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  • 12 minutes ago
खैरागढ़ के छुईखदान का पान विश्व पटल पर अपनी पहचान बना रहा है.यहां उगने वाला पान क्यों है इतना खास देखिए हेमंत पाल की रिपोर्ट

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00:05पान जैसी साधारन समची जाने वाली फसल ने किसानों को समरद्ध बनाया है।
00:30अतिहास करीब 200 वर्ष पुराना हैं जैसे महूबिय समाज के लोग आज भी जिन्दा रखे हुए हैं।
01:17पान की खेती का सबसे बड़ा फाइदा किसानों को इसलिए भी मिलता है क्योंकि इसे उगाने के लिए जादा जमीन
01:23की जवरत नहीं होती।
01:24कम जमीन में ही खेती करके किसान बड़ा मुनाफ़ा कमा सकते हैं।
01:28किसानों की माने तो 50 डिसमिल जमीन में खेती करने पर लागत निकाल कर 5-7 लाख रुपे तक का
01:35सालाना मुनाफ़ा हो जाता है।
01:48और एक पान कैफे के लिए भी सीम साहब से घोशना हुई है।
01:51इसके लिए भी उसका जो एस्टिमेट बन रहा है फिर वह भी स्विक्रित होके बन जाएगा।
01:57इस प्रकार से पान के प्रोडक्शन के लिए भी जीला प्रसाशन और राजयसासन के दोरा स्वयोगत किया जा रहा है।
02:03साथ में किसानों से जो पान उत्पादन होगा, उसको विक्री के साथ साथ उसके साथ अलग अलग प्रोड़क्ट
02:09to be able to make a product like a cafe or anhyamadhyam
02:13to easily process it to be able to process it
02:17and to be able to make a lab.
02:19This way, with water and water,
02:22with water and water,
02:25with water and community,
02:29with water and water,
02:31with water and water.
02:34.
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