Skip to playerSkip to main content
  • 5 weeks ago
Haliwood movie explain in Hindi.
In this video, we explain the thrilling true story of Papillon (2017) — a man’s unbreakable will to survive. Henri Charrière, a safecracker wrongly imprisoned for m*rder, is sent to the brutal penal colony of Devil’s Island. But his spirit refuses to die. Watch how his determination and friendship with Louis Dega turn an impossible escape into a legendary tale of freedom.

👉 Don’t forget to LIKE, COMMENT, and SUBSCRIBE for more movie explanations, theories, and reviews every week!


🎥 Movie Credits

🎞 Movie Name: Papillon (2017)
🎭 Genre: Biography | Drama | Adventure
🎥 Directed by: Michael Noer
⭐ Cast: Charlie Hunnam, Rami Malek, Roland Møller


⚠️ Disclaimer:
This video is for educational and entertainment purposes only. All footage, music, and images belong to their respective copyright owners.


📩 For Business Enquiries:
[https://www.instagram....​]


#movieexplained​ #movie​ #filmayapro​ #filmaya​ #movieexplainedinhindi​ #hollywoodhungamaexplainer​ #hollywood​
Transcript
00:00जरा सोचो, अगर तुम्हें किसी ऐसे जुर्म में फंसा दिया जाए, जो तुमने किया ही नहीं, और फिर भेज दिया
00:05जाए, दुनिया की सबसे खतरनाक जेल में, यही कहानी है पैपिलोन की, साल था 1931, जगह पैरिस, जहां रहता था
00:11एक चालाक और होशियार आदमी, पैपि
00:29को अंदर घसीट कर लाया, बॉस ने उस पर कहर बर पाते हुए पैपिलोन की तरफ देखा, अगर मुझसे जूट
00:35बोला, तो तेरे साथ भी यही हाल होगा, यह देखकर पैपिलोन के अंदर हलकी सी दहशत दोड़ गई, लेकिन उसने
00:40अपने हिससे के पैसे उठाए, और वह
00:59मैं चाहती हूँ, हम इस जुर्म की जिंदगी से दूर चले जाएं, कहीं समंदर किनारे एक छोटा सा घर बसाए,
01:05लेकिन अगली सुबह सब कुछ खत्म हो गया, पुलिस ने घर पर धावा बोल दिया, और पैपिलोन पर उसी आदमी
01:10के कतल का इल्जाम लगा दिया, जिसे उ
01:26जुलोट नाम के एक कैदी से, जुलोट ने कहा, यहां से निकलना है तो पैसों की जरूरत पड़ेगी, बहुत सारे
01:31पैसों की, और फिर उसने दूर खड़े डेगा की तरफ इशारा किया, वो तेरी मदद कर सकता है, डेगा, एक
01:36अमीर शख्स था, जो नकली नोट बनाने के
01:38जुर्म में पकड़ा गया था, थोड़े ही दिनों में सब कैदीयों को एक नाव में भर कर भेज दिया गया,
01:42एक ऐसी जगह, जहां से अब तक कोई वापस नहीं लोटा, फ्रेंच गयाना की पीनल कॉलोनी, रात गहरी हो चुकी
01:48थी, चारों तरफ सननाटा था, बस जेल की ज
02:03उचकाए और चुपचाप सो गया, लेकिन उसी रात डेगा की आँख हचानक खुल गई, उसने देखा, उसके पास सो रहा
02:09कैदी, किसी ने बेरहमी से मार डाला था, और कारण, उसने अपने पेट के अंदर पैसे छिपा रखे थे, यह
