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बड़े किडनी रैकेट पर क्या हुआ खुलासा? देखें वारदात
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00:00नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहरखान और आप देख रहे हैं वारदात
00:03कानपूर पुलिस को एक फोन आता है
00:05फोन शहर के एक अस्पताल से क्या गया था
00:08फोन करने वाला बताता है कि धोके से उसकी एक किड्नी निकाल दी गई
00:14फोन पर खबर मिलते हैं अब पुलिस फोरण उसी अस्पताल में पहुंचती है
00:18फोन करने वाला अस्पताल की बेट पर लेटा हुआ था
00:22इसके बाद वो पुलिस को अपनी कहानी सुनाना शुरू करता है
00:25जैसे ही उसकी कहानी खत्म होती है
00:28कानपूर पुलिस के सामने एक ऐसा सच सामने आता है
00:32जैसे सुनकर खुद पुलिस हैरान हो जाती है
00:39सबसे पहले आप एक एकर ये चार वीडियो देखिए
00:42पहला वीडियो
00:43जीन्स और टीशट पहने और काला चश्मा लगाए एक शक्स बिस्तर पर लेटा है
00:48लेकिन ये बिस्तर मामूली नहीं बलकी नोटों का है
00:51पूरे बिड़ पर नोटी नोट बिछे हैं
00:54और बिस्तर पर लेटे लेटे ये शक्स अपने चेहरे पर नोटों की गड़ियां फेर रहा है
01:01एक क्लिप में उसके साथ उसका एक साथी भी नजर आता है
01:04ऐसा वीडियो शूट करवाने के लिए किसी के दिमाग पर नोटों की गर्मी किस कदर चड़ी होगी ये समझना मुश्किल
01:12नहीं
01:13अब ये दूसरा क्लिप देखिए
01:15इस वीडियो में एक शक्स अस्पताल के बिस्तर पर लेटी साथ अफरीकी मूल की एक महिला के शरीर पर स्टेटेसकोप
01:22यानि आला लगा कर उसकी जाँच करता हुआ दिख रहा है
01:25वो टूटी पूटी अंग्रेजी में महिला से बातचीत कर उसका हाल चाल पूछता है
01:31और दर्द से रोती विदेशी महिला उसके सवालों का जवाब दे रही है
01:35आप सोच रहे होंगे कि अगर ये शक्स वाकई डॉक्टर है तो फिर उसकी अंग्रेजी इतनी कमजोर कैसे है
01:42वो बिलकुल मामूली अंग्रेजी भी ठीक से क्यों नहीं पूट पारा
01:58अब तीसरा वीडियो क्लिप
01:59ये कानपूर के एक अस्पताल के बाहर की तस्वीर है
02:03इस वीडियो में पहले एक शक्स खुद को इंटर्डियूज करता है
02:06फिर खुद से 43 लाख रुपए हड़ पलिये जाने की शिकायत करता हुआ
02:11ये कहता है कि अब वो इतने ज्यादा करजे में आ चुका है
02:15कि उसके सामने सुइसाइड कर लेने के सिवाए और कोई रास्ता ही नहीं
02:19जिसका 43 लाख लोड़ चुका होता है वो समाग में जिन्दा रह भी कैसे चक्ता है
02:26और अब इसी कड़ी का चौथा और सबसे एहम वीडियो क्लिप आपके सामने है
02:31ये वीडियो भी कानपूर के एक अस्पताल का ही है
02:34अस्पताल के विस्तर पर एक मरीज लेटा दिखाई देता है
02:38लोग उससे सवाल जवाब कर रहे हैं
02:40लेकिन मरीज ने कंबल से अपना चेहराच छुपा रखा है
02:44वो अपनी पहचान नहीं बताना चाहता
02:46और नहीं उससे पूछे जा रहे सवालों का जवाब देने में उसे कोई खास दिलचस्पी है
