00:00Shadr, Guffa ke bheater bina hile pada hua
00:03aur Aghori us par bhasm dal rahe thay
00:06dhirhe dhirhe uske hoosh lawte
00:08woh phir Guffa me tha
00:10pər ab wahan sirf Guru tha
00:13Dipak budh chukye thay
00:14pər raak abhi bhi garm thhi
00:17Guru ne kaah
00:18ab tu samaj gaya hoga
00:20Mritiw se baad karna kya ho ta hai
00:22Arv ne kaaptay hoe puchha
00:24main?
00:25main zindah hu
00:27गुरु हसा जिसे तू जिन्दगी समझ रहा है वो बस मृत्यू का विस्तार है अब तू हमारे साथ रहेगा और
00:36तभी आरव ने देखा उसकी कलाई पर वही चिन चमकने लगा जो अगोरी ने पहली रात उसकी हथेली पर बनाया
00:44था वो खुद को देखता है उसका चहरा अब �
00:48राक से ढख चुका था तीन दिन बाद स्थानिय पुलिस ने श्मशान के पास एक बेहोश व्यक्ति पाया कपड़ों पर
00:57राक और आखों में गहरी खामोशी कोई पहचान नहीं कोई कैमरा नहीं बस एक पुराना नोटबुक जिस पर लिखा था
01:07गुफा के भीतर जो देखा
01:09झाल
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