00:00कोई मुझ मेला मेरी जगा है कुछ देखूं तो तू दिखता है मेरी आंखों में तेरी निगाह है
00:10तुझ से पिछड के बाखुदा मैं यहाँ जीना सबूंगा एक लम्हा
00:24आराम आता है दीदार से तेरे मिद जाते हैं सारे लम्हा
00:31है ये दुआ के तुझे देखते देखते ही निकल जाएगा
00:37शुक्रा ना चाहे मैं जितना भी कर दूं के फिर भी रहेगा वो कम
00:44तेरा तसमुर मुझे लेके मौला ने मुझ पे किया है करम
00:50उस चुंपे रिष्टे को सच बजलने का बग ताग है
00:53I love you
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