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  • 12 hours ago
क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को समझ पाना मुश्किल है?

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00:07नवस्कार मैं हूँ श्विता सिंग और आप देख रहे हैं आज तक
00:10मिडली इस्ट के महा युद्ध के बीज अमेरिका के राष्ट्वपती ट्रम्प की शख्सियत कई पर्तों में सामने आई
00:16उनकी चवी एक ऐसे वर्ल लीडर की तरह नजर आई है जो परमपरागत कूटरीती के दायरों से बाहर खेलता है
00:23और अक्सर और निश्चित्ता को ही अपनी सबसे बड़ी रणनीति में बदल देता है
00:27जंग में कई मुद्धे हैं इरान के स्वाभिमान की लड़ाई, इस्रेल के अस्तित्व की लड़ाई, तबाही, राजनीती, परमाणू, यूरेमियम
00:35लेकिन इन सबसे अलग युद्ध के हर समीकरण के बीच अलग अंदाज में खड़े दिखते हैं ट्रम्प
00:41अपनी सोच, अपने फैसले, अपने बयानों के साथ कई बार ये सवाल खड़ा हो जाता है
00:46कि युद्ध देशों के बीच लड़े जा रहे हैं या ट्रम्प की सोच दुनिया को उलझा रही
01:11मिर के बेंच आपर cotton ऑनीज ओना मोलन प्र। भावे लाश थज दिव को म्रान well I have to do
01:20is leave Iran and we'll be doing that very soon
01:25we're going to hit them extremely hard over the next two to three weeks
01:34yeah I'm very disappointed in NATO very
01:39और वाणी बखले बावार राणी से नीज़ कि जो ब आफी जो कि अूले इस भी जो रखे रिख शोले
01:45से लिए स्वाश्य को जो दो उब आफूस्चित कि अपराइशने हो जमा अप्राइशने की है
02:1540 दिनों के इरान, अमेरिका, इसराइल, युन संग हर्ष
02:18और उसके बाद सीसपायर के खवाइदों के बीच गी
02:21राश्टपती ट्रम्प के बयान और एक्शन्स में जिस तरह से तालमेल का निरंतर अभाब दिखा
02:26उससे ये सवाल उठता है कि वो खुद उल्जन में हैं या दोईयां को उल्जा रहे हैं
02:35एक दिन पहले सब भिता मिटाने की धमकी
02:47अगले दिन सीसपायर का एलान
03:00एक दिन पहले नेटो सहयोगियों से मदद की अपील
03:18अगले दिन नेटो की भूमिका पर
03:20करारा प्रहार
03:32एक दिन पहले एरान के उर्जा धाचों को मिटा देने की कसम
04:00अगले ही दिन इरान की तारीफ और हमले बंद करने का एलान
04:22जंग के शुरुवात में ही ट्रंप ने कहा हम जीत रहे हैं
04:25लेकिन कुछ ही घंटों में इरान को सरेंडर करने की धमकिया जारी की
04:44जंग के बीज भी ट्रंप ने एलान किया कि जो लक्ष पाने थे वो पालिये
04:48इरान की नौसेना हत्यार नश्ट कर दिये
04:50जीत अब बस होने ही वाली है
04:52लेकिन कुछी घंटों में इरान ने अमेरिकी बेसों पर दो गुनी ताकत से ऐसे हमले किये
04:57क्युंप तो लगागे
05:29जंग के 49 में दिन ट्रंप ने फिर कहा जंग जीत चुके हैं
05:33इरान सरेंडर नहीं करेगा तो एक रात में इरान को मिटा देंगे
05:36लेकिन 40 में दिन सीजपायर का एलान हो जाता है
05:43कोई समझी नहीं पाया कि ट्रंप चाहते क्या है
05:45सोच क्या रहें उनकी रणीती क्या है
05:48सबसे बड़ा सवाल अमेरिका ने पाया क्या
05:50क्या परमाणू मिसाइलें और रिजीम चेंज के लक्ष प्राप्त हो गए
05:54क्या इरान ने युद में कभी भी एक भी बार हार मानने की बात कही
05:58क्या इरान ने अमेर्की बेसों पर हमले रोके अगर नहीं तो क्या था ट्रम्प का प्लाण
06:02क्या थी ट्रम्प के राणनी थी सवालों के शिकंजे बहते जा रहे हैं
06:06जिनमें ट्रम्प ना सिर्फ दुनिया बल्कि अमेरिका में भी फंसते दिख रहे हैं
06:14इस्राइल ने लिबनान और इरान पर भारी हमले किये
06:17इरान ने इस्राइल और अमेर्की बेसों पर लगतार मिसाइलें दागी
06:20अमेरिका ने इरान के कई महत्पूर ठिकाने नश्ट किये
06:24ये युद की गतीविध्या थिया, युद में ऐसा ही होता है
06:27लेकिन इन सब की बीच ट्रम्प खुद एक प्रैक्टर है
06:30जिनके बयानों और पैस्टों से दुनिया हैरान होती रही
