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क्या दुनिया पर मंडरा रहा परमाणु बम का खतरा? देखें अद्भुत अविश्वसनीय अकल्पनीय
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00:07नवस्कार मैं हूँ श्वेता सिंग और आप देख रहे हैं अद्भुत और विश्वस्निय और कल्पनिय आटम यानि परमानू जिसे आप
00:16धर्ती का सबसे छोटा हिस्सा मान सकते हैं जिससे स्रिष्टी के हर चीज बनी है यही आटम या परमानू जब
00:24उर्जा के रूप में हो
00:25तो उसका इस्तिमाल अद्भुत विकास के लिए किया जा सकता है और अविश्वसनिय विनाश्ट के लिए भी विकास ऐसा की
00:34नई सभ्यताएं बस जाए और विनाश ऐसा की बसी हुई सभ्यताएं हमेशा के लिए खत्म हो जाए
00:40आज अगले एक घंटे में जानिये इसी परमाणू की उस अद्बुत ताकत के बारे में जो अगर विनाश पर आ
00:48गया तो क्या होगा
00:49वो क्या अकल्पनिये द्रिश्य पैदा होंगे अगर ये दुनिया एक बार फिर से परमाणू युद्ध की गवाह बन जाए और
00:57परमाणू युद्ध छिडा तो आप पर क्या आसर होगा
01:35किसी भी युद्ध को रोकने का सबसे बड़ा रास्ता है परमाणू
01:41किसी भी युद्ध का सबसे भयावः अंजाम है परमाणू
01:47जिसका आविशकार मानव सभ्यता के सबसे महत्वपूर्ण आविशकारों में से एक माना गया
01:52उर्जा का अब प्रतिम स्रोथ मेडिकल साइंस के लिए क्रांती
01:58लेकिन विनाश पर आमादा दुनिया के लिए सबसे भयावे अंत
02:05जितनी अध्भुत है परमाणू बम की सनरचना उससे होने वाली तबाही उससे कहीं अधिक अविश्वस्नी है
02:15आज हम आपको दुनिया के सबसे भयंकर और विनाशकारी फ्यार की अकल्पनी अक्षमताओं के बारे में बताएंगे
02:26ये दिखाएंगे कि आखिर इरान अमेरिका युद्ध के परमाणू वाले अंजाम से क्यों घबराना चाहिए
02:34क्योंकि अगर परमाणू बम चलता है तो सेकेंड्स के अंदर अर्बो इंसान भाप बनकर उड़ जाएंगे
02:43बरसों बरसों के लिए सूरज पर काला ग्रिहन लग जाएगा
02:50कई साल तक आस्मान से काला धुआ ही नहीं झढ़ सकेगा
02:57पूरी प्रित्वी बरफ की मोटी चादर के नीचे सिमट जाएगी
03:01हमारी धर्ती जो आज नीली दिखती है वो जली हुई
03:05और कुछ इस तरह की वीरान दिखने लगेगी
03:12ना अन्नो उगेगा ना फसले लह लहाएंगी
03:16ना पीने का पानी बचेगा
03:20ना सांस लेने के लिए हवा
03:24और हमेशा के लिए धर्ती से हो जाएगा
03:27मानव सभ्यता का दुखदंद
03:32परमाणू बम की जंग में हारने वाला खत्म हो जाता है
03:35और जीतने वाला भी सब कुछ हार जाता है
03:43इरान जुकने को तयार नहीं
03:44अमेरिका जीते बगएर निकलने को तयार नहीं
03:47ये बिल्कुल वही हालात बन रहे हैं जो 1945 में बने थी
03:51जब जपान ने परल हाबर पर हमला करके
03:54अमेरिका के घुरूर को चोट पहुँचाई थी
03:57बदले में अमेरिका ने हिरोशिमा और नागसाकी पर
04:00परमाणू बम गिरा दिया क्या इरान का भविश्य भी उधर ही जा रहा है
04:05क्या होगा अगर तहरान पर एक परमाणू हमला हो जाता है
04:11एक राजनाइक का इस्तीफा संयुक्त राष्ट्र पर आरोब
04:1790 लाख की आवादी पर खतरा पैट्रियोटिक विजन एसोसियेशन के लिए
04:22लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधी और राजनाइक मोहमद सफा ने
04:27अपने पन से इस्तीफा ये कहते हुए दे दिया
04:30कि संयुक्त राष्ट्र इरान में संभावित परमाणू हत्यार के उपयोग की तैयारी कर रहा है
04:35सफा के इस कदम ने दुनिया के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है
04:40क्या कुछ बहुत अकल्पनिय होने वाला है जो अविश्वस्नियत तबाही लेकर आ सकता
04:48कि जब हिरोश्यमा नागासाखी में मुश्किल से पंधे 20,000 TNT का बॉम गिराए गया था
04:56तो वहाँ पर 2,000,000 लोगों के बिप्ति हुई थी और ये 1945 तक के आकड़े हैं
05:02उसके बाद भी बहुत सारे लोग वहाँ पर रेडियो अक्टिविटी के दुष्वभावों से सफर करते रहें
05:07तो अगर इरान जैसे देश में आज की समय में उस समय से कहीं ज्यादा पारफुल बॉम से आक्रमन हुआ
