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  • 9 hours ago
15 महीनों में ट्रंप ने कैसे बदल दी दुनिया में राजनीति की दिशा? देखें कहानी में

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00:00अमेरिका में सत्ता परिवतन के बाद बीते 15 महीने वैश्विक राजनीती के लिए बेहाद हल चल भरे साबित हुए हैं
00:07फैसलों की रफ्तार इतनी तेज रही कि दोस्त और विरोधी दोनों ही नए समिकरंट तलाश ते नजर आ रहे हैं
00:13व्यापार से लेकर युद्ध तक पूट नीती से लेकर घरेलू नीतियों तक हर मोचे पर बड़े और चौकाने वाले फैसले
00:20लिए गए
00:20आज कहानी में बात उस नेता की जिससे सिर्फ 15 महीनों में दुनिया की राजनीती की दिशा और चर्चा दोनों
00:27बदल दी
00:28आज कहानी डॉनल्ड ट्रॉम्प की
00:58उस समेन ये इसमेर में जब राजपती डॉनल्ड ट्रंप ने वाइट हाउस की सथा क्या दूसरी बार संभली तो इस
01:09बात के संकेत मिल गए थे कि उनका ये कारेकाल पुछले कारेकाल के मुकाबले ज्यादा आकरमक होने वाला है
01:20कि आप देख रहे हैं कि अभी भी बेस उनके साथ है अभी भी रिपब्लिकन पार्टी में किसी को हिमत
01:28नहीं है कि उनके खिलाव पुड़ा है
01:43डॉनल्ड ट्रम्प की जब से दुबारा सक्ता में वाफसी हुई है उन्हें कई ऐसे फैसले लिये हैं और ऐसे बयान
01:49दिये हैं
01:50कि दुनिया भर में कूट नीती, व्यापार, युद्र और वैश्वे गडबंधन को नई बहस के केंद्र में ला दिया है
01:56कभी सक्त एमिग्रेशन नीती, कभी टारिफ पॉर, तो कभी अंतराष्टिय संघर शोफर आकराम प्रुख
02:02सवाल अब यही है कि क्या ये मजबूत नेतित किरन नीती है या दुनिया को अस्थिर करने वाली नई राजनीती
02:28नई जा राजनीती है
02:30ना थे डार बेत्व लून्ती घवा ये लूनिया है
02:33इन जो जलिंष्य के वैए
02:38थी नित्यूनि के अपूर आपनीती को अजयक पुरिए
02:42वि मैं तूरिप नुक्तनि को आपते हैं
02:59लोस्तिता इस यो औरपilian जान्यक जानल सरी प्रेश की बbellिया की अबिंशने हैनो अल ये अली है वे से उन्क
03:06एंपति हैं.
03:08हो сам overall
03:23Pakistan and India but I heard they're going to war I said this is war and
03:27they were going at it and the two nuclear nations I said I'm not gonna make
03:31any trade deals with you guys unless you agree to peace
03:34पथने बजन एंट, इन मुझे लोगा है, बजने बना पार चाहते हैं थन्हारा ओार को लिए दे ख भी है
03:48है
03:51प्रास्पराइस एंग्रेटर था इस एवर बेन बीफॉर
04:03अमेरिका इस बाक अ
04:10बीस जन्वरी दो हजार पच्छेस पिछले पंद्रह महने सिर्फ अमेरिका के लिए नहीं दुनिया के लिए आसाधारन रहें
04:26इतनी तेजी से घटनाय पदली इतने बड़े फैसले इतने कम समय में हुए कि दुनिया आज दंग है
04:32लेकिन अब पंद्रह महने बाद वक्त है रुक कर देखने का समझने का और ये सवाल पूछने का
04:39क्या खिर डॉनल्ड ट्रम्प ने अमेरिका और दुनिया को कहा लाकर खड़ा कर दिया है
04:45क्या डॉनल्ड ट्रम्प की नीतियों की वज़़े से पूरी दुनिया परेशान है
04:50और सबसे पड़ा सवाल क्या डॉनल्ड ट्रम्प की वज़़े से तीसरा विश्विद हो सकता है
05:19अधिमन जरूर है क्योंकि आप देख रहे हैं कि अभी भी बेस इनके साथ है
05:23अभी भी रिपब्लिकन पार्टी में किसी को हिमत नहीं है कि उनके खिलाव खड़ा हूँ
05:27एक पल में समझोते हैं और युद्धविराम की बात दूसरे ही पल में धंकियां और हमले का जिकर
05:32राश्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्प का ये रवया न तो दुनिया में बहुत सारे लोगों को पसंद आ रहा है और नहीं
05:37समझ आ रहा है
05:38एक तरफ राश्ट्रपती ट्रम्प कहते हैं कि एरान में सब कुछ खत्म हो चुका है और अमेरिका जीत के बहुत
05:43करीब है
05:43तो वहीं दूसरे ही तरफ वो धंकी देते हैं कि और बड़े हमले होना भी बाकी है