06:46इरान में सत्ता परिवर्तन, परमारू कारिकरम नश्ट करना
06:50और बैलिस्टिक मिसाइल जखीरा सीमित करना
06:52ये कुछ ऐसे बड़े टागिट्स लेका ट्रम्प ने इरान के खिलाफ युद्ध छेडा था
06:57लेकिन युद्ध विराम के लिए राजी हो गए
07:00स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज खोलने के मुद्धे पर
07:02क्या ट्रम्प ने तैक ये लक्षों में से कुछ भी हासिल किया
07:06क्या उनके बयान केवल दबाओ बनानी के रणनीते पर अधारित थे
07:18तैक बंब थापध के लिए बड़लों बंचेर के लुद्ध फिनुल vorher बया chi
07:25एम आपनाव में यवपनाव ये लुद्ध वि destruफानावी टूल
07:34Okay iba मैं बया इंद अरेख झावी development
07:39अई चुकाल भी में जिरते हो静 प्राव लख
08:08यह जंग सिर्फ मैदान में लड़ी नहीं जा रही बल्कि एक और जंग चल रही थी नेरेटिव की चंग और
08:14इसका केंद्र था वाशिंग्टन
08:31Iran's ability to build and stockpile ballistic missiles and long-range drones has also been set back by years compared
08:38to where it was six weeks ago prior to the launch of Operation Epic Fury.
08:43We destroyed the vast majority of Iran's ballistic missiles, launcher vehicles, and long-range attack drones through more than 450
08:51strikes on ballistic missiles and approximately 800 strikes on Iran's drone-launching units and storage facilities.
08:59In total, more than 13,000 targets across Iran were struck. Again, this is in the matter of just 38
09:07days.
09:08I would say that within two weeks, maybe, two weeks, maybe three, we're hitting them very hard. Last night, we
09:15knocked out tremendous amounts of missile-making facilities, as you probably read or wrote.
09:21We knocked out, excuse me?
09:23Pardon me if I'm interrupting, the U.S. will be gone or done with the war until…
09:27I think we're two or three weeks in. We'll leave.
09:31We're gonna be ready to be out on point and ready to go.
09:40This is not a fair-backer.
09:42Toisten the U.S. could never props of Iran's radar due to illness.伊ER
09:45cellular calling outside of Iran did the behavior of Iran did the案 of Iran's radar because they heard its militarypress,
09:52this platform
09:53on Iran's radar, which is around the program of Iran's radar. Pey mistakes
09:57went through, therefore, theachte measure of Iran's radar as assured혀р начал. So,
10:00theтерес is which the main character of Iran's radar as they see ofISH torrent so far as based on the
10:03VPNs in this place. The running
10:03the best way we could see theола as I did not allow them inördiction. But,
10:04सवाल ये है कि क्या चालीस दिन के युद्ध में ये लक्षे हासिब हुए है अभी भी जो शती पहुंचाई
10:11है इस्वाहान में और खुद्रों में और नतांज में तो वहां पर भी जो उसकी केपिबिलिटीज है उस पर बहुत
10:19शती पहुंची है
10:19दूसरा बलिस्टिक मिसाल के उपर भी जो उसका प्रोडक्शन फिसिलिटीज है केपिबिलिटी है लॉंचेज को जो करना है जितने इरान
10:31के पास लॉंचेज है तो वो काफी सालों तक उसको इरान को पीछे धकेल दिया है तो वहां पर सिस्टेमिक
10:38चेंज कुछ नहीं हुआ ह
10:39परन्तु वहां की जो सत्ता है एक और उग्रवादी और कट्टर पंथी बनकर वहां पर उभराई है
10:53अमेरिका ने दावा किया कि उसने इरान के न्यूक्लियर ठिकानों को तबाह कर दिया लेकिन हकीकत इस स्यालग है
10:59रिपोर्ट के मुताबिक एरान के पास अब भी एंविश्ट यूरेनियम का भंडार मौजूद है
11:04और यही सबसे बड़ा संकेत है कि परमानुक शम्ता पूरी तरह खतम नहीं है