05:17तो ये बात निश्चित है कि बहुत बड़ी तबाही होगी और शायद मिलियन्स के संख्या में लोगों का आंत हो
05:24सकता है
05:24लेकिन आप एक चीज और देखिये जो इरान की सिती है वहाँ पर इसके चारों तरफ या तो पानी है
05:31या उसके बाद पर एक गल्स्टीम है या इस तरह के एरियास है
05:35तो अगर नुक्लियर बॉब से अटैक हिया जाता है उसकी जो रेडियो एक्टिविटी रिजल्टिंग होगी वो रेडियो एक्टिविटी वहाँ पर
05:43अगर पानी में बिल जाती है तो उस पानी के माध्यम से ये दूसरी जगह भी फैल सकती है
05:48यह सही है कि समुद्र के पानी में मिलने के बाद उसका डालूशन होगा लेकिन पानी के धाराओं से वह
05:53आगे पहुंसकती है और जो अडोस-पडोस के वो देश जो अमेरिका के मित्र है उनको भी नुक्सान पहुंसकता है
06:03क्या होगा अगर इरान पर परमाणू हमला हो जाए क्या सिर्फ इरान ही तबाह होगा या फिर पूरा मिडल इस्ट
06:10या फिर पूरी दुनिया ही इसकी चपेट में आ जाएगी
06:13आज हम आपको बताएंगे एक नुक्लियर हमले के बाद का वो खौफनाक सच जो रोंगटे खड़े कर देगा इरान का
06:20सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है तहरान जहां लगभग 90 लाख लोग रहते हैं
06:26पश्चिमी एशिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर है तहरान तहरान जिसकी जिद पर अमेरिका इसराइल की नजर है क्या
06:34हो अगर तहरान पर अमेरिका इसराइल परमाणू हमला कर दें
06:46तहरान में कुछ ही सेकंड में लाखों लोग मारे जाएंगे जबरदस्थ धमाका होगा जो कई किलोमीटर दूर से नजर आएगा
06:53गर्मी और रेडियेशन सब कुछ एक साथ तबाही मचाएंगे
07:04धमाके के बाद पूरे शेहर में भयंकर आग लग जाएगी यह कोई मामूली आग नहीं होगी बल्कि अकल्प नियव फाइरस्टॉर्म
07:11होगा जो सब कुछ जलाकर राह कर देगा
07:22ब्लास्ट रेडियस में पढ़ने वाली सारी इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी शौक वेव से इमारतों की नीव
07:29तक हिल जाएगी और इमारतें भरभरा कर गिर जाएगी
07:32बिजली, पानी, इंटरनेट, ट्रांस्पोर्ट सब खत्म हो जाएगा शहर रहने लायक नहीं बचेगा नुकसान शौक वेव से होता है जो
07:41गरज या सौनिक बूम से भी कहीं ज्यादा ताकतवर होती
07:45दस मील दूर तक खिड़कियां तूट जाएगी, दस किलो टन के परमाणूव स्पोर्ट में ये नुकसान ग्राउंड जीरो से लगभग,
07:53तीन मील की दूरी तक दिखाई देगा
08:01ब्लास्ट रेडियस में जो अस्पताल होंगे, वो किसी काम के नहीं रह जाएगे
08:06लाखों जले हुए घायल लोगों को बचाने के लिए दूसरे शहरों से लोग आएंगे, लेकिन इलाज के लिए ना डॉक्टर
08:12होंगे, ना दवाईयां, पूरा हेल्थ सिस्टम मिनटों में डह जाएगा
08:22रेडियो एक्टिव गण हवा के साथ हजारों किलो मीटर तक फैल जाएंगे, यहां तक की पडोसी देश भी इसकी चपेट
08:29में आ सकते
08:39लाखों करोडों लोग जान बचा कर भागेंगे, पूरी दुनिया के लिए ये एक बड़ा मानविय संकट बन जाएगा
08:45जो बच जाएंगे, उन्हें सालों तक कैंसर जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ेगा
08:57अगर कई परमाणू हमले एक के बाद एक होते हैं, तो धुआ सूरज को ढख सकता है
09:03तापमान गिर जाएगा, खेटी बरबाद होगी और आसपास के कई देशों में भुक्मरी फैल सकती है
09:09इसलिए पूरी दुनिया चिंता में है और जल्द से जल्द शान्ती की उमीद कर रही है
09:18स्टेटिस अब दो वर्ल्द स्नुक्लिय फोसल्स की रिपोर्ट के अनुसार रूस के पास सबसे अधिक लगभग 5500 परमाणू बं है
09:26अमरिका के पास 5044 चीन के पास करीब 500 फ्रांक्स के पास 290 इंगलिंड के पास 225 भारत के पास
09:35172 पाकिस्तान के पास 170 इस्रेल के पास 90 नौथ कोरिया के पास 50 लेकिन क्या हो अगर ये सारे
09:45बं एक साथ फट जाए तो
10:19अगर पूरी दुनिया में मौझूद परमाणू बं हो की संख्या जोड दी जाए
