00:00यूएस इरान यूद के चलते जिन सेक्टर्स पर सबसे ज़ादा असर पढ़ा है उसमें से एक प्लास्टिक इंडस्ट्री है
00:05क्रूड ओयल महंगा होने के बाद रोव मिटीरिल के दामों में बड़ा उच्छाल आया है
00:09जिसके चलते जो फिनिश्ट गुड्स हैं वो महंगे हो गए है
00:13हालत ऐसी है कि फिलहाल बाइस समान नहीं खरीद रहे हैं
00:16जिसके चलते लोगों को अपनी फैक्टरी में काम बंद करना पड़ा है
00:19इस वक्त में मौझूद हूँ कानपूर में ही एक प्लास्टिक फैक्टरी में
00:23यहाँ पे अगर आप देखेंगे तो यह प्लास्टिक दाने होते हैं
00:27जिसको बनाने के लिए क्रूड ओल का इस्तमाल होता है
00:29हालत ऐसी है कि क्रूड ओल का दाम बढ़ने के बाद
00:32इन प्लास्टिक के दानों में इतना उच्छाल आया है
00:34कि फिल्हाल पूरा का पूरा प्रोड़क्ट है वो महंगा हो गया है
00:37आपको बता दूँ कि किस तरीके से जैसे यह प्लास्टिक के दाने हैं
00:41इस पीछे जो मशीन आप देखेंगे इस मशीन के जरीए यह पूरा फिनिश गुड्स बनने का काम होता था
00:47यह जो आप देखेंगे यह पर यह जो प्लास्टिक के दाने हैं यह डाले जाते हैं
01:05हालत आप देखेंगे तो पूरी जो यह मशीन है करोड़ो रुपे के एक्विप्मेंट है लगाए गए हैं
01:10लेकिन फिलहाल काम नहीं कर रहे हैं क्योंकि जो प्रोडक्शन है वो पूरी तरीके से बंद है
01:14पीछे आप देखेंगे तो मशीनरीज है वो धूल फाक रही है और किसी तरीके का जो काम है फिलहाल आपको
01:20यहाँ चलता हुआ नहीं देखेगा
01:22यहाँ पर आप देखेंगे तो रौ मिटीरल बोरे भरके पड़े होए हैं लेकिन इस्तमाल नहीं हो रहे हैं
01:26पीछे आपको मैं दिखाना चाहूंगा कि किस तरीके से जो पूरा फैक्टरी में माल है वो बना पड़ा है लिकिन
01:32फिलहाल जो है उसकी उठान नहीं है
01:34यहाँ पर आप नजर जहां तक आपकी जाएगी वहाँ पर देखेंगे धेरो जो फिनिश्ड गुड्स है जो फैक्टरी वालों ने
01:40माल बना के तयार कर रखा है वो फिलहाल बिक नहीं रहा है जिसके चलते फैक्टरी को बंग करना पड़ा
01:45है
01:45यहाँ पर अगर आप देखेंगे तो तमाम यह मशीन्स आपको देखने को मिलेंगी जहां तक आपकी नजर जाएगी यह जो
01:50करन हैं मशीन्स हैं यह फिलहाल काम नहीं कर रही हैं पीछे अगर आप देखेंगे तो तमाम करोडर रुपे का
01:56जो स्टॉक है वो पड़ा हुआ ह
01:58कई जो लेबर हैं वो अपने घर चली गई है क्योंकि उनके पास खाना बनाने के लिए गैस नहीं है
02:04इस तरीके का जो असर है वो बाकी इंडस्ट्री के साथ प्लास्टिक इंडस्ट्री बहीं पढ़ा है
02:23और सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि जैसे युद्ध की शुरुवात होती मिडिली इस्ट में कंपणियों ने अपने रेट बढ़ा
02:30दिया
02:30क्या कंपनियों के पास कोई पुराना ओल्डी स्टाक नहीं था तुरंद उन्होंने अपना शटर गिरा दिया
02:35जो कुरूड अभी आया नहीं भी चार जा जाया है मात्र उसके पहले उनके पास छेचे मेने की इन्वेंटी रहती
02:41उन्होंने उसी समय रेट असर आया है आपके रा मेटीरल क्योंकि जो आपके प्लास्टिक के दाने कुरूड से बढ़ चुकी
02:46है और बायर है नहीं लेने व
03:04हो गया है लेकिन क्या उठान नहीं है वोई उठान नहीं है आप देख रहे हैं आपने खुदी देख लिया
03:09कि धूल खा रही है मशीने और हम लोगों के काम में यह कंटिनूस प्रोसेस है यह मशीने बंद हो
03:14जाती उसके बाद चलने के बाद इन में कम से कम दो दो चार-चा
03:30कर दिया तो हमारी कोशिश यही रहती है कि जब तक लाइट नहीं जाया तब तक उसमें वो हीटिंग का
03:34प्रोसेस हीटिंग उसके अंदर में मेंटेन रहे जो उसको एक बार गरम करने में लगती उसका मशीन कंटीनूस चलती रहती