11:29कि अबसे बडूर अगूरी थाण़ना कि अरी बडाट थैस्ट एंगे लिए नियू वा रामस्टूश और रह घ्री एंग रज यहां
11:42र向benig की बडिए तरह श्राइनाना था श्राइल दोलार鍋 यहां थार श्रानानाल मौ यहां दोलाइल उवा घ्राइल दोलार्श कि लिए
12:09चुम्प ने एक बार नहीं कई बार दावा किया कि एरान की स्यानिक शम्ता पूरी तरह तबाह हो गए
12:15लेकिन एरान अब भी अपनी स्यानि सलाहियत का बड़ा हिस्सा बचाये हुए है
12:19यानि यहां भी दावे और हकीकत में फरक साब दिखता है
12:22और तीसरा लक्ष था सत्ता परिवर्तर ट्रम्प ने खुल कर कहा कि एरान में शासन बदलना चाहिए
12:29लेकिन आज ना सरकार गरी ना सिस्टम तूटा बलकि इस युद ने एरान की सत्ता को और मजबूत कर दिया
12:35ऐसा प्रतीत होता है कि कम से कम निकट भविश में तो ये सरकार बहुती मजबूत हो गई है
12:41बलकि जो आयतल्ला खुमने के मारने के बाद उनके फुत्र और आयार जीसी सत्ता में आ गए हैं
12:51जिससे लगता है कि एक और उग्रवादी पंथ सरकार में आ गई है
12:57और चुकि इरान की जो सरकार है उसका आधार धर्म और राश्ट्रेता दोनों मिला कर है
13:06इसलिए इससे तोड़ना आसान नहीं होगा इस प्रकार के आख्रमन से वहाँ पर राश्ट्रेता और धर्म दोनों के आधार पर
13:15सरकार मजबूत हो जाती है
13:20ट्रम्प जो चाहते थे वो तो नहीं कर पाए लेकिन जिसकी कलपना भी नहीं की थी वहाँ फस जरूर गए
13:26हॉर्मूस पर इरान की बादशाहत ने पूरा खेल बदल दिया
13:30दुनिया में जब तेल संकट बढ़ने लगा तो सीज़फायर का ऐलान करना पड़ दो
13:34बदल बड़ने बादट चाहते हॉए जब एक बादधान्न स्थ ला़ने बादब काुम्ज साहते हॉए बगल संक बदल बड़ने इस्यवार कर
13:56दो
14:25सीज फायर के बाद अब बातचीत की कोशिशें जारी हैं लेकिन असली मुद्ध वही है यूरेनियम का भंडार, मिसाइल प्रोक्राम
14:32और प्रतिर बंद
14:33इस जंग की कीमत पूरी दुनिया ने चुकाई, अर्बों डॉलर खर्च हुए, तेल और महगाई बढ़ी और सबसे बड़ा असर
14:41अमेरिका की वैश्विक छवी पर पड़ा क्यूंकि सहयोगी देश भी अब उसकी नीतियों पर सवाल उठा रही है
14:50इस पूरे युद्ध के दौरान ट्रम्प, नेटो सहयोगियों खासतोर पर यूरोपिये देशों पर आग बबूला रहे
14:57ट्रम्प ने युद्ध में सहयोग न मिलने पर नेटो को काघजी शेर तक बता दिया
15:02एक वक्त था जब पश्चिम एक सुर में बोलता था
15:06लेकिन ट्रम्प के आकरामक रवाईये के बाद दरारें दिख रही है
15:09ट्रम्प बार-बार नेटो से बाहर जाने की धंकिया भी दे रहे
15:14क्या इस युद्ध ने दुनिया के पावर गेम को भी बदल कर रख दिया
15:25वो यहेशने के बाल
15:50इरान के साथ बढ़ते तनाव ने सिर्फ मिडल इस्ट को ही नहीं बलकि दुनिया की सबसे ताकतवर सैनिकर बंधन नेटो
15:56की एक्ता को भी हिला दिया
15:59डॉनल्ड ट्रम्प इरान के साथ हुए युद्ध में अपने सहयोगियों से मजबूत समर्थन की उमीद कर रहे थे
16:05लेकिन एक भी नेटो देश ने खुल कर समर्थन नहीं दिया नहाजा सीज फायर की बीच नेटो अब बिखरा हुआ
16:11नजर आ रहा है
16:19इरान युद्ध पर राष्टपती डॉनल्ड ट्रम्प को नेटो देशों का साथ नहीं मिला और वो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण
16:27स्टेट अफ हॉर्मूस को खिलवाने के लिए क्योंकि नेटो देशों का कहना है जो उनका ये जो संगठन है जो
16:36उनने
16:36बत्तिस सदस्य हैं वो एक डिफेंसिव संगठन है और्गनाइज़ेशन है वो किसी के ऊपर हमला करने के लिए नहीं है
16:44तो यहां पर ये जो इरान के साथ युद्ध हो रहा है ये अपने डिफेंस के लिए अपनी सुरक्षा के
16:51लिए नहीं हो रहा है तो इसलिए उन्होंने
16:53अंदर से जाने के लिए अमरीका की साहता करने के लिए मना कर दिया है ये बहुत बड़ी जरार है
16:59परन्तु ये इसको राश्पती टरंप ने बहुत ही परसनली ले लिया है जो अगर नेटो हमारी साहता ने करेगा तो
17:06हम भी नेटो की साहता ने करेंगे और हम नेटो से निक
17:22कि इसका उलता है.