02:54असल में ये सारी की सारी तस्वीरें कानपूर के उस खतरना किड्नी रैकेट का दर्दनाग बाई प्रोडक्ट है
03:01जिसके सामने आने के बाद पूरे मेडिकल महकमें से लेकर यूपी का शासन प्रशासन तक हिल गया है
03:07एक ऐसा किड्नी रैकेट इल्जाम है जिसने अब तक करीब साट से ज्यादा लोगों का गहरकानूरी तरीके से किड्नी ट्रांस्प्लांट
03:16कर दिया
03:16करोणों के वारे न्यारे कर लिये और अंगिनत लोगों को जीते जी मौत के मुँ में धकेल दिया
03:23इन में किसी की किड्नी लेने के चक्कर में जान ही चली गए तो कोई किड्नी देने या बेचने के
03:28चक्कर में मौत के करीब पहुँच गया
03:31पूरी उम्र के लिए बीमार हो गया और दवाओं के भरोसे जिन्दा रहने पर मजबूर हो गया
03:38करीब हफते भर पहले कानपूर से सामने आए इस किड्नी रैकेट का खुलासा होने के बाद
03:43अब तक इस सिलसिले में शहर के कई नामचीन डॉक्टरों के साथ-साथ आधे दर्जन से ज्यादा लोगों को पुलिस
03:50ने धर दबोचा है
03:52वहीं इसके तार सिर्फ कानपूर ही नहीं बलकि दिल्ली और यूपी से होते हुए विदेशों तक फैले हुए दिखाई दे
03:58रहे हैं
03:59लेकिन महज एक फोन कॉल से सामने आए इस किड्नी रैकेट का खुलासा कब और कैसे हुआ
04:04और अब तक इस मामले में कौन-कौन से तथे पुलिस के हाथ लगे ये जानकर आप चौक जाएंगे
04:11तो आईए इसकी शुरुआत शुरू से ही करते हैं
04:17सुमवार 30 मार्च को कानपूर पुलिस को एक फोन आता है
04:20फोन करने वाला शक्स पुलिस को बताता है कि उसकी किड्नी धोखे से निकाल ली गई है
04:25उसे उसकी किड्नी के बदले 6 लाख रुपए देने का वादा किया गया था
04:30लेकिन अब तक उसे सिर्फ 3 लाख रुपए ही मिले हैं
04:33ये मामला ट्रांस्प्लांट संबंधी नियमों के गंभीर उलंगन का तो था ही
04:37साथी ऐसे मामले में कई लोगों की जिन्दगी भी खत्रे में पर सकती थी
04:42लेहाज़ा कानपूर पुलिस फोरन उस अस्पताल का रुख करती है
04:46जहां से लड़के ने उसे फोन किया था
04:49फोन करने वाले लड़के का नाम आयूश है जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है
04:54लेकिन पता चलता है कि वो मेरट की रहने वाली एक महिला को किड़नी बेचने के चक्कर में
04:59कानपूर के इस अस्पताल के बिस्तर पर आप उंचा है
05:02और किड्नी निकाल लिये जाने के बाद उसे अपने साथ हुए धोके का एहसास हुआ है
05:07अब पुलिस आयूश से बातचीत करती है
05:10लेकिन अपनी पहचान छुपाता हुआ आयूश अपने साथ हुई धाती को लेकर क्या कुछ कहता है
05:16सबसे पहले आपको वो सुनना चाहिए
05:40आप चाहर चाहर लात है अच्छाह अच्छाह और ये जिनको आप डे रहा हुआ हो जाते थे आप आप जानता
05:52हूँ फूर से हैं और से हो आप अच्छाहिए
05:57इसीने मिलवाया था आपको पहां हां वह इक अमेरत पी दोक्टर तजा रहता हुए
06:05मेर कही दोक्टर में?
06:07क्या नाम है?
06:11व्हाम?
06:13निअर्ष्टर सिबम
06:14निअर्ष्टर सिबम क्या है?
06:16इतना ही पता है, अगरवाल हमें
06:19हम
06:19हम
06:23मिरड के है?