10:23तो ये 12,000 से अधिक है अगर एक साथ चल जाएं तो क्या होगा इस सवाल का जवाब और
10:31कल लिया है
10:33क्योंकि तब तबाही का अंदाजा लगा पाना ही संभव नहीं लेकिन अगर परमाणू युद्ध अलग-अलग स्थिदियों में हो जाता
10:41है तब क्या असर पड़ेगा इसके जवाब में तबाही का अंदाजा और विश्वस नहीं है
10:58कई बार ये सवाल भी उठता है कि सीमित यक शेत्रिय परमाणू युद्ध हुआ तो क्या होगा
11:04International Physicians for the Prevention of Nuclear War की रिपोर्ट सपष्ट करती है कि इस थिती में भी पूरी दुनिया
11:12में तबाही मत जाएगी
11:18दुनिया के कुल परमाणू हथियारों के एक बटा बीस से भी कम के इस्तिमाल वाला युद्ध भी वैश्विक जलवायू को
11:25बुरी तरह प्रभावित कर सकता है
11:27पूरी दुनिया की खाद्य आपूर्ती श्रिंखलाओं को ध्वस्त कर सकता है और सामाजिक व्यवस्था को चर्मरा सकता है
11:34भुक मरी और अशान्ती के कारण सेक्डों मिलियन लोग मारे जा सकते हैं ऐसा भी हो सकता है कि मरने
11:41वालूं की संख्या अर्वों तक पहुँच जाए
11:48IPPNW की रिपोर्ट में ये भी बताया गया है
11:54कि दुनिया के परमाणू हतियारों के तीन प्रतिशत से भी कम इस्तेमाल से भारत और पाकिस्तान के बीच अगर परमाणू
12:01युद्ध होता है तो ये प्रित्वी पर हर तीसरे व्यक्ति की जान ले लेगा
12:05और वैश्विक औसत तापमान लगभग 1.3 डिगरी सेल्सियस तक गिर जाएगा
12:11और अगर कुल 10,044 परमाणू बम रखने वाले रूस अमेरिका के बीच भीशन परमाणू युद्ध छिड़ गया
12:18तो कुलाट अरब की आबादी वाली दुनिया में से 5 अरब लोगों की सीधे तोर पर जान चली जाएगी
12:29इसके बाद बची मानव संभ्यता के लिए भी भूख और बीमारियों से बचना संभब नहीं हो सकेगा
12:35ये तबाही और कल्पनिय होगी
12:42मौत के आकड़े अविश्वसनिय लग सकते हैं लेकिन अकल्पनिय बाद ये है कि सच यही है
12:50इसे और आसान करके समझाते हैं
12:53न्यूकलिया फैमिन 2022 की रिपोर्ट कहती है
12:58कि अगर 15 किलो टन के 100 परमाणू बम चलते हैं तो 2.7 करोड लोग तुरंत मर जाएंगे
13:05और 26 करोड लोग 2 साल के अंदर भूख और बीमारी से अपनी जान गवा बैठेंगे
13:11अगर 15 किलो टन के 200 परमाणू बम चलते हैं तो 5.2 करोड लोग तुरंत अपनी जान खो बैठेंगे
13:19और 93 करोड लोगों की जान 2 साल के भीतर भूख बीमारी से चली जाएगी
13:25अगर 50 किलो टंके 2.500 पर्माणु बम चलते हैं
13:29तो 9.7 करोण लोगों की जान सुरंथ चली जाएगी
13:33और 1.4 अरब लोगों की जान 2 साल के अंदर भूक और बीमारी से चली जाएगी
13:39अगर 100 किलो टंके 2.6 करोण लोग तुरंथ मर जाएगे
13:47और 2.1 अरब लोगों की जान 2 साल के अंदर भूख और बीमारी से चली जाएगी
13:53अगर 100 किलो टन के 500 बरमाणू बम चल जाते हैं
13:57तो 16.4 करोड लोग तुरंट जान से जाएगे
14:00और 2.5 अरब लोगों की मृत्यू 2 साल के अंदर भूख और बीमारी से हो जाएगी
14:18यानि केवल 500 आटम बॉम एक चौथाई से अधिक दुनिया को खत्म कर सकते हैं
14:24जबकि दुनिया में 12,000 से अधिक बम मौजूद है
14:30यह समझ पाना अविश्वस निये है
14:33लेकिन दुनिया की राजनीती में कुछ सनक भरे निर्णे
14:37पूरी मानव सभ्यता का नामो निशान मिटा सकते हैं
14:50अगर एक अकल्पनिय परमाणू युद्ध छिड़ गया
14:53दुनिया पर अविश्वस निये अंधेरा चा जाएगा
14:56आसमान में धुए राख और जहरीली धूल का बड़ा गुबार उठेगा
15:01और सूरज की रोश्णी को रोप देगा
15:03धर्ती पर लंबे समय तक ठंड और अंधकार चा जाएगा
15:07तापमान अचानक गिर जाएगा
15:10फसलें बरबाद होंगी
15:11खाने का संकट गहरा जाएगा
15:13इसका असर सालों तक रह सकता है
15:15इसी को कहते हैं नूक्लियर विंटर
15:19ये वैज्यानिकों की एक कल्पना है
15:21लेकिन असली हालात इससे और अधिक भयावा हो सकते हैं
15:32एक परमानू विस्पोट ऐसा होता है
15:35जैसे एक पल के लिए सूरज का एक टुकड़ा प्रित्वी की सतह पर आ गया
