00:03।
00:59He said to me,
01:00आज से तु साधक नहीं, साधन बनेगा। अगोरी ने दीवार पर जलते दीपक की लौ दिखाते हुए कहा। देख, ये
01:09लौ जलेगी जब तक तेरे भीतर भय है, जब ये बुझ जाएगी, तु हमारे जैसा हो जाएगा।
01:16आरव ने देखा, गुफा के भीतर कई दीपक थे, पर हर दीपक की लौ काप रही थी, और फर्श पर
01:24पड़े थे राग के धेर, जिन में से कुछ में अभी भी मानव की हड्या दिख रही थी।
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