02:14मंजर देखकर डेगा का खुन जम गय
02:29डेगा अब भी भागने के पक्ष में नहीं था, उसे उम्मीद थी कि उसकी अमीर बीवी उसे छुडवा लेगी, उसे
02:34नहीं पता था कि यह जगह उम्मीदों को निगल जाती है, उस रात जब सब कैदी सो चुके थे, कल
02:38वाला हत्यारा फिर डेगा की और बढढ़ा, उसकी �
02:41आँखों में वही खूनी चमक थी, वो डेगा के उपर जुका ही था कि अचानक पैपिलोन जाग गया, बिजली की
02:46तरह उठा और हत्यारे पर तूट पड़ा, उसने उसे बुरी तरह पीटा, लेकिन शोर सुनकर गार्ड्स वहां पहुँच गए, सुबह
02:52होते ही पैपिलोन क
02:53सजा दी गई, कड़ी, बेरहम सज्जा, फिर भी उसके होंटों पर हलकी मुस्कान थी, क्योंकि जिस आदमी ने उसके पैसे
02:58देने थे, वो अब भी जिन्दा था, कुछ घंटों बाद सब कैदियों को एक नई जगह ले जाया गया, फ्रेंच
03:04गयाना की पीनल कॉलोनी, जहां
03:05मौत रोज आती थी, लेकिन कोई उसे देख नहीं पाता था, उतरते ही जुलोट ने चाल चली, उसने खुद को
03:10जान बूज कर जखमी कर लिया, ताकि उसे क्लिनिक भेजा जाये, क्योंकि वहां पहरा सबसे कम था, और वही उसकी
03:16भागने की उम्मीद थी, इधर बाकी कैदि
03:29के दिल में डर नहीं, बलकि चुपचाप बगावत पनपने लगी थी, वार्डन ने धीमी ठंडी आवाज में समेट कर कहा,
03:35कोशिश बिलकुल मत करना, ये तुम्हारी सेहत के लिए ठीक रहेगा, फिर उसने कड़क लहजे में सजाय पढ़नी शुरू कर
03:40दी, पहली पकड़
03:41पर दो साल काला पानी, दूसरी बार पकड़े गए तो तीन साल, और जो तीसरी बार भागता पकड़ा गया, उसे
03:47भेजा जाएगा, उस डार्क जगह में डेविल साइलेंड जहां से लौटना नामुम्किन है, और अगर किसी ने कतल किया तो
03:52सब के सामने उसका सरधर से अल�
04:07पर एक शाम उदासी के बीच पैपिलोन की मुलाकात एक कष्टी वाले से हुई, कष्टी वाला बूढ़ा था, आँखों में
04:13समंदर की सूखी हलकी चमक, पैपिलोन ने धीमी आवाज में कहा, यदि तू कष्टी देगा, मैं तुझे दो गुना पैसा
04:19दूँगा, कष्टी �
04:22अगली रात किनारे पर आना, लेकिन किस्मत ने फिर खेल खेला, यही प्लान किसी खूंखार कैदी की नजर में आ
04:27गया, लालची और खूंखार उसने पैसों के लिए डेगा पर हमला कर दिया, जियों ही लड़ाई छिडी, माहौल बिजली की
04:33तरह तना हुआ हो गया, और फि
04:49उसके अंदर की सारी घमंड, सारी उमीदें तूट कर गिरने लगी, अब उसके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था,
04:55आखिरकार डेगा ने मुड कर पैपिलोन से कहा, ठीक है हम साथ भागेंगे, दोहरे फैंसले की रात थी, एक तरफ
05:00मौत की सजाए, दूसरी तरफ क
05:14भागने की कोशिश में दो गार्डों की हत्या कर दी थी, और सजा, सजा बिलकुल बेरहम थी, कुछ ही पलों
05:20में जुलोट का सर धर से अलग कर दिया गया, उसकी लाश जमीन पर उखडी पड़ी रही, और जहां जहां
05:25खून टपका, वहां से हर आवाज जैसे सूक सी गई, ह
05:28हर कैदी की रूँ कांप उठी, हवाओं में अब सिर्फ खामोशी और डर का संगीत था, उसके बाद वॉर्डन ने