05:48आखे राश्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्प के दिमाग में क्या चल रहा है ये बात और ये सवाल हर किसी के मन
05:54में उलज रहा है
05:57बीस जन्वरी दो हजार पच्चेस जब डॉनल्ड ट्रम्प ने दूसरी बाद अमेर की राश्ट्रपती पत्किश्य पत्ली और उनका एक ही
06:04मंत्र था अमेर्का फास्ट
06:32दुनिया भर में इस बात की बहस होने लगी कि क्या अब अमेरिका दुनिया
06:36से दूरी बना लेगा अलग लग देशों के नीतियों में अब कम दखल देगा कम हस्तक शेप करेगा क्या अमेरिका
06:42सिर्फ अपने लिए सोचेगा लेकिन 15 महीने बाद जो हो रहा है उसका अंदाजा किसी को नहीं था
07:05ट्रम्प का अमेरिका शांत नहीं हुआ है बलकि पहले से ज्यादा आक्रामक तरीके से दुनिया को प्रभावित करने लगा
07:18ही करे लिए प्रम्प करदे से दालीек रहादा इन रहे ब金 बादे शर्म्हादा
07:22मैं बलेकी यूले लज अज रूक्रा बलाइए बाल कि शेवा undा धन। आराइन के界।
07:30मैं गोलो कि लिएन Гरी स्थावाएम अपने लिए भी की बल्ब्ब्स करि klดे समें adventures
07:4220 यनवरी 2025 को जब राश्पती डॉनल्ड ट्रम्प ने वाइट हाउस की सथा दूसरी बार समहली तो इस बात के
07:48संकेत मिल गए थे
07:49कि उनका ये कारेकाल पिछले कारेकाल के मुकाबले जादा आकरामक होने वाला है
07:53साथ ही राश्पती डॉनल्ड ट्रंप ने ये भी बता दिया था
07:57कि अब वो बड़े और मजबूत फैसले लेने वाले हैं
07:59जो कि अमेरिका को मजबूत करेंगे
08:01लेकिन क्या राश्पती ट्रंप के फैसले
08:03अमेरिका को मजबूत कर रहे हैं
08:05या फिर दुनिया में पहले से चली आ रही व्यवस्था को अस्थिर बना रहे हैं।
08:08चाहे वैश्वक व्यापार पर उनके भारिफ टैरिफ लगाने के फैसले हों या फिर नाटो के सहयोगियों पर दबाओ बढ़ाने का
08:14फैसला।
08:15या फिर ग्रीन लाइंड जैसे रणनेते के लाके को लेकर खुली बयान बाजी।
08:18राश्पती डॉनलर्ड ट्रम्प की ये कदम अंतरराश्ट्री राज़नीती में एक नई बहस छेड़ चुके हैं।
08:25ट्रम्प ने गोल्डन एज उफ अमेरिका का वादा किया था।
08:28उम्मीद थी कि आर्थिक सुधार, नौकरियों और घरेलू विगास तक सीमित रहेगा।
08:33लेकिन 15 महिने बाद ये साफ हो गया कि कहानी सिर्फ घरेलू नीत की नहीं है।
08:40ये दुनिया में अमेरिका की नई भूमिका लिखने की शुरुवात थी।
08:52अमेरिका इरान के बीश बढ़ता तकराव अब सिर्फ युद्ध का सवाल नहीं रह गया, बलकि वैश्विक राजनीती, अर्थिवस्था और गड़बंधनों
08:59की परिक्षा बन चुका है।
09:00जब से युद्ध की शुरुवात हुई है, अमेरिकी राश्परी ट्रॉम्प के बयान लगातार सुर्ख्यों में, कभी जीत का वो दावा
09:06करते हैं, कभी चेताव नहीं देते हैं, और कभी बातचीत के संकेत देते हैं।
09:10बदलती रणनीती और सक्त शब्दों के बीच, दुनिया ये समझने की कोशिच करेए, कि आखिर इस संगर्ष की दिशा क्या
09:17होई।
09:18I Donald John Trump can solemnly swear, that I will faithfully execute the office of President of the United States,
09:31and will do the best of my ability, for that nation, war, war, war, war
09:51पिछले एक महिने से दुनिया एक ऐसा युद्ध देख रही है, जिसकी दिशा सिर्फ मिसाइले नहीं, बलकि अमेरिकी राश्पती ट्रम्प
09:57के बयान तेकर रही हैं।
10:09जोनरल ट्रम्प कभी युद्ध की समय सीमा बताते हैं।
10:20कभी युद्ध में जीत का दावा करते हैं।
10:37कभी इरान को निस नाबूत करने की कसमें खाते हैं।
10:5528 फरवरी को युएस और इस्राइल ने इरान पर हमला किया था।
10:59लेकिन रोजाना बदलते बयानों ने अमेरिका ही नहीं दुनिया को मुश्किल में डाल दिया था।
11:06पिशन 30-35 दिनों में अमेरिका, इरान और इसराइल की जंग को लेकर राशपती डॉनल्ड ट्रम्प के जितने भी बयान
11:12सामने आए हैं।