03:39है तो उससे हम बिजली की यूनिट भी ब
04:00लोग जब अपना काम करते हैं तो जो हमारे पास स्टाक होता है कभी-कभी ऐसी ऐसा भी हो जाता
04:04है कि हम सोचते हैं कि 28 तारीक को रेट में चेंज आएगा तो ठीक हमने देखा कि हमापा 25
04:09टन का आडर लेकिन आडर हमापा 50 टन के लगे हुए और 25 टन का हमारी फैक्टी में �
04:14हमने 25 टन माल को पेंडिंग डाल दिया एक तारीक को रेट बल गए 28 को युद शुड़ हुआ एक
04:19तारीक को रेट बल गए हम बजार में जब माल ले लेंगे तब तक बजार में 20-20 रिपे का
04:23गया अब सोचिए कि हमें कितना नुकसान हुआ हमने तो जो आडर उसका बुक कर
04:40कि यह नहीं समझ में आता है कि इन्होंने हर तीसरे दिन रेट रिवाइस किये करते करते हैं आज इस
04:44पोजिशन पे आ गया है कि बजार में इनकी प्लास्टिक के ग्रेनुल की कोई उठानी नहीं है और ब्लैक मार्केटिंग
04:50चरम पे है जिसके पास जो दाना था उसने रोक �
04:52कि अभी युद्ध चलना है माल अभी और बढ़ेगा इसको यहीं ड्राप कर दो उसने का हमारे पास माली नहीं
04:57है कंपनियों ने माल देना बंद कर दी है जबकि हमारा माल मांगने के तब तक तीन दिन बाद फिर
05:14उनने रेट रिवाइस करती तो यानि कि जब तक हम माल खरी
05:23आप भी इस इंडस्ट्री के हैं ने मेरी इंजेक्शन वर्डिंग मशीन जहां मग बार्टी यह सब बनते हैं प्लास्टिक के
05:29जी तो कहीं नगी प्लास्टिक सही आपके में भी उचालाया होगा प्राइस येस येस क्या फरक पड़ा है बिया जब
05:3560 से 70% बढ़ जाएंगे �
05:38तो हम माल बेचने जाएंगे वो चाहेगा हमको पुराने रेट पे देंदे नहीं पाएंगे और उसकी भी आगे माल नहीं
05:44बिख पाएगा वो भी मश्बूर है अट्रिमेटली सब शीज़ें बंद हो जाती है हमारे ही बंद हो गई है मैंने
05:50तो भी बंद कर दी है लेबर ज�
06:06जो रॉमेट्रियल है उनका कितने दिन का था कितना बनाया कॉस्ट क्या आई और आपने सेल किस रेट पे किया
06:13तब कुछ सक्ती हो पाएगी अपको लगता सरकार को रखनी चाहिए मोनिटरिंग बढ़ानी चाहिए और उनसे जवाद दी मालनी चाहिए
06:21कि बहुत ज्यादा प
06:35रामटल बनाती प्लास्टिक के सब्सक्राफिट बढ़के आएगे निश्चित तो अगर उनको प्राब्लम में है तो घट फ्राफिट घट के आना
06:45चाहिए ब्लाइक मार्केटिंग आपको लग रहा है कि आप लोग के उसमें मार्केटिंग बची नहीं है रामटल करेट इत
07:05तक से हम 2019 तक तेल ले रहेते हमने इरान से तेल लेना बंद कर दिया रुपे में हमको माल
07:11मिलता था
07:12साथ दिन का क्रेडिट मिलता था आज हम एरान से कोई माल ले रहे आज सपोस्थ यह जो स्थिती मिडिल
07:17इस में हैं हम अमेरिका के आथों में बंधे हुए गोम रहे हैं वो कहता है हम तीस दिन की
07:23आपको महुलत दे रहे हैं आप रशिया से माल ले लीजी मलब आप अपने घर म
07:40को समझ सकते हो कि सरकार को अपनी फॉरिन पालसी पर भी गोर करने की जोड़ात है शिकायत है कहीं
07:45ने कहीं जो नीती है जी बिल्कुल आप भी इस इंडस्ट्री के क्या नाम है मैं मेरा नाम अरुन कुमार
07:50जैन है और प्लास्टिक पैकिंग मेटेरियल हम लोग बनाते हैं ज
08:07सब्सक्राइब तक 100 रुपर वाल अमाल 170 रुपा हो चुका था बीच में कंपनियों रेट बढ़ाती रही एक भी माल
08:12नहीं दिया कोई भी MOU सर्म नहीं हुआ और कंपनियों की दादागिर इतनी ज्यादा बढ़ गई कि अगर MOU कंप्लीट
08:19नहीं करेंगे तो पूरे साल का ह
08:33द्रिमकस दवाईयों में लगते हैं और भी चीजों में लगते हैं वह सब 50-50 की कंपनियां तॉप 10 टॉप