05:33आदेश दिया, पैपिलोन और डेगा को जुलोट की लाश शमशान तक ले जाना होगा, रास्ते में डेगा बेसुद सा हो
05:39गया, उसने उलटियाओं शुर�
05:52कोडों की तकरार में डेगा दर्द से गर्दा पकड़ कर गिर पड़ा, पैपिलोन ने ये सारा नजारा देखा, अब उसकी
05:57आखिर हद तक सहनशीलता तूट गई, उसने गुस्से में एक बड़ा सा पत्थर उठाया और गार्ड के सर पर दे
06:02मारा, गार्ड गर्दन पकड़
06:03कर गिल्टियाओं खाते हुए गिर पड़ा, पैपिलोन वहीं से भाग निकला, उसकी सांसें तेज और दिल उबल रहा था, डेगा
06:09तो डर के मारे हिल भी नहीं पाया, वह वहीं धराशाई होकर बैठा रहा, रात के अंधेरे में पैपिलोन नदी
06:14किनारे उस कष्टी वाले क
06:27खबर देता था और बदले में मोटा इनाम पाता था, कुछ ही देर में पैपिलोन को वापस कारागार में घसीठा
06:33गया, वहां वार्डन ने बताया कि जिस गार्ड पर उसने पत्थर मारा था, वो जिन्दा बच गया है, इसलिए उसकी
06:38जान तो जा बची, पर अब भागने क
06:40जुर्म में उसे दूसरे टापू पर काला पानी की सजा काटनी होगी, जब पैपिलोन उस नए ठिकाने पर पहुँचा, तो
06:46माहौल देखकर उसकी रूह काप उठी, पिछली जेल में कम से कम कैदी आपस में बात कर लेते थे, इधर
06:51वहां की दीवारें किसी इनसान की आवा
07:06उसके अंदर एक कागस का टुकडा था, जिस पर लिखा था, अब से तुम्हें रोज नारियल मिलेंगे, पैपिलोन ने समझ
07:12लिया, ये डेगा की तरफ से था, कुछ हफते ऐसे गुजर गए, हर रोज नारियल का एक छोटा तोहफा मिला,
07:17पर सब का ध्यान नहीं रह सका, ज
07:34जाने की कमी और भूक ने पैपिलोन को भीतर से खोखला कर दिया, उसकी देह पतली सी हो गई, और
07:39आत्मा ऐसी, जैसे कोई हड़ियों का धांचा हो, वह पहले जैसा नहीं रहा, एक दिन वार्डन खुद पैपिलोन के सेल
07:44में आया, हाथ में स्वादिष्ट खाना, चेहरे प
08:04जहां न रोशनी थी, न इनसान की कोई आवाज, भूक से उसका बदन गलने लगा, पानी की कमी से होंट
08:09फट चुके थे, और अब तो अंधेरे ने उसकी आँखों से भी रोशनी चीन ली थी, धीरे धीरे वो खुद
08:13से बातें करने लगा, कभी हंसता, कभी चिलाता, कभी द
08:31अतना भरोसा जीत लिया था, कि उसे कैदियों के बीच घूमने की आजादी मिल चुकी थी, एक दिन डेका पैपिलोन
08:36से मिलने आया, उसे देखकर उसकी आँखों में आसु आ गए, पर तभी पैपिलोन ने मुस्कुराते हुए फुस फुस आया,
08:41मैं बागल नहीं, बस बा�
08:44यही रास्ता था वापसाम जेल में आने का, डेगा कुछ पल उसे देखता रह गया, दोनों की नजरें मिली, और
08:49उसी पल एक नया भागने का प्लान जन्म ले चुका था, इस बार उन्होंने तय किया कि अकेले नहीं, चार
08:54लोग साथ भागेंगे, पैपिलोन ने चुना, सि
09:03सिलियर को दे दिये, जिसने उन पैसों से एक कष्टी खरीद ली, आजादी की उस कष्टी को, जो अभी सागर
09:08में उतरने को बेताब थी, फिर आई वो रात, जब पूरे जेल में फिल्म दिखाई जा रही थी, सभी अफसर