11:13उनके बाद ये समझपाना मुश्किल है कि आखिर ट्रम्प कहना क्या चाहते हैं।
11:17उनके दिमाग में आखिर चल क्या रहा है।
11:19क्योंकि गुरुवार की सुबह जब राशपती डॉनल्ड ट्रम्प देश के नाम संबोधन के लिए सामने आए
11:23तो करीब 19 मिनिट के भाषण में उन्होंने सबसे जबाद जोर इरान के साथ चल रही जंग को लेकरी दिया।
11:29मगर अब उनके इस भाषण के दो अर्थ लगाये जा रहे हैं।
11:32पहला इस बात को लेकर कि राशपती डॉनल्ड ट्रम्प इस युद्ध में उलज गए हैं और इससे बाहर निकलना चाहते
11:37हैं।
11:37वहीं दूसी तरफ आकलन ये भी लगाया जा रहा है कि ट्रम्प एक चेतावनी और संकेत दे रहे थे अगले
11:43महायुद्ध का।
11:44प्रेजिडंट ट्रम्प ने इस बार जो इस लड़ाई के सलसले में शुरुआत करी है अमेरिका और इसको इमिनेंट थ्रेट को
11:51बोलके जो कोई प्रूब नहीं कर पाया कि एरान से कोई थ्रट थी।
11:57और यह उस वक्त किया जिस वक्त दोनों के बीच में बाची चल रही है उमान के अंदर उमान उसको
12:04जो है बता रहा है कि एग्रिमेंट हो गया है नुकलियर उसके उपर में इरान पहली बार सबसे ज्यादे कंसेशन्स
12:10देने को त्यार हुआ था लेकिन उसके बार जैसे हो र
12:24हैं ट्रेड की हैं इंशोरेंस हैं सारी जगे एक तरह की समस्या खड़ी हो गई आखर के तो मैं समस्ता
12:31हूं कि दुनिया के अंदर एक बहुत बड़ी इनस्टेबिलिटी एक तरह से मैं कहूंगा फॉल्स क्लेम्स की वज़े से की
12:38ज़ई
12:41दो दिन पहने ही ट्रम्प ने इरान को सबसे बड़ी धमकी दी है वो ये कि अमेरिका आने वाले हफ्तों
12:46में इरान पर उतना जोरदार हमला करेगा कि उसे पाशान यूग में पहुँचा देगा यानि मानवी ध्यास के उस दौर
12:52में इरान को पहुँचा देगा जब इनसान
12:53अपने हर छोटे वड़े काम के लिए पत्थर के आउजारों का इस्तेमाल करता था यानि ट्रम्प साफ साफ ये कहना
13:00चाते हैं इरान को टेकनोलोजी के दोर से इतना पीछे कर देंगे कि ना उसकी मिसाइले बचेंगी ना उसके ड्रोन
13:06और ना ही परमानू हत्यानों के बार
13:36जिस मोड पर ये युद्ध है जांकार कहते हैं कि अगर ट्रम्प इरान युद्ध को इस मोड पर खत्म कर
13:41देते हैं तो ट्रम्प के मेक अमेरिका ग्रेट अगेन अभियान को तगड़ा जटका पहुँचा देगा
13:46ट्रम्प ने चुनाव से पहले दुनिया के नक्षे पर अमेरिकी दादागीरी को फिर से स्थापित करने के लिए M.E
13:51.G.A. और अमेरिका फरस्ट जैसे नारी दिये थे
14:09इसलिए विशर्शक की कहते हैं कि फिलाल अमेरिका पीछे नहीं हटेगा अब ये सिर्फ इरान इसराइल युद्ध नहीं बलकि अमेरिका
14:15की वेश्विक छवी का सवाल है
14:21अब ये अब आदमी सफर कर रहा है और दुनिया क्या अमेरिका में खुद सफरिंग हो रही है
14:26वहाँ पर और अल्रीडी ते ऑईल और गैस के दाम जो है वह इतने जाद़ बढ़ गए हैं हम देख
14:31रहे हैं कि वहां के लोग बहुत जाद़ परशान है
14:33जो एक मागा कॉंसिटुएंसी जो उनकी खुद उनको सपोर्ट करती है वो युद के खिलाफ थी और वो हमेशा सुचती
14:39थी कि ट्रम्प युद में नहीं जाएंगे
14:41तो वो हो रहा है दूसरा चीज ये गल्फ कंट्री बिचारे जो सोचते थे कि अमेरिका की सिक्यूरिटी हमारे पास
14:46है या हम पर अटैक नहीं होगा आज उनके अंदर बिलियन सब डॉलर का खर्चा हो रहा है
15:19साथ बढ़ते युद्ध के बीच ट्रम्प को जो मीत थी नाटो देशों से वहां से जटका लगा है
15:44और फिर यहीं से शुरू हुआ एक नया टक्राव जोनल्ट ट्रम्प ने सहीयोगियों के हिचकी चाहट पर खुल कर नाराजगी
15:50जताई और नाटो देशों को कमजोर और कायर तक बता दिया
16:11स्पेन ने दो तुक कह दिया कि वो इरान युद्ध के खिलाफ है फ्रांस ने कहा कि वो जंग का
16:15समर्था नहीं करता जर्मनी ने कहा ये गयर जिम्मेदारा ना है बिटेन ने कहा ये जंग उनकी नहीं है इटली
16:21ने एरवेस इस्तमाल करने से माना कर दिया पोलन ने एर डि�
16:44भार्मोज से खुद निकाले.