17:52इसका उलता है.
17:54फिर्टान ना में एक जान वारिश थे हैं भाइश शिर्थ में उर्माट की देशन है.
18:07यूरूप काई बादेशनी ने साफ लबजों में बता दिया कि एरान के खिलाफ ऑपलेशन अमेरीका की लड़ाई है.
18:13नेटो की नहीं.
18:14और यही से शुरू ही ट्रॉम्प और नेटो के बीच खुली टक्राप की कहानी है
18:52स्पेन ने दो टूक कह दिया कि वो इरान युद के खिलाप है
18:55फ्रांस ने कहा वो जंग का समर्थन नहीं करता
18:58जर्मनी ने कहा ये गएर जिम्मेदाराना है
19:01ब्रिटेन ने कहा ये जंग उनकी नहीं है
19:03इटली ने एर बेस इस्तेमाल करने से मना कर दिया
19:06पोलंड ने एर डिफेंस सिस्टम मिडल इस्ट भेजने से मना कर दिया
19:10हंगरी ने सेयाने मदद से इंकार कर दिया
19:16डॉनल्ड टरम्प इरान युद में साथ चाहते थे
19:19लेकिन जब सहयोगियों ने इंकार कर दिया
19:21तो टरम्प ने खुलकर कहा कि अपना जहाज हर्मूस से खुद निकाले
19:58इतना ही नहीं डॉनल्ड टरम्प यूरोपिय देशों के रुख से आग बबूला हो गए
20:02उन्होंने नेटो को पेपर टाइगर यानी काघजी शेर तक कह दिया था
20:32स्थिती तब और बिगड़ गई जब ट्रम्प ने धंकी दी कि अगर नेटो देश सहयोग नहीं करेंगे
20:37तो अमेरिका इस गटबंधर से बाहर भी निकल सकता है
20:41इस पूरे विवाद ने चिंता बढ़ा दी है इसलिए अब स्पेन खुलकर कह रहा है
20:45बाद सेखने हैं कि अच्प करेंज बाद सेन देरा इस देताल्शनी होगिजाए प्रष्ट नेस कि बाद देता जूरा, झाल्शनी होगिजा
20:59से बात कि अ कि बाद देजा भी देस कि अच्प आपिंड आशनल एक्प लुग और अन स्विशनीं और को
21:06दो भीजिती कि व्स उ�
21:25यानि नेटो अब दो हिस्सों में बढ़ता नजर आ रहा है एक जो अमेरिका के साथ खड़ा है और दूसरा
21:30जो इस युद से दूरी बना कर रखना चाहता है लेकिन नेटो चीफ पूरी कोशिश कर रहे है कि गड़
21:36पंथन बचा रहे है
21:38यह खड़ और भूस है
22:09सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि क्या ये सिर्फ एक अस्थाई मत भेद है जा नेटों के इथास की
22:15सबसे बड़ी दरार
22:16एक वक्त था जब नेटों की ताकत उसकी एकता थी लेकिन आज वही एकता सवालों की घेरे में है ग्रीन
22:22लैंड पर अक्शन को लेकर भी नेटों ने ट्रम्प के फैसले का विरोध किया था ट्रम्प ने कैनेड़ा पर जब
22:27100 पीसदी टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा था
22:29तब भी नेटों के बागी देशों ने विरोध किया था राश्पती बनते ही ट्रम्प ने नेटों के 32 सदस्य देशों
22:36से रक्षा बचट जीडीपी का 5 प्रतिशत करने की मांग की थी तब भी नेटों के कई देश नाराज हो
22:42गए थे
22:43यूकरेन के मुद्दे पर अमरीका और यूरोप के देशों के बीच में बहुत बड़ी दरार पड़ी थी क्योंकि ये सभी
22:50देश चाहते थे यूरोपीय देश चाहते थे जो यूकरेन की भरपूर सहायता की जाए परंतू रखपती ट्रम्प ने उनको केवल
22:58अपने हथिया
23:00और अस्त शस्त बेचने ही शुरू किये हैं उन्होंने ऐसे अपनी तरफ से कुछ साहता नहीं की फिर अमरीका ये
23:07भी इंसिस्ट करता रहा है पहले उसका इंसिस्टन्स था जो दो प्रतिश्यत उनका जीडी पी डिफेंस में जाना चाहिए फिर
23:13उसको बढ़ा कर पांच प्
