00:1140 दिन के बाद Middle East में चल रही जंग थम गई है लेकिन इस युद्ध के कारण दुनिया भर
00:15में जो तेल और गैस संकट पैदा हुआ उससे उभरने में अभी वक्त लग सकता है
00:19Middle East में युद्ध का असर गुजरात में भी देखने को मिल रहा है ये गैस संकट काम की कमी
00:24और महगाई की वजह से मजदूरों की बस्तियां खाली हो चुकी है
00:27आज तक की टीम सूरत शहर में एक ऐसी बस्ती में पहुंची जहां गलियों में सन्नाटा था और लोगों की
00:34चेहरों पर मायों से
00:47मिडिल इस्ट में 40 दिनों तक चले युद्ध का असर गुजरात के शहरों में साब देखा जा रहा है
00:53सूरत शहर की चका चौन और उची उची इमारतों से महज कुछ ही दूर बसी इन मजदूरों की बस्ती देखिए
01:01यहां अलग-अलग राज्यों की मजदूर किराय के कमरों में रहते हैं
01:06आज तक की टीम जब मजदूरों के इस वस्ती में पहुँची तो नजारा हैरान करने वाला था
01:12जिस वस्ती में सुबा-सुबा काम पर जाने की गहमा-गहमी होती थी वहां सन्नाटा पस रहे
01:19मजदूरों के कमरों में ताले लटक रहे हैं तो कई कमरे खाली पड़े हैं
01:26सूरज से पलाइन कर रहे हैं स्त्रिमकों के चलते कमरे खाली हो चुके जहां वो लोग किराई पर रहते थे
01:31अपना
01:32जो है रहा करते हैं परिवार के साथ आप देख सकते हैं यहां पर कमरों में ताले लटके हुए हैं
01:37यह लोग जो यहां रहते हैं परिवार अब अपने गाउं जा चुते हैं यहां की अलग-अलग हम तस्वीर आपको
01:42दिखाने कुशिस करेंगे कहीं ताले लटक रहे हैं तो कह
02:00स्रमिक ऐरिया कुसी एक इरिया का या एक घर का ये कमरे का नहीं है कई हालत है यहां पर
02:07आप देखेंगे यह खाली हूं इसी तरह से
02:12जो किराय से अपने कमरों को देते हैं यह हालत सूरत के सचिंजाटी से हैं खास तरह कहले हैं stirmik
02:29के पलायन की सबसे वड़ी बज़ा है एलपीजी सिलेंडर का संकट युद्ध के दौरान गैस की भारी किलत हो गई
02:35इसलिए लोग अपने अपने घरों की और लोट गए जो लोग बचे हैं वो भी जैसे तैसे करके गुजारा कर
02:42रही हैं दिन में जंगलों से सुकी लखडियां
02:44कर लाते हैं फिर उन्हीं लकडियों से चूले पर खाना बनाते हैं कि कोई ब्योस्ता नहीं यहां पर एक महीन
02:53हो गया इस प्रॉब्लम को कोई हल नहीं हुआ गैस का जो सरकार ने बोला हुआ बढ़ला देने के लिए
02:58वह भी अभी तक अब लेबल नहीं हुआ यहां पर और �
03:00लोग यहां पर जितने भी बचे हुए हैं तो किसी तरह अपना चूले बना के खाना बना रहे हैं आंगे
03:06दस दिनों में उनको भी नहीं मिलना क्योंकि लकडिया यहां पर यहां से भी लेक आते हो जंगल से या
03:10कहीं से भी वह भी खतम हो चुकी है एक एक किलो के यह जो बड
03:30अभी तो चलो सुख सीजन है अभी आने वाले समय में बरसात आ जाएगी लोग कहां बनाएंगे बिल्डिंग वाले बनाएं
03:36नहीं देंगे रूम के अंदर सब पूरा रूम काला हो जाएगा तो एक तो कुछ बचे नहीं पचीस परसेंट आदी
03:42बचा है वह भी अभी यह प
04:00गैस मिलने बंद हो गई है आज तक की टीम सूरत के सचेन जियाइडी सी की उस मजदूर वस्ती में
04:08पहुंची है जहां मजदूर किराय से रहते हैं अब जो है उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है पहले तो
04:13मिल जाता था चोरी छुपके से किसे भरवा लेते थे क्योंकि
04:17इनके connection नहीं होते हैं तो इस बस्ती में लोग कैसे रह रहे हैं हम तस्वीरों के जरिये भी आपको
04:22बताने कुछ करें देखिए यह जो लकड़ा है किसी तरह से उन्होंने इखटा किया हुआ यह खरीदा हुआ लग प्रकार
