00:10पशिब बंगाल के मालदा की तब ती दोपेहर में जो आकरूश दिखा वो महज़िक प्रदर्शन बिलकुल नहीं था
00:17बलकि भारती लोकतंद्र के सबसे बड़े संकट की वुवाहट जो की बंगाल से सीधी सुनाई और दिखाए थी
00:24चुनावायो की Special Intensive Revision यानि की SIR की प्रक्रिया एक ऐसी प्रक्रिया जिसने बंगाल के लोगों को आकरूश से
00:32भर दिया
00:33प्रक्रिया की जरिये बंगाल में 61 लाग से अधिक लोगों की वूख दीने का अधिकार छीन लिया गया
00:38ये कोई तखनी की गलती नहीं बलकि एक सूनियोजद राजनातिक शड़यंत्र की तरह नजर आता है दिखाए पड़ता है जिसमें
00:45विशेश नूप से मुसलिम मतदाताओं को निशाना बनाया गया
00:49सॉफ्वियर के नाम पर लाकूलूगू को संदिक द्व कुशित कर दिया गया और उन्हें अपनी ही धर्ती पर बेगाना बनानी
00:56की कोशिश देश के लोगतां तरे ठांचे पर गहरा प्रहार कर रही है
01:00जब किसी समाज के बड़े हिस्से से उसका वोट का अधिकार छीन लिया जाए तो वो केवल सत्ता का एक
01:06क्रूर मजाक नहीं बलकि मानविया अधिकारों का हनन भी बनता है
01:11इस पूरे खेल की बिसाथ नवंबर दुहजार कचीज में बिछनी शुरू हो गई केंसरकार के निर्देश पर चुनावायोग ने स्पेशल
01:18इंटैविंसिव रिवीजन के नाम पर एक ऐसी प्रक्रिया को शुरू किया जिसका उद्देश्य तो वोटर लिस्ट को साफ करना
01:25बताया गया लेकिन इसके पीछे की मंशा कुछ और निकली इसके लिए क्यासे सौफ़वेर का इस्तिमाल किया गया जिसका ना
01:32तो कोई ट्रायल हुआ और ना ही कोई सारवजनिक और इस सौफ़वेर ने बिना किसी जमीनी वेरिफिकेशन की रातो रात
01:3961,000,000,000 लोगों के न
01:55एक अक्षर की भी गलती देखी गई तो सौफ़वेर ने उसे विदीशी मान कर लिस्ट से बाहर कर दिया आप
02:01घुस पैठिया भी उन्हें कह सकते हैं
02:04हैरानी की बाद तो ये किस पूरी प्रक्रिया में डेटा के साथ जुच्छिट चाड़ हुई उसके तार सीधे तोर पर
02:09राचनातिक धुवेकरण से साफ तोर पर जुड रहे हैं
02:13जब सुधंद्र टेटा विशशग्यों ने चुनावायोग द्वारा जारी भारी भरकम और जिटल फाइलों का विशलेशन किया तो एक चौकाने वाला
02:20पैटर्न सामने आया
02:21जिन जिलों में मुस्लिम आबादी अधिक है जैसे कि मुर्शिद अबाद, माल्दा और उत्तर दिनाचपुर वहा नाम कटनी की दर
02:28सबसे ज्यादा रही
02:29इनक्षित्रों में लाकों लोगों के पास वैद दस्तवीज होने के बावजूद उन्हें संदिक्ध करार दे दिया गया
02:36ये केवल संयोग नहीं है लेकिन एक खास समुदाई के वोटिंग अथिकारों को इतनी बारीकी से अगर निशाना बनाया चाए
02:43तो शक बढ़ जाता है
02:45विशेशक्यों का ये भी मानना है कि ये तकनीक जरीए एक डिजिटल घेराबंदी है जिसका मकसद एक खास पार्टी को
02:52अपने फायदे के लिए करता हुआ देखा जा रहा है
02:55सीधे तोर पर विपक्ष अपनी मजबूती का काम कर रहा है ऐसा मानना समचना है राचनातिक जानकारों का
03:03मुख्यमंतरी ममता पेनरजी ने इस मुद्दे पर सीधे केंदर की मोधी सरकार को पटगरी में खड़ा किया
03:08उनका आरोप है कि जहां एक तरफ बंगाल के मूल निवासी और विशिशकर मुसलिम और मटव समधाय के लोगों के
03:14नाम काटे जा रही है
03:15तो वहीं दूसरी और उत्तरप्रदीश और अरस्थान जैसे राज्यों से लोगों के नाम गुप्चुप तरीके से बंगाल के वोटर लिस्ट
03:22में शामिल किये जा रहे हैं
03:24चुनाव आयूब ने नई वोटर लिस्ट को जिन फाइलों में जारी किया उन पर ऐसे वाटर मार्क और सुरक्षा घेरे
03:29लगाए गए कि कोई भी साधारन व्यक्ती या फिर कोई AI टूल उनका विसलेशन ना कर पाए
03:35अखिर के इन सरकार और उसके अजनसियां क्या च्छिपाना चाहती थी जब लोकतंद्र के पार दर्शिता ही खत्म हो जाएगी
03:41तो समझ लीजिए कि दाल में कुछ काला है
03:44सरकारी लापरवाही और साजिश किमार के वल आमगरीवों पर नहीं पड़ रही बलके उन लोगों को भी अपनी पहचान साबित
03:50करने के लिए मजबूर कर दिया किया जिन्होंने देश का नाम प्रॉशन किया
03:55कारगल युद्ध में दुश्मन के दाथ खट्टे करने वाले मौहमद दुआल अली हाई कूट की पूर्व जजच और स्टार क्रिकेटर
04:01फिरुचा घूश्त का नाम इस लिस्ट से नदारत मिला
04:04जब इतने प्रिभावशाली लोगों को अपनी नागरिक्ता साबित करने के लिए ट्रिब्यूनल कोट के चक्कर काटने पड़ेंगे तो सोचे उस
04:12गरीब दिहाडी मजबूर का क्या हाल होगा जो कि अपने कागस दिखाने के लिए बार बार कोट कशारी के चकर
04:18नहीं काट स
04:34फिलाल ये मामला सुप्रीम कूट में हैं लेकिन बंगाल के सड़कों पर उमड़ा ये जन सालाब ये तो बता रहा
04:39है कि लोकतंदर को सौफ़एर की गलतियों या फिर किसी रायचनतिक साजश के भरो से छोड़ा नहीं जा सकता पहराल
04:46अब इस तखनी की गलती या फिर साज
05:05Download the OneIndia app now
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