00:00भूक और मजबूरी से जन्मे मोमोज
00:02जानिये 600 साल पुरानी दिल्चस्प कहान
00:04शाम होते ही गली नुकड़ों पर मोमोज की दुकानों पर उमरती भीड इसकी लोक प्रियता बताती है
00:08लेकिन ये सिर्फ एक स्नैक नहीं बलकि इतिहास और संघर्ष की कहानी भी है
00:12माना जाता है कि मोमोज की शुरुआत करीब 600 साल पहले तिबबत में हुई थी
00:16जहां कठो ठंड और सीमित संसाधनों के बीच लोगों ने इसे उर्जा के स्रोत के रूट में अपना है
00:34यहीं से इसका सफर दक्षन एशिया की और बढ़ा
00:36भारत में मोमोज 1969 के बाद पहुंची जब दलाई लामा के साथ तिबबती शरणार्थी यहां आए
00:40धर्मशाला, दारजलिंग और दिल्ली के मजनू का टीला जैसे इसकी शुरुआत हुई
00:44धीरे धीरे यह स्ट्रीट फूड बन गया और आज तंदूरी, फ्राइड और पनीर जैसे कई रूपों में मोमोज हर किसी
00:49का पसंदीदा कंफर्ट फूड बन चुका है
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