00:0014 गट के पहले अमेरिका ने इरान को पाशार युद्व में पहुचाने की तयारी करी
00:04इरान के सारे पावर प्लान्ट और पुल खत्रे में थे तभी चीन की एंट्री हुई
00:08चीन ने कूटनीती का इस्तमाल करके ना सिर्फ इरान को मनाया बलकि अमेरिका को भी उद्विराम के लिए राजी कर
00:14लिया
00:14ट्रॉम्प ने अमेर्की नियूज अजेन्सि को फोन पर दी इंटेव्यू में चीन का जिक्र किया
00:18चीन के कहने पर ही इरान ने अपने प्रस्ताव को आगे बढ़ाया और हॉर्मोस को फॉरन खोलने के लिए तैयाद
00:32तो यानि ये जो आप खबर आ रही है कि चीन की दखल के बाद दरसल ये सीसफायर हुआ है
00:36कि उससे पहले जिस तरह कि अगर आप ट्रॉम्प के बयान देखे तो इराक के वक्त पर उन्होंने इसी तरह
00:42का बयान दिया था जिसके बाद हमने देखा था वहां क्या हुआ
00:44वैसे ही कुछ आसार इरान के लिए भी नज़र आ रहे थे लेकिन ऐसे में बातचीत जो है वो शुरू
00:49हुई है
00:49कई बार ऐसे बयान आशुतोष एक मनोवैग्यानिक दबाव के लिए होते हैं
00:53कि कल भी जब ट्रॉम्प ने बयान दिया तो यह सवाल उठ रहे थे कि यह सिर्फ मनोवैग्यानिक दबाव है
00:58कि सामने वाला जुख जाए
00:59या वाकर इन्होंने अपने टागेस सेट कर ली हैं कल तक यह सवाल था लेकिन आज वो इस्तिती क्लियर दिखती
01:03है यह किवल एक दबाव की ही रण नहीं थी थी उनकी
01:05युद से पीछी अगर हटना था तो कोई कारण तो चाहिए था और इस कारण से बहतर क्या होता कि
01:10वो कह दें अबजेक्टिफ हमारे पूरे हो चुके हैं इरान होर्मुस खोलने को तयार है यही दो कंटेंजन थे लेकिन
01:15यह भी आप जानते हैं कि युद करने के लिए सबसे
01:17पहला कारण ने दे था कि सत्ता परिवर्तन डिसार्मामेंट आफ उनके जो हतियार है उसको और उसके बाद हर्मुस को
01:23तो बाद में बंद किया इरान ने उसकी ओर से जहां तक चीन की बात है 31 मार्च को चीन
01:27और पाकिस्तान के बीच बातचीत हुई थी उन्होंने आपचार
01:43के देश यहां था कि तुर्किये के विदेश मंतरी पाकिस्तान गए पाकिस्तान में विदेश मंतरियों के एक बैठक होई थी
01:47तो बैक चैनल टॉक जो डिप्लोमेटिक टॉक्स होते हैं वो कही ने कहीं चल रहे था और उस चैनल में
01:52कई बार बहुत बड़े नाम नहीं होते
01:54कई बार उन दोनों की जो एजिंसियां हैं वो बात कर रही होती हैं तो बैक चैनले टॉक में मैसेज
01:59होना होता और फैसला आखरी बार जो सिक्योरिटी सुप्रीम काउंसिल इरान को उसको लेनी थी और इसलिए संभवता बीती राद
02:04जब सिर्फ दो गंटे का समय रह गया था क
02:06कि अब हमला होगा उसके ठीक पहले बातचीत होई संदेश चला गया हम देख रहे थे इसराइल में कई जगा
02:11तो यहां तो काउंटडाउन चुरू हो गया था कि थोड़ी देर में वो आखरी हमला होगा तो जहां डर था
02:15उसके बाद खुशी की खबर आई दो गंटे पहले �
02:17खुद अमेरिकी राश्पती ने पूरी दुनिया को स्थिर कर दिया ये बताते हुए कि नहीं अब हमला नहीं होगा जो
02:22हमारी तयारी थी हम पीछे हट रहे हैं लेगिन हां इसमें चीन और पाकिस्तान की भूमिका जो है वो खुल
02:27करके सामने आ गई दोनों ने इस बीच में
02:29मद्ध्थता की जो कोशिश की उसको ट्रंप ने भी स्विकार किया और उसको इरान ने भी उनकी साथ सराहना की
02:34है और उसी के साथ दुनिया के तमाम देषक कजाख्तान के राश्पती के और भी बयान आया और हर कोई
02:38क्योंकि इस्थिरता पूरे देश के लिए अब यह शां
02:42तो दोनों अब चीन और पाकिस्तान को इसका श्रे दे रहे हैं
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