15:44इतनी आग, इतनी गर्मी, इतनी तबाही कि सोच भी नहीं सकते
15:52यूँ समझ लीजिए जैसे एक विशाल काई माचिस से शहरों में आग लगा दी गई हो
16:00परमानू हमले की उर्जा का एक तिहाई हिस्सा रोशनी और गर्मी के रूप में निकलता है
16:05और इस हमले के बाद जो आता है, वो पूरी मानव सभिता को तबाह करने के लिए काफी है
16:17परमानू धमाके से मौते उनकी तो होती ही है, जो लक्ष के आसपास होते हैं
16:25लेकिन एक और बड़ा असर भी होता है, जो कई सालों तक चलने वाला होता है
16:30ये होता है नूकलियर विंटर
16:46परमानू धमाके में आग के गोलों से निकलने वाला धुआ बहुत उचाई तक वायू मंदल में चला जाता है
16:52इतनी उचाई तक कि ये सूरज के सामने एक काली परफ बना देता है और सूरज की रोशनी को सोख
16:59लेता है
17:01ये उपरी वायू मंदल में वर्षों तक बना रह सकता है क्योंकि वहां बारिश नहीं होती जो इसे नीचे ला
17:08सके
17:13नुक्लियर विंटर से मतलब ये है कि अगर कभी नुक्लियर गुराय जाता है तो उसकी वजह से जो विस्फोट होता
17:19है उससे आसपास की चाहे मिट्टी हो या दूसरी चीजे हो इन सब का जो आप कहिए कि जो धुआ
17:25है वो ऊपर आस्मान में जाता है आस्मान में जाने के �
17:28पाज ये हवाओ के कारण चारों तरफ फैल जाएगा और धर्ती के ऊपर डिपेंडिंग अपन कितनी मिटी ऊपर गई है
17:35कितना धुआ उपर गया है बहुत दूर-दूर तक के खेत्र में ये फैल जाएगा और उससे यहां तक की
17:41सूरज का जो आने वाला प्रकाश है वो भी
17:44धर्ती तक नहीं पहुंचेगा लेकिन जानते हैं जितना अकल्पनिये विनाश एक परमाणू धमा का फॉरण लेकर आता है उससे भी
17:55ज्यादा अविश्वस्नियत तबाही न्यूक्लियर विंटर या परमाणू शीतकाल लेकर आता है
18:04दरसल दुनिया में कहीं भी केवल सौ परमाणू हतियार इस्तमाल होने पर जलवायू और खेती इतनी खराब हो सकती है
18:12कि दो अरब से ज्यादा लोगों की जान खत्रे में पड़ जाए
18:17पूरी दुनिया में ऐसी भुक्बरी फैल सकती है कि कुछी सालों में जीवन खत्म हो जाए
18:22दरसल न्यूक्लियर विंटर का सबसे बड़ा असर खाने की कमी होगा
18:29चार-पांच साल तक फसल उगाना लगभग नामुम्किन हो सकता है
18:34दूसरे देशों से भी खाना मिलना मुश्किल हो जाएगा
18:37दवाईयों की कमी होग बीमारियां बढ़ने प्रदूशन, मानसिक तनाव और रेडियेशन जैसी कई समस्याएं पर जाएगे
18:45धमाके से बचे लोग ठंड, भूख और मानसिक तनाव से धीरे-धीरे मरने लगेंगे
18:51कुछी समय में फूर्ट चेन तूट जाएगी
18:54पौधे खत्म होंगे फिर उन पर निर्भध जानवर मरने लगेंगे
19:00खाना, पानी और रहने की जगे के लिए लोग आपस में लड़ जाएगे
19:04सामाजिक व्यवस्था तूट जाएगी
19:06सूरज की रोशनी नव मिलने से पौधों में फोटो सिंथिस बंद हो जाएगा
19:10जिससे फसलें पूरी तरह खराब हो जाएगी
19:28हम जानते हैं कि सूरज एक तरह से इसलिए शायद उसको देवताया प्रगवान माना जाता है
19:33तो कि उसी के वज़े से हवाई चलती है
19:35उसी के वज़े से पानी से भाब बनती है और वर्शा होती है
19:38उसी के वज़े से हमारी फसले पकती है
19:40तो ऐसा अगर हुआ
19:43और नुकलियर विंटर आया, याने नुकलियर बॉम के विस्फोट के कारण से सूरस से आने वाली उर्जा पिठ्वी तक नहीं
19:50पहुँचेगी, तो पिठ्वी पर भीरे धीरे प्रकाश रबाना खत्म हो जाएगा, तो यहां पर फसल नहीं पकेगी, यहां पर हवाय
19:58नहीं चल
20:10करता है डिपेंडिंग अपन कितना बड़ा बॉम था और उसकी वजह से वो सिती हो जाएगी जो किसी आई सेज
20:17में हुआ करती थी क्योंकि प्रिथी पर तापमान भी बहुत कम हो जाएगा फसल यहां पर नहीं उगेगी अंधिरा हो
20:23जाएगा चुकि उपर से प्रकाश नहीं �
20:25आएगा तो यह अगले आने वाले दस्यों साल के लिए में भी 30 साल 40 साल पचास साल के लिए
20:31न्यूक्लियर विंटर यहां पर जीवन को तीरी दीरे समाप्टर देगा
20:40कुल मिलाकर जनसंख्या तीजी से घटे ही जिससे इंसानों के पूरी तरह खत्म होने का खत्रा पैदा हो सकता है