17:09ट्रम्प को ये भरोसा तो था कि उससे यूरूपिय देश नाराज हैं।
17:13लेकिन उसने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ये रोप और नाटो के सदस्ती देशों के नेता उस पर
17:17इतना तीखा पल अटवार करेंगे।
17:37खत्म करने की बात करते हैं, कभी नई सैनिक चयताव नहीं देते हैं।
17:41समर्थकों का कहना है कि ट्रम्प ताकत की भाषा समझते हैं और उसी में जवाब देना चाहते हैं।
17:47ट्रम्प इस बात को खुद मानते हैं कि उन्हें ये अंदाजा नहीं था कि ये लडाई लंबी चलेगी और अब
17:52तो ये सारी लडाई हॉर्मुज स्टेट पर आकर ठेहर गई है।
18:00तो ये जैसे कि कोई नुकलियर बंब होगा इसे नुकलियर बंब गरने से कोई देश तबाह होता है वैसे हिं
18:09हॉर्मुज स्टेट बंधोने से दुनिया के कई देश प्रभाविट हुए हैं।
18:15अब जैसे उन्हों ने कहा कि मैं हॉर्मूस से तेल कैसे निकलेगा ये मैं आप और लोगों पे छोड़ देता
18:22हूं
18:22पर प्रॉब्लम तो आप ने खड़ा किया उसके बाद कहते हैं इसको सुल्जाने में में कोई रोल नहीं ब्ले करूँगा
18:28तो ऐसा है तो फिर जो उनकी European allies है वो कहेंगे कि अगर हमारा interest यहां से oil लेना
18:34और आप कुछ नहीं करेंगे तो फिर हम आगे आपके साथ खड़े हों या नहीं
18:39और जो उनके गल के allies है जो अरब देश है जो oil produce कर रहे है जिसका उनको निर्याद
18:47बहुत जरूरी है उनकी अर्ध विवस्ता के लिए वो अगर नहीं कर पाएंगे और के देखते हैं कि अमेरिका उनके
18:53लिए कुछ नहीं कर रहा है तो उनकी उनकी उपर भी असर पड़ेगा
18:57और उसी तरह जो उनके Pacific में allies है जपान, Australia, South Korea उनकी उपर भी इसका negative consequence हो
19:06रहा है तो मुझे तो लगता है कि विश्यू के इस तरह पे इस नीती से अमेरिका ज़रूर कमजोर हो
19:12रहा है
19:14ट्रम के एक फैसली की वज़े से अब तक दुनिया के कुल 96 देशों में कच्चे तेल और नेचरल गैस
19:19का संकट खड़ा हो गया है
19:20UN Shipping Agency बता रही है कि युद्ध के बाद से हॉर्मोज स्टेट में 3200 से ज्यादा जहाज फसे हुए
19:27हैं जिन में 20,000 से ज्यादा नाविक भी हैं
19:29फसे हुए जहाजों में मुखिरूप से कच्चे तेल, LPG और LNG के टेंकर शामिल है
19:34इस स्टेट के बादित होने से दुनिया भर में इंधन, खादिपदार्थ, दवाएं और बहुत सी इलक्ट्रोनिक वस्थों की आपूर्ती और
19:40कीमत पर असर पड़ा हैं
20:04ट्रम्प का सार ये है कि जिसका तेल हर्मुस के रास्ते आता है, वो जाकर उसे खुलवा ले
20:08क्योंकि अमेरिका के पास भरपूर तेल है
20:10ट्रम्प भले ही अब ये सब कह रहे हो, लेकिन ट्रम्प इस तथे को नजर अंदास कर रहे हैं कि
20:15वो स्टेट और फॉर्मुस इस युद्ध के पहले तक सब के लिए खुला हुआ था
20:1828 फरवरी को इरान पर युएस ने हमला किया था और इरान ने इस समुद्रिमार को बंद कर दिया था
20:36डॉनल्ड ट्रम्प के दूसरे कारकाल ने अमेरीकी राजनीती और दुनिया की दिशा और दशा दोनों को तेजी से बदल दिया
20:43भारी टारिफ, सक्त एमिग्रेशन फैसले, सरकारी ढाचे में बड़े बदलाव और अंतराश्टे संस्थानों से दूरी
20:49ट्रम की नीतियों ने समर्थ को और आलशकों को आमने सामिला कर खड़ा कर दिया