04:29से होता है तोड़ तोड़के उन्होंने इखटा
04:45का नहीं है आगे की तस्वीरे में आपको बताएंगे यह जो पूरा इलाका है यह सचिन GIDC के तहट आता
04:52है मजबूरों की बस्ती है जिसे यहां आप देखेंगे लकड़ी है किस तरह से खट्टी की गई है क्योंकि इनके
04:58पास खरीदने के लिए लकड़ी खरीदने के लिए
05:00पैसे नहीं है क्योंकि जो कमाते हैं उसी से घर परिवार चलाते हैं तो यह किसी तरह से अपना गुजारा
05:05कर रहे हैं लकड़ी यहां पर हैं और हम आपको दिखाएंगे देखें यहां लाइन से चूले बनाए हुए हैं मिट्टी
05:11के चूले हैं जो जिन चूलों पर खाना ब
05:30सब्सक्राइब और महंगाई में मजदूरों की कमर तोड़ दी है और जो मजदूर यहां पर सालों से रह रहे थे
05:36बेभी पलायन कर चुके हैं कि यहां से करीब 75-70 टका पब्लिक सर्मिक हैं सब चली गई है और
05:45जो बचे हैं वो इस समय 20 तरीक के पहले सब रवाना हो जाए क
05:51क्योंकि इस पैसिके बहुते हो रही कोई तारहं मार के वेश रहा हुबाया जाने के लिए इतना
06:37मजदूरों की बस्ती में फिलहाल मायूसी है और ये केवल एक बस्ती की कहनी नहीं है
06:42बलकि इंडस्टियल एरिया के आसपास हर शहर में मजदूरों की बस्तीयों में ऐसे ही हालात है
06:48हाला कि अव्यूद के बिराम के एलान के बाद मिडिल एश्ट में शांती की उम्मीद जगी है
06:55सूरत से संजय सिंग राठोल के साथ आज इतक देवरो
07:01प्रवाजी मजदूरों का पलायन रोकने के लिए सरकार ने आप पांच किलो के सिलिंडर की विवस्ता की है
07:06जिसके लिए कनेक्शन की जरूरत नहीं होगी सिर्फ अधार काट दिखा कर ही पांच किलो का सिलिंडर ले सकते हैं
07:11आप
07:11सरकार के इन दावों की हकीकत क्या है
07:14इस रिपोड के जरीए जाने है
07:17करने पैंच किलो का सिलेंडर स्रिमकों को देने के लिए घोसना की है
07:21और इस बग्ध यहось पर्टाल करने के लिए हम पहुंचे हैं
07:24सूरत के पांडे सिरा इलाके में जो तनुफ गैस एजनसी है
07:27वहाँ पर आप देख सकते हैं कि जो सिलेंडर है यहां से डिलिवरी किये जा रहे हैं लेकिन पांच किलो
07:32के सिलेंडर है या नहीं यह हमारी जाज के वेस्ट है यह देख सकते हैं कॉमर्शियल जो सिलेंडर है वो
07:37खाली यहां पर रखे हुए है बाकी जो घरेलू सिलेंडर है �
07:40टेलेवरी के लिए यहां से तेंपो में रख लिए गए है कि पांच किलो का सिलंडर नहीं मिला लेकिन हमारे
08:01कामरे पर यहां कहीं भी 5
08:10की बाइन के देने के लिए उनका दरकाड और मोबाइल लने ले रहे हैं तो चलिए हम अंदर जाने की
08:22कोशिज करेंगे बताने कोशिज करेंगे
08:23कि इनके पास कहरे हैं कि इनोंने चालू किया है तो अंदर की तश्वीर हम दिखाएं गोडाउन में यहां पर
08:32बता रहे हैं पांच किलो के सिलिंडर यहां पर रखे हुए हैं और तश्वीरों के जरिए आपको दिखाने कोसिच करेंगें
08:39शूरत की तश्वीर थे पांदेस्ते लाके की तश्वीर हैं पांच किलों के जरीये दिए जा रहे हैं हाना कि अभी
08:50हमें कोई भी यहां पर पांच किलों का शिंदल लेने आने वाला विक्ति नहीं मिला है
09:08किस तरह आपके पास प्रोसिस क्या है इसको देने के जैसे कोई मजदूर के पास नहीं है उनके पास तो
09:17आप कैसे संपर करते हैं तो आपके पास आदरकाड है
09:22तो आदरकाड लेके आए और ऑफिस में जमा कर दीजिए जब हम यहां से फॉन करेंगे तो बाप आप आजाने
09:27का रोज का कितना स्टॉक मिल जाता है पांच किलो सेंडर का आपके सरे से तो आ जाते हैं पतीस
09:33चालीस पेटालीस के करीब सारे हम लोग ने यहां पर जमा किये ह�
10:17सरकार ने पांच किलो का जो सिलेंडर है वो देने की बात कही है
10:22तो अभी फिलहाल जिस समय में आप पहुँचे हुआ कोई स्रेमिक यहां पर मौजूद नहीं है लेकिन जो गोडाउन के
10:29मैनेजर है वो कह रहे हैं कि उनकी तरफ से रोज 25 से 30 सिलेंडर दिये जाते हैं
10:36मौरवी जिले में भी गैस की भारी किलत के चलते बड़ी संख्या में सिरेमिक फैक्टरियां बंद हो चुकी हैं फैक्टरियों
10:41में काम करने वाले वर्कर्स का भी घरेलू गैस सिलेंडर मिलना उने बंद हो चुका है जिसके बाद मौरवी में
10:46भी मज़ूर पलायन करने के ल
11:05मेरे नाम विपिन गाल जी बाई मेरजा मोर्वी फ्रीडम गेश एजनसी अभी जो पांच किलो का जो गेश लीजर वो
11:17भी लीज़ रहा है के नहीं और आपने अभी उसका उड़र किया क्या है बाइब पांच के जीवाला सिलिंडर अभी
11:23तक तो मेरे पास था अब मैंने कलोग
11:27मेरे कमपनी के गाइडलाइन मुझव हमको बोल रहा है कि अधारकार लेकर कोई पर मजदूर हो उसको देने का है
11:36तो लेकिन इतनी सारी डिमांड नहीं है कि जितनी ज्यादा जरूरत पड़े हिर भी हमने ओडर कर दिया है कमपनी
11:44का जैसा माल हमारे पास आ जाएगा हम तुर
11:56एहमदाबाद में तैयारियां शुरू हो गई और इसे बीच तैयारियों का निरिक्षिन और अध्यन करने के लिए कॉमनवेल्ट स्पोर्ट्स टीम
12:02पहली बार गुजरात दौरे पर पहुंची ये टीम 11 एपरिल तक गुजरात में रहेगी कॉमनवेल्ट स्पोर्ट्स टीम
12:07ने अपने इस दौरे की शुरूआत मुख्य मंत्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात करके की है। कॉमनवेल्ट स्पोर्ट्स के अध्यक्ष डुनल्ड
12:14रुकारे ने बताया है कि कॉमनवेल्ट गेम्स 2030 शतादी कॉमनवेल्ट गेम्स के रूप में आयजित होने जा रहे है
12:20ऐसे में गुजरात को मिली मेजबानी को वो गौरबपून बताते हैं।
12:52अध्यक्ष जादा कॉमनवेल्ट गेम्स के लिए इसका रहे हैं।
13:32अब आपको गुजरात के अमाजी मंदिल ये चलते हैं
13:35आबू रोड पर सियावा गाउं में इन दिनों आस्था का नूठाई संगम देखने को मिल रहा है
13:39पारंपरिक आदिवासी गड़गौर मेले में गुजरात के साथ राजस्तान से भी हजारों की तादात में श्रधालों पहुँचे
13:45डोलनागाडों की गूज और लोगीतों के बीच पूरे माहौल में भक्ती का रस घुल गया
14:09अबुरोड की वादियों में आस्था भक्ती का अध्भुत मेला सजा है
14:13सियावागाओं का ये अतिहासिक गड़गौर मेला इस बार भक्ती और उत्सा के मामले में सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा है
14:27पालंपरिक वेश भूशा में सजी महिलाएं हूँ ये ढोल की थापट थिरक्ते युवां
14:31हर कोई गड़गौर माता की भक्ती में सराबोर नजर आ रहा है
14:39यहां के स्थानी लोगों की मानेता है कि भगवान शेव और माता पार्वती की पुजा करने से वेवाहिक जीवन में
14:45खुशाली आती है
14:46यही वज़े है कि वनवासी समाज के लोग यहां अच्छी फसल और परिवार की सुक्षानती की मन्नत मांगने आते है
14:53युफ्तियां भी अच्छी जीवन साथी और जुबल भविशे की कामना के साथ माता के दर्वार में मत्था टेकती है
15:02यह मेला आदी वासी संस्कृति का आइना भी है
15:05मेले में महिलाय और युफ्तियां पारंपरिक टैटू यानि नाम गुदवाने का शौक भी पूरा कर रही है
15:11जो इस समाज की सदियों पुरानी परंपरा है
15:15यह मेला अलग-अलग शेत्रों की लुगों को एक मंच पर लाने और आपसी भायचारे को बढ़ाने का बड़ा जरिया
15:21बन गया है
15:25अमबाजी से शक्ति सिंग्राजपूद
