی جانا ہوگا
25:15وہیں یہ سب ختم ہوگا
25:16یا تو ڈریکولا مرے گا
25:17یا ہم
25:17اس کے بعد تینوں ہتھیار لے کر
25:19رات کے اندھیرے میں نکل پڑتے ہیں
25:21سیدھے اس قلعے کی اور
25:34کہ باہر آنے والے کسی بھی انسان کو روکو
25:37اب پادری اور اس کی ٹیم
25:38دھیرے دھیرے قلعے کے اندر پرویش کرنے کی کوشش کرتے ہیں
25:40انہوں نے دیکھا
25:41کہ قلعے کے دروازے اپنے آپ بند ہو جاتے ہیں
25:43اور دیواروں پر خون کے نشان چمکنے لگتے ہیں
25:46ڈریکولا اب مینہ کے پاس بیٹھ کر کہتا ہے
25:48اب تم میری دنیا کی حق دار ہو
25:50تمہیں ڈرنے کی کوئی ضرورت نہیں
25:51مینہ دھیرے دھیرے اس کے ہاتھ پکڑتی ہے
25:53اور کہتی ہے
25:54اب میں تمہارے ساتھ ہمیشہ رہنا چاہتی ہوں
25:56چاہے کچھ بھی ہو
25:57اسی بیچ پادری ٹیم کے ساتھ
25:59قلعے کے مکھے حال میں پرویش کرتا ہے
26:01وہ دیکھتا ہے کہ
26:02ڈریکولا اور مینہ سرکشت ہیں
26:03لیکن آس پاس کی دیواروں اور فرش پر
26:05عجیب پرچھائیاں ہل رہی ہیں
26:07ڈریکولا اپنے گارگوئلز کے ذریعے
26:09پادری کو چنوٹی دیتا ہے
26:11اگر تم میرے اور مینہ کو چھونے کی کوشش کروگے
26:14تو تمہارا انجام وہی ہوگا
26:15جو تمہارے سامنے ماریا کا ہوا
26:17پادری تھوڑا ڈرتا ہے
26:19لیکن پھر بھی قدم بڑھاتا ہے
26:20ڈریکولا اور گارگوئلز
26:22اپنے اپنے ستھانوں پر کھڑے ہو جاتے ہیں
26:24تیار سنگھرش کے لیے
26:25قلعے کے اندر کی یہ چپی
26:26اب بڑے توفان کی شروعات ہے
26:28جہاں انسان اور ویمپائر کی آخری بھیڑند ہونے والی ہے
26:32جس سے قلعے کی چھت ٹوٹ کر گرنے لگتی ہے
26:34تب ڈریکولا مینا سے کہتا ہے
26:35کہ اسے باہر نکل کر سامنا کرنا ہوگا
26:37اور وہ کمرے میں ہی رہے
26:39اتنا کہہ کر ڈریکولا کمرے سے باہر نکل جاتا ہے
26:41وہیں گرگلز بھی سپاہیوں پر ٹوٹ پڑتے ہیں
26:43اور کئی سپاہیوں کو مار گراتے ہیں
26:45لیکن سپاہیوں کی سنکھیا بہت زیادہ تھی
26:47اور دھیرے دھیرے وہ پورے قلعے میں پھیل گئے
26:49جناتھن اپنی ٹیم کو تہخانے میں لے کر جاتا ہے
26:51مینا جیسے ہی سپاہیوں کو اپنی اور آتے دیکھتی ہے
26:54وہ کمرے کا دروازہ بند کر دیتی ہے
26:56جناتھن سپاہیوں کو تابوت دکھاتا ہے
26:58اور کہتا ہے کہ ڈریکولا اسی میں چھپا ہو سکتا ہے
27:01سپاہی تابوت پر گولیاں چلاتے ہیں
27:02لیکن تب ہی ڈریکولا اچانک جناتھن کے پیچھے سے آ کر
27:06اسے بے ہوش کر دیتا ہے
27:07پھر وہ گرگلز کے ساتھ مل کر
27:08سپاہیوں پر ٹوٹ پڑتا ہے
27:10اور کچھ ہی دیر میں کئی سپاہیوں کو ڈھیر کرتا ہے
27:13کلے میں آتے ہی سپاہی ایک ایک کر کے
27:14ڈریکولا کی طاقت کے سامنے جھکتے جاتے ہیں
27:17تب ہی ہنری موقع دیکھ کر
27:18ڈریکولا پر گولیاں چلا دیتا ہے
27:20لیکن ڈریکولا پر اس کا کوئی اثر نہیں ہوتا
27:22اب ڈریکولا نے ہنری کی گردن کاٹ دی
27:24اور دروازہ بند کر دیا
27:25تاکہ کوئی سپاہی اندر نہ گھس سکے
27:28اس کے بعد وہ اپنی تلوار
27:29پادری کے گلے پر رکھ دیتا ہے
27:31پادری ڈر کے مارے جم کر کھڑا رہ جاتا ہے
27:33اور پھوس پھوس آتا ہے
27:34تم کیا کروگے