21:22ट्रम कर वार ट राम सामिलेстве
21:25लृौpu EU उनलडडेस य हैma ऑलड इन्सीति वारिफ और दिय्कों वार
21:51पिछले 15 महिनों में दुनिया ने अमेरिका की ऐसे नीती देखी है जिसने सिर्फ देशों की सीमाएं ही नहीं बलकि
21:57वैश्वी कराजनी की किनियम भी बदल दी
22:29कभी लाखों लोगों का मांस डिपोर्टेशन, कभी व्यापार पर टैरिफ की चोट, कभी नागरेक्ता कानून को बदलने की कोशिश,
22:44तो कभी दूसरे देशों की सप्ता तक बदलने वाले ओपरेशन.
22:56जोर्नल्ड टरम्प के फैसले सिर्फ अमेर की डाजनीती तक सीमित नहीं रहे,
23:00बलकि दुनिया के हर महत्वीप पर उसका अस्तर महसूस किया गया.
23:05इसलिए सबसे बड़ी इस वकत ये है कि अमेरिका किसी को कन्विंस नहीं कर पा रहा है इस युद के
23:11क्या अबजेक्टिव्स थे,
23:12क्यों युद हुआ, तो इसलिए जो उनके सबसे बड़े खास नेटो पार्टनर्स हैं, यूरोपेन पार्टनर्स हैं, आप सोचिए कभी आख
23:18तक नहीं दिखा होगा आपने,
23:19कि उन्होंने स्पेन ने, फ्रांस ने, यूके ने, इटली ने, अमेरिकन बेसिस को इस्तवाल करने से मना कर दिया, एर
23:27स्पेस तक बंद कर दिया, कोई हल्प नहीं कर रहे हैं, इसराइल को यूके ने बंद कर दिया, अपना फ्रांस
23:33ने और यूके ने वो भेजने के लिए,
23:35तो मेरा मानना ये है के और एशिया में तो सब कंट्रीज सफर करी रहे हैं तो इसका फाइदा किसको
23:41हुआ देखिए चाइना चुपचा बैठे उसका फाइदा उठा रहा है रश्या को ऑईल की प्राइसे बढ़ गए तो उसको फाइदा
23:48हुआ सेंक्शन सट गई इरान का खु
24:05मास डिपोर्टेशन टरंप प्रशासन की सबसे कठोड नीती रही बड़े पैमानी पर अमेरिका से अवैद रूप से रह रहे लोगों
24:13को डिपोर्ट किया गया
24:21दो हजार चब्यस की शुरुवात तक लगभग पांच लाग चालीस हजार लोगों को देश से बाहर भेजा गया
24:34इस अभ्यान में कारगो विमानों का इस्तिमाल हुआ और दुनिया भर में अवैद तरीके से रहे लोगों को उनके देश
24:40भेजा गया
24:41भारत में भी सेक्रों लोगों को भेजा गया जो वैद तरीके से यूएस पहुंचे थे
24:53डोनल्ड ट्रम्प की वापसी के बाग सबसे बड़ा जटका दुनिया को ग्यापार नीटी में मिला
25:01अमेरिका फर्स्ट के नाम पर ट्रम्प ने आयात करने वाले सामानों पर भारी टैरिफ लगा दिए
25:10भारत, कैनेडा, मेक्सिको, योरोप, चीन पर नए अर्थिक दवाव बन गये
25:15इन टैरिफ्स का असर सिर्फ कूट नीती तक्सीमित नहीं रहा
25:18वेश्विक शेर बाजारों में गिरावट देखने को मिली और निवेशकों में धर का माहौल बन गया
25:24ट्रम्प के दूसरे कारेकाल के विबादित फैसलों में एक बड़ा मुद्दा रहा टैरिफ वार भी
25:28राष्टपती बनने के बाद ट्रम्प ने साफ संदेश दिया कि अब व्यापार भी राष्ट्रिय सुरक्षा का मुद्दा है
25:34भारत समेत दुनिया के कई देशों पर उन्होंने भारी भरकम टैरिफ लगाए यूरॉप के सहियोगियों को भी कोई रियायत नहीं
25:40थी भारी टैरिफ उन पर भी लगाए गए
25:42ट्रम्प का तर्फ था कि दर्शकों से अमेरिका के साथ व्यापार में नाइंसाफी हो रही है अमेरिका घाटे का सामना
25:48कर रहा है और इसी लिए उनकी अमेरिका फर्स्ट की नीती में टैरिफ एक मजबूत हथियार है जिसका वो खुलकर
25:55इस्तमाल करेंगे