06:24नहीं ही के है
06:27मिरड में तो कैसे � Zeamkas है número 3
06:29वह मिलवाय थे, वह जबता है
06:31पर विजय वे पर लिए पर पर यार्ण होगा है
06:38अच्छा तो कब उबाई है
06:41कर जवाद पर नहीं आप दे दिया
06:46है हाँ
06:52आप करते क्या है कहा यहीं पर वा था जर्जरीए
06:55आँ आँ आँ जाख तो
07:10कानून के मताबिक किड्नी या ऐसे ही किसी अंग का डोनेशन
07:13सिर्फ परिवार के सदस्यों के बीच ही हो सकता है
07:16और अपवाद के कुछ मामलों में अलग से सरकार से इजाज़त लेने की दरकार होती है
07:22लेकिन आयूश ने अपना किड्नी पारूल नाम की एक ऐसी महिला को दिया था जिसे वो जानता तक नहीं था
07:28सिवाई इतने के कि वो दीदी मेरट की रहने वाली है और उन्हें किड्नी की सक्त जरुवत थी
07:33जाहिर है आयूश ने अपनी किड्नी औने पौने कीमत पर उन दलालों को बेच दी थी
07:39जो अलग-अलग अस्पतालों में छुपकर सालों से गरीब और बेबस लोगों की किड्नी का सौधा कर रहे थी
07:45आयूश भी उन्हीं लोगों में से एक था
07:48असल में बिहार का आयूश देहरादून के एक कॉलेज में एमबिये की पढ़ाई कर रहा है
07:53उसके पिता की मौत हो चुकी है
07:55ऐसे में उसके उपर पढ़ाई के साथ-साथ अपने परिवार और खास कर अपनी मा की भी जिम्मेदारी है
08:00उसके पास फीज भरने तक के पैसे नहीं है
08:03और इसी बीच वो किसी दलाल के संपर्क में आता है और अपनी किड्नी का सौधा कर लेता है
08:08लेकिन कहानी में असली ट्विस्ट दबाता है जब उसे किड्नी देकर भी धोखा हाथ लगता है
08:14शुरुआत में उसे किड्नी की किमत 6 लाक रुपए बताई गई थी
08:18लेकिन अब पता चला है कि उसका सौधा 9 लाक रुपए में हुआ था
08:23जबकि उसे सिर्फ 6 लाक रुपए मिले
08:25जबकि मेरट की पारूल नाम की जिस महिला को किड्नी दी गई
08:29उससे दलालों ने पूरे 90 लाक रुपए जटके थे
08:36यह घटना इस प्रकार के एक लड़का आयूस है
08:39जो डोनर है जो MBA का स्टूडेंट है और देहरदोन में पढ़ता है
08:43और एक रिसिपेंट है पारूल तोमर यह मेरट की रहने वाली हैं
08:48इनकी आठ साल से किड्नी फेलर का केश चलना था
08:51और यह आयूस लड़का जो है एक मूल अकाउंट को इसने ओपन कर रहा है
08:56और यह साइबर से रिलेटर भी इसका हमें बैक्गराउंड पता लगा है
09:00और इसकी और अबजाल के बीच में आपस में बात चीत होती है
09:04और 6 लाग रुपे में किड्नी डोनेट करने की बात आती है
09:07और इसको पैसी की आउशकता थी
09:09तो यह लड़का यहाँ पर आकर के अपने एक किड्नी को इसने डोनेट करने के लिए
09:15यह वहाँ पर उपरेट करा गया है और रिसिपेंट भी आती है
09:18इसमें जब जोएंट रूप से रीड करा गया है तो यह इसका खुलासा हो चुक है
09:24अब कानपूर पुलिस ने उस पूरे रैकेट का पीछा करना शुरू कर दिया
09:28जो किड्नी के कारुबार में जुटा था
09:30पता चला कि आयूश की किड्नी का उपरेशन भी किसी क्वालिफाइड डॉक्टर ने नहीं
09:34बलकि एक हथोड़ा छाप ओटी टेकनिशियन ने किया था
09:38जिसके पास कोई मेडिकल डिग्री तक नहीं है
09:41उसका नाम है मुदसर अली