23:28कि एक विशे बन गया है यारी नेटों की भीतर अब एक साइलेंट रिवोल्ट दिख रहा है जहां सहयोगी अमेरिका
23:37की हर रणीती के साथ खड़े नजर नहीं आ रहे और अगर यहीं हाल रहा तो ये टकराव सिर्फ एक
23:42युद तक सीमित नहीं रहेगा बलकि दुनिया की प
23:58ऐसले साधारन असाधारन से उपर होते हैं इरान के खिलाफ अटाक के बीच ट्रम्प ने अपनी ही सेना की उपर
24:05सर्जिकल स्ट्राइक कर दी सेना के कई सीनियर अधिकारी जबरदस्ती रिटायर कर दिये गए या उनका रोल बदल दिया गया
24:13ऐसा चौकाने वाला कदम जरू
24:27जरू ब्राउन चेर्मेन ऑफ जॉइंट चीफ अफ स्टाफ पद से हटाया जनरल डेविड होंडे ट्रांस्फरमेशन एंड ट्रेनिंग कमांड प्रमुक पद
24:38से हटाया मेजर जनरल विल्यम ग्रीन चैपलिन कोर कमांडर पद से हटाया इरान के खिलाफ जंग लड़ते ल�
24:57चलते बदलाब या ये संदेश देना कि अब युद के मुद्ध पर पेंटेगन की नहीं बल्कि वाइट हाउस के रणनीती
25:03चलेगी।
25:04माना जा रहा है कि इरान से युद को लेकर आर्मी के कई अधिकारियों ने ट्रम्प प्रशासन को सचेद किया
25:09था और वो इसके पक्ष में नहीं थे। ट्रम्प को ये बात नागवार गुजरी और उन्होंने भरोसे मन लोगों को
25:14करीब रतने के लिए इतना बड़ा परिव
25:45परतन कर दिया।
25:46तो क्या ट्रम्प को अपनी सेना के प्रमुख अफसरों पर भरोसा नहीं रह गया था।
25:52हलांकि इससे पहले ऐसे कई और उधारान सामने आ चुके हैं।
25:56दूसरे विश्व युद के दौरान हिटलर ने अपनी सेना के प्रमुख फ्रॉंस हॉल्डर को हटा दिया था।
26:02इस युद में जर्मनी की हार हुई थी।
26:03पचास के दशक में कोडिया युद के समय अमेरिकी राश्पती हैरी टूमन ने सेना के प्रमुख जनरल डगलस मेक आर्थर
26:10को हटा दिया था।
26:11अमेरिका को इस युद में जीत नहीं मिली थी।
26:14हमास के खलाफ हालिया युद में नेतन याहू की चेताबनी के बाद इसराइल सेना के प्रमुख लेटनेंट जनरल हरजी हिल्वी
26:20को भी पच छोड़ना पड़ा था।
26:22हमास में अब भी इसराइल अपने लक्षपान ही सका है।
26:27बीच युद सेना के बड़े अधिकारियों में बदलाब तक कालीन व्रणीती के हिसाब से चाहे जो हूँ।
26:32लेकिन परिणाम के हिसाब से फौज के होसलों और देश की चंता के मन पर असर निश्चित तोर पर डालता
26:38है।
26:45अचानक हमला, अचानक समझोते की बाते, अचानक तारीफे, अचानक चेतावनी, अचानक एक संभेता मिटा देने की धमकी और अचानक युद्ध
26:54विरामी।
26:55युद्ध के दौरान ट्रम्प दुनिया के सामने कुछ इसी अचानक अवतार के तौर पर सामने आए। वो क्या सोचते हैं,
27:02वो अगला कदम क्या उठा सकते हैं, कब किसे दोस्त बता दे, कब किसे दुश्मन बता दे, इसका सटीक अंदाजा
27:09लगा पाना किसी के लिए भी म
27:11मुम्किन नहीं है। युद्ध के हर दिन को ट्रम्प ने अपने अचानक अंदाज से चौका दिया।
27:41प्रेडिक्टिबिल्टी यानि अनिश्टित्ता ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है।
28:11लेकिन जैसे ही एक शेत्रिय युद में बदला, ट्रम्प ने पल्टी मार दी और कर दिया सीज होया।
28:16यही नहीं, वेनिजुएला के राश्पती मादुरों को पकड़ने के लिए सेना भेज दी ताकि वहां का तेल और ड्रग ट्राफिकिंग
28:23कंट्रोल किया जा सकी।
28:24कभी पनामा नहर वापस मांगते हैं, कभी ग्रीन लैंड।