26:12थी वो इनको नहीं पा सके तो उनके प्रड़क्शन पर असर हो रहा था फिर ट्रम्प ने अपना पॉलिसी बदल
26:18दिया तो वो भी समझ गया है कि अगर वो ट्रेड वार के लुक में जाते हैं तो बाकी देश
26:24भी रियाट करेंगे और अमरेकी अत्वेस्ता पर भी नेगेट
26:41था कि वो अमेरिका में इंवेस्ट करेंगे यॉरप ने कहा कि हम 600 बिलियन डॉलर इंवेस्ट करेंगे जपैन ने कहा
26:48हम 500 बिलियन डॉलर इंवेस्ट करेंगे साथ कोरिया ने कहा 350 बिलियन डॉलर इंवेस्ट करेंगे तो उनकी ये रानिती है
26:55कि अमेरिका में मैनुफाक्ट
26:57बढ़े और बाकी देश अमेरिका में आके इंवेस्ट करें ताकि जो 1990 के बाद हुआ था तो उस ट्रेंड को
27:06वो थोड़ा बदल सके।
27:29जोनल्ड ट्रम्प के सबसे विवादित घरेलू फैसलों में से एक है बर्थ राइट सिटीजन्शिप को खत्म करने की कोशिश एक
27:36एक एक्जिक्टिव और्डर के जरिये उन्होंने प्रस्ताव रखा कि गयर नागरिकों के बच्चों को जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरि
27:55ये फैसला सीधे अमेर की सम्भिधान के चौदवे संचोधन के खिलाब था नतीजा ये हुआ कि मामला कोर्ट में चला
28:02गया
28:03और सुप्रिम कोर्ट जून में अपना फैसला सुनाने वाली है समर्थकों का कहना है कि इस से अवैद इमिग्रेशन पर
28:11रोक लगेगी लेकिन विरोधियों ने कहा था कि अमेरिकी पहचान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है
28:22टरम्प शासन का सबसे चौकाने वाला प्रयोग रहा था Department of Government Efficiency यानि DOG
28:29इस विवाद की कमान दी गई थी अरबपती एलन मस्क को टरम्प का लक्ष था कि सरकारी खर्च कम हो
28:36एजन्सियों को रिस्ट्रक्चर किया जाए लेकिन जल्द ही विवाद शुरू हो गया
28:44USAID समेट कई संगस्थाओं के कारिकरम बंद कर दिये गए और रिपोर्ट्स के मुताबिक 80 प्रतिशत से ज्यादा योजनाएं खत्म
28:51कर दी गई
28:55सरकार का दावा था कि टेक्स पेर्स का पैसा बचाये जा रहा है लेकिन आलोचकों का रोब था कि मानवी
29:01ये सहायता और वेट्ट्रिक विकास कारिकरम कमजोर किये जा रहे हैं
29:07ट्रम्प ने दूसरी बार सत्ता में आते हीं अमेरिका को डबलु एचो और पेरिस क्लाइमेट समझोते से बाहर निकाल लिया
29:13था
29:14ट्रम्प का कहना था कि ये संगस्थाएं अमेरिका के आर्थी कितों के खिलाफ काम करते और राजनिती पक्षपात से प्रभावी
29:21थे
29:22अभी जो भी यूएस कर रहा है नेटों तो खैर उनका अपना एक गुट है लेकिन उनाइटे नेशन को भी
29:30कोई मात्व नहीं दे रहे हैं और करीब 60-70 इंटरनाशनल और अमेरिका बाहर निकलाया है
29:35तो उनकी अभी ये पॉलिसी रही है कि अमेरिका जो चाहता है वो अनाउंस करेगा उसको इंक्रिमेंट करेगा
29:43मल्टिलाइटरल ग्रूपिंग या इंटरनाशनल और्गनाईजेशन के थ्रू कॉर्डिन नहीं करेगा
29:47वो कहते हैं यह हमारी सॉवरेंटी है हम अपनी सॉवरेंटी को ध्यार में रखते हुए
29:51जो हम अपने हित में समझेंगे फैसला लेंगे
29:53लेकिन मेरा ख्याल है कि लॉंग टर्म में इसका अमेरिका पे नहीं तर्व इंपैक्ट होगा
30:02दुनिया भर के स्वास्थ विशेशग्यों ने कहा कि महामारी जैसे संकटों में वेश्टीक सहयोग कमजोर होगा
30:08परियावरण विशेशग्यों ने कहा कि जलवायू बदलाव के खिलाफ लडाई को बड़ा जटका लगेगा