09:43दिल्ली का रहने वाला अली अब तक फरार है
09:46लेकिन पुलिस की तफ्तीश में अब तक इस केस से जुड़े
09:49छे से ज्यादा लोग शिकंजे में आ चुके हैं
09:52जिन में कई नामी डॉक्टर भी शामिल है
09:54इन में कानपूर के अहुजा अस्पताल की मालिक दंपत्ती डॉक्टर सुर्जीत अहुजा
09:59और उनकी पत्नी डॉक्टर प्रीती अहुजा
10:01मेड लाइफ अस्पताल के मालिक डॉक्टर राजेश कुमार और डॉक्टर राम प्रकाश
10:06प्रिया हॉस्पिटल के मालिक डॉक्टर नरेंद्र सिंग, दो ओटी टेकनीशियन और इस रैकेट का किंग पिन और सबसे बड़ा दलाल
10:14शिवम अगरवाल और शिवम काड़ा शामील है
10:17कानपुर पुलिस और कानपुर मेडिकल डिपार्डमेंट द्वारा अब तक स्वियुक्तुरीड में छे लोगों को हम लोगोंने एरेस्ट किरा है
10:26जो मानव के अंगू का ट्रांस्प्लांट कराते थे अबैद धंग से उन लोगों को पकड़ा है
10:36यहाँ पर हॉस्पिटल के मालिक जिनके यहाँ पर यह ट्रांस्प्लांट कराया गया था
10:43वो आहुजा हॉस्पिटल है उनके जो ओनर और डॉक्टर दोनों को पकड़ा जा चुका है जो किंग पिन था वहाँ
10:49पर सिवा मगरवा उसको पकड़ा जा चुका है और जो डॉक्टर जो करता था वो अभी यहाँ पर उनकी टीम
10:56फरार है इसमें जिन ऑपरेशन करने के बाद
11:00दो अन्य हॉस्पिटलों में जो डोनर है और जो रिसिपियंट है उनको अलग-अलग हॉस्पिटलों में भेजा जा जाता था
11:08वो लिंक हमने ढून लिया और उनके जो ओनर है उनको भी एरेस्ट किया जा चुका है
11:16अब आईए इस किड्नी रैकेट की पूरी मोडस ओपरिंडी को सिलसिलेवार तरीके से समझी दिल्ली से लेकर मेरट और मेरट
11:24से लेकर कानपूर जैसे अलग-अलग शहरों के अस्पतालों में काम करने वाले एम्बूलेंस ड्राइवर, ओटी टेकनिशियन, एडबिन मैने�
11:35पूरा का पूरा रैकेट बना रखा था, इस रैकेट से जुड़े लोग सबसे पहले वैसे लोगों की तलाश करते जिनकी
11:42किड्नी खराब हो चुकी थी और जिन्हें डॉक्टरों ने ट्रांस्प्लांट का सुझाओ दिया था, लेकिन चुकी ट्रांस्प्लांट के लिए ड
12:04तरफ तो रिसिपियंट यानि किड्नी के खरीदारों से लाखों रुपए से लेकर करोणों रुपए तक वसूले जा दे, वहीं दूसरी
12:12तरफ किड्नी के डोनर यानि किड्नी बेचने वाले को फकत कुछ लाख रुपए थमा दिये जा दे
12:17इस पूरे मामले में सिक्रेसी बनाए रखने के लिए ऑपरेशन के फौरण बाद उन्हें पोस्ट ऑपरेटिव केर के लिए दूसरे
12:24अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया जाता
12:26ताकि कोई उन मरीजों तक आसानी से न पहुँच सके
12:30कानपूर में अहुजा अस्पताल, मेड लाइफ अस्पताल और प्रिया अस्पताल के साथ साथ
12:35पुलिस को कई और ऐसे अस्पतालों का पता चला है जहां से ये धंदा चोरी छुपे सालों से चल रहा
12:41था
12:44और पारूल के संपर्क में डाक्टर अफजाल आते हैं
12:47जनरली ये जहां डायलेसिस होता है उनको अपना टार्गेट बनाते हैं वहाँ पर पोटेंशिली जो रिसिपिंट हैं उनके बारे में
12:55जानकारी कठा करते हैं
12:57फिर टेलीग्राम के आधार पर इन्होंने संपर करा है इससे पहले मार्च में भी एक गटना कर चुकी है