28:32घरेलू मोर्चे पर भी ट्रम्प ने लिबरेशन डे के नाम पर ट्रेड इमरजन्सी लगा दी है।
28:37अब अमेरिका आने वाले हर समान पर 10 प्रतिशत का बेस लाइन टैक्स लगाएगा।
28:42चीन पर तो और भी ज़्यादा गाजगिरी है। इतना ही नहीं यूएस एड की बड़ी एजेंसियों को ट्रम्प खत्म करने
28:47पर तुले हैं।
28:48उन्होंने यूएस एड को सरकारी पैसे का बेजा इस्तिमाल माना है।
28:52अब अमेरिका में पैदा होने वाले गयर नागरिकों के बच्चों को जर्म जात नागरिकता नहीं मिलेगी।
28:57ट्रम्प ने सीधे समविधान को चुनोती दे दी है।
29:01सुरक्षा के मोर्चे पर भी ट्रम्प ने दो टूक अंदाज अपना लिया है।
29:04नेटो देशों के सामने कली शर्ट रग दी गई है।
29:06अपनी जीडीपी का 5 प्रतिशत रख्षा पर खर्च करें वरना अमेरिका अपनी सुरक्षा की गारंटी वापस ले लेगा।
29:13सिर्फ सेयन ही नहीं। ट्रम्प ने स्वास्त के ख्षेतर में भी दुनिया को अकेले छोड़ दिया है।
29:18WHO यानि विश्व स्वास्त संगठन से पूरी तरह बाहर निकल कर अमेरिका ने वैश्विक महामारी की तैयारी और वैक्सीन वित्रल
29:25के लिए दी जाने वाली बड़ी फंडिंग पर कहची चला दी है।
29:29ट्रम्प का ये अन्प्रेडिक्टेबिल अंदाज अब पूरी दुनिया के लिए एक नई चुनोती बन चुका है।
29:35लेकिन इन सारे फैसनों को ध्यान से देखने पर एक बात बिल्कुल साफ है कि ट्रम्प दावा करते हैं कि
29:40उनके लिए अमेरिका का हित सबसे पहले है।
30:05नहीं करा पाते है। 2026 के मिड्टर्म चुनाओ इसी लिए एहम है क्योंकि ये तै करेंगे कि ट्रम्प अगले दो
30:12साल तक बॉस बन कर रहेंगे या केबल हस्ताक्षर करने वाला एक शक्स।
30:17महिंगाई टारिफ और इरान से युद्ध ने ट्रम्प के लिए रहें आसान नहीं छोडी।
30:23आसाल झाल जाई एक हमेल था जात्रा टारिफ जा टे कि वाला कर थाख लिए ये धान टाै
30:49अपनीर बार्फोर्स
30:51लिरे लिडर्स वाहां इन्ट टेडिश्ट
30:52मेहां कि गर्मी इसकाइब
30:59झी कर दो
31:00कि अपनी रिट्ट
31:00कि ये ये बांते हुआ ले गाल कि वैडिट
31:05ये च्न घेले वे
31:09प्रवड पुछार क्या
31:13चैंट पृतके बार नेत विर लेडिक
31:18झाल झाल
31:473 नवंबर 2026 की तारीफ ट्रम्प के लिए व्यक्तिगत तौर पर बड़ी लड़ाई की तारीफ है
31:54इस तारीफ में अमेरिका में मिट्डर्म इलेक्शन होने है
32:00ये इलेक्शन ही तै करेंगे कि डॉनल्ड ट्रम्प के आने वाले शेश दो साल बतौर राश्पति कैसे भी थे
32:11मिट्डर्म इलेक्शन तै करेंगे कि ट्रम्प साबित होंगे सुपर बॉस या लेम ड़क प्रेसिदेंट
32:16राश्पति के दुनिया में लेम ड़क उस नेता को कहते हैं जिसका उत्तरा धिकारी चुना जा चुका हो
32:21और जिसके पास विधाई ताकत ना बची हो
32:24अगर ट्रम्प मिट्डर्म यानि मध्यावधी चुनावों में बहुमत नहीं ला पाते तो उनके हाथ बन जाएंगे और वो कोई नया
32:31कानून पास नहीं करा पाईगे
32:43मिट्डर्म चुनाव क्यों चुनावती पूल होते हैं पहले ये समझ देते हैं
32:47अमेर्की सम्विधान के आठकेल 2 और 20 संश्रोधन के तहत मिट्डर्म चुनाव होते हैं
32:53हाउस ओफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 453 सीटों पर वोटिंग होती है
32:57इस साल सेनेट की 35 सीटों पर भी मुकाबला है