30:14लेकिन एक बार जब टरंप ने फैसला कर लिया तो यूएस आज तक डबलो एचो और पेरिस क्लाइमिट समझाओते से
30:21बाहर है
30:25टीम जनवरी की ये तस्वीर है जब टरंप के आदेश पर वेनेज्वेला पर आधी रात को हमला किया गया था
30:41वेनेज्वाला के राखपती निकोलस मादुरो को और उनकी पतनी सीलिया एडेला को अमेर की सैनिक अगवा कर लेते हैं
31:05आख आविकी मेल्सकतव की पस्तराश मVES Resource
31:10वर्टल्स के लावेला है
31:13सबस्स चॉड़ की स्वीं दोरॉट्रस की स्टर्का स्वीं
31:47दुनिया हैरान रह गई थी इस ओप्रेशन को देख कर क्योंकि इस बार किसी स्वतंत्र देश के निरवाची तराश्पती को
31:54उसी के देश से अगवा कर लिया गया था
31:56अमेरिका इस बार तेल के बहाने से नहीं उलज रहा था वेनेजवेला से इस बार ड्रग्स सप्लाइ कारोप लगा रहा
32:03था
32:49दरसल वेनेजवेला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है
32:52आकड़ों के मुताबिक इस लेटिन अमेर की देश के पास 300 अरब बैरल से ज्यादा कच्चा तेल मौजूद है
32:58ये दुनिया के कुल तेल भंडार का करीब 17-18 फीस भी हिस्सा है
33:02यानि हर पांचवा बैरल तेल वेनेजवेला की धर्ती के नीचे दबा हुआ है
33:07और वही हाल इरान का भी है
33:09इरान दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है
33:13और यहां भी सब्ता परिवर्तन की कोशिश में अमेरिका लगा हुआ है
33:24ट्रप अपने फैसलों की वज़ा से सुर्क्यों में है
33:27पहले आलेंड हमस्स से रिषता तूड़ गया
33:34और फिर कई दश को पुराने रिष्तों की कथित फाइल साम्दे आ गई
33:37विपक्ष एपस्टीन फाइल की जांच की मांग कर रहा है
33:40लेकिन विवादों की वजह से ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग गिरकर 36 फीस दी रह गई है
33:45इसलिए कुछ विश्यजिपकर का मानना है कि ट्रम्प के लिए एरान युद भी एक दाउं है
33:50जिसे जीत का ट्रम्प जनता के बीज रेटिंग सुधारना चाहते है
34:22ड्रम्प का दूसरा कारिकाल सिर्फ फैसलों की कहानी नहीं है
34:26बलकि तूपते रिष्टों, बढ़ते विवादों और बदलते जन्मत की कहानी बन चुका है
34:42कभी साथ खड़े दिखने वाले सहयोगी अब दूर नजर आ रहे हैं
34:46पुरानी विवाद फिर से स्तुर्खियों में है
34:53और युद्ध के बीच राश्टपती की लुक प्रियता भी लगातार गिर रही है
35:11जर्नल ट्रम्प और एलन बस्क दो ऐसे नाम जो अलग लग दुनिया से आते हैं
35:16लेकिन अमेर्की चुनाव से पहले अमेर्की राजनीती और टेकनलोजी की सबसे चर्ची जोड़ी बन गई थी
35:29ट्रम्प की सत्ता में वापसी के बाद दोनों का रिष्टा और मजबूत हो गया और सिर्फ मजबूत ही नहीं हुआ
35:37ट्रम्प ने सरकारी धाचे में बड़े बदलाव की जब योजना बनाई तो Department of Government Efficiency यानि DOG की जिम्मेदारी
35:45एलन मस्क को दी गई
35:46ले टे प्रम्पक्राइ और स्थी नहीं है।
36:29मस्क का मिशन साफ था, सरकारी खर्च कम करना, एजेंसियों को छोटा करना और सिस्टम को कॉर्पोरेट मॉडल की तरह
36:36चलाना, शुरुवात में ट्रम्प ने मस्क को खुली छूट दी, कई सरकारी कारिकरम बंद कर दिये गए,
36:42USAID जैसी एजेंसियों के दर्शनों प्रोजेक्ट खत्म कर दिये गए, लेकिन यहीं से मतभेज शुरू हुआ है.