15:32केसर आम अब आम के बागानों से निकल कर बाजारों तक पहुंचने लगा है
15:37जूराग़ के बाजारों में केसर आम की बिकरी शुरू हो चुकी है
15:39यहां केसर आम की कीमेतें आच 100 से 1500 रुपाए प्रति बॉक्स है
15:43एक बॉक्स में 10 किलू आम होते हैं
15:45और मानना यह जा रहा है कि इस साल केसर आम की फसल ठीक ठाक होगी
16:00फलो की राजा कहे जाने वाले आम के शौकिनों के लिए है गुड नियूज
16:06अरोखी बिठास और खुश्बूदार केसर आम बाजारू में पहुँचने लगा है
16:12जूनागर्ड और अम्रेली में खास तोर पर उगाया जाता है केसर आम
16:16आम की सभी प्रजातियों में सबसे खास मारा जाता है केसर आम
16:22अपरेल महिने में सीजन की शुरुआत होते ही केसर आम जूनागर्ड की मारकेटिंग यार्ड में पहुचना शुरू हो चुका है
16:29केसर आम अपने स्वाद और मिठास के लिए जाना जाता है
16:37यह बहुत मीठा और तेज सुगंद वाला होता है और पकने पर इसका छिलका पीला और गुदा केसर या हो
16:45जाता है
16:47जूनागर्ड में केसर आम की बिक्री शुरू हो चुकी है
16:50और इसे खरीदने के लिए बड़ी सख्या में खरीदा मारकेट का रुख करने लगे है
16:54सीजन की शुरूआत में करीब 2000 बॉक्स केसर आम बाजार में पहुचा
16:59और नीलामी में 10 किलो के एक बॉक्स के कीमत 800-1500 रुपे तक निर्धारित की गए
17:08आज जूनागर्ड मारकेट याड में 4 दिन से आम आ रहा है
17:11वो आम 1500-1500 रुपया 10 किलो का विक्री हो रहा है
17:15और आगे जाके थोड़ा मोसम चलेगा उसके हिसाब से
17:27केसर आम की मांग देश के साथ विदेशों में भी है
17:30और विदेशों में भी लोग बड़े चाओं के साथ केसर आम खाते हैं
17:34जूनागर्ड के आम कारुबारियों के बताबिक इस बार आम का सीजन लंबा चलने वाला है
17:40इसके साथ ही पिछले साल के मुकाबले इस साल के सर आम की कियमत भी करीब 200 रुपे प्रती बॉक्स
17:46तक ज्यादा रहने की संभावना जताय जा रही है
17:49जैसे मैंने सब रूटिन में चेक किया है थोड़ा आम हर साल की कंपरिज में थोड़ा कम ही आएगा
17:54मार्केट में अभी तेजी है मार्केट अच्छा मल अभी बिकरा है आज भी मार्केट में 2000 बॉक्स की आवक है
18:01और 800 रुपे से लेकर आएच 2000 रुपे तक केजी 10 केजी का बॉक्स बिका है आज भी मार्केट में
18:08एप्रिल महीने में मार्केट कोई भी डाउन आने का कोई भी संबाउना नहीं है
18:12केसर आम को उसके खास गुड़ों की वज़ा से काफी पसंद किया जाता है
18:16इसकी खुश्बूदार मीठी और मनमुहक सुकंद के अलावा इसका पल्प और इसकी बनावट इसे बागी किस्वों की तुल्ला में काफी
18:25खास बना देती है
18:26केसर आम वाटमिन ए और सी के साथ ही कई तरह के एंटी आक्सिडंट से भरपूर होता है
18:32हाला कि मार्च महीने में बे मौसम की बरसाद का असर की सराम पर पढ़ रहा है
18:37लेकिन इसके बावजूद इस साल आम की पैदावार अच्छी रहने की उम्मीद है
18:42मेंगो की बात करें एक मेंगो फल का राजा बोला जाता है
19:02पिछले साल के मकाबले इस साल आम का उतपादन बढ़ा है
19:06लेकिन अगर मौसम का मिजाज बदला तो फसल पर असर पढ़ सकता है
19:11वैसे अगर मौसम अनुकूल रहा तो इस बार भी आम के शौकीन लोग इस सीजन में भी केसर आम का
19:18भरपूर स्वाद ले सकेंगे
19:20जूनागर से भारगव जूशी के साथ प्यूर और पोर्ट
19:26आज तक गुजरात में आज के लिए बस इतना है लेकिन देश और दुनिया की तबाम बड़ी और रहम ख़बरों
19:29के लिए आप देखते रहे हैं आज तक
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