20:54हिरोश्यमा नागा साकी में कितनी भयंकर तबाही हुई थी इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि एक
21:00परमाणू बम जब फटता है तो क्या होता है
21:03एक मध्यमाकार का परमाणू बम फटने से फायबॉल या आग का गुला करीब एक से दो किलोमीटर तक सब कुछ
21:12जला सकता है
21:13दो से तीन किलोमीटर तक रेडियेशन जोन में हजारों लोगों की तुरंत जान चली जाएगी
21:19तीन से पाँच किलोमीटर दूर तक सभी इमारतें ढह जाएगी
21:23आठ से दस किलोमीटर तक थर्मल रेडियेशन का दाइरा होगा जहां जुलसाने वाली गर्मी होगी
21:30जबकि रेडियो आक्टिव धूल पचास से सो किलोमीटर तक फैल जाएगी
21:54हिरोशिमा और नागासाखी में हुई तबाही मानव इतेहास की सबसे भयानक घटनाओं में गिनी जाती
22:05अगस्त 1945 में हुए इन हमलों में लाखों लोगों की जिंदगी पलभर में बदल गई
22:14भयंकर विसपोर्ट आग के तूफान और तेज रेडियेशन ने शहरों को लगभग घंड़हर में बदल दिया
22:27हिरोशिमा में करीब सत्तर से असी हजार लोग तुरंद मारे गए
22:31आने वाले सालों में ये संख्या एक दशमलव चार लाख तक पहुँच गई
22:41जबकि नागा साकी में लगभग चालीस हजार लोग तुरंद मारे गए
22:45और गुल मौतें करीब सत्तर हजार तक पहुँचे
22:50हजारों लोग गंभीर रूप से जुलस गए
22:52इमारतें मिट्टी में मिल गई
22:54और रेडियेशन के कारण वर्षों तक बीमारियां और मौतें होती रही
23:00ऐसा माना जाता है कि आज भी जापान में इसका असर देखने को मिलता है
23:07अगर हम 1945 में जाएं कि जब जपैन एंपायर को
23:11सेरेंडर करवानी के लिए अमरीका ने इसको एक स्ट्रीजिक सरेंडर करवानी के लिए
23:16अमरीका ने नुकलियर वैपन का इस्तेमाल किया जिससे कि
23:20एक ऐसी शती एक ऐसा कोवर्सिफ एट पैदा हो
23:24कि आपका adversary जो है उस youth को छोड़ कर आपके terms and conditions को मान ले
23:32इन radiation की वजह से जो alpha radiation या gamma radiation या beta radiation ये radioactive पतार्थों से निकलता है
23:40उसके current cancer हो जाता है क्योंकि ये हमारे श्रादीर के tissues को हमारे उतकों को damage कर देते हैं
23:47जानते हैं कि इनकी range खासवार पे बीटा और गैमा की बहुत जादा होती है जो alpha particles होते हैं
23:53ये तो
23:54हवा के अंदर भी कुछ centimeters में ही रुक जाएंगे बेगी 2-4-5-10 centimeters के अंदर लेकिन जो
23:59बीटा particles होते हैं
24:00ये अंदर penetrate कर सकते हैं इनको जैसे रोकने के लिए aluminum foil, aluminum की जो एक पर्त होगी वो
24:07रोक पाएगी और पानी में भी होगा तो एक कई centimeter में जाने के बाद रुकेंगे काफी दूर जाके रुकेंगे
24:12और हवा में तो कई meter तक जाएंगे और gamma radiation इन से कहीं ज़्यादा बेच देता
24:19है परेश्रेटिव है कि अदू अदूत है कि दुनिया का सबसे छोटा हिससा न्यूक्लियस दुनिया की सबसे बड़ी तबाही
24:48न्यूक्लियर अटाक का हिस्सा कैसे बन सकता है, कैसे काम करता है एक परमानू बम?
25:18परमानू बम को सूरज का एक छोटा हिस्सा कहा जाए तो गलत नहीं होगा, क्योंकि जिस नियम पर सूरज काम
25:24करता है, करीब करीब उसी नियम पर एक परमानू बम भी काम करता है, फर्क सिर्फ इतना है गे कि
25:30एक न्यूक्लियर फिशन है, दूसरा न्यूक्लियर फ्यूजन.
25:48बाणू ब्लास्ट दस करोड डिग्री सेल्सियस का तापमान पैदा करता है यानि सूरज के कोर यानि पीच के तापमान से
25:56भी जार से पांच गुना ज्यादा
26:02हम आपको एटम बंब से जुड़े ऐसे सवालों के जवाब बता रहे हैं जो अधुत हैं अविश्पस्निय हैं अकल्पनिय हैं
26:14क्यों एक एंटम बं को जमीन से ऊपर डेटोनेट किया जाता है क्या इनको इंटर्सेप्ट किया
26:18सकता क्या इंटरसेप्ट करने पर जो धमाका होगा उससे परमाणू बम हट सकता है ऑफ
26:25परपरणुनियर्व से उड़ा दिया जाए, तो क्या वहाँ परमाणु धमाके हो जाएंगे?