37:18तनाव तब खुल कर सामने आया, जब मस्क ने कुछ नीतियों पर सार्वजनिक रूप से असहमती जटाई.
37:25धीरे धीरे दोनों के बीच दूरी बढ़ती गई और आखिरकार मस्क अमेर की राजनीती से आउट हो गए.
37:32एपस्टीन फाइल्स ये नाम पिछले कुछ महिनों से अमेर की राजनीती, सत्ता और हाई प्रोफाइल हस्तियों की बीच सबसे बड़े
37:40विवादों में शामिल रहा है.
37:42जेफरी एपस्टीन एक अमेर की फाइनेंसर था, जिस पर नावाली लड़कियों के साथ यौन शोषण और हुमन टैफिकिंग नेटवर्क चलाने
37:49के गंभीर आरोप थे.
37:502019 में ग्रफतारी के बाद जेल में स्तंदिग्द मौत हो गई, लेकिन उसके साथ जूड़े लोगों की लिस्ट यानि कतित
37:57एपस्टीन फाइल्स धीरे-धीरे सामने आने लगी.
38:20युद्ध होता है, तो युद्ध के बाद आप जाते हैं कि जादे तर देशों के अंदर लोग एक साथ गवर्मेंट
38:25के साथ खड़ जाते हैं, लेकिन वहां पर ऐसा नहीं हुआ है, अभी एक सर्वे आया है जिसमें 66%
38:31लोगों ने ये बात कही है, अमेरिकन्स ने, कि यह ज
38:50करता है कि प्रेजडन्ट ट्रम्प इस वार में फस गए और फसे हैं नेतान्याहू की बज़े से.
38:59इन फाइल्स में उन प्रभाव शादी लोगों के नाम है, जो एपस्टिन के संपर्क में थे, या उनकी नीजी पार्टियों
39:04में शामिल हुए थे, और हज़ारों फाइलों में से एक फाइल में डॉनल्ट ट्रम्प का भी नाम है.
39:13उनी सुनब्बे और दो हजार के दशक की कुछ पुरानी तस्वीरे और अलग-अलग कारिक्रमों के रिकॉर्ड सामने आए, जिनमें
39:21ट्रम्प और एपस्टिन एक साफ नजर आए थे, हलाकि ट्रम्प ने बार-बार कहा है कि उनका किसी भी अवैद
39:26गतिविधी से कोई संब
39:28बंद नहीं रहा, लेकिन विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि एपस्टिन से जोड़ी पूरी फाइल सार्वजनिक की जाए, ताकि
39:34सच सामने आ सके।
40:08कभी अमेरिका की राजनीती के सबसे ताकतवर और लोगप्रिय चेहरा माने जाते थे, आज अपने ही फैसलों के बोज तले
40:16घिरते नजर आ रहे हैं।
40:23इरान के साथ जारी खतरनाक युद्ध ने टरंप की छवी और भरोसे को भी गहरा जटका दिया है।
40:30ताजा आकड़े बताते हैं कि उनकी लोगप्रियता तेजी से गिर रही है और जो मदाता कभी उनके सबसे बड़े समर्थक
40:37थे, आज अब उनसे दूरी बनाते दिख रहे हैं।
40:40देखें, अमेरिका फर्स्ट की जो उनकी नीती है, वो प्रेज़िडेंट ट्रॉम्प के लिए राजनेतिक तोर पर फाहिदमन जरूर है।
41:00ट्रॉम्प की नेट अप्रूवल रेटिंग किरकर माइनस 17 तक पहुँच गई है, जो उनके राजनेतिक करियर के लिए बड़े खत्रे
41:07का संकेत माना जा रहा है।
41:08उनकी रेटिंग इस समय अमेरिका के पूरू राश्पती जीमी काटर, रोनाल्ड रिगन और जो बाइडन राश्पतियों से भी नीचे चली
41:15गई है।
41:18टरम्प के दूसरे कारिकाल की शुरुवार अच्छी रेटिंग के साथ हुई थी, लेकिन जैसे जैसे इरान के साथ युद्ध लंबा
41:24खीशता चला गया, जनता का भरोसा तूटता जा रहा है।
41:28फॉक्स न्यूस के सर्वे ने भी उनकी चिंता बढ़ा दी, 26 मार्च को ताजा आकड़ों में कई चोकाने वाले खुला
41:35से सामने आएं।
41:57अब ही असंतोश बढ़ रहा है। टरंप की सबसे बड़ी ताकत उनका मेगा समर्थक आधार रहा है, लेकिन एम हस्ट
42:05के सर्वे के अनुसार अब केवल 33 प्रतिशत लोगी जनल टरंप के साथ है।
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