33:00अगर रिपब्लिकन्स यहां हारते हैं तो ट्रम्प के कई खानून लागू नहीं हो पाएंगे
33:05अमेरिका का इतिहास गवाह रहा है कि सत्तारूल पार्टी अथिकतर मिट्टम चुनाव में सीटे हारती हैं
33:11ट्रम्प के सामने चुनावती यह होगी कि क्या वो इस ट्रेंड को बदल पाएंगे
33:21अमेरिका की कई रिपोर्ट्स के आधार पर ये कहा जा सकता है कि ट्रम्प के सामने महगाई सबसे बड़ा मुद्धा
33:26है
33:26उसके बाद ट्रम्प की टैरिफ नीती आम नागरेकों पर भारी पड़ रही है
33:30इरान युद्ध को लेकर भी अमेरिका का एक वर्ग ट्रम्प की नीतियों से नाराज है
33:36पिशेशकर टैरिफ लेकर और वो एकस्टीन का जो मामूला है उसको लेकर परिशान थे आंतर एक रिष्टी से
33:43लेकिन इस युद्ध के कारण जो महंगाई बढ़ी है अमेरिका में उससे वो खासा परिशान है
33:51क्योंकि उनका एक दावा था कि अमेरिका में तेल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी
33:55लेकिन इस युद्ध के दौरान पचास पतिशत कीमत बढ़ गई है तेल की अमेरिका में
34:00जो कि अमेरिका के नागरिकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है
34:04और ट्रम्प के लिए भी जिनका की दावत था कि वो टेल की किमत नहीं पढ़ने देंगे
34:08और अमेरिका टेल की एक महाशक्ती है
34:11ट्रम्प अगर इन चुनागों में अपनी पकड़ खोते हैं
34:13तो इसका बड़ा असर उनके शेश कारिकाल पर पड़ेगा
34:17ट्रम्प डिपार्टमेंट अफ एजुकेशन खतम करना चाहते हैं तो बहुमत की जरूरत होगी
34:22दोजार शब्दीस के बाद टैक्स कट्स से होने वाला फाइदा कम हो जाएगा
34:25अगर नई कॉंग्रिस इससे सपोर्ट नहीं करेगी तो
34:31इसके अलावा विपक्षी दल जतना मजबूत होंगे
34:34ट्रम्प के खिलाफ वो उतनी ही आकरामक्ता से जाच और आरोपों को आगे बढ़ाएंगे
34:38और खुद ट्रम्प का असर अपनी रिपब्लिकन पार्टी पर कमजोर पर जाएगा
34:43यह अगले चुनावों के लिए डेमोक्राट्स के उत्साह को बढ़ाने वारा होगा
34:47ट्रम्प के खिलाफ अमेरिका में जगे जगे प्रदर्शन भी हो रहे हैं
34:50जो उनकी चिंताओं को और बढ़ा सकते हैं
35:09मिट्टम चुनाव के दो पहलू होंगे
35:11एक तो कि हाउस और रिप्रेजनेटिव्स वहाते हैं कि नहीं
35:15वो लगपग निश्चित है क्योंकि वो पूरा का पूरा हाउस चुनाव में जाएगा
35:18और उसमें उनके जितने के उमीद बहुत कम है
35:22लेकिन हाउस के पावर आप मौलूम है कि सीमित होते हैं
35:25अधिकाश पावर जो सत्ता जो है अमेरिका में वो सेनेट के पास होती है
35:29और सेनेट में केवल एक तिहाई चुनाव में जाते हैं
35:33तो उसमें जो उनकी जो मिजॉरिटी है वहाँ पर सेनेट में वह भी मजबूत है और लोगों के इस बात
35:41क्यों भी नहीं है कि इस चुनाव में सेनेट की मिजॉरिटी उनकी खत्म हो जाएगा
35:48बिट्रम इलेक्शन में ट्रम्प जनता को लुभा पाएंगे यह 2027 की शुरुवात कमजोर वाइप हाउस से होगी इस पर दुनिया
35:55की नजरेब बनी रहेंगे
35:56ट्रम्प के लिए व्यक्तिगत तौर पर यह चुनाव साह का सवाल है
36:09सीज फायर से पहले ट्रम्प ने इरान के खिलाफ बेहद आकरामक बयान दिये
36:13इसमें पूरी सभिता को मिटा देने की बाद भी कही थी
36:17इस बयान के बाद अमेरिकी संसद में हंगामा मचा