26:30सबसे पहले आपको बताते हैं कि परमाणु बम कैसे काम करता है?
26:34परमाणु पूर्जा को दो तरीकों से फ्राप्त किया जा सकता है?
26:39नूक्लियर फ्यूजन
26:42नुक्लियर फिशन
26:50पर्माणु बम कैसे काम करता है?
26:54पर्माणु बम नुकलियर फिशन के प्रिंसिपल पर काम करता है
26:57धरاصल एक एटम में नुकलियस होता है
27:00जिसके चारों तरफ इलेक्ट्रॉन चक्कर लगाते हैं
27:02जबक Definitely proton और आर, neutron नुकलियस के अंदर होते हैं
27:10नूट्रौन दो छोटे हिस्सों में तोड़ देता है। ये तरीका आमतौदबर, यूरेनियम या प्लूटोनियम में इस्तवाल हूता है। इस प्रक्रिया
27:19में दो से तीन नए नूट्रौन बाहर निकलते हैं। इससे उर्जा पैदा होती है। ये नए نूट्रोन दूसरे न�
27:31इस तरहे एक chain reaction शुरू हो जाता है इससे भयंकर उर्जा निकलती है जो तबाही फैला देती है पर
27:38मानुबं में यही chain reaction कराया जाता है
27:42सो निकलियो फीजन प्रोसेस है जिसमें कि बेसिकली आप जो जो लाजर आटम्स हैं उनको कैसे स्प्रिट करके जो उस
27:50चैमिकल रियक्शन से जो उर्जा या उश्मा जो डियूस होती है उस वो बेसिकली एक एक स्पोर्शन का फॉर्म लेती
27:58है
27:58न्यूट्रोंस बंबाट करेंगे यूरिनियम 235 को वो टूटेगा और इससे चेंड रियक्शन एक शुरू हो जाएगा और हर इस रियक्शन
28:07में कुछ उर्जा रिलीज होगी और धीरे धीरे करके उर्जा का टूटल अमाउंट इतना जादा हो जाएगा और ये पूरा
28:14पू
28:28ये से जो रिडियक्टिव मेटिरियल होगा वो भी सबतरक्शा लेगा वहीं नुक्लियर फ्यूजन में दो छोटे पर्माणूओं को मिलाकर एक
28:36बड़ा परमाणू बनाया जाता है जैसे दो हाइड्रोजन के एटम को मिलाकर एक हिलियम मॉलिक्यूल बनाया जाता है इसी प
29:03पर्मानू बम हवा में क्यों डेटोनेट करते हैं?
29:09पर्मानू बमों को अक्सर हवा में विस्फोट किया जाता है, ताकि विनाश का दाइरा ज्यादा से ज्यादा हो, और स्थानिय
29:15रेडियो एक्टिविटी कम किया जा सके.
29:17जब बम जमीन से उपर फटता है तो ब्लास्ट वेव ज्यादा दूर तक फैलती है और जमीन से टकरा कर
29:24वापस उचलती है जिससे विनाशकारी प्रभाव और बढ़ जाता है
29:27हाला कि इसके उलट अगर बम जमीन पर फटे तो उसकी काफी उर्जा जमीन में गड़ा बनाने में खर्च हो
29:34जाती है जिससे आजपास के क्षेत्र में असर कम हो जाता है
29:47अगर थर्ती पर करेंगे तो वहा के जो स्ट्रक्टिर्स हैं, वहा के जो मिट्टी हैं, उसमें रेटियोक्टिविटी जादा जाएगी, तो
29:53मुझे लगता है कि हवा में डिटोनेट करने का एक तो उन्हें अपने टार्गेट के बहुत पास ना ही जाना
29:58पड़ेगा, और दू
30:07पर्मानु बमों को रोका जा सकता है लेकिन ये एक बहुत कठिन काम है इसके लिए एंटी बैलिस्टिक मिसाइलों का
30:14उप्योग किया जाता है ये एंटी बैलिस्टिक मिसाइले इस तरह डिजाइन की जाती है कि वे पर्मानु मिसाइलों को उनके
30:22लक्षे तक पहुँचने से �
30:23पहले ही इंटरसेप्ट करके नश्ट कर देता है।
30:53ये स्थिती पूरे शहर के विनाश से कहीं बेहतर मानी जाती है।
31:23में एक B-47 बॉमबर से एक परमानू बम साउट कैरोलाइना में गिर गया।
31:29जिससे वो घर तमा हो गया। गनीमत थी कि परमानू वारहेट जहाज के अंदर ही था।
31:351961 में एक B-52 बॉमबर तूट गया। और दो परमानू बम हवा से जमीन पर गिरे।
31:41हालांकि परमानू इस होट नहीं हुआ।
31:431962 में क्यूबन मिसाइल क्राइसिस में सोवियत पंडुब्बी अमेरिकी नेवी पर लगभग परमानू टॉर्पीडो मारने को तैयार ही थी।
31:52हालांकि वो फैसला नहीं लिया गया। 1965 में यूएस एरक्राफ्ट कैरियर से एक पाइटर जेट गिर गया जिसमें परमानू बम
32:00था।
32:01वो बम दोबारा कभी नहीं मिला।