08:3820 कंपनी जो पूरे देश को रिपरजेंटर करती हैं वर्ड में और यह रिलाइंस वगरा या मित्तल वगरा यह केवल
08:44इंडिया में सप्लाई नहीं करते हैं यह वर
09:03तरीक में यह दूआ दो से तारीक से रेट बढ़ने शुरू होगा है जो आज सापता है कि तीसरे दिन
09:08के लेबिल पे हर हफते दो बार तीन बार रेट बढ़ना है कभी पांच रुपाई देस रुपाई एक बार तो
09:13सीड़े रिलाइंस कंपनी ने और अंदाना वाली कंपन
09:31करता है इसको कहीं बड़ी मल्टी नैशनल कंपनी अपने प्रॉफिट के लिए आपको लगता है आप लोग के बिजनेस पे
09:36असर पड़ रहा है हमेशा ऐसी कंपनिया करती हैं कोविट के टाइम भी किया दा और आपदा है जीवन है
09:42आती रहेंगे हर दो चार पांथ दस साल म
09:58तब आदमी को सकून ता घर में बैठे हैं कहीं जाना नहीं है कहीं आना नहीं लेबर को भी हम
10:02जवाब दे हैं नहीं थे वो भी अपने घर में बैठा था लेकिन अब तो जवाब दे ही भी है
10:06और लेबर अलग परिशान है जो कुछ थोड़ा बहुत काम करना भी चाहते हैं �
10:10रुकर उनके बाद गैस नहीं एक खाना बनाने के लिए 500-600 रुपा किलो में गैस मिल रही है आपका
10:14क्या नाम है हरीश इसरानी हरीश जी क्या प्रॉब्लम है या फिर क्या चैलेंजेज आ रहे हैं आपकी इस इंडस्ट्री
10:19में कैसे सफर कर रहे हैं सफर तो इसलिए बहुत ज
10:36पर जाएगी उसके बाद जाके नई फसल के पहले से जाएगी जोरत पड़ेगी तो अचानक रेट बढ़ा के अभी कोई
10:43ले नहीं रहा है इंतजार कर रहा है कि जब रेट स्थिर हो जाएंगे सब ठीक हो जाएंगे तब इस
10:48चीज को खरीदेंगे और हम लोग बना के कब त
11:03इस साल मुश्किल से मुझको लगता 30% काम हो पाएगा 60-70% का नुक्तान हो गया प्री ट्रेट
11:09प्राक्टिस की जो बात कर रहे हैं आपको लगता है कहीं ना कहीं आप लोग मैनुपिलेशन की वज़े से आप
11:13लोगी जो इंडस्ट्री है वह हो रही है क्या आप लोग ने को
11:28इंपोर्ट ड्यूटी खतम कर दी उस पे साड़े साथ परचेंट तो उससे कोई फरक नहीं पड़ता आज जो इंट्रेशनल मार्केट
11:35में 1600 डालर का पी की बात जहां तक मैं कर रहा हूं
11:37एललडीपी 1600 डालर की है और अगर उसको करेंगे रुपए में 151 रुपए करीब बैठेगी और यह मुंद्रा पोर्ट यहां
11:48चे भड़ा भड़ा पड़ जाका 5-6 रुपए का तो उस रेट पे तो यह लोग पहले से ही दे
11:52रहे हैं उससे कोई फरक नहीं पड़ा इंपोर्�
12:07पर करें क्योंकि एक्सपेक्टेशन है कि और शाहिद लंभी जाहिए गवर्मेंट को इस पे हाठ डालना चाहिए जो रा मैट्रियल
12:12की लागत है और जो मैनिफेक्टिंग कास्ट बलब जो अभी बया लोग भी बता रहे थे कि कास्टिंग उनको MRP
12:19कि हिसाब से सब चीजों क
12:21कास्टिंग लगा ही जाती है उस पे भी रेट एक टै कर देने चाहिए कि एकदम से इतनी तेजी अठाइस
12:26वजुद हुआ पहली तारिक से रेट बढ़ना शुरू हो गया और दस-पंदरा दिन में 60-70 रुपर बढ़ा दिये
12:30बहुत बहुत धन्यवाद बात करने के लिए उ
12:35इनकी मोटा-मोटा एक प्रॉब्लम है यह कहे कि एक चैलेंज है कि जबकि इस तरीके के कोई स्तिथी उत्पन
12:41होती है आपदा आती है तो लोग उसमें अफसर तलाश करने लग जाते हैं बड़ी-बड़ी मॉल्टिनाशनल कंपनी जो हैं
12:46वो प्राइस को मैनुपिलेट करती
12:48हैं जिसका सीधा असर मिडल लेवल और लोर लेवल बिजनसमें पर पड़ता है जो की साफ देखा जा रहा है
12:54डिमांड करी है सरकार से कि इस तरीके की पॉलिसी कोई बनानी चाहिए और जो मॉनिटरिंग है सरकार द्वारा उसे
12:59बढ़ाया जाना चाहिए वीडियो जनले श�
13:02साथ से मरजब लकान पूलिए
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