09:13हस रहे थे, शराब पी रहे थे, और उसी भीड मे
09:15देका धीरे से चला गया, उसने शराब में नशे की गोलियाओं मिला दी, और फिर इंतजार करने लगा सही मौके
09:20का, मौका दर्वाजे की चाबियाओं चुराने का, दूसरी तरफ पैपिलोन और उसके साथ ही अंधेरे में बेचैन खड़े थे, बारिश
09:26शुरू हो गई थी
09:26आसमान गरज रहा था, बिजली चमक रही थी, सिलियर बोला, अब या कभी नहीं, हमें भागना होगा, पर पैपिलोन ने
09:31सिर हिलाया, डेगा के बिना एक कदम भी नहीं, और जैसे किसमत ने उसकी बात सुन ली, उसी पल डेगा
09:36भागता हुआ आया, हाथ में जंकारती हुई
09:39चाबियाओं थी, चलो, उसने फुस फुस आया, और फिर चारों ने अंधेरे का फाइदा उठाया, चाबियाओं घुमाई, दर्वाजा खोला, और
09:44बारिश की गूंज में वो जेल की दीवारों को पीछे चोड़ते हुए, रात में खो गए, उनकी सांसें तेज, लेकिन
09:50
10:08नन नन ने उनसे कहा कि अगर वो सच में यहां से जाना चाहते हैं, तो वो उनकी मदद कर
10:12सकती है, लेकिन शर्त ये थी कि उन्हें फिर कभी इस जगह का नाम जुबान पर नहीं लाना होगा, पैपिलोन
10:17ने सिर हिला दिया, कुछ दिनों बाद वो लोग एक छोटी नाव ले
10:38उस्ती और आजादी की चाह अभी जिन्दा थी, लेकिन किस्मत ने फिर एक बार खेल खेला, कुछ ही देर बाद
10:43वहां के सिपाहियों ने उन्हें पकड़ लिया, दोनों को फिर से जेल में डाल दिया गया, पर इस बार उन्हें
10:48अलग अलग जगह भेजा गया, पैपिलोन को
11:00भागने की कोशिश जरूर करेगा, चाहे उसकी जान ही क्यों न चली जाए, आफिसर्स ने दोनों को पकड़ कर फिर
11:05से कैद कर लिया, एक बार फिर पैपिलोन की आजादी का सपना अधूरा रह गया, इस बार उन्हें भेजा गया
11:10डेविल्स आइलेंड, जो कैदियों के लि
11:27लेकिन पैपिलोन वो इनसान नहीं था, जो हार मान ले, दिन बीचते गए, और उसने उस टापू का हर कोना
11:32ध्यान से देखना शुरू किया, एक दिन उसकी नजर नीचे गिरते नारियलों पर पड़ी, तब ही उसके दिमाग में एक
11:37पागल पन भरा ख्याल आया, अगर नार
11:54आजात रहूंगा, नहीं तो समंदर मुझे आजात कर देगा, डेगा की आँखों में आँसू थे, पर उसने सिर जुका लिया,
11:59वो अब और नहीं भाग सकता था, फिर पैपिलोन ने अपने नारियल के बेड़े को उठाया, उसे चटान के किनारे
12:04रखा, और समंदर की तरफ
12:06देखा, नीचे मौत थी, पर उसके पार आजा दी, उसने गहरी सांस ली, और छलांग लगा दी, लहरें उसे चटानों
12:11से टकरा रही थी, पर वो तैरता रहा, आगे बढ़ता रहा, समंदर की गरजना के बीच उसकी आवाज गूंज रही
12:16थी, मैं आजाद हूँ, मैं आजा�
12:18और फिर कुछ दिर बाद सब कुछ शान्त हो गया, सिर्फ नारियल का बेडा लहरों पर तैर रहा था, कई
12:22सालों बाद कहा गया, कि एक आदमी को किसी दूसरे देश में देखा गया, उसके सीने पर एक तितली का
12:28टैटू था, लोग कहते हैं वो पैपिलोन था, वो इंसान ज
12:30जिसने हार मानना कभी सीखा ही नहीं

Recommended