32:031966 में स्पेन के उपर हवा में रिप्यूलिंग के दौरान B-52 बॉमबर क्रैश हो गया।
32:09चार परमानू वोर हेट गिर गये। दो में गैर परमानू धमाके हुए काफी रेडियेशन फैला।
32:151400 टन मिट्टी रेडियेशन से संक्रमित हुई 1968 में B-52 बॉमबर में आग लग गयी।
32:22इसमें चार हाइड्रोजन बम रखे थे प्लेन ग्रीनलैंड की बर्थ पर क्रैश हुआ।
32:27किस्मत थी कि परमानू रियक्शन नहीं हुआ।
32:311989 में US Central Command के कंप्यूटर स्क्रीन्स पर सोवियत यूनियन की तरफ से आई C-B-AIM आते दिखाई
32:38दिये।
32:39अमेरिका जवाबी परमानू हमले के लिए तयार हो गया।
32:42बाद में पता चला ये फॉल्स अलार्म था।
32:461983 में भी ऐसा ही फॉल्स अलार्म सोवियत यूनियन को मिला।
32:50उन्होंने भी जवाबी हमला नहीं किया।
32:521995 में नॉर्वे ने Northern Lights स्टडी करने के लिए रॉकेट भेजे।
32:57सोवियत यूनियन के पास परमानू हमले का मेसेज गया।
33:01कहा जाता है बोरिस यल्कसिन ने परमानू ब्रीफ केस खोल लिया था।
33:05लेकिन ये फॉल्स अलार्म था।
33:09तो इससे ये सावित होता है कि परमानू ब्म तब ही फटेगा जब उसमें एक तयर तरीके से चेन रियक्शन
33:17कराया जाए
33:17यानि Neutron Nucleus को तोड़े। ये किसी आम धमाके की वजह से नहीं होता।
33:23तो परमानू ब्मों की स्टोरेज फैसिलिटी को भी तबाह कर दें तो रेडियेशन का खत्रा हो सकता है।
33:28लेकिन परमानू विस्फोर्ट का नहीं होता है।
33:40परमानू ब्म गिरने के बाद जो धुआ उठता है वो एक मश्रूम के आकार का होता है और इसलिए उसे
33:46मश्रूम क्लाउड गहा जाता है।
33:48जब अमेरिका ने हिरोशिमा पर बम गिराए तो आसमान में जो मश्रूम क्लाउड बना वो माउंट एवरिस्ट से भी उचा
33:54था।
33:55माउंट एवरिस्ट की उचाई लगभग 8.8 किलो मीटर है।
33:59तोशिमा पर गिराए, गए बॉम से बने मशूम क्लाउड की उउचाई करीब 12 किलो मिटर थी, यानि जिस उचाई पर
34:05हवाई जहाँ जोर थै, दुआं वहां तक पहुँच गया।
34:09नागा साकी पर जो फैट मैन बॉम गिराया गया उसके मश्रूम क्लाउड की उचाई करीब 18 से 20 किलो मीटर
34:18थी यानि उपरी वायू मंडल तक
34:211954 में कासल ब्रावो न्यूक्लियर टेस्ट में धुआं 40 से 50 किलो मीटर तक पहुँच गया था यानि उपरी वायू
34:29मंडल की सीमाओं को पार कर गया था
34:311961 में सार बॉमा जब फटा तो आस्मान में उठने वाला धुआं 60 से 65 किलो मीटर उचाई तक पहुँच
34:40गया था यानि अंतरिक्ष से 20-40 किलो मीटर कम
34:57इन अद्भुत तस्वीरों के पीछे अविश्वस्नियत तबाही छिपी है जो धमाका देखने में खुबसूरत लग रहा है वो असल में
35:04विनाश की गारंटी है
35:09यह एक मश्रूम क्लाउड है एक परमानू धमाके और मश्रूम क्लाउड का मानू खून का रिष्टा होता है
35:19मश्रूम क्लाउड एक थर्मो न्यूक्लियर विस्फोट का सबसे अकल्पनिय द्रिश्य होता है
35:24हालांकि वास्तव में ऐसा बादल किसी भी बड़े पैमाने पर उत्वन्न गर्मी से बन सकता है जैसे ज्वाला मुखी विस्फोट
35:32या 2020 का बेरूत धमाका
35:39लेकिन सवाल है कि इन धमाकों के बाद हमेशा मश्रूम जैसी आकृती ही क्यों बनती
35:52दरसल जब अत्यधिक गर्मी पैदा होती है तो गर्म हवा तेजी से उपर उठती
35:58फायरबॉल तेजी से वायुमंडल में उपर जाती है और अपने पीछे एक तरह का वैक्यूम बना देती
36:04इस खाली स्थान को फॉरण धुआ और मलबा भर देता है जिससे एक सीधा खंबा या कॉलम बन जाता है
36:11यही मश्रूम क्लाउड का आधार बनता है
36:15जैसे जैसे यह फायरबॉल उपर उठती है वो ऐसे स्तर पर पहुँचती है जहां हवा ठंडी और घनी होती है
36:21वहां पहुँचकर धुएं की गती धीमी हो जाती है और हवा का दबाव उसे फैला कर छप्टा कर देता है
36:30अगर कहीं पर यूप्जर वम का विस्पोट किया गया है तो उसकी वजह से जो हीट प्रेडूस होगी जो गर्मी
