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  • 48 minutes ago
वैश्विक व्यापार के समीकरणों में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में चीन एक बार फिर अमेरिका को पछाड़कर भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है. पिछले चार वर्षों (2021-22 से 2024-25) तक अमेरिका इस पायदान पर काबिज था, लेकिन इस साल द्विपक्षीय व्यापार में हुई भारी वृद्धि ने चीन को शीर्ष पर पहुंचा दिया है. वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत और चीन के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2025-26 में 151.1 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है. हालांकि, इस व्यापारिक बढ़त का एक चिंताजनक पहलू भारत का बढ़ता 'व्यापार घाटा' है. चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 112.16 अरब डॉलर हो गया है, जो पिछले वित्त वर्ष (2024-25) में 99.2 अरब डॉलर था. पिछले वित्त वर्ष के दौरान चीन को भारत का निर्यात 36.66% बढ़कर 19.47 अरब डॉलर रहा. वहीं, चीन से होने वाला आयात 16% की वृद्धि के साथ 131.63 अरब डॉलर पर पहुंच गया.

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00:28चीन को भारत का निर्यात 36.66% बढ़कर 19.47 अरब डॉलर हो गया है
00:35जबकि चीन से होने वाला आयात 16% की वृध्धी के साथ 131.63 अरब डॉलर पहुच गया है
00:45अमेरिका 2021-22 से 2024-25 तक भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साजेदार था
00:51साल 2025-26 की बात करे तो दोनों देशों के बीच व्यापार थोड़ा धीमा है
00:58चीन 2013-14 से 2017-18 तक और फिर 2020-21 में भारत का नंबर वन ट्रेड पार्टनर रहा है
01:06चीन से पहले UAE इस स्थान पर था
01:09योरो रिपोर्ट ETV भारत
01:11झाल झाल झाल
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