13:05इस हॉस्पिटल में साथ आठ लोगों का अब तक भी पता लगा है कि साथ आठ लोगों का किड्नी ट्लांस्प्लांट
13:11हुए जो इलीगल है और इसमें हम लोगों ने अभियोग पंचिकर्ट कर दिया है
13:16यह भी और जानकारी मिली है सिबम की तरफ से कि यहां पर अन्य च्छे साथ अस्पतालों में ये डॉक्टर
13:24रोईट की टीम द्वारा ऑप्रेशन कराये गया है और किड्नी ट्लांस्प्लांट की गई है
13:28इसके लिए हम सेहिक दूरूप से सीमो साथ और हम मिलकर की इसमें जान स्पताल करेंगे
13:34इस केस के सामने आने के बाद पुलिस ने डॉक्टर सुर्जीत और डॉक्टर प्रीती आहुजा के आहुजा अस्पताल पर दविश
13:40दी
13:40जहां पुलिस की छापे मारी के बाद किट्नी चोरी के तमाम साजों सामान जसके तस बिखरे पड़े थे
13:49उत्रपदेश के कानपुर में अवैत किट्नी ट्रांस्प्लांट की एक बड़े रैकेट का परदा फाश हुआ है
13:53पुलिस ने मुकदमा दर्चकर छे लोगों को गिरिफतार किया है जसमें हस्पताल के मालेक और कई डॉक्टर्स भी शामिल है
14:00जानकारी के मताबिक ऐसे लोगों को टार्गिट किया जाता था जो गरीब तपके से आते हैं जिने पैसों की जरौत
14:05है
14:06जैसे स्टूडेंट्स और ऐसे लोगों को पैसों का लालज देकर उनको बहला पुसला कर उनसे किड़नी ली जाती थी जो
14:13उचे दामों में बाकी लोगों को बेची जाती थी
14:15जाँच में सामने आया है कि कई स्टूडेंट से 5-7 लाग रुपे में किड़नी खरी दी गई
14:20उनसे किड़नी लेकर लोगों का ट्रांस्प्लांट किया गया और 60-70 लाग रुपे उसमें वसूले गए
14:26फिलाल मेरी मौझूदगी है कानपूर के आउजा हस्पताल में जो कि एक बड़े हस्पतालों में से एक है
14:32मैं अपने कैमरा बसन से रिक्वेस्ट करूँगा कि आपको विज्वल्स में दिखाने पाए
14:35कि कैसे ये बड़ा हस्पताल जो लगबग 4-5 फ्लोर का है
14:39सभी आदूनिक यहां पर उपकरन है कई बड़े डॉक्टर्स यहां पर बैठते हैं
14:43यहीं पर जो अवैद किड्री ट्रांस्प्लांट है वो किया जा रहा था
14:48जिसके बाद यहां पर हालत ऐसी है कि सभी लोग चाहे वो मैनेजमेंट हो
14:53चाहे वो डॉक्टर्स हो इस हस्पताल को अपने ही हाल में छोड़ कर भाग गए हैं
15:00इस रैकेट का दाइरा कितना बड़ा था इसका अंदाजा इसी बात से लगाय जा सकता है
15:05कि यह विदेशों से भी ग्रहकों को भासने में पीछे नहीं हटते थे
15:08भारत भर में किड्नी के जरुवत मंद लोग तो खैर इनके रडार पर थे ही
15:13इस रैकेट के किंग पिन शिवा मगरवाल ने पुलिस को बताया है
15:17कि अकेले कानपूर के आहुजा अस्पताल में हाल के दिनों में
15:21चे से साथ ऐसे किड्नी ट्रांस्प्लांट के गयर कानूनी ऑपरेशन किये जा चुके हैं
15:26जबकि पूरे कानपूर शहर की बात करें तो ये तादाद पचास साथ तक पहुँचती है
15:33ये अभी तक जो सिवम ने बताया है उसने चे साथ आठ केसेज बताया है
15:39जो ऑज़ा ऑस्पिटल में और कानपूर में 40-50 केसेज उसने गोना बताया है
15:44जिसमें खास बात ही का है कि एक साथ अफ्रिकन जो है लेडी का भी यहाँ पर ट्रांस्प्लांट किया गया
15:50है
15:51जनरली जो है रिलेटिव से ही जो है ट्रांस्प्लांट जो रिस्तेदार होता है उनके द्वाराई उनके से ही डोनेट किया