36:20राश्रुपती ट्रम्प के खिलाफ पचीसवा संशोधन लागू करने की मांग उपने लिए
36:25क्या है ये संशोधन जो ट्रम्प की मुश्किलें बढ़ा सकता है
36:28और क्या इसे ट्रम्प की राश्रुपती की कुरसी भी चीनी जा सकती
36:55चुम्प के बयानों ने दुनिया को तो हैरान किया है
36:57अमेरिका के अंदर ही बेचानी बढ़ा थे
36:59डौनल्द चुम्प को राश्पती पत से हटाने की मांग की है
37:06अमेरिकी कॉंग्रेस सदस्य रशीदा तलए बने
37:09रशीदा ने ये मांग ट्रम्प की पोस्ट के जवाब में लिखा
37:12ट्रम्प ने लिखा था
37:14आज रात एक सभिता का अंध हो जाएगा
37:16और इस अंच से वापसी नहीं की जा सकीगी
37:18रशीदा ने इस पोस्ट के स्क्रीन शॉट के साथ लिखा
37:22स्कूल पर बंबारी और छोटी बच्चियों के नरसंगहार के बाद
37:25वाइट हाउस में बैठा युध अपराधी
37:27अब एक और नरसंगहार की धमकी दे रहा है
37:30अब 25 वा संग्षोधन लागु करने का समय आ गया है
37:33इस पागल को पद से हटाया जाना चाहिए
38:10अमेरिकी कॉंग्रेस के बीच ये बहस का मुद्दा बन गया है
38:12कि क्या ट्रम्प मानसिक रूप से स्वस्थ हैं
38:14और इसी सवाल के साथ 25 संशोधन के तहत
38:17ट्रम्प को पद से हटाने की मांग उठनी है
38:20अमेरिकी सेनेटर क्रिस मर्फी और सेनेटर क्रिस वैन हॉलें
38:42अमेरिकी सम्विधान का 25 संशोधन कानून राष्टपती को पद से हटाने की एक प्रक्रिया है
38:47अगर राष्टपती अपनी शक्तियों और करतब्यों का पालन करने में शारीरिक या मानसिक रूप से असमर्थ हो
38:53तब उप राष्टपती और कैबिनेट के बहुमत को लेखित में देना होता है कि राष्टपती पद सम्हालने के लायक नहीं
39:00है
39:03अमेर्की इतिहास में आज तक किसी भी राष्टपती को इस संशोधन के जरिये जबरन पद से नहीं हटाया गया है
39:09इस खानून को 1967 में तब लाये गया था जब राष्टपती जौन अफ केनेडी की हद्या के बाद उत्तरा धिकार
39:16को लेकर स्पष्टत की जरुवत महसूस हुई
39:18इसकी चार मुखी सेक्शन्स है लेकिन घमासान हमेशा धारा चार को लेकर रहता है धारा चार का इस्तमाल तब होता
39:24है जब राष्टपती काम करने के लायक न हो लेकिन वो खुद पद छोड़ने को तयार न हो
39:29अमेरिका में 25 संशोधन कानून का परयोग करके राष्टपती को हटाना आसान नहीं है क्योंकि इसके लिए उप राष्टपती की
39:37मनजूरी होती है
39:38उप राश्ट्पती को कैबिनेट के बहुमत के साथ संसक को लिख कर देना होता है कि राश्ट्पती करतव ये पालम
39:44में असमर्थ है
39:45इस पत्र के आगे महते ही उप राश्ट्पती कारेवाख राश्ट्पती बन जाते है
39:54चेडी वैंस राश्कती ट्रम्प के बिहत्वारी भी है और उनके नेज़त में वगावत लगभक नामुम्किन है
40:00ऐसे में ट्रम्प को कानून के ज़री हटाना असान नहीं है
40:02अमेरिकी इतिहास में आज तक कभी धारा चार का उप्योग नहीं किया गया
40:15बाहर युद्ध के बीद सूपर पावर के टैग की चमक बरकरार रखने की चुनोती
40:20घर के भीतर अपने ही देश में घिरते ट्रम्प
40:23इंतजार कीजिए उनके अगले बयान का जो निश्चिती फिर दुनिया को चौकाने वाला हो सकता है
40:28अभी के लिए इतना ही देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए देखते रही आज तक
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