36:36प्रेडूस होगी
36:36उसकी वजह से वहां के आसपास के जो स्ट्रक्चर्स हैं जो मिट्टी हैं जो भी चीज है वो सब डल
36:42जाएंगी और वो धुआ बनकर वेपोराइज होकर वो उपर हो जाएंगी और उससे वो मश्रूम की जो शेप हमें दिखाई
36:49देती है त्यानि नीचे से पतलियर उपर से
37:03एनरजी निकलती है उससे वो जिस तरीके का जो बनता है उसी को बेसिकली हम जो जो का एनरजी ओर
37:09खोता है जिसमें की रिडियो एक्तिव एलेमेंट्स मौझूध होते है जो की ना सिर्फ eden के होने तक बलकि उसके
37:18बाद भी जो हमारे जलवायू का हिसा बने रहते हैं काफी स
37:23समय तक जिससे कि आगे चलकर भी कई सालों तक दर्शकों तक उसके जो प्रभाव हैं वो हमारे मानव जीवन
37:32पर दिखते हैं
37:42अगर पर्माणू हमला होता है तो लोग क्या कर सकते हैं? क्या लोग अलग अलग देशों के उसकी रेंज में
37:50होंगे? कैसे बचेंगे लोग?
37:51क्या पर्माणू बंकर में जाने से जान बच जाती हैं? और वो कौन से देश हैं जो पर्माणू हमला होने
37:58के बाद भी जीवन को दोबारा शुरू कर सकते हैं?
38:16पर्माणू हमले से कोई बच जाएं तो इसे अद्भुत अविश्वसनी अकल्पनी यही कहेंगे?
38:20क्योंकि इससे भयानक स्थिती जीवन में शायद ही कोई आ सकती है लेकिन अगर पर्माणू हमला हो गया तो ऐसे
38:27केस में आप क्या करेंगे?
38:28क्या इस अटैक से बचा जा सकता है?
38:39अगर पर्माणू हमला हो जाए तो सच यह है कि एक सौ प्रतिशत सुरक्षा संभव नहीं होती लेकिन सही कदम
38:46उठाकर बचने की संभावना काफी बढ़ाई जा सकती है
38:55युद्द का स्वरूप जैसे जैसे बदलता है लोगों की जरूरतें बदलती हैं हम इस समय एक पर्माणू मिरोधक बंकर में
39:03हैं
39:03यानि एक ऐसा बंकर जो आपको न्यूक्लियर हमले की स्थिती में बचाएगा
39:07आप अगर इन दर्वाजूं को भी देख लें इनकी मजबूती देख लें जिने हमने खोल कर इस समय रखा है
39:14लेकिन आम तोर पर इसे सुरक्षा के लिए बंद किया जाता है
39:16ये उस समय की बात है जब सोवियत संग हुआ करता था यानि USSR हुआ करता था और उस समय
39:25किसी भी तरीके के परमाणू हमले से बचले के लिए इसका निर्मार किया गया था
39:30धमाका होते ही क्या करें?
39:34तुरंत जमीन पर लेट जाए आखें बंद करें चेहरा ढख लें ब्लास्ट वेव से बचने के लिए सिर नीचे रखें
39:48तुरंत शेल्टर ढूंडें मजबूत कंक्रीट की बिल्डिंग के अंदर बेस्मेंट या अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन में जाए
39:55पहले तो इसकी लाइट दिखाई देगी वो इतनी चमक तेज होगी कि अगर कोई देखेगा तो अंधा हो जाएगा उसके
40:01बाद उसकी हीट आप तक पहुंचोगी जो अच्छी खासी चीजों को जो कई किलो मीटर के दाएरे में होगी उनको
40:07बगला सकती है और इनको रोपन
40:21में उसमें से भी अगर बेस्मेंट है तो उसमें जाना चाहिए अगर कहीं पर कोई सी भी ओपनिंग है उनको
40:28बंद कर दिया जाना चाहिए
40:30रेडियेशन से कैसे बचे धमाके के बाद सबसे बड़ा खत्रा होता है रेडियेशन का बाहर से अंदर आते ही कपड़े
40:38बदल दें नहाएं दर्वाजे खिड़कियां बंद रखें ऐसी वेंटिलेशन बंद कर दें कम से कम 24 से 48 घंटे घर
40:45के अंदर रहें शुरुवाती घ
40:58खा खाना पानी नले सरकारी निर्देश फॉलो करें परमाणू हमला बहुत गंभीर स्थिती होती है ऐसे हाला कम ही पैदा
41:06होते हैं लेकिन अगर आप सतर्क रहें और सरकारी निर्देश मानते रहें तो आपके जिंदा रहने की उमीद बढ़ सकती
41:13है और उमीद पर ही दुन
41:28पाही को रोका जा सकता है अभी के लिए इतना ही देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप
41:33देखते रहें आज तक
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