15:58जाता है
15:59और वो भी एक अधिकरत कमिटी है उसके माजम से होता है परिमिशन ली जाती है
16:03और यदि अगर किसी private donor होता है कोई अन्य donor होता है तो उसके लिए सरकार की मानिता की
16:11ज़रुत होती है
16:11और बिदेसी के लिए ये पूरे रूब से उसके लिए सरकार की अनुमती किया हो शकता है तो इन सब
16:17चीका यहां पर violation किया गया है
16:19अंदर चलेंगे आपको तस्वीरे दिखाएंगे कि किस तरीके से पुलिस की चापे मारी के बाद यहां पर ये हालात हैं
16:26कि गेट खुला हुआ है और पूरा जो चार फ्लोर की बिल्डिंग है पूरी तरीके से खाली है
16:30यहां पर अंदर आके आप देखेंगे यह रिसेप्शन एरिया है जब से पुलिस की गाज यहां पर गिरी जब से
16:36चापे मारी हुई जब से यह पूरा मामला सामने आया यहां पर स्टाफ से लेकर जो पेशेंट थे सभी भाग
16:41गए हैं यहां पर अगर आप देखेंगे तो �
17:04यहां पर बिमारीयों के या विभाग की डॉक्टर यहां पर बैठते हैं यहां पर आप देखेंगे हालत ऐसी है कि
17:11यह जो डॉक्टर की चेमबर है यहां पर बकायदा भीर लगती थी पेर रखने की जगा नहीं होती थी और
17:15पूरा खाली पड़ा है यह आपको बता दूं प
17:25इसे लॉक्ट कर दिया गया है यहां पर तश्वीरों में जरीया आपको दिखाना चाहूंगा यह डॉक्टर प्रीती आओजा है और
17:31इनके पती जो है इनी का यह हस्पताल है इनको फिल्हाल गिरफतार कर लिया गया है क्योंकि यहीं पर अवैद
17:35रूप से जो किड़नी ट्र
17:54की कहानी असल में इस कीड़नी रैकेट का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा भर रहे आयूश की केस स्टडी का
18:01सिरा पकड़कर जब पुलिस इस मामले की जाँच में आगे बढ़ी तो उसके सामने ऐसे ऐसे खुलासे होने लगे जिसके
18:08बारे में खुद वर्दी वालों ने कभी न
18:10नहीं सोचा था कानपूर में रंजय सिंग के साथ सिमर चाहला आज तक
18:19कमाल है वक्त कितना बदर चुका है सोचल मीडिया के जरिये हर खबर हर दर तक पहुंच जाती है छोटी
18:26छोटी खबरें बाहर आजाती है लेकिन इसके बावजूद कानपूर में किड्नी का ये रैकेट धरले से चलता रहा है
18:33हैरानी की बात तो ये है कि इस पेशे में डॉक्टरों के साथ साथ वो वो लोग शामिल थे जिने
18:40डॉक्टरी पेशे के बारे में एबी सीटी तक पता नहीं
18:45पैसों की खनक के आगे कानपूर से लेकर दिल्ली के कई बड़े अस्पतालों के नामी डॉक्टरों ने एक तरह से
18:51अपना पूरा का पूरा डॉक्टरी का पेशा ही किड्नी के धंदेबाजू के पास गिर्वी रख दिया था
18:57वो धंदेबाज जिन में ज्यादातर की हैसियत एक ओटी टेक्निशियन या वाड़ बॉय से ज्यादा की नहीं थी
19:03कुछ तो ऐसे थे जो महज एम्बूलेंस के मामूली ड्राइवर थे
19:08मगर सितम देखिए कि ऐसे ही लोग कानपूर के आहुजा अस्पताल से लेकर
19:13दूसरी कई जगहों में न सिर्फ सीधे ऑपरेशन थियेटर तक पहुँच जाते थे
19:18बलकि खुद ही अपने हाथों से किड्नी का ऑपरेशन तक कर डाल दे थे
19:23यानि वो कॉंप्लिकेटड सरजरी जिसमें महारत हासिल करने में
19:27किसी भी यूरोलोजिस्ट या किड्नी ट्रांस्प्लांट सरजन को सालों का वक लग जाता है
19:34अब ज़र सोचिए जो मरीज लाखों करोडों रुपए खर्च कर इन अस्पतालों में
19:39ट्रांस्प्लांट की उम्मीद लिए पहुँचता था
19:41ये डॉक्टर और हतोड़ा छाप लोग उनकी जिंदगी से कैसा खतरना खिलवार करते थे
19:47इस किड्नी रैकेट के सबसे बड़े धंदेबाज यानि किंग पिन
19:51शिवम अगरवाल के मोबाइल फोन से बरामद इस वीडियो को ही देखिए
19:55इस वीडियो में वो खुद ही डॉक्टर बनने का नाटक करता हुआ
19:58एक विदेशी मरीज की जाच कर रहा है
20:01और दर्द की शिकायत पर उसे इंजेक्शन लगाने का जहासा दे रहा है
20:05मामलग दिसंबर दो हजार पचीस का बताय जाता है
20:08अरेविका नाम की ये महिला साउथ अफरीका की रहने वाली है
20:11वीडियो में देखा जा सकता है कि किड्नी ट्रांस्प्लांट के बाद
20:15वो तेज दर्द से गुजर रही है
20:17रो रही है और किड्नी रैकेट का किंग पिन उसकी जांच करता हुआ
20:21उसे इंजेक्शन लगाने की बात कह रहा है
20:24क्या आप यकीन करेंगे कि अरेविका से किड्नी ट्रांस्प्लांट के नाम पर
20:28इन धंदेवाजों ने करीब 2 से 2.5 करोड रुपए हडप ली
20:32इस मामले की जांच कर रही पुलिस फिलहाल अरेविका की तलाश में जुटने के साथ-साथ
20:36बाकी केव विदेशी मरीजों का भी पता लगा रही है
20:39जिन्होंने यहां किड्नी ट्रांस्प्लांट करवाए
20:42पुलिस को इस केस में फिलहाल किंगपिन, शिवम के साथ-साथ
20:45मुदसर अली, अफजल और डॉक्टर रोहित नाम के एक आदमी की भी तलाश है
20:51इस दूसरे वीडियो में तो हधी हो गई
20:53नोटों के बिस्तर पर लेटे इस आदमी का नाम है अफजल
20:57जो दिल्ली का रहने वाला है और फिलहाल फरार है
21:00जाहिर है जो नोट के बिस्तर इसने बिचा रखे है
21:03और जिन नोटों से ये खिलवाड करने में जुटा है
21:06ये नोट उसने ही ऐसे किसी किड़नी के मरीज से ट्रांस्प्लांट के नाम पर जटके
21:12अब मंजिंदर सिंग के पूरे मामले को समझी
21:14कानपूर के आहुजा अस्पताल के सामने सुिसाइट वीडियो बनाने वाले मंजिंदर सिंग
21:19मूल रूप से पंजाब के तरंतारंद के रहने वाले
21:22जिनकी शिकायत है कि आहुजा अस्पताल से जुड़े कुछ लोगों ने उन्हें किड्नी ट्रांस्प्लांट करवाने का जहांसा दे कर उनसे
21:2943 लाग रुपए ठगी है
21:31ऐसे में वो कभी भी सुईसाइड कर सकते हैं
21:35इस मामले की जाच कर रही पुलिस ने पाया कि इस रैकेट से जुड़े लोग अक्सर टेलिग्राम और दूसरे एब
21:40पर लोगों से बातशीत किया करते थे
21:42ताकि खुद को पुलिस की नजरों से बचा कर रख सके
21:45इस रैकेट के लोगों ने सावत अफरीका से लेकर नेपाल तक के ग्रहकों को फांसा और उनसे करुणों रुपए के
21:52वारे न्यारे कर गा ले
21:54फिलहल पुलिस ने कानपूर के तीन अस्पतालों पर तो दबिश डाली ही है कई और अस्पताल रडार पर है
22:00इसी तरह पुलिस का कहना है कि इस केस के तार यूपी के बाहर भी फैले हैं जिनकी परताल की
22:06जा रही है
22:08कानपूर सेर रंजे सिंग के साथ सिमर चावला आज तर
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